रंडी कामवाली की पिछे से चड्डी सरका के जोरदार चोदा - देसी सेक्स कहानी
अपनी नई गर्म मेड बिंदु की साड़ी उठाकर पिछे से चड्डी सरकाई और जोर-जोर से गांड में ठोक दिया! 24 साल के अमीर लौंडे राहुल ने अपनी 29 साल की sexy मेड को घर में अकेला पाकर उसकी भारी चूचियों को मसलते हुए पहले चूत फिर गांड फाड़ दी।
मेरा नाम राहुल है। उम्र 24 साल। मैं दिल्ली के एक पॉश इलाके में रहता हूँ। पापा बिजनेसमैन हैं और मम्मी अक्सर सोसाइटी की मीटिंग्स और पार्टी में व्यस्त रहती हैं। घर में एक नई मेड आई थी – उसका नाम था बिंदु।
बिंदु की उम्र करीब 29 साल थी, लेकिन देखने में 25 से ज्यादा नहीं लगती थी। वो बेहद गर्म और सेक्सी थी। गोरी-चिकनी स्किन, 36D के भारी-भारी स्तन, पतली कमर, चौड़ी कमर और मोटी-मोटी जांघें। सबसे खतरनाक थी उसकी गांड – गोल, उभरी हुई और हर बार साड़ी में हिलती हुई जब वो झाड़ू लगाती या बर्तन मांजती तो उसकी साड़ी का पल्लू सरक जाता और उसकी गहरी नाभि साफ दिखती।
पहले कुछ दिन तो सब नॉर्मल था। लेकिन धीरे-धीरे बिंदु का बर्ताव बदलने लगा। वो मेरे सामने ज्यादा झुककर काम करती, ब्लाउज के हुक ऊपर तक खोलकर रखती। कई बार मैंने देखा कि जब वो फर्श पोछती तो उसकी साड़ी कमर तक ऊपर चढ़ जाती और उसकी मोटी जांघें व सफेद पैंटी का निचला हिस्सा दिख जाता।
एक दिन दोपहर का समय था। मम्मी-पापा दोनों बाहर गए हुए थे। मैं अपने कमरे में लैपटॉप पर काम कर रहा था। अचानक बिंदु कमरे में आई। उसने हल्की सी नीली साड़ी पहनी हुई थी। ब्लाउज काफी टाइट था, जिसकी वजह से उसके भारी स्तन उभरकर दिख रहे थे।
“राहुल बाबू, क्या आपको कुछ चाहिए?” उसने नम्र लेकिन मीठी आवाज में पूछा।
मैंने उसकी तरफ देखा। उसके ब्लाउज के ऊपर वाले दो हुक खुले हुए थे। उसकी गहरी वादी और ब्रा का काला किनारा साफ नजर आ रहा था। मेरा लंड एकदम से हिल गया।
“नहीं बिंदु… बस पानी ले आओ,” मैंने कहा।
वो पानी लेकर आई और मेरे सामने झुककर गिलास रखने लगी। उसके स्तन मेरे चेहरे के बिल्कुल पास थे। हल्की-सी महक आ रही थी उसकी देह से। मैं खुद को रोक नहीं पाया और मेरी नजरें उसके क्लिवेज पर अटक गईं।
बिंदु ने ये सब नोटिस कर लिया। उसने मुस्कुराते हुए कहा, “बाबू… कुछ और चाहिए क्या?”
उसकी आँखों में शरारत थी। मैंने हिम्मत करके कहा, “बिंदु… तुम बहुत सुंदर हो।”
बिंदु शरमाते हुए मुस्कुराई और बोली, “बाबू… आप भी बहुत हैंडसम हो। लेकिन मैं तो गरीब मेड हूँ… आप जैसे अमीर लड़के हमें देखते भी नहीं।”
मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और धीरे से खींचा। वो मेरे पास आकर खड़ी हो गई। उसकी सांसें तेज हो गई थीं। मैंने उसकी कमर पर हाथ रख दिया। उसकी स्किन गर्म और नरम थी।
“बिंदु… तुम्हें कोई दिक्कत तो नहीं?” मैंने पूछा। उसने सर झुकाकर धीमी आवाज में कहा, “बाबू… मेरे पति विदेश में काम करते हैं… दो साल से घर नहीं आया। शरीर बहुत तरस गया है…”
ये सुनते ही मेरे शरीर में करंट दौड़ गया। मैंने उसकी कमर को और कसकर पकड़ लिया। बिंदु ने भी मेरे कंधे पर हाथ रख दिया।
बिंदु के मुंह से ये बात सुनकर मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था। मैंने उसकी कमर को और जोर से पकड़ लिया और उसे अपनी तरफ खींचा। अब वो मेरे सीने से सटी हुई खड़ी थी। उसकी भारी छातियाँ मेरे सीने से दब रही थीं।
“बिंदु… तुम्हें कितना मन करता है?” मैंने उसके कान में फुसफुसाते हुए पूछा। बिंदु ने शर्माते हुए आँखें नीचे कर लीं और धीमी गर्म आवाज में बोली, “बहुत मन करता है बाबू… रात को अकेले में बहुत तड़पती हूँ… लेकिन डर लगता है।”
मैंने उसका चेहरा ऊपर उठाया और सीधे उसके होंठों पर किस कर दिया। बिंदु पहले तो चौंक गई, लेकिन फिर आँखें बंद करके मेरे किस का जवाब देने लगी। उसके होंठ नरम और गर्म थे। कुछ ही सेकंड में हम दोनों गहरे फ्रेंच किस में लग गए। मैं उसकी जीभ चूस रहा था और वो भी मेरी जीभ को जोर-जोर से चूस रही थी।
मेरा एक हाथ उसकी कमर से नीचे सरक गया और मैंने उसकी मोटी गांड को जोर से दबा दिया। बिंदु के मुंह से सिसकारी निकली – “आह्ह… बाबू…” मैंने उसे बिस्तर की तरफ ले जाकर बिठा दिया। उसकी साड़ी का पल्लू पहले ही सरक चुका था। मैंने झुककर उसके गले पर किस किया, फिर धीरे-धीरे नीचे उतरता गया। बिंदु की सांसें तेज हो रही थीं। मैंने उसके ब्लाउज के बाकी हुक भी खोल दिए। ब्लाउज के दोनों पल्ले अलग हो गए और उसके भारी 36D वाले स्तन ब्रा में कैद थे।
ब्रा का रंग काला था और उसमें से उसकी छातियाँ उछलने को तैयार थीं। मैंने ब्रा के ऊपर से ही दोनों स्तनों को जोर से मसलना शुरू कर दिया। बिंदु कराह उठी – “उफ्फ… राहुल बाबू… जोर से मसलिए… बहुत दिनों बाद किसी ने छुआ है…”
मैंने ब्रा का हुक पीछे से खोल दिया। जैसे ही ब्रा हटी, उसके दोनों बड़े-बड़े स्तन बाहर आ गए। गुलाबी निप्पल पहले से ही सख्त हो चुके थे। मैंने एक स्तन मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। दूसरे स्तन को हाथ से मसलता रहा। बिंदु मेरे बालों को खींच रही थी और कराह रही थी – “आह… हाँ बाबू… और जोर से चूसिए… काटिए… मजा आ रहा है…”
मेरा लंड अब पैंट में तन गया था। बिंदु ने नीचे हाथ डालकर उसे पैंट के ऊपर से दबाया और बोली, “वाह बाबू… कितना मोटा और सख्त है आपका…”
ये सुनकर मेरी हिम्मत बढ़ गई। मैंने उसकी साड़ी की सिलाई खोल दी और साड़ी को कमर तक सरका दिया। अब वो सिर्फ ब्लाउज खोले और पेटीकोट में थी। मैंने पेटीकोट की नाड़ी खोलकर उसे भी नीचे कर दिया।
बिंदु अब सिर्फ एक काली पैंटी में थी। उसकी पैंटी पूरी तरह भीग चुकी थी। मैंने उंगली से उसकी चूत के ऊपर से दबाया तो वो काँप गई। “बिंदु… तुम तो पूरी गीली हो गई हो,” मैंने मुस्कुराते हुए कहा।
बिंदु शर्म से लाल हो गई और बोली, “आपके वजह से बाबू… अब मुझे मत सताइए… कुछ कीजिए न…”
मैंने उसकी पैंटी को धीरे से उतार दिया। उसकी चूत बिल्कुल साफ, गुलाबी और पानी से लबालब थी। मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाली तो वो जोर से कराह उठी – “आआह… बाबू… अंदर डालिए… मेरी चूत बहुत प्यासी है…”
मैं दो उंगलियाँ अंदर डालकर तेजी से अंदर-बाहर करने लगा। बिंदु बिस्तर पर लेटकर तड़प रही थी। उसके भारी स्तन उछल रहे थे। उसकी आँखें बंद थीं और मुंह से सिर्फ आहें और कराह निकल रही थीं।
कुछ ही मिनट में बिंदु का शरीर अचानक तन गया और वो पहली बार झड़ गई। उसकी चूत से गरम पानी मेरी उंगलियों पर बह निकला। बिंदु हाँफते हुए मेरी तरफ देखकर बोली, “अब आपकी बारी है बाबू… मुझे अपना लंड दिखाइए…”
बिंदु के मुँह से ये सुनकर मेरे शरीर में और गर्मी दौड़ गई। मैंने तुरंत अपनी पैंट और underwear दोनों उतार दिए। मेरा 7 इंच लंबा और मोटा लंड पूरी तरह खड़ा होकर बाहर आ गया। उसकी नसें फूली हुई थीं और सिरा चमक रहा था।
बिंदु उसे देखते ही आँखें फैला कर बोली, “वाह बाबू… कितना मोटा और सुंदर है आपका लंड… मेरे पति का तो इससे काफी छोटा है।”
उसने आगे बढ़कर अपना हाथ बढ़ाया और मेरे लंड को जकड़ लिया। उसके नरम हाथों का स्पर्श लगते ही मेरा लंड और सख्त हो गया। बिंदु धीरे-धीरे उसे ऊपर-नीचे करने लगी। फिर उसने झुककर लंड के सिरे पर जीभ फेरी। “आह्ह…” मैं कराह उठा।
बिंदु मुस्कुराई और पूरा लंड मुंह में ले लिया। वो बहुत अच्छे से चूस रही थी – कभी तेजी से, कभी धीरे-धीरे, कभी सिर्फ सिरा चूसती। उसकी जीभ लंड के चारों तरफ घूम रही थी। मैंने उसके बाल पकड़कर उसके मुँह में धीरे-धीरे धक्के देने शुरू कर दिए। बिंदु गला खोलकर पूरा लंड अंदर ले रही थी।
करीब 5-6 मिनट तक वो मेरे लंड को चूसती रही। मेरा मन हो रहा था कि अब उसे पूरी तरह चोदूँ।
मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया। उसकी टांगें फैला दीं। बिंदु की चूत अब भी गीली और चमक रही थी। मैंने घुटनों के बल बैठकर अपना लंड उसकी चूत के मुंहाने पर रगड़ा। बिंदु अधीर होकर बोली, “बाबू… मत teasing करो… अंदर डाल दो… मुझे बहुत हो रहा है…”
मैंने एक जोरदार धक्का मारा और आधा लंड अंदर चला गया। “आआआह… फट गई मेरी चूत… धीरे बाबू… बहुत मोटा है…” बिंदु चीख पड़ी। मैंने कुछ सेकंड रुककर उसे अडजस्ट होने दिया, फिर पूरा लंड एक झटके में उसके अंदर ठूंस दिया। बिंदु की आँखें बंद हो गईं और मुंह से लंबी सिसकारी निकली।
मैंने तेज-तेज धक्के मारने शुरू कर दिए। हर धक्के पर उसके भारी स्तन उछल रहे थे। मैंने दोनों हाथों से उसके स्तनों को मसलते हुए उसे जोर-जोर से चोदने लगा। बिंदु नीचे से अपनी गांड उठा-उठाकर मेरे धक्कों का जवाब दे रही थी।
“हाँ बाबू… जोर से चोदिए… मेरी चूत फाड़ दीजिए… बहुत दिनों बाद मिला है असली मर्द…” वो कराह रही थी। हमने पोजीशन बदला। मैंने उसे डॉगी स्टाइल में किया। उसकी मोटी गांड मेरे सामने थी। मैंने उसकी गांड पर जोरदार थप्पड़ मारा और पीछे से लंड अंदर डाल दिया। बिंदु जोर से चीखी – “आह… और गहरा… पूरी गांड हिला दीजिए बाबू…”
मैंने उसके बाल खींचे और तेजी से धक्के मारने लगा। कमरे में चुदाई की आवाजें और बिंदु की कराहें गूंज रही थीं। कुछ देर बाद बिंदु ऊपर आ गई। वो काउगर्ल पोजीशन में मेरे लंड पर बैठ गई और तेज-तेज ऊपर-नीचे होने लगी। उसके भारी स्तन उछल-उछलकर बहुत हॉट लग रहे थे। मैंने नीचे से उसके स्तनों को मसलते हुए उसे चोदा।
बिंदु झुककर मुझे किस करने लगी और बोली, “बाबू… मैं फिर आने वाली हूँ…” उसकी चूत मेरे लंड को कसकर पकड़ रही थी। कुछ ही देर में वो दूसरी बार जोर से झड़ गई। उसके शरीर में झटके लगे और चूत से गरम रस निकलकर मेरे लंड और जांघों पर बह गया।
मैं अभी नहीं रुका। मैंने उसे फिर से missionary में लिटाया और तेजी से चोदने लगा। मैं बिंदु को missionary पोजीशन में जोर-जोर से चोद रहा था। उसके चेहरे पर आनंद और दर्द का मिश्रण था। उसकी आँखें बंद थीं और मुँह से लगातार कराहें निकल रही थीं।
“बाबू… बहुत जोर से… मेरी चूत फाड़ दो… आज पूरी तरह भर दो…” बिंदु ने हाँफते हुए कहा। मैंने उसकी टांगें अपने कंधों पर रख लीं और और गहराई तक धक्के मारने लगा। हर धक्के पर उसके भारी स्तन तेजी से उछल रहे थे। मैंने एक हाथ से उसके स्तन को मसलते हुए दूसरे हाथ से उसकी क्लिटोरिस रगड़ने लगा। बिंदु पागल हो गई थी।
कुछ मिनट बाद मैंने कहा, “बिंदु… अब मैं तुम्हारी गांड चोदना चाहता हूँ।” बिंदु ने शर्माते हुए मुस्कुराकर सर हिला दिया। मैंने उसे चारों पैरों पर मोड़ दिया। उसकी मोटी, गोल गांड मेरे सामने थी। मैंने उसकी गांड पर थूक लगाया और अपनी उंगली धीरे से अंदर डाली। बिंदु काँप गई।
“धीरे बाबू… पहली बार है…” उसने दाँत भींचकर कहा। मैंने काफी देर तक उंगलियों से उसकी गांड को तैयार किया। फिर अपना मोटा लंड उसके गांड के छेद पर रखा और धीरे-धीरे दबाने लगा। लंड का सिरा अंदर घुसा तो बिंदु जोर से चीखी – “आआह… दर्द हो रहा है… लेकिन मत निकालिए… पूरा डाल दो…”
मैंने धैर्य रखते हुए धीरे-धीरे पूरा 7 इंच का लंड उसकी टाइट गांड में ठूंस दिया। बिंदु के शरीर में झुरझुरी दौड़ गई। कुछ सेकंड रुकने के बाद मैंने धीमी गति से चोदना शुरू किया। धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाई।
अब बिंदु को भी मजा आने लगा था। “हाँ बाबू… अब जोर से… मेरी गांड फाड़ दो… चोदो अपनी मेड को… मैं आपकी हूँ…”
मैंने उसकी कमर पकड़कर तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए। उसकी मोटी गांड हर धक्के पर हिल रही थी। मैंने बीच-बीच में उसकी गांड पर थप्पड़ भी मारे। बिंदु पूरी तरह पागल हो चुकी थी। वो आगे-पीछे अपनी गांड हिला रही थी।
करीब 10 मिनट तक उसकी गांड चोदने के बाद मैंने कहा, “बिंदु… मैं आने वाला हूँ…” बिंदु ने तुरंत जवाब दिया, “अंदर ही डाल दो बाबू… मेरी गांड में भर दो अपना गरम माल… मैं सब ले लूंगी।”
मैंने आखिरी जोरदार 4-5 धक्के मारे और अपनी सारी गर्म वीर्य उसकी गांड के अंदर उड़ेल दी। बिंदु भी उसी समय तीसरी बार झड़ गई। उसका पूरा शरीर काँप रहा था।
दोनों थककर बिस्तर पर लेट गए। बिंदु मेरी छाती पर सर रखकर लेटी थी। उसके स्तन मेरे शरीर से दब रहे थे। मैं उसके बालों में हाथ फेर रहा था। बिंदु ने धीरे से कहा, “राहुल बाबू… आज के बाद जब भी मम्मी-पापा घर पर न हों, मुझे बुलाना… मैं आपकी हूँ। जब चाहो, जितनी बार चाहो… मेरी चूत और गांड दोनों आपकी हैं।”
मैंने मुस्कुराते हुए उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए कहा, “हाँ बिंदु… अब से ये घर हम दोनों का है। रोज तुझे चोदूँगा।”
उस दिन के बाद बिंदु और मेरे बीच नियमित चुदाई होने लगी। कभी किचन में, कभी मेरे कमरे में, कभी शावर के नीचे। वो अब सिर्फ मेड नहीं, मेरी गुप्त रखैल भी बन चुकी थी।
हमें विज्ञापन-मुक्त रहने में मदद करें
हम आपका अनुभव खराब नहीं करना चाहते, इसलिए साइट पर कोई Ads नहीं है। इसे साफ-सुथरा रखने में कृपया थोड़ा सपोर्ट करें। ❤️

