पीछे से साड़ी उठाके नौकरानी की गांड चोद दी - हिंदी सेक्स स्टोरी
मैंने उसका हाथ पकड़कर उसे बाथरूम में ले गया और दरवाज़ा बंद कर दिया। बिना देर किए मैंने उसे घुमाया, पीछे से उसकी स्कर्ट उठाई और अपना मोटा लंड उसकी टाइट गांड में गहराई तक ठोक दिया। वह जोर-जोर से कराहते हुए मजे से मेरी चुदाई का आनंद लेने लगी।
राहुल एक 28 साल का युवा प्रोफेशनल था जो मुंबई में अकेले रहता था। उसका एक बड़ा सा अपार्टमेंट था जिसकी सफाई के लिए उसने एक मेड रखी हुई थी। उसका नाम प्रिया था - एक 26 साल की खूबसूरत औरत जो पिछले 6 महीनों से उसके यहाँ काम कर रही थी।
प्रिया का बदन एकदम गजब का था। वो हमेशा साड़ी पहनती थी और उसकी कमर इतनी पतली थी कि देखते ही मन खिंचा चला आता। उसके चूचे बड़े-बड़े थे और जब भी वो झुककर काम करती, उसकी गांड का आकार साफ दिखाई देता। राहुल कई बार उसे चोरी-चोरी देखता और अपने लंड को सहलाता।
एक शुक्रवार की शाम थी। राहुल ऑफिस से थका हारा आया था। प्रिया उस वक्त घर पर थी क्योंकि उसे बाथरूम की टाइल्स साफ करनी थीं। वो नीले रंग की साड़ी में थी और उसका ब्लाउज थोड़ा कसा हुआ था जिससे उसके चूचों का उभार साफ दिख रहा था।
"साहब, आप आ गए?" प्रिया ने मुस्कुराते हुए पूछा।
"हाँ प्रिया, तुम अभी तक यहीं हो?" राहुल ने पूछा।
"हाँ साहब, थोड़ा काम बचा था। मैं अभी नहाने जा रही थी, पसीने से तर हो गई हूँ," प्रिया ने शरमाते हुए कहा।
राहुल के दिल की धड़कन तेज हो गई। उसने कहा, "तुम यहीं नहा लो, बाहर बारिश हो रही है।"
प्रिया ने सोचा और फिर मान गई। वो बाथरूम में गई और दरवाजा थोड़ा सा खुला छोड़ दिया। राहुल बाहर सोफे पर बैठा था लेकिन उसकी नज़रें बाथरूम की तरफ थीं। पानी की आवाज़ आ रही थी और धुएं के बीच प्रिया का नंगा बदन झलक रहा था।
राहुल अंदर गया। प्रिया ने देखा लेकिन उसने कुछ नहीं कहा। वो शावर के नीचे खड़ी थी, पानी उसके बदन पर बह रहा था। उसके चूचे पूरी तरह से नंगे थे और पानी की बूंदें उन पर टपक रही थीं। उसकी चूत पर हल्के बाल थे और पानी उसकी जांघों पर बह रहा था।
"साहब..." प्रिया ने धीमी आवाज़ में कहा।
राहुल रुका नहीं। वो आगे बढ़ा और बाथरूम में घुस गया। प्रिया ने कोई विरोध नहीं किया। वो भी चाहती थी यह सब।
राहुल ने प्रिया को अपनी बाहों में भर लिया। उसका लंड पहले से ही खड़ा था और वो प्रिया की गांड से टकरा रहा था। प्रिया ने सिसकी भरी, "ओह साहब..."
राहुल ने उसके चूचों को पकड़ लिया। वो इतने नरम और गरम थे। उसने उन्हें दबाना शुरू किया और प्रिया की चूचियों को मसलने लगा। प्रिया की सांसें तेज हो गईं।
"आह... साहब... और जोर से..." प्रिया ने कहा।
राहुल ने उसे घुमाया और उसके चूचों को अपने मुँह में भर लिया। वो उन्हें चूसने लगा, काटने लगा। प्रिया अपने हाथ उसके सिर पर फेर रही थी और मज़े ले रही थी।
फिर राहुल नीचे बैठा और प्रिया की चूत को देखने लगा। वो गुलाबी थी और पानी से भीगी हुई। उसने अपनी जीभ से चाटना शुरू किया। प्रिया की चूत का स्वाद मीठा था। वो उसकी चूत की दीवारों को चाट रहा था और क्लिटोरिस को अपने दांतों से हल्के से काट रहा था।
"उई माँ... साहब... मैं पागल हो जाऊंगी..." प्रिया चीख रही थी।
राहुल ने उसकी जांघों को चौड़ा किया और अपनी जीभ उसकी चूत के अंदर डाल दी। वो अंदर-बाहर कर रहा था और प्रिया का शरीर कांप रहा था। प्रिया झड़ने वाली थी।
"आह... आह... आह... साहब... मैं झड़ गई..." प्रिया ने अपनी चूत से पानी छोड़ दिया।
राहुल ने उसका सारा रस पी लिया। फिर वो खड़ा हुआ और अपने कपड़े उतारने लगा। उसका लंड 8 इंच का था और काफी मोटा। प्रिया की आंखें खुली की खुली रह गईं।
"साहब... इतना बड़ा..." प्रिया ने कहा।
राहुल ने उसे दीवार से सटाया और एक जोर से धक्का मारा। उसका लंड पूरी तरह से प्रिया की चूत में समा गया।
"ओह माँ... दर्द हो रहा है..." प्रिया चीखी।
"थोड़ा सब्र करो... अभी मज़ा आएगा..." राहुल ने कहा और धक्के मारने शुरू किए।
वो धीरे-धीरे अपना लंड अंदर-बाहर कर रहा था। प्रिया की चूत बहुत टाइट थी और उसे बहुत मज़ा आ रहा था। धक्कों की गति तेज होती गई।
"ओह... ओह... हाँ... हाँ... और जोर से... चोदो मुझे..." प्रिया चिल्ला रही थी।
राहुल ने उसकी एक टांग उठाई और और गहराई से धक्का मारा। उसका लंड प्रिया की चूत की गहराइयों को छू रहा था। पच-पच की आवाज़ें बाथरूम में गूंज रही थीं।
"तुम्हारी चूत बहुत मस्त है प्रिया..." राहुल ने कहा।
"हाँ साहब... और चोदो... मुझे अपनी रखैल बना लो..." प्रिया ने कहा।
राहुल ने उसे घुमाया और अब पीछे से धक्के मारने लगा। प्रिया ने अपने हाथ दीवार पर टिकाए और अपनी गांड ऊपर उठाई। राहुल का लंड अब और भी गहरा जा रहा था।
"ओह... यह... यह बहुत अच्छा लग रहा है..." प्रिया ने कहा।
राहुल ने उसकी गांड थपथपाई और फिर एक उंगली उसके गुद्दे में डाल दी। प्रिया ने और जोर से चिल्लाना शुरू किया।
"ओह साहब... दोनों छेद भर दो..." प्रिया ने कहा।
राहुल ने अपना लंड उसकी चूत से निकाला और गांड के छेद पर रख दिया। एक जोर से धक्का मारा और आधा लंड अंदर चला गया।
"ओह माँ... बहुत दर्द हो रहा है..." प्रिया रोने लगी।
"बस थोड़ी देर..." राहुल ने कहा और धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा।
थोड़ी देर में दर्द कम हो गया और प्रिया को मज़ा आने लगा। राहुल अब पूरी गति से उसकी गांड मार रहा था।
"हाँ... हाँ... और जोर से... मारो... अपनी मेड की गांड फाड़ दो..." प्रिया चिल्ला रही थी।
राहुल ने 15 मिनट तक उसकी गांड मारी। फिर उसने लंड निकाला और प्रिया को घुमाया। अब वो उसके मुँह के सामने खड़ा था।
"चूसो..." राहुल ने कहा।
प्रिया ने उसका लंड अपने मुँह में लिया। वो उसे चूसने लगी, जीभ से चाटने लगी। राहुल का लंड प्रिया के लार से भीग गया था।
"ओह... बहुत अच्छा चूसती हो..." राहुल ने कहा।
प्रिया ने उसके टट्टों को भी चूसा और फिर लंड को पूरा गले तक लेने की कोशिश की। उसने बिना हाथ लगाए उसे चूसा और राहुल पागल हो गया।
"मैं झड़ने वाला हूँ..." राहुल ने कहा।
"मेरे मुँह में ही झड़ जाओ साहब..." प्रिया ने कहा।
राहुल ने अपना लंड उसके मुँह से बाहर निकाला और उसके चूचों पर रख दिया। वो उन्हें दबाते हुए अपना लंड उनके बीच में फेरने लगा।
"ओह... आह..." राहुल ने गरम गरम वीर्य प्रिया के चूचों पर निकाल दिया।
प्रिया ने उसका सारा माल अपने हाथों से फैलाया और फिर चाट लिया। वो उसका वीर्य चूसने लगी।
"स्वाद बहुत अच्छा है साहब..." प्रिया ने मुस्कुराते हुए कहा।
राहुल थक कर फर्श पर बैठ गया। प्रिया उसके पास आई और उसके होठों पर चूमने लगी। दोनों ने एक दूसरे को चूमा और प्यार किया।
"कल फिर आऊँगी साहब?" प्रिया ने पूछा।
"हर रोज़ आना..." राहुल ने कहा और उसे फिर से अपनी बाहों में भर लिया।
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