ट्रैन में बड़ी चूची और टाइट गांड वाली बहन को चादर के अंदर चोदा - दोनों छेद में लंड डाला
ट्रेन की अंधेरी रात में बड़ी चूची और टाइट गाँड वाली अपनी सेक्सी बहन को चादर के अंदर चोदा। दोनों छेद में लंड डालकर पूरी रात मजा लिया, बहन भी पागल होकर चुदवाती रही।
ट्रेन की रात गहराती जा रही थी। हम सब गाँव में फैमिली फंक्शन के लिए जा रहे थे। मैं राहुल, 25 साल का बड़ा भाई, और मेरी छोटी बहन प्रिया, जो सिर्फ 23 साल की थी। प्रिया बेहद खूबसूरत थी – 5.4 फीट की हाइट, पतली कमर, ऊपर उठी हुई बड़ी-बड़ी गोल गाँड और टाइट, गोल-मटोल चूचियाँ। वो हमेशा टाइट जींस और कैजुअल टी-शर्ट पहनती थी।
आज रात भी उसने बहुत पतली ब्लू जींस डाली थी, जो उसकी गाँड को और भी उभाड़कर रख रही थी। जींस के अंदर उसकी छोटी सी पैंटी का आउटलाइन बिल्कुल साफ दिख रहा था। ऊपर सिर्फ एक व्हाइट टाइट टी-शर्ट थी, जिसमें ब्रा नहीं पहनी थी, इसलिए उसके निप्पल हल्के-हल्के उभरे हुए साफ नजर आ रहे थे।
हम दोनों बहुत क्लोज थे। बचपन से ही हँसी-मजाक, छेड़छाड़ चलती रहती थी। मैं कभी-कभी मजाक में उसकी गाँड पर थप्पड़ मार देता, कभी उसकी चूचियों को छू लेता। वो शरमाती थी लेकिन कभी दूर नहीं भागती। कई बार मैं सोचता था कि एक दिन इस टाइट माल को जरूर दबाऊँगा, उसकी हर चीज का मजा लूँगा, लेकिन खुद को कंट्रोल कर लेता था।
इस बार ट्रेन में सिर्फ तीन टिकट मिले – दो लोअर बर्थ और एक अपर बर्थ। मम्मी-पापा ने लोअर वाली सीट ले ली। मामी ने कहा, “दिन में नीचे ही रहो, रात में प्रिया को ऊपर भेज देना। सुबह 8-9 बजे उतरना है।”
मेरे दिल में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रिया ने भी मुझे देखा और शरारती मुस्कान दी। रात के लिए उसने और भी सेक्सी लुक बना रखा था – वही टाइट जींस और टी-शर्ट, खुले बाल, हल्की लिपस्टिक लगाए हुए।
रात करीब 11 बजे सबने खाना खा लिया। कोच धीरे-धीरे सोने लगा। मम्मी-पापा नीचे सो गए। मैं पहले ही अपर बर्थ पर लेट गया था, सफेद रेलवे की चादर ओढ़कर। एसी फुल चल रहा था, बहुत ठंड लग रही थी। फोन में एक बोल्ड मूवी चला रखी थी।
तभी मम्मी ने आवाज दी, “प्रिया, तू भी ऊपर चली जा। नीचे ठंड लग रही होगी।” प्रिया तुरंत ऊपर चढ़ आई। अपर बर्थ थोड़ी छोटी थी, दोनों को साथ में लेटना पड़ रहा था। वो मेरे दूसरे साइड से आई, बाहर की तरफ, और सीधे मेरे कंधे पर सिर रख दिया। उसकी बॉडी की खुशबू मुझे दीवाना कर रही थी।
“अकेला ही देख रहा है भैया? मुझे भी दिखाओ,” उसने धीरे से कहा और मेरे फोन की तरफ झुक गई। उसकी चूचियाँ मेरी बाँह पर दब गईं। मूवी में एक बोल्ड किसिंग सीन आ गया। हीरोइन को हीरो ने जोर से पकड़कर चूम लिया था। प्रिया अपने होठों को दबाने लगी, उसकी साँसें तेज हो गईं।
मैंने हिम्मत करके पूछा, “क्या तुम्हें ये सब पसंद है बहन?” वो थोड़ी देर चुप रही, फिर मदहोश आवाज में बोली, “हाँ भैया… मुझे ये सब बहुत चाहिए। बहुत दिनों से सोचती हूँ।”
उसने चादर के अंदर अपना हाथ डाल दिया और सीधे मेरी जींस के ऊपर से मेरे लंड पर रख दिया। मेरा 8 इंच का लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैंने भी अपना हाथ चादर के अंदर ले जाकर उसकी टाइट जींस के ऊपर से उसकी चूत को रगड़ना शुरू कर दिया। “उम्म्म… आह्ह्ह… भैया…” प्रिया की सिसकारी निकल गई।
वो अपनी टाँगें थोड़ी फैलाकर मेरे हाथ को और दबाने लगी। हम दोनों चादर के अंदर छिप गए ताकि कोई देख न ले। मैंने उसे अपनी तरफ घुमा लिया और जोर से किस कर दिया। उसके नरम होठ, गर्म जीभ – दोनों पागलों की तरह एक-दूसरे को चूसने लगे। मेरा एक हाथ उसकी टाइट चूचियों पर था – उन्हें जोर-जोर से दबाता हुआ, निप्पल को पिंच करता हुआ। दूसरा हाथ उसकी जींस के ऊपर से चूत मसल रहा था।
प्रिया मुझसे बिल्कुल चिपक गई थी। उसकी एक टाँग मेरी टाँग पर रख दी और कमर हिलाने लगी। “भैया… बहुत दिनों से सोच रही थी… आज पूरा मजा ले लो मुझसे।”
मैंने उसे उल्टा कर दिया – उसकी पीठ मेरी तरफ। अब उसकी बड़ी गाँड मेरे लंड के बिल्कुल सामने थी। मैंने अपना लंड जींस से बाहर निकाल लिया – गरम, सख्त और 8 इंच लंबा। उसके जींस के ऊपर से ही उसकी चूत की दरार में फिट कर दिया और जोर-जोर से रगड़ने लगा। साथ ही टी-शर्ट के अंदर हाथ डालकर उसकी नंगी चूचियों को जोर से दबाने लगा।
“उफ्फ्फ… भैया… और जोर से… आह्ह्ह…” प्रिया कराह रही थी और अपनी गाँड पीछे की तरफ धकेल रही थी। मेरी हिम्मत बढ़ गई। चादर के अंदर ही मैंने उसकी जींस का बटन खोला, जिप नीचे की और जींस को उसकी गाँड तक नीचे खींच दिया। अब उसकी बड़ी, गोल और टाइट नंगी गाँड बिल्कुल मेरे सामने थी। सिर्फ एक पतली सी ब्लैक पैंटी उसके गाँड के बीच में फँसी हुई थी।
मैंने दोनों हाथों से उसकी गाँड को फैला कर देखा। प्रिया थोड़ी शरमाई लेकिन अपनी गाँड को और पीछे झुका दिया। अब उसकी बड़ी, गोल और टाइट गाँड बिल्कुल नंगी मेरे सामने थी। सिर्फ एक पतली सी ब्लैक पैंटी उसके गाँड के बीच में फँसी हुई थी।
मैंने दोनों हाथों से उसकी गाँड को फैला दिया। उसकी गुलाबी चूत थोड़ी-थोड़ी भीगी हुई दिख रही थी। मैंने अपना गरम और सख्त लंड उसकी गाँड की दरार में रखा और जोर-जोर से रगड़ने लगा। लंड का सुपाड़ा उसकी चूत के ऊपर से गुजरकर गाँड के छेद तक पहुँच रहा था। साथ ही मैंने उसकी टी-शर्ट ऊपर करके दोनों नंगी चूचियों को जोर से मसलना शुरू कर दिया।
प्रिया अब कंट्रोल खोने लगी थी। “आह्ह्ह… भैया… बहुत मजा आ रहा है… और जोर से रगड़ो ना…” मैंने उसे और भी टाइट से पकड़ लिया। एक हाथ उसकी चूचियों पर तो दूसरा हाथ नीचे ले गया। उसकी चूत के मुँह पर उँगलियाँ फेरने लगा। वो बहुत गीली हो चुकी थी। मैंने धीरे से एक उँगली उसकी चूत में डाल दी।
“आआह्ह्ह… भैया!” प्रिया ने अपना मुँह चादर में दबा लिया ताकि आवाज न निकले। मैं उँगली अंदर-बाहर करने लगा, धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाता हुआ। उसकी चूत एकदम टाइट, गर्म और रस से भरी हुई थी। दूसरी उँगली भी डाल दी और जोर-जोर से हिलाने लगा। प्रिया की गाँड मेरे लंड पर पीछे से दब रही थी। वो खुद अपनी कमर हिला-हिलाकर मेरा लंड महसूस कर रही थी।
थोड़ी देर बाद मैंने उसकी पैंटी को पूरी तरह नीचे खींच दिया। अब उसकी पूरी नंगी गाँड और चूत मेरे सामने थी। मैंने अपना लंड उसकी चूत की दरार में बिल्कुल फिट कर दिया और ऊपर-नीचे रगड़ने लगा बिना अंदर डाले। लंड का सुपाड़ा उसकी क्लिट पर रगड़ रहा था। प्रिया पागल हो रही थी।
“भैया… डाल दो ना… प्लीज… बहुत तड़प रही हूँ मैं…” लेकिन मैं उसे tease कर रहा था।
मैंने उसे उल्टा किया, अब वो मेरी तरफ मुँह करके लेटी थी। हम दोनों एक-दूसरे को देख रहे थे। मैंने उसकी टी-शर्ट ऊपर की और दोनों चूचियाँ पूरी तरह बाहर निकाल लीं। वो गोल-मटोल, टाइट और गुलाबी निप्पल वाली चूचियाँ रात की रोशनी में चमक रही थीं। मैंने एक चूची मुँह में ले ली, जोर-जोर से चूसने लगा, दूसरी को हाथ से दबाता हुआ।
प्रिया मेरे बाल पकड़कर अपनी चूचियों को मेरे मुँह में और धकेल रही थी। “आह्ह्ह… चूसो भैया… और जोर से… उम्म्म्म…”
मैंने नीचे हाथ ले जाकर दो उँगलियाँ फिर से उसकी चूत में डाल दीं और तेज-तेज हिलाने लगा। उसकी चूत से “फुच फुच” की आवाज आ रही थी। प्रिया की साँसें बहुत तेज हो गई थीं। वो अपनी टाँगें फैलाकर मेरे हाथ को पूरा अंदर लेने की कोशिश कर रही थी।
तभी उसकी चूत से एक गहरा रस निकला। वो झड़ गई थी। उसकी पूरी टाँगें काँप रही थीं। मैंने उसका वो गीला रस अपनी उँगलियों से उठाया और उसके मुँह में डाल दिया। प्रिया ने आँखें बंद करके उसे चाट लिया।
अब मैं और कंट्रोल नहीं कर पा रहा था। मैंने उसे फिर से उल्टा किया, उसकी गाँड अपनी तरफ की। अपना लंड उसकी चूत के बिल्कुल मुँह पर रख दिया और धीरे-धीरे अंदर धकेलने लगा।
मेरा 8 इंच लंबा मोटा लंड प्रिया की टाइट चूत में धीरे-धीरे घुस रहा था। पूरा लंड अंदर घुसा देते ही प्रिया की साँसें रुक सी गईं। “भैया… पूरा अंदर चला गया… पेट तक महसूस हो रहा है…”
मैं धीरे-धीरे स्ट्रोक देने लगा। पहले हल्के, फिर तेज। हर धक्के के साथ उसकी गाँड मेरी जाँघों से टकरा रही थी। प्रिया अब पूरी तरह पागल हो चुकी थी। वो अपनी गाँड पीछे की तरफ धकेल रही थी ताकि मेरा लंड और गहराई तक जाए।
“हाँ भैया… चोदो मुझे… अपनी बहन की चूत फाड़ दो आज…” मैंने उसकी चूचियों को और जोर से दबाया। निप्पल को पिंच किया। फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया। पीछे से उसकी चूत में पूरा लंड ठोंक दिया और तेज-तेज धक्के मारने लगा। उसकी गाँड पर जोर-जोर से थप्पड़ मार रहा था।
थोड़ी देर बाद मैंने अपना लंड निकाला और उसकी गाँड के छोटे से छेद पर रख दिया। प्रिया डर गई, “नहीं भैया… वहाँ मत… बहुत छोटा है… दर्द होगा…”
लेकिन मैंने उसका मुँह चादर से दबाया और थूक लगाकर एक जोर का झटका दिया। पूरा लंड उसकी गाँड में समा गया। प्रिया की आँखों से आँसू निकल आए। “आआह्ह्ह… बहुत दर्द हो रहा है…”
मैं अंदर ही रुका रहा, उसे एडजस्ट होने दिया। फिर धीरे-धीरे हिलाने लगा। कुछ देर बाद प्रिया खुद कमर हिलाने लगी। “अब… अब मजा आ रहा है भैया… चोदो मेरी गाँड…”
मैंने आधे घंटे तक उसकी गाँड को पूरी गहराई से चोदा। फिर उसे वापस घुमाया और मिशनरी स्टाइल में उसकी चूत में लंड घुसा दिया। जोर-जोर से चोदते हुए बोला, “अब माल भरने वाला हूँ तेरी चूत में…” प्रिया ने अपनी टाँगें मेरी कमर पर लपेट ली, “हाँ भैया… अंदर ही भर दो… पूरा माल मेरी चूत में डाल दो…”
मैंने आखिरी तेज और गहरे धक्के मारे। लंड को सबसे गहराई तक ले जाकर रोका और गरम-गरम माल का पूरा झटका उसकी चूत के अंदर छोड़ दिया। प्रिया को भी दोबारा झड़ गया। उसकी चूत मेरे लंड को अंदर से कसकर पूरा रस निकाल रही थी।
हम दोनों थककर एक-दूसरे से लिपट गए। मेरा लंड अभी भी उसकी चूत के अंदर ही था। मैंने उसके बाल सहलाए और होठों को चूमा। “मेरी प्यारी बहन… आज तुझे पूरी तरह अपना बना लिया।”
प्रिया मुस्कुराई, “भैया… ये रात कभी नहीं भूलूँगी। जब भी मौका मिले, ऐसे ही चोदना मुझे।”
सुबह होने वाली थी। हम दोनों कपड़े ठीक करके चादर में लिपटकर सो गए।
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