वर्जिन कॉलेज गर्ल की टाइट चूत फाड़ी बारिश वाली रात में - हिंदी सेक्स स्टोरी
बारिश वाली रात में कॉलेज की सबसे हॉट वर्जिन लड़की की टाइट चूत फाड़ दी! पहली चुदाई में ही वो कराहने लगी और चिल्लाकर बोली "और ज़ोर से चोदो आर्यन" रात भर उसकी वर्जिन बॉडी को ठोकते रहे। एक बार पढ़ना शुरू किया तो अंत तक रुक नहीं पाओगे!
मेरा नाम आर्यन है, उम्र 22 साल। मैं दिल्ली के एक अच्छे कॉलेज में फाइनल ईयर का स्टूडेंट हूँ। हमारे कॉलेज में एक लड़की थी — आदिति। वो कॉलेज की सबसे हॉट और खूबसूरत लड़की मानी जाती थी। उम्र 20 साल, गोरा रंग, लंबे काले बाल, बड़ी-बड़ी आँखें, पतली कमर और सबसे खास — उसकी टाइट, गोल-गोल चूचियाँ और निचली कमर से नीचे की मोटी, कसी हुई जांघें।
आदिति बहुत शांत और संस्कारी टाइप की लड़की थी। वो हमेशा सलवार सूट या लंबी स्कर्ट पहनती थी। उसने कभी किसी लड़के से ज्यादा बात नहीं की थी। सब उसे “Virgin Princess” कहकर बुलाते थे।
हम दोनों एक ही बैच में थे। प्रोजेक्ट वर्क की वजह से हमें साथ काम करना पड़ा। धीरे-धीरे हमारी बातें बढ़ने लगीं। वो मुझसे बहुत सहज महसूस करती थी।
एक दिन कॉलेज के बाद बारिश हो गई। हम दोनों लाइब्रेरी में प्रोजेक्ट पूरा कर रहे थे। बारिश इतनी तेज थी कि बाहर निकलना मुश्किल था। मैंने कहा, “आदिति, मेरे हॉस्टल के पास ही मेरा फ्लैट है। वहाँ चलकर काम पूरा करते हैं।”
थोड़ा सोचने के बाद वो मान गई। हम दोनों मेरे फ्लैट पर पहुँचे। मैंने उसे ड्राई कपड़े दिए — मेरी एक ओवरसाइज्ड टी-शर्ट और शॉर्ट्स। जब वो बाथरूम से निकली तो मेरा मुंह खुला रह गया। मेरी टी-शर्ट उसके घुटनों तक थी, लेकिन उसके बिना ब्रा की चूचियाँ साफ उभरी हुई थीं। उसकी गोरी जांघें चमक रही थीं।
हम प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। अचानक लाइट चली गई। कमरे में सिर्फ मोबाइल की टॉर्च जल रही थी। माहौल रोमांटिक हो गया। आदिति थोड़ा पास आकर बोली, “आर्यन… मुझे डर लग रहा है।”
मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। उसका हाथ काँप रहा था। मैंने धीरे से उसके गाल पर हाथ फेरा। वो शर्मा गई लेकिन नजरें नहीं हटाईं। मैंने धीरे से उसके होंठों पर किस कर दिया। आदिति ने आँखें बंद कर लीं। वो पहली बार किसी लड़के को किस कर रही थी। उसके होंठ बहुत नरम और मीठे थे।
धीरे-धीरे किस गहरा होता गया। मैंने उसे अपनी गोद में बिठा लिया। मेरी टी-शर्ट के अंदर से उसकी चूचियाँ मेरी छाती से दब रही थीं। मैंने धीरे से टी-शर्ट ऊपर किया। उसकी गोरी, टाइट चूचियाँ बाहर आ गईं। गुलाबी निप्पल सख्त हो चुके थे।
मैंने एक चूची मुंह में ले ली और धीरे-धीरे चूसने लगा। आदिति सिहर उठी और कराहने लगी, “आह्ह्ह… आर्यन… ये क्या कर रहे हो… बहुत अजीब सा लग रहा है… लेकिन अच्छा भी…”
मैंने उसकी दूसरी चूची को भी चूसा। वो मेरे बालों में उंगलियाँ फेर रही थी। मैंने उसकी शॉर्ट्स नीचे सरकाई। उसकी चूत बिल्कुल साफ और गुलाबी थी — पूरी तरह वर्जिन।
मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसकी जांघों को फैलाया। जब मेरी जीभ उसकी चूत पर पड़ी तो आदिति ने जोर से कराहा, “आआह्ह्ह… वहाँ मत… शर्म आ रही है… उफ्फ़… क्या कर रहे हो…”
लेकिन वो मेरे सिर को रोक नहीं रही थी। मैंने धीरे-धीरे उसकी चूत चाटी। वो गीली हो चुकी थी। उसकी साँसें तेज हो गई थीं। थोड़ी देर बाद आदिति ने मुझे ऊपर खींचा और शर्माते हुए कहा, “आर्यन… मुझे डर लग रहा है… लेकिन मैं तुम्हें चाहती हूँ… पहली बार है मेरे लिए…” मैंने उसे आश्वासन दिया कि मैं बहुत धीरे करूँगा।
मैंने अपना लंड निकाला। आदिति ने उसे देखा तो उसकी आँखें फैल गईं, “ये बहुत बड़ा है… क्या ये अंदर जाएगा?”
मैंने उसे चूमते हुए धीरे से अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर रखा और बहुत धीरे से दबाया। आदिति ने जोर से आह भरी, “आह्ह्ह… दर्द हो रहा है… धीरे… आर्यन धीरे…”
मैंने बहुत धीरे-धीरे अपना लंड अंदर डाला। उसकी टाइट वर्जिन चूत मेरे लंड को कस रही थी। आखिर में पूरा लंड अंदर चला गया। आदिति की आँखों में आँसू थे, लेकिन वो मुझे कसकर पकड़े हुई थी।
“अब दर्द कम हो रहा है… हल्का-हल्का मज़ा भी आ रहा है…” मैंने बहुत धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए। आदिति की चीखें धीरे-धीरे कराहों में बदल गईं।
“आर्यन… और थोड़ा जोर से… आह्ह्ह… अच्छा लग रहा है…” आदिति की टाइट वर्जिन चूत मेरे लंड को बहुत कस रही थी। मैंने बहुत धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए। हर धक्के के साथ वो थोड़ा सा कराह रही थी।
“आर्यन… धीरे… अभी भी दर्द हो रहा है… लेकिन… अच्छा भी लग रहा है…” उसकी आवाज काँप रही थी। मैंने उसके होंठों को चूमा और धीरे-धीरे रफ्तार बढ़ाई। आदिति की चूचियाँ मेरी छाती से रगड़ खा रही थीं। उसकी साँसें तेज होती जा रही थीं। धीरे-धीरे दर्द की जगह मजे की लहर आने लगी।
“आह्ह्ह… आर्यन… और जोर से… हाँ… ऐसे ही…” वो अब खुद अपनी कमर हिलाने लगी थी। मैंने उसे और गहराई से चोदा। उसकी टाइट चूत मेरे लंड को चूस रही थी। मैंने उसकी एक टाँग अपने कंधे पर रखी और और तेज धक्के मारे। आदिति अब पूरी तरह पागल हो चुकी थी। उसकी आँखें बंद थीं और मुँह से सिर्फ आहें निकल रही थीं।
“मुझे और जोर से चोदो आर्यन… मुझे लग रहा है कुछ होने वाला है… आह्ह्ह!” मैंने उसकी चूचियों को जोर से दबाया और तेजी से चोदने लगा। कुछ ही देर में आदिति का पूरा शरीर काँपने लगा। उसने अपनी टाँगें मेरी कमर पर कस लीं और जोर से चीख पड़ी, “आआह्ह्ह… क्या हो रहा है… मैं झड़ रही हूँ… राहुल… आह्ह्ह!”
उसकी चूत मेरे लंड को और भी कसकर पकड़ ली। वो पहली बार झड़ रही थी। उसका पूरा शरीर लहरा रहा था। मैंने भी कुछ ही देर बाद अपना माल उसकी चूत के अंदर भर दिया।
हम दोनों थककर एक दूसरे से लिपटकर लेट गए। आदिति मेरी छाती पर सिर रखे हुए थी। उसकी साँसें अभी भी तेज थीं। उसकी आँखों में आँसू थे, लेकिन चेहरे पर संतोष की मुस्कान थी।
“आर्यन… ये मेरे लिए पहली बार था… मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि इतना अच्छा लगेगा। दर्द के बाद जो मज़ा आया… वो बयान नहीं कर सकती।”
मैंने उसके बाल सहलाते हुए कहा, “मुझे भी बहुत अच्छा लगा। तुम बहुत टाइट और मीठी हो।” थोड़ी देर आराम करने के बाद आदिति ने शर्माते हुए कहा, “एक बार फिर से… करना है मुझे।”
मैं मुस्कुराया। इस बार मैंने उसे डॉगी स्टाइल में किया। उसकी गोरी गाँड मेरे सामने थी। मैंने उसकी कमर पकड़ी और पीछे से अपना लंड उसकी चूत में डाला। आदिति ने जोर से कराहा, “आह्ह्ह… इस पोजीशन में और गहरा जा रहा है… जोर से चोदो आर्यन…”
मैंने उसकी गाँड पर थप्पड़ मारते हुए तेजी से चोदा। आदिति अब पूरी तरह से खुल चुकी थी। वो खुद पीछे से कमर हिला रही थी। “हाँ… ऐसे ही… मुझे और जोर से चोदो… मैं तुम्हारी हूँ आज… आह्ह्ह!”
हम दोनों दूसरी बार भी जोरदार चुदाई करते रहे। इस बार मैंने उसकी गाँड में भी उंगली डाली, जिससे वो और पागल हो गई। आखिर में हम दोनों एक साथ झड़ गए। आदिति मेरे सीने पर गिर पड़ी। उसका पूरा शरीर पसीने से तर था।
रात भर हमने तीन बार सेक्स किया। हर बार वो ज्यादा खुलती जा रही थी। सुबह होने तक वो मेरी बाहों में लेटी हुई थी। उसने मेरी छाती पर उंगली फेरते हुए कहा, “आर्यन… ये हमारा राज रहेगा। लेकिन मैं अब तुम्हारे बिना नहीं रह सकती। तुमने मुझे औरत बना दिया है।”
सुबह 6 बजे के आसपास आदिति ने अचानक घड़ी देखी और घबरा गई। “अरे! मेरे घर वालों ने तो मुझे ढूंढा होगा! मैंने उन्हें बताया था कि प्रोजेक्ट के लिए लाइब्रेरी में रुकूंगी, लेकिन इतनी रात हो गई… मैंने मैसेज भी नहीं किया।”
मैंने उसे शांत किया, “चिंता मत करो। मैंने रात को ११ बजे ही तुम्हारे घर पर कॉल करके बोल दिया था कि बारिश की वजह से तुम मेरे फ्लैट पर रुक गई हो और प्रोजेक्ट पूरा कर रहे हैं। तुम्हारी मम्मी ने भी ठीक कहा था।”
आदिति ने राहत की साँस ली और मेरी छाती पर सिर रख दिया। “आर्यन… तुमने सब संभाल लिया। मैं अब तुम्हारे बिना नहीं रह सकती। तुमने मुझे औरत बना दिया है।”
मैंने उसे चूम लिया और बोला, “तुम अब मेरी हो… हमेशा के लिए।”
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