हिंदी सेक्स स्टोरी: अकेली जवान रूम मालकिन ने रेंटर से चुदवाया
अकेली जवान रूम मालकिन ने अपने रेंटर को रात में बुलाया और अपनी लंबे समय की भूख मिटाई। जोरदार चुदाई, गहरी किसिंग और मस्ती भरी रात की पूरी कहानी।
अराव 22 साल का था। कॉलेज फाइनल ईयर में पढ़ता था। घर से पैसे कम आते थे इसलिए उसने पीजी ढूंढा। एक दिन उसने मेहराउली में एक बड़ा सा घर देखा जिसमें सिर्फ एक औरत रहती थी।
उस औरत का नाम मीरा शर्मा था। उम्र 36 साल। तलाकशुदा। चेहरा इतना खूबसूरत कि देखने वाले रुक जाएं। लंबे काले बाल, बड़ी-बड़ी काली आंखें, भरे हुए होठ, और बॉडी… बाप रे! 36-28-38 का फिगर। बड़े भारी चूचे, पतली कमर और इतनी मोटी गोल गांड कि साड़ी में भी साफ नजर आती थी।
मीरा ने अराव को रूम दिखाया। ऊपर की मंजिल पर एक कमरा था। किराया ठीक था। अराव ने तुरंत ले लिया। पहले दो-तीन दिन तो सब नॉर्मल रहा। लेकिन धीरे-धीरे अराव को समझ आने लगा कि मीरा अकेली बहुत तड़प रही है।
सुबह जब अराव नहाने जाता तो मीरा किचन में पतली नाइटी पहनकर खड़ी होती। नाइटी इतनी पतली कि उसके बड़े चूचे साफ दिखते। निप्पल सख्त होकर बाहर को धकेले होते। जब वो झुककर बर्तन धोती तो उसकी मोटी गांड नाइटी में टाइट हो जाती। अराव का लंड रोज सुबह खड़ा हो जाता।
एक दिन शाम को अराव घर आया तो देखा कि मीरा बालकनी में खड़ी है। उसने सिर्फ एक छोटी स्लीवलेस टॉप और शॉर्ट्स पहने थे। टॉप इतना टाइट था कि उसके चूचों का पूरा शेप साफ दिख रहा था। शॉर्ट्स उसकी गांड में घुस गए थे।
अराव ने हिम्मत करके बोला, “आंटी… आप बहुत अकेली लगती हैं।”
मीरा ने मुड़कर देखा। उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी। वो धीरे से मुस्कुराई और बोली, “तुम भी अकेले हो ना अराव… दोनों अकेले हैं तो क्या बुरा है?”
उस रात बारिश शुरू हो गई। तेज गरज के साथ पानी बरसने लगा। अराव अपने कमरे में लेटा था कि अचानक दरवाजे पर खटखटाहट हुई। मीरा खड़ी थी। उसके बाल गीले थे। उसने सिर्फ एक सफेद पतली नाइटी पहनी थी।
पानी की बूंदें नाइटी से छनकर उसके शरीर पर चिपक गई थीं। उसके बड़े चूचे पूरी तरह नाइटी से चिपक गए थे। निप्पल साफ उभर रहे थे। नाइटी गीली होने से उसकी चूत का हल्का सा निशान भी दिख रहा था।
“बिजली चली गई है… मैं अकेली डर रही हूं,” मीरा ने धीमी आवाज में कहा। अराव ने उसे अंदर बुला लिया। दोनों अंधेरे कमरे में खड़े थे। सिर्फ लाइटनिंग की रोशनी आ रही थी।
मीरा अचानक करीब आ गई। उसने अराव का चेहरा दोनों हाथों से पकड़ा और उसके होठों पर अपने होठ रख दिए। पहले हल्का… फिर जोर से। उसकी जीभ अराव के मुंह में घुस गई।
अराव का कंट्रोल टूट गया। उसने मीरा की कमर पकड़कर जोर से अपनी तरफ खींच लिया। दोनों के शरीर चिपक गए। अराव के हाथ सीधे मीरा की मोटी गांड पर चले गए। उसने दोनों हाथों से उसकी गांड को जोर-जोर से दबाया।
“उफ्फ… कितनी सॉफ्ट है…” अराव ने कराहते हुए कहा। मीरा ने अराव का हाथ पकड़कर अपने बड़े चूचों पर रख दिया। “दबाओ… जोर से दबाओ… सालों से कोई नहीं दबाता…”
अराव ने नाइटी ऊपर की और दोनों भारी चूचे बाहर निकाल लिए। उसने एक चूचे को मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। दूसरे को हाथ से मसलने लगा। मीरा की सांसें तेज हो गईं। वो अराव के बाल पकड़कर अपने सीने से और चिपका रही थी।
अराव ने मीरा को बिस्तर पर लिटा दिया। नाइटी पूरी उतार दी। मीरा अब पूरी नंगी थी। उसकी चूत साफ मुंडवाई हुई थी और चमक रही थी। अराव ने अपनी जीभ निकालकर उसकी चूत पर रख दी। “आआह्ह्ह्ह… हां… चाटो… जोर से चाटो…” मीरा चीख उठी।
अराव ने उसकी चूत को जीभ से चाटना शुरू कर दिया। क्लिटोरिस को मुंह में लेकर चूसने लगा। दो उंगलियां अंदर डालकर तेजी से अंदर-बाहर करने लगा। मीरा का बदन कांप रहा था। उसकी जांघें अराव के सिर को जकड़ रही थीं।
थोड़ी देर बाद मीरा ने अराव को ऊपर खींच लिया। उसने खुद अराव की पैंट खोल दी और उसका मोटा 8 इंच का लंड बाहर निकाल लिया। “इतना बड़ा…” वो बोली और मुंह में ले लिया। गले तक लंड अंदर ले जाकर चूसने लगी। थूक टपक रहा था।
अराव बर्दाश्त नहीं कर पाया। उसने मीरा को उल्टा कर दिया। डॉगी स्टाइल में खड़ा किया। उसकी मोटी गांड ऊपर थी। अराव ने अपना लंड उसकी गीली चूत पर रगड़ा और एक जोरदार धक्के से पूरा अंदर घुसा दिया।
“आआआह्ह्ह्ह्ह… फट गई… अरे बाप रे…” मीरा जोर से चिल्लाई। अराव ने कमर पकड़कर जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। हर धक्के पर मीरा की मोटी गांड थरथरा रही थी। उसके बड़े चूचे बिस्तर पर रगड़ खा रहे थे। अराव एक हाथ से उसकी गांड पर थप्पड़ मार रहा था और दूसरे हाथ से उसके बाल पकड़कर खींच रहा था।
“और जोर से… चोदो मुझे… सालों से तरस रही हूं… मेरी चूत फाड़ दो…” मीरा पागलों की तरह चीख रही थी। अराव ने स्पीड बढ़ा दी। बिस्तर जोर-जोर से खड़खड़ा रहा था। बारिश बाहर बरस रही थी और अंदर दोनों की चीखें गूंज रही थीं।
थोड़ी देर बाद अराव ने मीरा को घुमाया। अब वो ऊपर बैठ गई। उसने खुद लंड अपनी चूत में बैठाया और जोर-जोर से उछलने लगी। उसके बड़े चूचे अराव के चेहरे पर थप्पड़ खा रहे थे। अराव दोनों चूचों को मुंह में लेकर चूस रहा था।
“मैं आने वाली हूं… अराव… मुझे रोक मत… आह्ह्ह्ह…” मीरा का बदन अकड़ गया और उसकी चूत से पानी की धार निकल गई। वो झड़ गई।
अराव ने उसे नीचे दबाया और खुद ऊपर आ गया। उसने दोनों पैर उसके कंधों पर रख दिए और पूरी ताकत से चोदने लगा। आखिर में उसने लंड गहराई तक धंसाया और अपना सारा गरम माल उसकी चूत के अंदर छोड़ दिया। दोनों थककर लेट गए। बारिश अभी भी हो रही थी।
मीरा ने अराव के सीने पर सिर रखकर धीरे से कहा, “अब तुम रोज रात को मेरे कमरे में आना… मैं और भी भूखी हूं…”
अराव मुस्कुराया। उसने उसके बड़े चूचे दबाते हुए कहा, “कल से रोज… और अगली बार तुम्हारी गांड भी मारूंगा।” मीरा ने शरमाते हुए हां में सिर हिलाया।
उस रात के बाद अराव का कमरा सिर्फ नाम का रह गया। हर रात वो मीरा के बेडरूम में सोता। कभी किचन में खड़े-खड़े, कभी बालकनी में, कभी शावर के नीचे… हर जगह दोनों एक-दूसरे को चोदते।
मीरा की अकेली भूख अब पूरी तरह जाग चुकी थी। और अराव उसकी हर भूख बुझा रहा था।
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