पड़ोसी के लंड पर चुदती माँ को देखा, बेटे ने किया कुछ ऐसा
पड़ोसी के लंड पर चुदती अपनी माँ को खिड़की से देख लिया बेटे ने! जो देखा उसने वीडियो बना लिया और अगले दिन माँ को घुटनों पर बैठाकर बोला – ‘अब मेरी बारी है!’ पूरी रात माँ की चूत और गांड चोद डाली।
अंकित और उसकी माँ रीना एक सुंदर से घर में रहते थे। अंकित 19 साल का जवान लड़का था। वह कॉलेज जाता था और ज़्यादातर समय घर पर अपनी माँ के साथ ही बिताता था।
उसके पिताजी एक अच्छे पद पर नौकरी करते थे, इसलिए अक्सर विदेश के टूर पर रहते थे। घर में सिर्फ अंकित और उसकी 38 साल की माँ रीना ही होती थी।
रीना एक बेहद आकर्षक औरत थी। उसका फिगर एकदम कमाल का था — लंबाई 5.4 फीट, दूध जैसी गोरी चमड़ी, पतली कमर, बड़े-बड़े गोल-गोल स्तन और पीछे उभरी हुई मोटी गांड। वह हमेशा बहुत सज-धज कर रहती थी।
वह टाइट डिजाइन वाले ब्लाउज पहनती थी, जिसमें उसके बड़े स्तन बिल्कुल टाइट और उभर कर दिखते थे, मानो कपड़े फाड़कर बाहर आने को बेताब हों। साड़ी भी वह पतली सिल्क वाली और थोड़ी पारदर्शी पहनती थी, जिसमें उसकी मोटी गांड का आकार बिल्कुल साफ नजर आता था।
जब वह चलती थी तो उसकी गांड लहराती थी और पीछे से देखने वाला किसी का भी मन मचल जाता था। अंकित अपनी माँ को देखकर कभी-कभी मन में गलत खयाल लाता था।
उनके टाइट ब्लाउज में दबे हुए बड़े स्तनों को देखकर और सिल्क साड़ी में उभरी हुई गांड को देखकर सोचता था — “काश कभी इनको चोदने का मौका मिल जाए।” लेकिन माँ के सख्त तेवर देखकर उसकी हिम्मत कभी नहीं होती थी।
घर पर पड़ोस के अंकल रोहन अक्सर आते-जाते रहते थे। वे अंकित के पापा के अच्छे दोस्त भी थे। जब पापा घर पर नहीं होते, तो अंकल अक्सर आने लगते थे। हर बार आते ही अंकित को 100-200 रुपये देते और कहते, “बेटा जाओ बाहर खेलो, घूमो-फिरो।” रीना भी तुरंत अंकित को बाहर भेज देती थी।
जब अंकित वापस आता तो गेट देर से खुलता था। अंकल अंदर हॉल में बैठे होते थे और रीना की साड़ी थोड़ी सरकी हुई, बाल बिखरे हुए, लिपस्टिक फैली हुई होती थी। अंकित को शक तो था, लेकिन उसने कभी ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
एक दिन रीना बहुत ज्यादा सज-धज कर रही थी। उसने एकदम टाइट ब्लू सिल्क की साड़ी और उसके साथ मैचिंग टाइट ब्लाउज पहना हुआ था। उसके बड़े-बड़े स्तन ब्लाउज के कपड़े को फाड़ते हुए बाहर आने को थे। पतली कमर और उभरी हुई गांड देखकर अंकित का लंड खड़ा हो गया था। उसने मन ही मन सोचा, “आज तो माँ बिल्कुल रंडी लग रही है।”
दोपहर करीब 1 बजे डोरबेल बजी। रोहन अंकल थे। अंकित ने दरवाजा खोला। अंकल मुस्कुराते हुए बोले, “अरे बेटा, तू घर पर ही है? कैसा है?”
फिर उनकी नजर रीना पर पड़ी जो किचन से हॉल में आ रही थी। अंकल बोले, “भाभी, आज तो बहुत सुंदर लग रही हो। बिल्कुल माल लग रही हो।”
रीना शर्माते हुए मुस्कुराई और बोली, “आइए ना अंकल, बैठिए।”
अंकित टीवी देखने लगा। थोड़ी देर बाद अंकल ने कहा, “बेटा, यहाँ क्या कर रहा है? ये लो 500 रुपये, जाओ बाहर घूम के आओ, कुछ खा-पी लो, मजा करो।” अंकित खुश हो गया। उसने थैंक यू बोला और तुरंत घर से निकल गया। सोच रहा था कि आज दोस्तों को पार्टी देगा।
लेकिन बदकिस्मती से उसके सारे दोस्त बाहर थे। दोपहर का समय था, कोई घर पर नहीं मिला। अंकित ने सोचा, “चलो 20 मिनट घूम के वापस चला जाता हूँ। शाम को पार्टी करेंगे।”
वह घर लौट आया। बेल बजाई, लेकिन शायद अंदर आवाज नहीं पहुँच रही थी। उसने गेट को थोका, फिर भी कोई नहीं आया। तब उसे याद आया — बेडरूम की खिड़की से अंदर का पूरा नजारा दिखता था। गार्डन के रास्ते से वह पीछे बेडरूम की खिड़की के पास पहुँच गया।
वहाँ पहुँचते ही उसके कानों में आवाजें आने लगीं — “आआह… उmmm… उffff… आराम से करो ना …”
अंकित की आँखें फट गईं। अंदर का नजारा देखकर उसका दिमाग सदमे में आ गया। रीना पूरी तरह नंगी थी। वह रोहन अंकल के ऊपर चढ़ी हुई थी। अंकल का मोटा लंड रीना की चूत में अंदर-बाहर हो रहा था। रीना जोर-जोर से ऊपर-नीचे हो रही थी, उसके बड़े स्तन जोर-जोर से उछल रहे थे।
अंकल नीचे से उसकी गांड पकड़कर जोर से धक्के मार रहे थे। रीना की आँखें बंद थीं और मुँह से मजेदार सिसकारियाँ निकल रही थीं — “आह्ह… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत… हायyy… बहुत मजा आ रहा है…”
अंकित का खून खौल रहा था। उसने जल्दी से फोन निकाला और पूरा सीन रिकॉर्ड करने लगा। अंकल रीना को कुत्तिया बनाकर चोद रहे थे।
उसकी मोटी गांड पर जोर-जोर से थप्पड़ मार रहे थे और लंड अंदर तक घुसा रहे थे। रीना पागल हो रही थी, “हाँ … मेरी गांड भी मार लो… आपका लंड बहुत बड़ा है…”
आखिर में रीना बोली, “जल्दी … अपना माल मेरे मुँह में डाल दो… अंकित आता होगा… मेरे भोले बेटे को कुछ पता नहीं चलना चाहिए।” दोनों हँसने लगे। अंकल ने जोर से धक्के मारे और फिर लंड बाहर निकालकर रीना के मुँह में डाल दिया। पूरा वीर्य उसके मुँह में भर दिया। रीना के मुँह से वीर्य टपक रहा था और वह “आह्ह… बहुत मजा आ गया…” बोल रही थी। दोनों कपड़े पहनकर हॉल की तरफ चले गए।
अंकित ने पूरा वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था। वह घर के मुख्य गेट पर आया और जोर-जोर से बेल बजाने लगा। रीना ने गेट खोला। उसके बाल बिखरे हुए थे, साड़ी थोड़ी सरकी हुई थी, लिपस्टिक फैली हुई थी। अंकल भी वहाँ खड़े थे। अंकल मुस्कुराए और बोले, “अरे बेटा, पार्टी बहुत जल्दी हो गई क्या?”
रीना ने पूछा, “बेटा, अंकल के 500 रुपये का क्या किया?”
अंकित गुस्से से दोनों को देख रहा था, लेकिन उसने गुस्सा कंट्रोल कर लिया और बोला, “हाँ अंकल, थैंक यू। पार्टी कर ली मैंने।”
उस रात अंकित बिस्तर पर लेटा रहा। वीडियो देख-देख कर उसका लंड खड़ा था। माँ की चूचियों, गांड और चूत को याद करके वह बाथरूम में मुठ मार रहा था। उसने फैसला कर लिया — “अब मैं माँ को चोद के ही रहूँगा।”
अगले दिन सुबह अनकिट उठा। रात भर उसने माँ का वो वीडियो बार-बार देखा था और मुठ मार-मार कर थक गया था। लेकिन आज उसका मन पूरी तरह साफ था — उसे अपनी माँ को चोदना ही था। वह सीधा किचन में गया।
रीना नीली सिल्क की साड़ी में खाना बना रही थी। साड़ी का पल्लू कमर पर लिपटा हुआ था। टाइट ब्लाउज में उसके भारी स्तन उभरे हुए थे। हर हरकत के साथ चूचियाँ हिल रही थीं और गांड का आकार साड़ी पर साफ दिख रहा था।
अनकित पास गया और बोला, “माँ, तुम आज बहुत हॉट लग रही हो।” रीना ने मुड़कर कहा, “जा यहाँ से बेटा, मैं काम कर रही हूँ।”
अनकित ने सीधे कहा, “मुझे सब पता है माँ। तुम रोहन अंकल से चुदवा रही हो।”
रीना हड़बड़ा गई। “क्या बकवास कर रहा है? अपनी माँ पर इल्जाम लगा रहा है?”
अनकित ने फोन निकाला और वीडियो चला दिया। स्क्रीन पर रीना नंगी होकर अंकल के लंड पर उछल रही थी, चीख रही थी, “जोर से चोदो… मेरी गांड फाड़ दो…”
वीडियो देखते ही रीना के पैरों में जान नहीं रही। उसका चेहरा सफेद पड़ गया। वह काँपते हुए घुटनों पर बैठ गई और रोने लगी।
“बेटा… प्लीज माफ कर दो… गलती हो गई। पापा को मत बताना। मैं कभी नहीं करूँगी।”
रीना हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रही थी। उसके रोन के साथ बड़े स्तन ऊपर-नीचे हो रहे थे। ब्लाउज के बटन में से आधे स्तन बाहर आ गए थे।
अनकित की आँखें उन पर अटक गईं। रीना रोते हुए बोली, “बेटा, वीडियो डिलीट कर दे। तुझे जो चाहिए वो मैं दूँगी… बस पापा को मत बताना।”
अनकित ने सख्ती से कहा, “तो अपनी रसीली गांड मुझे चोदने दे।”
रीना पहले पीछे हटी, “नहीं बेटा… मैं तुम्हारी माँ हूँ… ये गलत है।”
अनकित ने फोन उठाया, “ठीक है, वीडियो भेजता हूँ पापा को।”
रीना ने तुरंत उसका हाथ पकड़ लिया। “नहीं… मत भेजो। आज… आज जो करना है कर लो… लेकिन बाद में डिलीट कर देना।”
रीना ने खुद कहा, “चोद ले मुझे…”
अनकित ने पीछे से अपनी माँ को जोर से पकड़ लिया। साड़ी के ऊपर से ही उसकी मोटी गांड को दोनों हाथों से मसलने लगा। फिर ब्लाउज के अंदर हाथ डालकर दोनों भारी चूचियों को जोर-जोर से दबाने और मलने लगा। रीना के मुँह से सिसकारी निकली, “उफ्फ… धीरे बेटा…”
अनकित ने रीना की साड़ी कमर तक उठा दी, पैंटी खींचकर घुटनों तक उतार दी। उसकी उँगलियाँ सीधे माँ की गीली चूत में घुसा दीं। रीना काँप उठी। अनकित ने दो उँगलियाँ अंदर-बाहर करने लगा। रीना की चूत से पानी निकलने लगा।
फिर उसने माँ को घुटनों पर बैठाया, अपना लंड बाहर निकाला और रीना के मुँह में ठूँस दिया। “चूसो माँ…” रीना पहले हिचकिचाई, फिर धीरे-धीरे लंड चूसने लगी। अनकित ने उसके बाल पकड़कर मुंह में धक्के मारे।
कुछ देर बाद अनकित ने रीना को उठाकर बेडरूम ले गया। वहाँ उसने माँ को पूरी तरह नंगा कर दिया। रीना की गोरी चूचियाँ, पतली कमर और मोटी गांड देखकर उसका लंड और सख्त हो गया।
पहली पोजीशन — मिशनरी: अनकित ने रीना को बिस्तर पर लिटाया, उसकी टांगें फैलाईं और अपना मोटा लंड उसकी चूत पर रखा। धीरे से धक्का दिया। पूरा लंड एक झटके में अंदर चला गया।
रीना चीख उठी, “आआह्ह… बेटा… बहुत मोटा है…” अनकित जोर-जोर से धक्के मारने लगा। हर धक्के पर रीना की चूचियाँ उछल रही थीं। वह माँ के स्तनों को चूसता, काटता और दबाता हुआ तेजी से चोद रहा था। रीना भी अब नीचे से कमर उठा-उठाकर साथ दे रही थी।
दूसरी पोजीशन — डॉगी स्टाइल: अनकित ने रीना को चारों खाने चित्त किया। उसकी मोटी गांड ऊपर थी। उसने गांड पर थप्पड़ मारा और लंड चूत में घुसा दिया। अब वह खड़े होकर जोरदार धक्के मार रहा था।
रीना की गांड हर धक्के पर हिल रही थी। “हाँ बेटा… और जोर से… फाड़ दो मेरी गांड…” अनकित ने बाल पकड़कर घोड़े की तरह चोदा।
तीसरी पोजीशन — काउगर्ल: रीना को ऊपर बैठाया। रीना अब खुद अनकित के लंड पर ऊपर-नीचे हो रही थी। उसके बड़े स्तन अनकित के चेहरे के सामने उछल रहे थे। अनकित नीचे से धक्के मार रहा था और चूचियों को मसल रहा था। रीना पागल होकर चीख रही थी, “मेरा बेटा… मेरा मालिक… चोद मुझे…”
चौथी पोजीशन — स्टैंडिंग: अनकित ने रीना को दीवार से सटाकर खड़ा किया, एक टांग उठाई और खड़े-खड़े चोदने लगा। रीना की चूत से पानी टपक रहा था।
पाँचवी पोजीशन — स्पूनिंग: दोनों एक तरफ लेटे। अनकित ने पीछे से लंड डाला और धीरे-धीरे गहरे धक्के मारते हुए चोदा। साथ ही माँ की चूचियों को सहलाता रहा।
इसके बाद अनकित ने रीना को फिर डॉगी में किया और आखिर में उसके मुँह में अपना माल छोड़ दिया। रीना ने पूरा वीर्य निगल लिया। दिन भर और पूरी रात अनकित अपनी माँ को अलग-अलग तरीकों से चोदता रहा। रीना अब पूरी तरह उसकी हो चुकी थी।
वह बार-बार कह रही थी, “बेटा… जितना मन करे चोदो… माँ अब तेरी है…” रात को दोनों थककर नंगे ही एक-दूसरे से लिपटकर सो गए।
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