बहन की चूत चोदकर भाई ने पानी निकाला

कुँवारी बहन की टाइट चूत चोदकर भाई ने पानी निकाल दिया। पहली बार बहन की चीखें सुनकर भाई पागल हो गया।

लेखक: Mala Kumari8 मिनट पढ़ने में
बहन की चूत चोदकर भाई ने पानी निकाला

राहुल 25 साल का जवान लड़का था। वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करके घर पर ही था। गर्मियों की छुट्टियों में वह अपने नाना के घर गया हुआ था। नाना के घर में उसकी चचेरी बहन, अनन्या, 22 साल की थी। अनन्या बहुत ही मस्तमौला, शरारती और बेहद खूबसूरत लड़की थी। वह अभी बी.ए. फाइनल ईयर में पढ़ रही थी।

अनन्या का फिगर एकदम कमाल का था — हाइट 5.3 फीट, गोरा रंग, लंबे बाल, बड़ी-बड़ी आँखें, 34 इंच की उभरती हुई चूचियाँ और 36 इंच की गोल-मटोल, थोड़ी उभरी हुई गांड। वह ज्यादातर हल्के कपड़े पहनती थी — शॉर्ट्स, टॉप या हल्की कुर्ती।

राहुल और अनन्या बचपन से ही बहुत क्लोज थे। वे साथ खेलते, हँसते-मजाक करते थे। लेकिन इस बार जब राहुल नाना के घर आया, तो अनन्या को देखकर उसे अजीब सा लगने लगा। अनन्या अब पूरी तरह जवान हो चुकी थी। उसकी चूचियाँ, जाँघें और गांड देखकर राहुल का मन मचलने लगा था।

एक दिन दोपहर में नाना-नानी दोनों मंदिर गए हुए थे। घर में सिर्फ राहुल और अनन्या थे। गर्मी बहुत तेज थी। अनन्या ने हल्का सफेद टॉप और बहुत छोटी नीली शॉर्ट्स पहनी हुई थी। टॉप इतना हल्का था कि उसकी चूचियाँ साफ उभर रही थीं। शॉर्ट्स में उसकी गोरी जाँघें और गांड का आकार बिल्कुल साफ दिख रहा था।

राहुल छत पर बैठा हुआ था। अनन्या पानी का गिलास लेकर छत पर आई।

“भैया, पानी पी लो,” अनन्या ने कहा और उसके पास बैठ गई।

राहुल ने गिलास लिया लेकिन उसकी नजर अनन्या की चूचियों और जाँघों पर थी। अनन्या ने देख लिया और शरारत से बोली, “भैया, क्या देख रहे हो? मेरी तरफ?”

राहुल शर्माकर बोला, “कुछ नहीं… बस ऐसे ही।” अनन्या हँसते हुए बोली, “अच्छा… बस ऐसे ही? मुझे लगता है भैया का मन कुछ और ही कर रहा है।”

राहुल ने हिम्मत करके कहा, “अनन्या, तू अब बहुत खूबसूरत हो गई है। तेरी ये चूचियाँ, तेरी ये जाँघें… मैं तुझे देखकर कंट्रोल नहीं कर पा रहा हूँ।” अनन्या शॉक हो गई। उसका चेहरा लाल हो गया। वह बोली, “भैया… ये क्या बोल रहे हो? मैं तुम्हारी चचेरी बहन हूँ। ये गलत है।”

राहुल ने अनन्या का हाथ पकड़ लिया और बोला, “अनन्या, मुझे पता है ये गलत है… लेकिन मैं बहुत दिनों से तुझे चाहता हूँ। आज नाना-नानी बाहर गए हैं। घर में सिर्फ हम दोनों हैं। बस एक बार मुझे तुझे महसूस करने दे।”

अनन्या की आँखों में आँसू आ गए। वह काँप रही थी। “भैया… ये पाप है… अगर किसी को पता चल गया तो?”

राहुल ने अनन्या के गाल पर हाथ फेरा और बोला, “अनन्या, मैं तुझे कभी दुख नहीं दूँगा। मैं तुझे सच में बहुत प्यार करता हूँ। आज की दोपहर सिर्फ हम दोनों की है… कोई नहीं जानगा। प्लीज…”

अनन्या कुछ देर तक चुप रही। गर्मी की लू और उनके दिलों की धड़कन दोनों तेज हो रही थीं। आखिरकार उसने बहुत धीमी और शर्माते हुए आवाज में कहा, “भैया… मैं बहुत डर रही हूँ… लेकिन अगर आप इतना चाहते हो… तो ठीक है। लेकिन बहुत प्यार से करना… और किसी को कुछ नहीं बताना।”

अनन्या के “ठीक है” कहते ही राहुल ने अपनी चचेरी बहन को प्यार से अपनी बाहों में भर लिया। अनन्या शर्म और डर से काँप रही थी। राहुल ने पहले कपड़ों के ऊपर से ही उसकी चूचियों को दबाना शुरू किया। टॉप के ऊपर से ही दोनों 34 इंच की चूचियों को जोर-जोर से मसलने लगा। अनन्या सिसकार रही थी — “भैया… आह्ह… धीरे…”

फिर राहुल ने अनन्या को पेट के बल लिटाया और अपनी गांड उसके गांड पर रखकर लंड रगड़ने लगा। कपड़ों के ऊपर से ही उसकी गोल गांड पर अपना सख्त लंड रगड़ रहा था। अनन्या शर्म से तकिए में मुँह छिपा रही थी।

राहुल ने अनन्या का टॉप ऊपर किया और ब्रा उतार दी। उसकी गोरी और नाजुक 34 इंच की चूचियाँ बाहर आ गईं। राहुल ने उन्हें दोनों हाथों में भरकर जोर से मसलना शुरू किया और फिर एक-एक करके चूसने लगा। अनन्या के मुँह से लगातार सिसकारियाँ निकल रही थीं — “आह्ह… भैया… बहुत अच्छा लग रहा है… उफ्फ़…”

राहुल ने अनन्या की शॉर्ट्स और पैंटी भी उतार दी। अब अनन्या पूरी तरह नंगी लेटी हुई थी। राहुल ने उसकी जाँघें फैलाईं और अपनी जीभ से उसकी चूत चाटने लगा। अनन्या कमर उठाकर तड़पने लगी — “भैया… आह्ह… वहाँ मत… उफ्फ़… बहुत मजा आ रहा है…”

राहुल ने काफी देर तक अपनी चचेरी बहन की चूत चाटी। अनन्या की चूत से पानी निकलने लगा। राहुल ने मुंह लगा कर पूरा पानी पी लिया। फिर राहुल ने अपना कपड़ा उतारा। उसका मोटा 7 इंच का लंड बाहर आ गया। अनन्या उसे देखकर डर गई और बोली, “भैया… ये तो बहुत बड़ा है… मुझे दर्द होगा…”

राहुल ने प्यार से कहा, “डर मत अनन्या… मैं बहुत धीरे करूँगा।”

उसने अनन्या की जाँघें फैलाईं और मिशनरी पोजीशन में अपना लंड उसकी चूत पर रखा। धीरे-धीरे दबाव डालते हुए पूरा लंड अंदर डाल दिया। अनन्या जोर से चीख उठी — “आआह्ह… भैया… फट जाएगी मेरी चूत… बहुत मोटा है तेरा…”

राहुल ने जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। हर धक्के के साथ अनन्या की चूचियाँ उछल रही थीं। राहुल चूचियों को चूसता, काटता और दबाता हुआ तेजी से चोद रहा था। अनन्या भी नीचे से कमर उठाकर साथ दे रही थी।

“भैया… आह्ह… अब अच्छा लग रहा है… और जोर से…” अनन्या बोली।

राहुल ने अनन्या को डॉगी स्टाइल में किया। उसकी गोरी गांड अब सामने थी। उसने गांड पर थप्पड़ मारे और पीछे से लंड घुसा दिया। अब वह जोरदार रफ्तार से चोद रहा था। अनन्या तकिए में मुँह दबाकर चीख रही थी — “हाँ भैया… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत… आह्ह… बहुत मजा आ रहा है…”

फिर राहुल ने अनन्या को अपनी गोद में उठा लिया और खड़े-खड़े चोदा। अनन्या राहुल की गर्दन से लिपटी हुई चीख रही थी। आखिर में राहुल ने अनन्या को काउगर्ल पोजीशन में बैठाया। अब अनन्या खुद ऊपर-नीचे हो रही थी। उसकी चूचियाँ उछल रही थीं।

लगभग 40 मिनट तक लगातार चोदने के बाद राहुल ने कहा, “अनन्या… मैं झड़ने वाला हूँ…” अनन्या बोली, “भैया… मेरे अंदर ही छोड़ दो…”

राहुल ने आखिरी जोरदार धक्के मारे और अनन्या की चूत के अंदर पूरा माल छोड़ दिया। दोनों थककर एक-दूसरे से लिपटकर लेट गए।

अनन्या राहुल की छाती पर सिर रखकर बोली, “भैया… पहले बहुत दर्द हुआ… लेकिन बाद में बहुत मजा आया। अब आप जब चाहें मुझे चोद सकते हो… लेकिन प्यार से।”

राहुल ने अनन्या के माथे पर किस किया और बोला, “अनन्या, तू अब मेरी है। मैं तुझे हमेशा खुश रखूँगा।”

राहुल 25 साल का जवान लड़का था। वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करके घर पर ही था। गर्मियों की छुट्टियों में वह अपने नाना के घर गया हुआ था। नाना के घर में उसकी चचेरी बहन, अनन्या, 22 साल की थी। अनन्या बहुत ही मस्तमौला, शरारती और बेहद खूबसूरत लड़की थी। वह अभी बी.ए. फाइनल ईयर में पढ़ रही थी।

अनन्या का फिगर एकदम कमाल का था — हाइट 5.3 फीट, गोरा रंग, लंबे बाल, बड़ी-बड़ी आँखें, 34 इंच की उभरती हुई चूचियाँ और 36 इंच की गोल-मटोल, थोड़ी उभरी हुई गांड। वह ज्यादातर हल्के कपड़े पहनती थी — शॉर्ट्स, टॉप या हल्की कुर्ती।

राहुल और अनन्या बचपन से ही बहुत क्लोज थे। वे साथ खेलते, हँसते-मजाक करते थे। लेकिन इस बार जब राहुल नाना के घर आया, तो अनन्या को देखकर उसे अजीब सा लगने लगा। अनन्या अब पूरी तरह जवान हो चुकी थी। उसकी चूचियाँ, जाँघें और गांड देखकर राहुल का मन मचलने लगा था।

एक दिन दोपहर में नाना-नानी दोनों मंदिर गए हुए थे। घर में सिर्फ राहुल और अनन्या थे। गर्मी बहुत तेज थी। अनन्या ने हल्का सफेद टॉप और बहुत छोटी नीली शॉर्ट्स पहनी हुई थी। टॉप इतना हल्का था कि उसकी चूचियाँ साफ उभर रही थीं। शॉर्ट्स में उसकी गोरी जाँघें और गांड का आकार बिल्कुल साफ दिख रहा था।

राहुल छत पर बैठा हुआ था। अनन्या पानी का गिलास लेकर छत पर आई।

“भैया, पानी पी लो,” अनन्या ने कहा और उसके पास बैठ गई।

राहुल ने गिलास लिया लेकिन उसकी नजर अनन्या की चूचियों और जाँघों पर थी। अनन्या ने देख लिया और शरारत से बोली, “भैया, क्या देख रहे हो? मेरी तरफ?”

राहुल शर्माकर बोला, “कुछ नहीं… बस ऐसे ही।” अनन्या हँसते हुए बोली, “अच्छा… बस ऐसे ही? मुझे लगता है भैया का मन कुछ और ही कर रहा है।”

राहुल ने हिम्मत करके कहा, “अनन्या, तू अब बहुत खूबसूरत हो गई है। तेरी ये चूचियाँ, तेरी ये जाँघें… मैं तुझे देखकर कंट्रोल नहीं कर पा रहा हूँ।” अनन्या शॉक हो गई। उसका चेहरा लाल हो गया। वह बोली, “भैया… ये क्या बोल रहे हो? मैं तुम्हारी चचेरी बहन हूँ। ये गलत है।”

राहुल ने अनन्या का हाथ पकड़ लिया और बोला, “अनन्या, मुझे पता है ये गलत है… लेकिन मैं बहुत दिनों से तुझे चाहता हूँ। आज नाना-नानी बाहर गए हैं। घर में सिर्फ हम दोनों हैं। बस एक बार मुझे तुझे महसूस करने दे।”

अनन्या की आँखों में आँसू आ गए। वह काँप रही थी। “भैया… ये पाप है… अगर किसी को पता चल गया तो?”

राहुल ने अनन्या के गाल पर हाथ फेरा और बोला, “अनन्या, मैं तुझे कभी दुख नहीं दूँगा। मैं तुझे सच में बहुत प्यार करता हूँ। आज की दोपहर सिर्फ हम दोनों की है… कोई नहीं जानगा। प्लीज…”

अनन्या कुछ देर तक चुप रही। गर्मी की लू और उनके दिलों की धड़कन दोनों तेज हो रही थीं। आखिरकार उसने बहुत धीमी और शर्माते हुए आवाज में कहा, “भैया… मैं बहुत डर रही हूँ… लेकिन अगर आप इतना चाहते हो… तो ठीक है। लेकिन बहुत प्यार से करना… और किसी को कुछ नहीं बताना।”

अनन्या के “ठीक है” कहते ही राहुल ने अपनी चचेरी बहन को प्यार से अपनी बाहों में भर लिया। अनन्या शर्म और डर से काँप रही थी। राहुल ने पहले कपड़ों के ऊपर से ही उसकी चूचियों को दबाना शुरू किया। टॉप के ऊपर से ही दोनों 34 इंच की चूचियों को जोर-जोर से मसलने लगा। अनन्या सिसकार रही थी — “भैया… आह्ह… धीरे…”

फिर राहुल ने अनन्या को पेट के बल लिटाया और अपनी गांड उसके गांड पर रखकर लंड रगड़ने लगा। कपड़ों के ऊपर से ही उसकी गोल गांड पर अपना सख्त लंड रगड़ रहा था। अनन्या शर्म से तकिए में मुँह छिपा रही थी।

राहुल ने अनन्या का टॉप ऊपर किया और ब्रा उतार दी। उसकी गोरी और नाजुक 34 इंच की चूचियाँ बाहर आ गईं। राहुल ने उन्हें दोनों हाथों में भरकर जोर से मसलना शुरू किया और फिर एक-एक करके चूसने लगा। अनन्या के मुँह से लगातार सिसकारियाँ निकल रही थीं — “आह्ह… भैया… बहुत अच्छा लग रहा है… उफ्फ़…”

राहुल ने अनन्या की शॉर्ट्स और पैंटी भी उतार दी। अब अनन्या पूरी तरह नंगी लेटी हुई थी। राहुल ने उसकी जाँघें फैलाईं और अपनी जीभ से उसकी चूत चाटने लगा। अनन्या कमर उठाकर तड़पने लगी — “भैया… आह्ह… वहाँ मत… उफ्फ़… बहुत मजा आ रहा है…”

राहुल ने काफी देर तक अपनी चचेरी बहन की चूत चाटी। अनन्या की चूत से पानी निकलने लगा। राहुल ने मुंह लगा कर पूरा पानी पी लिया। फिर राहुल ने अपना कपड़ा उतारा। उसका मोटा 7 इंच का लंड बाहर आ गया। अनन्या उसे देखकर डर गई और बोली, “भैया… ये तो बहुत बड़ा है… मुझे दर्द होगा…”

राहुल ने प्यार से कहा, “डर मत अनन्या… मैं बहुत धीरे करूँगा।”

उसने अनन्या की जाँघें फैलाईं और मिशनरी पोजीशन में अपना लंड उसकी चूत पर रखा। धीरे-धीरे दबाव डालते हुए पूरा लंड अंदर डाल दिया। अनन्या जोर से चीख उठी — “आआह्ह… भैया… फट जाएगी मेरी चूत… बहुत मोटा है तेरा…”

राहुल ने जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। हर धक्के के साथ अनन्या की चूचियाँ उछल रही थीं। राहुल चूचियों को चूसता, काटता और दबाता हुआ तेजी से चोद रहा था। अनन्या भी नीचे से कमर उठाकर साथ दे रही थी।

“भैया… आह्ह… अब अच्छा लग रहा है… और जोर से…” अनन्या बोली।

राहुल ने अनन्या को डॉगी स्टाइल में किया। उसकी गोरी गांड अब सामने थी। उसने गांड पर थप्पड़ मारे और पीछे से लंड घुसा दिया। अब वह जोरदार रफ्तार से चोद रहा था। अनन्या तकिए में मुँह दबाकर चीख रही थी — “हाँ भैया… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत… आह्ह… बहुत मजा आ रहा है…”

फिर राहुल ने अनन्या को अपनी गोद में उठा लिया और खड़े-खड़े चोदा। अनन्या राहुल की गर्दन से लिपटी हुई चीख रही थी। आखिर में राहुल ने अनन्या को काउगर्ल पोजीशन में बैठाया। अब अनन्या खुद ऊपर-नीचे हो रही थी। उसकी चूचियाँ उछल रही थीं।

लगभग 40 मिनट तक लगातार चोदने के बाद राहुल ने कहा, “अनन्या… मैं झड़ने वाला हूँ…” अनन्या बोली, “भैया… मेरे अंदर ही छोड़ दो…”

राहुल ने आखिरी जोरदार धक्के मारे और अनन्या की चूत के अंदर पूरा माल छोड़ दिया। दोनों थककर एक-दूसरे से लिपटकर लेट गए।

अनन्या राहुल की छाती पर सिर रखकर बोली, “भैया… पहले बहुत दर्द हुआ… लेकिन बाद में बहुत मजा आया। अब आप जब चाहें मुझे चोद सकते हो… लेकिन प्यार से।”

राहुल ने अनन्या के माथे पर किस किया और बोला, “अनन्या, तू अब मेरी है। मैं तुझे हमेशा खुश रखूँगा।”

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Mala Kumari
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