कजिन सिस्टर को ब्लैकमेल करके रंडी बना के चोद दिया
बारिश वाली रात में कजिन सिस्टर की रिकॉर्डिंग सुनकर ब्लैकमेल किया और उसे अपनी रंडी बनाकर रातभर दोनों होल फाड़ दिए।

बारिश की आवाज़ बाहर साफ सुनाई दे रही थी। घर के अंदर पंखे की हल्की सी आवाज़ के अलावा कुछ नहीं था।
आर्यन और अनन्या पिछले दो दिन से अकेले थे। माँ-पापा दोनों तरफ के रिश्तेदारों की शादी में गए हुए थे और रविवार देर रात को ही लौटने वाले थे। अनन्या बीए फाइनल ईयर में थी, आर्यन जॉब कर रहा था। दोनों बचपन से एक साथ बड़े हुए थे। घर एक ही था, कमरे अलग-अलग थे, लेकिन दूरी कभी ज्यादा नहीं रही।
उस शाम अनन्या अपने कमरे में फोन पर थी। दरवाज़ा थोड़ा खुला रह गया था। आर्यन पानी लेने गया था तभी अनन्या की आवाज़ उसके कान में पड़ी। वह अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थी, आवाज़ धीमी थी लेकिन साफ:
“नहीं यार… घर वाले रविवार रात को ही आएँगे। तुम शनिवार को आ जाना। मैं अकेली रहूँगी। हाँ… वो वाली काली वाली पहन लूँगी। तुम जो कहोगे वो करूँगी। जोर से करना… मुझे बहुत जोर से चाहिए इन दिनों। चूत में भी, और… हाँ, गाँड में भी एक बार करना। मैं बर्दाश्त कर लूँगी।”
आर्यन वहीं खड़ा रह गया। कुछ सेकंड तक वह सिर्फ सुनता रहा। फिर उसने चुपचाप फोन निकाला और रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। पूरी बात रिकॉर्ड हो गई। अनन्या ने फोन रखा तो आर्यन धीरे से अपने कमरे में चला गया।
रात के लगभग साढ़े नौ बजे अनन्या टीवी देखने बैठक में आई। हल्की सी overnight टी-शर्ट और शॉर्ट्स में थी। आर्यन सोफे पर बैठा था। उसने टीवी बंद कर दिया।
“अनन्या, एक मिनट बैठ।”
अनन्या ने उसकी तरफ देखा। आवाज़ में कुछ था जो सामान्य नहीं लगा। वह बैठ गई।
आर्यन ने अपना फोन निकाला और रिकॉर्डिंग प्ले कर दी। अनन्या की अपनी आवाज़ कमरे में गूँजने लगी। पहले वह समझ नहीं पाई। फिर उसका चेहरा बदल गया। रंग उड़ गया।
“आर्यन… ये… तूने…?”
“हाँ। मैंने रिकॉर्ड कर लिया।”
अनन्या ने फोन छीनने की कोशिश की लेकिन आर्यन ने हाथ पीछे खींच लिया।
“डिलीट कर दे। प्लीज। ये गलती से मुँह से निकल गया।”
आर्यन शांत रहा। बोला, “गलती से नहीं निकला। तूने साफ-साफ बोला है। अगर ये रिकॉर्डिंग मम्मी-पापा को या तेरे बॉयफ्रेंड के दोस्तों में चली गई तो क्या होगा, सोच।”
अनन्या की आँखें भर आईं। वह कुछ देर चुप रही। फिर धीमी आवाज़ में बोली, “क्या चाहिए तुझे?”
आर्यन ने उसकी तरफ देखा। “आज रात। तुझे चाहिए जो तूने अपने बॉयफ्रेंड से कहा था… वो मुझे देना होगा।”
अनन्या ने सिर हिलाया, “नहीं… आर्यन… हम कजिन हैं… ये गलत है…”
“तो रिकॉर्डिंग भेज दूँ?”
लंबी चुप्पी पसरी। बारिश की आवाज़ और तेज़ हो गई थी। अनन्या की साँसें तेज़ चल रही थीं। आँखों में पानी था लेकिन वह रोई नहीं। आखिरकार उसने बहुत धीरे से सिर हिलाया।
आर्यन ने उठकर दरवाज़े की कुंडी लगा दी। फिर अनन्या के पास आकर खड़ा हो गया। उसने उसका हाथ पकड़ा और अपने कमरे की तरफ ले गया। अनन्या बिना बोले पीछे-पीछे चली।
कमरे में आकर आर्यन ने लाइट डिम कर दी। अनन्या खड़ी रही। आर्यन ने पास जाकर उसकी टी-शर्ट के निचले हिस्से को पकड़ा और ऊपर की तरफ उठाया। अनन्या ने हाथ ऊपर कर दिए। टी-शर्ट निकल गई। उसके नीचे सिर्फ ब्रा थी। आर्यन ने ब्रा का हुक खोला। स्तन बाहर आ गए। वह कुछ पल उन्हें देखता रहा, फिर दोनों हाथों से धीरे से पकड़ लिया।
अनन्या की साँस रुक गई। आर्यन ने उसके निप्पल को अंगूठे से सहलाया। फिर झुककर एक निप्पल मुँह में ले लिया। अनन्या की उंगलियाँ मुट्ठी बन गईं। वह कुछ नहीं बोली।
आर्यन ने उसे बिस्तर पर बैठा दिया। शॉर्ट्स और पैंटी दोनों एक साथ नीचे खींच दिए। अनन्या अब पूरी नंगी थी। आर्यन ने अपने कपड़े उतारे। उसका लंड तन चुका था। वह अनन्या के पास आकर उसके घुटनों को अलग किया। उंगली से उसकी चूत सहलाई तो पाया कि वह थोड़ी गीली हो चुकी है।
उसने अपना लंड उसके छेद पर रखा और धीरे से धक्का दिया। अनन्या की माथा सिकुड़ गई। आधा अंदर जाने पर उसने दर्द से दाँत भींच लिए। आर्यन रुका नहीं। पूरा अंदर तक ले गया। फिर धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा।
अनन्या की आँखें बंद थीं। मुँह से हल्की आवाज़ें निकल रही थीं। आर्यन ने उसकी टाँगें अपने कंधों पर रख लीं और रफ्तार बढ़ा दी। हर धक्के के साथ अनन्या का शरीर हिल रहा था। उसके स्तन ऊपर-नीचे हो रहे थे। आर्यन ने एक हाथ से उसका स्तन दबाया और दूसरे से उसके बाल पकड़ लिए।
“जोर से कर… तूने कहा था ना जोर से चाहिए,” आर्यन ने कहा।
अनन्या ने आँखें खोलीं। पानी भरी आँखों से उसे देखा। कुछ नहीं बोली। बस अपने होंठ काट लिए।
आर्यन ने लंड बाहर निकाला। अनन्या की चूत से पानी चमक रहा था। उसने उसे पलट दिया। पेट के बल लिटाया। कूल्हे ऊपर उठाए। थूक लगाकर अपने लंड को उसकी गाँड पर लगाया। धीरे से धकेलना शुरू किया। अनन्या ने तकिया पकड़ लिया। दर्द साफ था।
“आह्ह… निकाल… बहुत दर्द हो रहा है…”
आर्यन ने थोड़ा और अंदर धकेला। फिर रुक-रुक कर धक्के लगाने लगा। एक हाथ से उसकी चोटी पकड़ी हुई थी। अनन्या की साँसें तेज़ थीं। कभी-कभी उसकी आवाज़ तकिए में दब जाती थी।
थोड़ी देर बाद आर्यन ने लंड निकाला और फिर से उसकी चूत में डाल दिया। इस बार और तेज़। अनन्या की कराहें अब साफ सुनाई दे रही थीं। आर्यन ने आखिरी तेज़ धक्के लगाए और उसके अंदर ही पानी छोड़ दिया। गर्म धार अंदर फैल गई।
आर्यन कुछ देर ऊपर पड़ा रहा। फिर लंड निकालकर बगल में लेट गया। अनन्या पेट के बल ही पड़ी रही। उसकी साँसें अभी भी तेज़ थीं। दोनों छेद से हल्का पानी बह रहा था।
आर्यन ने उसकी पीठ पर हाथ रखा और बोला, “रिकॉर्डिंग मेरे पास है। जब तक मैं कहूँ… तू मना नहीं करेगी। समझ गई?”
अनन्या ने तकिए में मुँह गड़ाए हुए धीरे से सिर हिलाया। कमरे में सिर्फ बारिश और दो लोगों की साँसों की आवाज़ बची थी।
रात के लगभग साढ़े ग्यारह बज चुके थे। कमरे में सिर्फ टेबल लैंप की हल्की रोशनी थी। बाहर बारिश अब मध्यम हो चुकी थी, लेकिन बूंदों की आवाज़ अभी भी खिड़की पर साफ सुनाई दे रही थी।
अनन्या अभी भी बिस्तर पर पेट के बल लेटी हुई थी। शरीर ढीला पड़ चुका था। जांघों के अंदर हल्की सी चिपचिपाहट और दर्द दोनों महसूस हो रहे थे। आर्यन बगल में लेटा था। उसका हाथ उसकी पीठ पर था, उंगलियाँ धीरे-धीरे उसकी रीढ़ की हड्डी पर घूम रही थीं।
थोड़ी देर तक दोनों चुप रहे। फिर आर्यन ने कहा—
“पलट।”
अनन्या ने धीरे से करवट बदली। अब वह चित लेटी थी। आर्यन ने उसका चेहरा देखा। आँखों में अभी भी पानी की चमक थी, लेकिन वह रो नहीं रही थी। बस देख रही थी।
आर्यन उठकर बैठा। उसने अनन्या के घुटनों को फिर से अलग किया। उंगली से उसकी चूत सहलाई। वह अभी भी गीली थी, थोड़ी सूजी हुई भी। उसने दो उंगलियाँ अंदर डाल दीं और धीरे-धीरे घुमाने लगा। अनन्या की साँसें फिर से तेज़ हो गईं। उसकी कमर हल्की सी लचकी, लेकिन उसने कोई शब्द नहीं कहा।
“तूने अपने बॉयफ्रेंड से कहा था ना… जोर से चाहिए,” आर्यन बोला। “तो अब जोर से ही होगा।”
उसने उंगलियाँ निकालीं और अपना लंड फिर से उसके छेद पर रखा। इस बार एक ही धक्के में पूरा अंदर तक ले गया। अनन्या की आँखें बंद हो गईं। मुँह से एक लंबी, दबी हुई आवाज़ निकली। आर्यन ने उसकी दोनों टाँगें फैलाकर अपने कंधों पर रख लीं और तेज़ धक्के लगाने शुरू कर दिए। बिस्तर की कराह और शरीर की टकराहट की आवाज़ कमरे में गूँजने लगी।
आर्यन कभी झुककर उसके स्तनों को मुँह में ले लेता, कभी उसके होंठ काटता। अनन्या के नाखून उसकी बाँहों में गड़ रहे थे। दर्द और एक अजीब सी मजबूरी दोनों उसके चेहरे पर साफ थे। लेकिन शरीर प्रतिक्रिया दे रहा था। चूत आर्यन के लंड को हर धक्के पर कस रही थी।
थोड़ी देर बाद आर्यन ने लंड बाहर निकाला। अनन्या की चूत से उसकी और आर्यन की मिलावट बह रही थी। उसने अनन्या को खींचकर बिस्तर के किनारे किया। खुद खड़ा होकर उसके मुँह के सामने अपना लंड ले आया।
“मुँह खोल।”
अनन्या ने आँखें खोलीं। कुछ पल देखा, फिर होंठ खोल दिए। आर्यन ने अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया। पहले धीरे, फिर गहराई तक। अनन्या की आँखों से फिर पानी आ गया। गल-गल की आवाज़ें निकलने लगीं। आर्यन ने उसके बाल पकड़ रखे थे और अपने हिसाब से गति बढ़ा रहा था। कभी पूरा बाहर निकालता, कभी गले तक ठूस देता।
कुछ देर बाद उसने लंड निकाला। अनन्या हाँफ रही थी। लार उसके होंठों और ठुड्डी पर फैली हुई थी। आर्यन ने उसे फिर से पेट के बल लिटाया। इस बार उसने तकिया उसके पेट के नीचे रखा ताकि कूल्हे और ऊपर उठ जाएँ। फिर थूक लगाकर अपना लंड उसकी गाँड पर लगाया।
अनन्या ने तकिया दबा लिया। जब लंड अंदर जाना शुरू हुआ तो उसकी आवाज़ तकिए में दब गई। आर्यन धीरे-धीरे लेकिन लगातार अंदर जाता रहा। पूरा अंदर जाने के बाद उसने रुककर कहा—
“बर्दाश्त कर… तूने खुद कहा था गाँड में भी करना।”
फिर उसने धक्के शुरू कर दिए। पहले धीमे, फिर तेज़। एक हाथ से उसकी चोटी पकड़ी हुई थी, दूसरे हाथ से उसकी चूत में उंगलियाँ घुमा रहा था। अनन्या का शरीर हर धक्के के साथ आगे सरक रहा था। उसकी आवाज़ें अब साफ सुनाई दे रही थीं—दर्द और कुछ और दोनों मिले हुए।
आर्यन ने काफी देर तक गाँड चोदी। फिर लंड निकालकर फिर से चूत में डाल दिया। इस बार वह अनन्या के ऊपर पूरी तरह आ गया। उसकी छाती अनन्या की पीठ से चिपक गई। वह उसके कान में साँस छोड़ते हुए जोर-जोर से धक्के लगा रहा था। अनन्या के स्तन बिस्तर में दब रहे थे।
“बोल… कैसा लग रहा है?” आर्यन ने पूछा।
अनन्या ने तकिए में से जवाब दिया, आवाज़ टूटी हुई—
“बहुत… गहरा… लग रहा है…”
आर्यन ने रफ्तार और बढ़ा दी। कमरे में सिर्फ गीली आवाज़ें और साँसें बची थीं। थोड़ी देर बाद आर्यन की साँसें बहुत तेज़ हो गईं। उसने आखिरी कई जोरदार धक्के लगाए और अनन्या की चूत के अंदर ही दूसरी बार पानी छोड़ दिया। गर्म धार फिर से उसके अंदर फैल गई। उसी समय अनन्या का शरीर भी काँपा। उसकी चूत अनियंत्रित रूप से सिकुड़ने लगी। वह भी पहुँच गई थी।
आर्यन उसके ऊपर कुछ देर पड़ा रहा। फिर धीरे से लंड निकाला। दोनों छेद से सफेद पानी बाहर आ रहा था। अनन्या जैसे की तैसी पड़ी रही। शरीर में शक्ति नहीं बची थी।
आर्यन बगल में लेट गया। उसने अनन्या के गीले बाल चेहरे से हटाए और बोला—
“रिकॉर्डिंग अभी भी मेरे पास है। कल सुबह तक… जब तक मैं कहूँगा, तू तैयार रहेगी। कोई मना नहीं। कोई आवाज़ नहीं। समझ गई?”
अनन्या ने आँखें बंद किए रखीं। बहुत धीरे से सिर हिलाया।
कमरे में लैंप की रोशनी अभी भी जल रही थी। बाहर बारिश रुक-रुक कर गिर रही थी। बिस्तर पर दो शरीर थे—एक थका हुआ और चुप, दूसरा संतुष्ट और शांत। रात अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी, लेकिन इस पल के लिए दोनों रुक गए थे।

