टाइट जींस वाली दीदी की गोरी चूत मे लंड डाला
टाइट जींस पहने गोरी दीदी को अकेले घर में भाई ने किचन में ही खड़ा करके उसकी टाइट गोरी चूत में अपना मोटा लंड एक झटके में डाल दिया। दीदी मना करती रही, लेकिन भाई ने जोर-जोर से चोदते हुए उसका पूरा माल अंदर उड़ेल दिया।

घर में एक अजीब सी चुप्पी थी उस दोपहर। पंखे की आवाज़ के अलावा कुछ नहीं सुनाई दे रहा था। सोनम किचन के काउंटर पर खड़ी पानी पी रही थी।
उसने स्काई ब्लू टाइट जींस पहनी हुई थी जो उसकी गोल गाँड और लंबी जाँघों से चिपककर बैठी थी। ऊपर ब्लैक टाइट टी-शर्ट। टी-शर्ट इतनी फिट थी कि उसके भारी स्तनों की शक्ल साफ़ उभर आई थी। हर साँस के साथ वो हल्के से ऊपर-नीचे हो रहे थे। बाल खुले थे, थोड़े बिखरे हुए। चेहरे पर कोई मेकअप नहीं, फिर भी एक अलग ही गिराव था।
राहुल दरवाज़े पर खड़ा उसे देख रहा था। 21 साल का लड़का, लंबा और कसा हुआ शरीर। पिछले कई महीनों से वो अपनी ही दीदी को इस नज़र से देखने लगा था। आज घर में और कोई नहीं था। और आज वो खुद को रोक नहीं पाया।
वह धीरे से करीब गया। पीछे से जाकर सोनम की कमर में हाथ रख दिए।
सोनम हल्की सी सहम गई। “राहुल? क्या कर रहे हो?”
राहुल ने जवाब नहीं दिया। उसने बस अपनी छाती उसकी पीठ से सटा ली। सोनम को साफ़ अहसास हो गया कि भाई का शरीर गरम था और नीचे कुछ सख्त हो चुका था।
“दीदी…” राहुल की आवाज़ थोड़ी भारी थी। “तुम रोज़ ऐसे कपड़े पहनती हो तो मैं क्या करूँ?”
सोनम ने सिर घुमाकर देखा। “राहुल, पागल मत हो। मैं तुम्हारी दीदी हूँ।”
“पता है,” राहुल ने धीरे से कहा। उसका एक हाथ धीरे-धीरे ऊपर सरकते हुए टी-शर्ट के नीचे चला गया। “लेकिन अब और बर्दाश्त नहीं होता।”
सोनम की साँस अटक गई जब राहुल के हाथ ने ब्रा के ऊपर से उसके स्तन को पकड़ लिया। उसने हल्के से मसला। सोनम का शरीर काँप गया।
“राहुल… छोड़ो…” उसकी आवाज़ में मजबूती थी, लेकिन पूरी नहीं।
राहुल ने दूसरा हाथ भी टी-शर्ट के नीचे कर दिया। दोनों स्तनों को अच्छे से पकड़ लिया और धीरे-धीरे निचोड़ने लगा। “तुम्हारे ये… कितने सॉफ्ट हैं दीदी। रोज़ सोचता हूँ।”
सोनम की आँखें बंद हो गईं। वह कुछ कहना चाहती थी, लेकिन शरीर उसके खिलाफ जा रहा था। राहुल ने टी-शर्ट ऊपर कर दी और ब्रा के हुक खोल दिए। भारी स्तन बाहर आ गए। उसने झुककर एक निपल को मुँह में ले लिया और धीरे से चूसने लगा।
सोनम की कराह हल्की सी निकल गई। “राहुल… ये गलत है…”
“पता है,” राहुल ने निपल छोड़ते हुए कहा। “लेकिन रुक नहीं सकता।”
उसने सोनम को धीरे से घुमाया और काउंटर की तरफ मोड़ दिया। जींस का बटन खोला। जिपर नीचे किया। जींस को जाँघों तक खींच लिया। उसके नीचे ब्लैक पैंटी थी, जो बीच से थोड़ी गीली हो चुकी थी। राहुल ने पैंटी को साइड में किया और उँगली से छूकर देखा।
“तुम भी गीली हो चुकी हो, दीदी।”
सोनम शर्म से कुछ नहीं बोली। राहुल घुटनों के बल बैठ गया और मुँह लगा दिया। पहले धीरे-धीरे चाटा, फिर जीभ अंदर तक ले गया। सोनम की कमर काँप गई। उसका एक हाथ काउंटर को पकड़ने के लिए आगे बढ़ गया।
राहुल ने दीदी की चूत को अच्छे से चाटा। क्लिट को मुँह में लेकर हल्के से चूसा। उँगलियाँ अंदर लेकर धीरे-धीरे हिलाने लगा। सोनम की साँसें तेज़ हो गईं। कभी-कभी हल्की कराह निकल जाती।
थोड़ी देर बाद राहुल उठा। अपनी पैंट खोली। मोटा और सख्त लंड बाहर आया। उसने सोनम के बालों में हाथ डाला और धीरे से उसका सिर नीचे किया। सोनम समझ गई। उसने होठ खोले और लंड को मुँह में ले लिया।
राहुल की आँखें बंद हो गईं। “आह… दीदी…”
सोनम ने पहले धीरे-धीरे चूसा, फिर थोड़ा और अंदर तक लिया। राहुल का हाथ उसके बालों में था, लेकिन जबरदस्ती नहीं कर रहा था। बस महसूस कर रहा था।
कुछ देर बाद राहुल ने लंड बाहर निकाला। सोनम को थोड़ा और आगे की तरफ झुकाया। अपना लंड उसकी गीली चूत पर टिकाया और धीरे से धकेला।
सोनम की कराह निकल गई। “राहुल… धीरे…”
राहुल ने धीरे-धीरे पूरा अंदर तक डाल दिया। फिर रुक गया। दोनों की साँसें तेज़ चल रही थीं। उसके बाद वह हिलने लगा। पहले धीरे, फिर थोड़ा तेज़। हर धक्के के साथ सोनम के स्तन हिल रहे थे। जींस अभी भी उसकी जाँघों तक ही थी।
“दीदी… तुम्हारी… कितनी टाइट है,” राहुल की आवाज़ टूट रही थी।
सोनम अब काउंटर को मजबूती से पकड़े हुए थी। विरोध खत्म हो चुका था। सिर्फ साँसें और कभी-कभी निकलने वाली कराहें बाकी थीं। राहुल ने एक हाथ आगे बढ़ाकर उसके स्तन को पकड़ लिया और निचोड़ने लगा। दूसरा हाथ उसकी कमर पर था।
रफ्तार बढ़ती गई। सोनम का शरीर काँपने लगा। “राहुल… मैं… मुझे…”
राहुल समझ गया। उसने और तेज़ कर दिया। सोनम का शरीर तन गया और वह काँपते हुए चरम पर पहुँच गई। उसकी चूत जोर-जोर से सिकुड़ने लगी। राहुल भी ज्यादा देर नहीं टिक पाया। उसने गहराई तक धंसाए रखा और अपना माल दीदी के अंदर छोड़ दिया।
दोनों वहीं के वहीं रुक गए। सिर्फ साँसें चल रही थीं।
थोड़ी देर बाद राहुल ने धीरे से लंड बाहर निकाला। सोनम अभी भी काउंटर से ही लगी हुई थी। राहुल ने पीछे से उसकी कमर में हाथ डालते हुए कहा,
“दीदी… ये सिर्फ शुरुआत है।”
सोनम ने आँखें बंद रखीं। जवाब नहीं दिया। लेकिन उसके शरीर में अभी भी गरम लहरें दौड़ रही थीं।
शाम होते-होते घर में हल्की सी अँधेरा छा चुका था। सोनम अपने कमरे में थी। उसने नहा लिया था, लेकिन शरीर से अभी भी दोपहर वाली घटना की गरम अनुभूति जाती नहीं थी। उसने सिर्फ एक लूज टी-शर्ट पहन रखी थी। नीचे कुछ नहीं।
दरवाज़ा धीरे से खुला। राहुल अंदर आ गया। उसने दरवाज़ा बंद करके लॉक कर दिया। सोनम ने पीछे मुड़कर देखा। दोनों की नज़रें मिलीं। कोई बात नहीं हुई। राहुल पास आया और बिना कुछ कहे सोनम की टी-शर्ट पकड़कर ऊपर खींच ली।
उसके भारी स्तन फिर से नंगे हो गए। राहुल ने दोनों हाथों से उन्हें पकड़ लिया और जोर से निचोड़ा। इस बार सोनम ने मना नहीं किया। बस साँस भारी हो गई।
राहुल ने उसे बिस्तर पर धकेल दिया। खुद भी ऊपर चढ़ गया। उसने एक स्तन को मुँह में ले लिया और जोर से चूसने लगा। दाँत से हल्के-हल्के काटता था। सोनम की उँगलियाँ उसके बालों में घुस गईं।
“आह… राहुल…”
राहुल नीचे सरक गया। सोनम के पैर फैला दिए और सीधे मुँह लगा दिया। इस बार वो धीरे नहीं कर रहा था। जीभ अंदर तक घुसाकर जोर-जोर से चाटने लगा। उँगलियाँ भी साथ में अंदर कर दीं। सोनम की कमर अपने आप उठने लगी। पानी टपकने लगा।
थोड़ी देर बाद राहुल उठा। अपनी पैंट एक झटके में उतार दी। उसका लंड पूरी तरह तन चुका था। उसने सोनम के पैर उसके कंधों पर रख दिए और बिना किसी चेतावनी के एक जोरदार धक्के के साथ पूरा लंड अंदर घुसा दिया।
सोनम की जोरदार कराह निकली। “आह्ह्ह… राहुल…”
राहुल रुकने वाला नहीं था। उसने दोनों हाथों से सोनम की कमर पकड़ी और जोर-जोर से चोदने लगा। हर धक्का गहरा और भारी था। बिस्तर की चर्र-चर्र आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी। सोनम के स्तन जोर-जोर से हिल रहे थे।
“दीदी… दोपहर वाली चूत से भी ज्यादा गरम लग रही है आज,” राहुल ने दाँतों के बीच से कहा।
सोनम अब बोल नहीं पा रही थी। सिर्फ कराहें निकल रही थीं। राहुल ने उसकी दोनों टाँगें और ज्यादा फैला दीं और और गहराई तक जाने लगा। कभी-कभी पूरा बाहर निकालकर फिर जोर से अंदर धकेल देता।
थोड़ी देर बाद राहुल ने सोनम को पलट दिया। घुटनों के बल कर दिया। पीछे से फिर से लंड अंदर घुसाया और इस बार और तेज़ रफ्तार से चोदने लगा। एक हाथ से उसके बाल पकड़कर सिर पीछे खींच लिया। दूसरा हाथ उसके स्तन पर था।
थप-थप की आवाज़ तेज़ हो गई। सोनम की गाँड हर धक्के के साथ हिल रही थी। राहुल ने एक थप्पड़ उसकी गाँड पर मारा। फिर एक और।
“आह… राहुल… जोर से…” सोनम की आवाज़ में अब मना नहीं, माँग थी।
राहुल ने और रफ्तार बढ़ा दी। वह लगभग पागलों की तरह दीदी को चोद रहा था। पसीना दोनों के शरीर पर चमक रहा था। सोनम का शरीर काँपने लगा। वह चरम के करीब थी।
“राहुल… मैं… आ रही हूँ…”
राहुल ने और जोर लगा दिया। सोनम का शरीर अकड़ गया। उसकी चूत जोर-जोर से सिकुड़ने लगी और पानी की धार निकल गई। राहुल ने उसी दौरान अपना लंड बाहर निकाला और सोनम को फिर से पीठ के बल लिटा दिया।
इस बार उसने सोनम के मुँह के पास लंड ले जाकर कहा, “चूसो।”
सोनम ने मुँह खोला। राहुल ने लंड अंदर डाल दिया और हल्के धक्के मारने लगा। सोनम की आँखों में पानी आ गया, लेकिन उसने रोका नहीं। थोड़ी देर बाद राहुल ने लंड निकाला और फिर से चूत में डाल दिया।
अब वह पूरी ताकत से चोद रहा था। सोनम के पैर उसके कंधों पर थे। राहुल ने झुककर उसके होठों को अपने होठों से दबा लिया। चुंबन के बीच ही धक्के जारी रहे।
सोनम दूसरी बार चरम पर पहुँच गई। इस बार और जोर से। उसकी नखें राहुल की पीठ में धंस गईं। राहुल भी अब अपने नियंत्रण में नहीं था। उसने कुछ गहरे और भारी धक्के मारे और फिर गहराई तक धंसाए रखकर अपना गाढ़ा माल दीदी की चूत में उड़ेल दिया। एक के बाद एक झटके आते रहे।
दोनों वहीं बिस्तर पर गिरे रहे। राहुल अभी भी सोनम के अंदर था। दोनों की साँसें हाँफ रही थीं। पसीने से शरीर चिपक गए थे।
थोड़ी देर बाद राहुल ने धीरे से लंड बाहर निकाला। सोनम की जाँघों के बीच से उसका माल रिस रहा था। राहुल ने बगल में लेटकर सोनम के स्तन पर हाथ रखते हुए कहा,
“अब हर बार जब घर में कोई नहीं होगा… मैं तुम्हें ऐसे ही चोदूंगा दीदी।”
सोनम ने आँखें बंद रखीं। जवाब नहीं दिया। लेकिन उसने राहुल का हाथ अपने स्तन पर से हटाया भी नहीं। कमरे में सिर्फ उनके शरीर की गरम साँसें बाकी रह गई थीं।

