कामवाली की बड़ी चूची और टाइट गांड चोदा - हिंदी सेक्स स्टोरी
घर की कामवाली आंटी की बड़ी-बड़ी चूचियों और टाइट गांड को जोर-जोर से चोदा! 35 साल की मस्त माल को तेल लगाकर खूब पेला, सारी चूत और गांड भिगो दी। एकदम गर्म और बिना रुके वाली चुदाई की पूरी कहानी।
रोहन 23 साल का अमीर घर का लड़का था। उसके पापा बड़े बिजनेसमैन थे, इसलिए घर में पैसे की कोई कमी नहीं थी। घर में रोज काम करने आती थी सुनिता आंटी। सुनिता 35 साल की थी, लेकिन उसका शरीर देखकर कोई भी मर्द पागल हो सकता था। बड़े-बड़े, भरे हुए स्तन, पतली कमर, मोटी-मोटी जांघें और पीछे बहुत मोटी, गोल गांड।
रोहन रोज उसे देखता था। जब वह झाड़ू लगाती, बर्तन मांजती या कपड़े धोती, तो रोहन दरवाजे की दरार से या छिपकर उसे देखा करता था। खासकर जब वह झुककर काम करती, उसकी साड़ी से गांड का आकार साफ दिखता और स्तनों की गहराई नजर आती। रोहन का लंड देखते ही खड़ा हो जाता। कई बार तो वह बाथरूम में जाकर हस्तमैथुन भी कर लेता।
धीरे-धीरे रोहन का हौसला बढ़ा। वह सुनिता के पास जाकर बातें करने लगा। कभी उसके हाथ को छू लेता, कभी कंधे पर हाथ रखकर बात करता। एक दिन जब सुनिता बेडरूम में बिस्तर ठीक कर रही थी, रोहन ने पीछे से जाकर उसकी कमर पकड़ ली। सुनिता चौंक गई और बोली, “रोहन बाबू, ये क्या कर रहे हो?”
रोहन ने कहा, “आंटी, आप बहुत हॉट हो। मुझे आपसे बहुत मन करता है।”
सुनिता डर गई और वहाँ से चली गई।
लेकिन रोहन ने हार नहीं मानी। कुछ दिन बाद जब घर में कोई नहीं था, उसने सुनिता को बुलाया और सीधे बोला,
“सुनिता आंटी, मैं आपको 10 हजार रुपये देता हूँ। बस एक बार मुझे खुश कर दो।”
सुनिता पहले मना करने लगी, लेकिन 10 हजार रुपये सुनकर उसका मन डगमगा गया। आखिर में वह मान गई।
रोहन ने उसे अपने बेडरूम में ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया। उसने सुनिता की साड़ी का पल्लू हटाया और उसके बड़े-बड़े स्तनों को बाहर निकाल लिया। वह दोनों हाथों से जोर-जोर से दबाने लगा। स्तन बहुत नरम और गर्म थे। फिर उसने सुनिता की साड़ी ऊपर की, पैंटी उतारी और उसकी चूत को छूने लगा।
सुनिता शर्म से कांप रही थी। रोहन ने अपनी उंगली उसकी चूत में डाली और अंदर-बाहर करने लगा। सुनिता के मुंह से “उफ्फ… आह्ह” की आवाज निकलने लगी।
रोहन ने अपना पैंट उतारा। उसका लंड पूरा खड़ा था। उसने सुनिता को बेड पर लिटाया, उसके पैर फैलाए और धीरे-धीरे अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया। पहले तो सुनिता दर्द से कराह रही थी, लेकिन धीरे-धीरे उसे भी मजा आने लगा।
रोहन ने उस दिन सुनिता को अच्छे से चोदा। उसके स्तनों को चूसा, दबाया, चूत में उंगली डाली और आखिर में उसके अंदर ही वीर्य निकाल दिया।
उस दिन के बाद दोनों के बीच नियमित संबंध हो गया। रोहन जब चाहता, सुनिता को बुलाता और चोदता।
एक दिन रोहन के मम्मी-पापा किसी रिश्तेदार की शादी में दो दिन के लिए बाहर चले गए। घर में सिर्फ रोहन और सुनिता आंटी रह गए। जैसे ही मम्मी-पापा चले गए, रोहन का मन पूरी तरह से गर्म हो गया।
वह सुनिता के पास गया, उसे जोर से पकड़ लिया और बोला, “आज कोई नहीं है घर में। आज मैं तुझे बहुत जोरदार चोदने वाला हूँ आंटी।”
सुनिता डर गई और बोली, “रोहन बाबू, आज मत करो… थोड़ा आराम से…”
लेकिन रोहन ने कुछ नहीं सुना। उसने सुनिता का हाथ पकड़कर सीधा अपने बेडरूम में ले गया और दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। फिर उसने सुनिता की साड़ी खींचकर पूरी उतार दी। सुनिता अब सिर्फ ब्रा और पैंटी में खड़ी थी।
रोहन ने अलमारी से तेल की बोतल निकाली। उसने सुनिता की ब्रा और पैंटी भी उतार दी। अब सुनिता पूरी नंगी खड़ी थी। रोहन ने अपने हाथों पर भर-भर के तेल लिया और सुनिता के पूरे शरीर पर लगाना शुरू कर दिया।
पहले उसके बड़े-बड़े स्तनों पर तेल लगाया, उन्हें जोर-जोर से दबाया और मसला। फिर पेट, जांघों, गांड और चूत पर भी अच्छे से तेल लगा दिया। सुनिता का पूरा शरीर चमकने लगा।
रोहन ने सुनिता को बेड पर लिटा दिया। उसने उसके स्तनों को चूसना शुरू किया। दाँत से काटा, चूसा और जोर से दबाया। फिर नीचे उतरकर उसकी चूत को जोर-जोर से चाटने लगा। उसकी जुबान अंदर तक डाल रहा था। सुनिता कराह रही थी, “आह्ह्ह… रोहन… धीरे करो… बहुत जोर लग रहा है…”
लेकिन रोहन और जोर से चाटने लगा।
फिर उसने सुनिता के पैर फैलाए और अपना मोटा लंड उसकी चूत में एक ही झटके में पूरा घुसा दिया।
“आआआह्ह्ह्ह!!!! बहुत तेज है… दर्द हो रहा है!!” सुनिता चिल्लाई।
रोहन ने कोई फर्क नहीं डाला। उसने सुनिता के दोनों पैर अपने कंधे पर रखे और बहुत तेज-तेज धक्के मारने लगा। तेल की वजह से लंड आसानी से अंदर-बाहर हो रहा था। हर धक्के में “थप-थप-थप” की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी।
रोहन ने उसे कई पोजीशन में चोदा। पहले मिशनरी में, फिर डॉगी स्टाइल में। डॉगी स्टाइल में उसने सुनिता की मोटी गांड पर जोर-जोर से थप्पड़ मारे। गांड लाल हो गई।
फिर उसने सुनिता को घुटनों के बल बैठाया और अपना लंड उसके मुंह में ठूंस दिया। उसने सुनिता के बाल पकड़कर जोर-जोर से मुंह चोदा।
आखिर में रोहन ने सुनिता की गांड भी चोदनी शुरू की। उसने तेल लगाकर अपना लंड उसकी गांड में धीरे-धीरे घुसाया। सुनिता दर्द से चीख रही थी, “नहीं रोहन… गांड में मत डालो… बहुत दर्द हो रहा है!!”
लेकिन रोहन ने जबरदस्ती पूरा लंड अंदर डाल दिया और जोर-जोर से गांड मारने लगा।
आखिरकार रोहन ने तीन बार झड़ा – पहली बार सुनिता की चूत में, दूसरी बार उसके मुंह में और तीसरी बार उसके स्तनों और पेट पर।
सुनिता पूरी तरह थक गई थी। उसकी चूत और गांड दोनों लाल और सूजी हुई थीं। पूरा शरीर तेल, पसीने और वीर्य से सना हुआ था।
रोहन ने हाँफते हुए कहा, “आंटी, अब जब भी मम्मी-पापा घर से बाहर जाएंगे, मैं तुझे इसी तरह खूब जोर से चोदूंगा।”
सुनिता कुछ नहीं बोल पाई, सिर्फ थककर लेटी रही।
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