जवान भाभी की टाइट गोरी चूत में लंड डालके चोदा - देसी सेक्स कहानी
जवान भाभी की टाइट गोरी चूत में देवर ने अपना मोटा लंड डालकर जोरदार चुदाई की! बिस्तर पर लिटाकर भाभी की टाँगें फैलाईं और तेज-तेज धक्के मारकर उसकी चूत फाड़ दी। भाभी चीखते हुए मस्ती में झड़ती रही और देवर का लंड गहरी चुदाई का मजा लेती रही।
राहुल 24 साल का युवा था। अच्छी हाइट, फिट बॉडी और शर्मीली मुस्कान वाला। वह अपने बड़े भाई विकास के साथ शहर में रहता था। विकास की शादी को तीन साल हो चुके थे। उनकी पत्नी, यानी राहुल की भाभी — नेहा — 28 साल की बेहद आकर्षक औरत थी।
नेहा का फिगर 38-28-38 का था। गोरी-चिकनी त्वचा, लंबे घने काले बाल, भारी और गोल-गोल स्तन, पतली कमर और सबसे खास — उसकी मोटी, निचली और बेहद आकर्षक गांड। नेहा जब भी साड़ी पहनती थी तो उसकी गांड का उभार साड़ी के नीचे साफ दिखता था। राहुल कई बार चोरी-चोरी उसे देखकर खुद को कंट्रोल नहीं कर पाता था।
शुरू में राहुल नेहा को सिर्फ भाभी मानता था। लेकिन पिछले एक साल से कुछ बदल गया था। विकास ज्यादातर समय बिजनेस के सिलसिले में बाहर रहता था। ऐसे में नेहा और राहुल घर में अकेले ज्यादा समय बिताने लगे थे। नेहा राहुल के साथ बहुत खुलकर बात करती, उसके साथ हंसती-खेलती, कभी उसके कंधे पर सिर रखकर टीवी देखती।
राहुल को नेहा की महक, उसकी नरम छुअन और खासकर जब वह झुककर कुछ उठाती तो उसकी गांड का लहराना — सब कुछ पागल कर देने वाला था।
एक शाम की बात है। बाहर तेज बारिश हो रही थी। विकास फिर से दिल्ली गया हुआ था और तीन दिन बाद आने वाला था। नेहा रसोई में चाय बना रही थी। उसने उस दिन हल्का गुलाबी सलवार सूट पहना था जो उसके शरीर पर बिल्कुल फिट बैठा था। राहुल सोफे पर बैठा लैपटॉप पर काम कर रहा था, लेकिन उसकी नजर बार-बार रसोई की तरफ जा रही थी।
“राहुल, चाय पी ले,” नेहा मुस्कुराते हुए दो कप लेकर आई। उसने राहुल के बगल में बैठते हुए अपना एक पैर मोड़ लिया। सलवार का दुपट्टा थोड़ा सरक गया था और नेहा की गोरी कमर दिख रही थी।
राहुल ने चाय का कप लेते हुए कहा, “भाभी, आज आप बहुत अच्छी लग रही हो।”
नेहा हंसी, “अरे वाह! भाभी को तारीफ करने लगा है मेरा छोटा देवर?” उसने शरारत से राहुल की जांघ पर हाथ रख दिया।
राहुल का शरीर सिहर गया। नेहा का हाथ गर्म था। उसने हिम्मत करके नेहा की आँखों में देखा। “भाभी… सच कहूँ तो… आप रोज-रोज मुझे पागल कर रही हो।”
नेहा की मुस्कान थोड़ी गहरी हो गई। उसने आँखें झुकाईं, लेकिन हाथ हटाया नहीं। “पागल कैसे कर रही हूँ, राहुल?” उसकी आवाज में एक अजीब सी नरमी और चुनौती दोनों थी।
राहुल अब रुक नहीं सका। उसने धीरे से नेहा का हाथ पकड़ा और अपनी जांघ पर दबाया। “भाभी… जब आप चलती हो, जब आप झुकती हो… आपकी वो मोटी गांड… मुझे रात को नींद नहीं आने देती।”
नेहा का चेहरा हल्का लाल हो गया। लेकिन उसने हाथ छुड़ाया नहीं। उल्टा उसने अपनी उंगलियों को राहुल की जांघ पर हल्का-हल्का घुमाना शुरू कर दिया। कमरे में सिर्फ बारिश की आवाज और दोनों की तेज होती सांसें सुनाई दे रही थीं।
नेहा ने धीमी, काँपती हुई आवाज में कहा, “राहुल… ये गलत है… मैं तेरी भाभी हूँ।”
लेकिन उसकी आँखों में जो चमक थी, वो साफ बता रही थी कि वो खुद भी इस गलती को चाहती है। राहुल ने हिम्मत करके नेहा की कमर पर हाथ रख दिया और उसे अपने करीब खींच लिया। नेहा का भारी स्तन राहुल की छाती से टकराया।
“भाभी… मुझे रोक मत। मैं बहुत दिनों से तुम्हें चाहता हूँ,” राहुल ने उसके कान में फुसफुसाते हुए कहा। नेहा ने आँखें बंद कर लीं। उसका सांस तेज हो गया था। उसने धीरे से राहुल का चेहरा अपने हाथों में लिया और बोली, “तो आज रात… भाभी तुझे वो सब देगी जो तू चाहता है… लेकिन धीरे-धीरे… बहुत गहराई से…”
नेहा की ये बात सुनते ही राहुल का दिल जोरों से धड़कने लगा। बारिश बाहर तेज हो चुकी थी, जैसे प्रकृति भी उनके इस पाप को छुपाने में मदद कर रही हो। नेहा ने राहुल की आँखों में गहरी नजर डाली, फिर धीरे से उठकर दरवाजे की तरफ गई और लॉक कर दिया।
वापस लौटकर वह राहुल के सामने खड़ी हो गई। उसकी सांसें तेज थीं। राहुल ने उठकर उसे दोनों हाथों से अपनी बाहों में भर लिया। नेहा का नरम, गर्म शरीर उसके सीने से पूरी तरह चिपक गया।
“राहुल… धीरे करना,” नेहा ने फुसफुसाते हुए कहा, लेकिन उसकी आवाज में वही चाहत थी जो राहुल के अंदर जल रही थी।
राहुल ने नेहा के होंठों पर अपना होंठ रख दिया। पहले हल्का सा किस, फिर धीरे-धीरे गहरा। दोनों की जीभें एक-दूसरे में लिपट गईं। नेहा के मुँह से हल्की सी आह निकली। राहुल का एक हाथ नेहा की पीठ पर था तो दूसरा हाथ धीरे-धीरे नीचे सरकता हुआ उसकी मोटी गांड पर जा पहुँचा।
जैसे ही राहुल ने नेहा की गांड को जोर से दबाया, नेहा काँप उठी। “आह्ह… राहुल… वहाँ मत…” लेकिन उसने खुद अपनी कमर आगे को झुका दी ताकि राहुल की हथेली उसकी गांड के गहरे खांचे में और अच्छे से दब जाए।
राहुल ने नेहा की सलवार का नाडा खोल दिया। सलवार सरककर नीचे गिर गई। नेहा अब सिर्फ हल्के गुलाबी पैंटी और कुरती में खड़ी थी। उसकी मोटी, गोरी जाँघें और भरी हुई गांड देखकर राहुल का लंड पत्थर की तरह खड़ा हो चुका था।
राहुल ने नेहा को उठाकर बेडरूम में ले गया और बेड पर लिटा दिया। नेहा लेटी हुई थी, उसके बाल बिखरे हुए थे, चेहरा शर्म और कामुकता से लाल। राहुल ने अपनी शर्ट उतारी और नेहा के ऊपर चढ़ गया।
उसने नेहा की कुरती ऊपर की। नेहा ने हाथ ऊपर कर दिए। कुरती उतरते ही उसके भारी, दूध जैसे सफेद स्तन ब्रा में कैद थे। राहुल ने ब्रा का हुक खोला और दोनों स्तनों को आजाद कर दिया। “भाभी… आपकी चूचियाँ कितनी बड़ी और सुंदर हैं,” कहते हुए राहुल ने एक स्तन को दोनों हाथों से दबाया और निप्पल को मुँह में ले लिया। नेहा ने कमर उठाकर आह भरी — “उफ्फ… राहुल… धीरे चूसो… आह्ह… हाँ… ऐसे ही…”
राहुल एक स्तन चूसता रहा तो दूसरे को हाथ से मसलता रहा। नेहा की उंगलियाँ राहुल के बालों में फँसी हुई थीं। थोड़ी देर बाद राहुल नीचे की तरफ सरका। नेहा की पैंटी पर एक बड़ा गीला निशान बन चुका था। राहुल ने पैंटी को उतार दिया। नेहा की चूत पूरी तरह साफ, गुलाबी और रस से चमक रही थी। राहुल ने अपनी जीभ से चूत की लकीर पर लिक्का लगाया। नेहा जोर से काँपी।
“आआह्ह… राहुल… क्या कर रहे हो…?” राहुल ने जवाब नहीं दिया। उसने नेहा की दोनों जाँघें फैलाकर पूरी चूत पर मुँह लगा दिया। जीभ अंदर-बाहर करने लगा, क्लिटोरिस को चूसने लगा। नेहा पागल हो रही थी। वह अपनी गांड ऊपर-नीचे करके राहुल के मुँह में चूत दबा रही थी।
“हाँ… और चूसो… मुझे बहुत अच्छा लग रहा है… आह्ह… देवर जी…” कुछ ही मिनटों में नेहा का पहला ऑर्गेज्म आ गया। उसका पूरा शरीर काँप उठा और चूत से गर्म रस बह निकला। राहुल ने सारा रस चाट लिया।
नेहा हाँफ रही थी। उसने राहुल को ऊपर खींचा और उसके होंठों को चूम लिया। फिर उसने राहुल की पैंट का बटन खोला और लंड बाहर निकाल लिया। राहुल का मोटा, लंबा और गाढ़ा लंड देखकर नेहा की आँखें चमक उठीं।
“इतना बड़ा है तेरा…” कहते हुए नेहा ने लंड को हाथ में पकड़ा और धीरे-धीरे सहलाने लगी। फिर वह नीचे झुकी और राहुल के लंड को अपने गर्म मुँह में ले लिया। नेहा बहुत अच्छे से चूस रही थी। गला तक लंड ले रही थी, जीभ घुमा रही थी। राहुल ने उसके बाल पकड़कर मुँह में हल्के-हल्के झटके देने शुरू कर दिए।
लगभग 10 मिनट तक मुंह चुदाई के बाद राहुल ने नेहा को पलट दिया। अब नेहा पेट के बल लेटी थी। उसकी भरी हुई, गोल-मटोल गांड राहुल के सामने थी। राहुल ने दोनों हाथों से नेहा की गांड के मांस को फैलाया। बीच में छोटा सा गुलाबी छेद दिख रहा था। राहुल ने उस पर थूक लगाया और उंगली से घुमाने लगा।
नेहा शर्म से और उत्तेजना से काँप रही थी। “राहुल… वहाँ मत… पहली बार है…” राहुल ने उसके कान में फुसफुसाया, “भाभी… मैं बहुत दिनों से सिर्फ यही चाहता था… आज मैं तुम्हारी ये मोटी गांड जरूर मारूँगा… लेकिन धीरे-धीरे… तुम्हें पूरा मजा दूँगा।”
राहुल ने अपनी जीभ से नेहा की गांड पर लिक्का लगाया। नेहा पूरी तरह चौंक गई। “आआह्ह्ह… राहुल… वहाँ मत… शर्म आ रही है…” लेकिन राहुल रुका नहीं। उसने पूरी जीभ से नेहा की गांड चाटनी शुरू कर दी। नेहा के मुँह से अनियंत्रित आहें निकलने लगीं। राहुल ने उंगली पर थूक लगाकर धीरे से नेहा की गांड में उंगली डाल दी।
“उफ्फ… धीरे… दर्द हो रहा है…” नेहा ने तकिए को जोर से पकड़ लिया। राहुल ने धीरे-धीरे उंगली अंदर-बाहर करना शुरू किया। कुछ देर बाद उसने दूसरी उंगली भी डाल दी। नेहा की सांसें अब बहुत तेज हो चुकी थीं। दर्द के साथ-साथ एक अजीब सा मजा भी उसे महसूस होने लगा था। राहुल ने लंड पर अच्छे से थूक लगाया और फिर उसने लंड की नोक नेहा की गांड के छेद पर रखी।
“भाभी… अब मैं अंदर जा रहा हूँ… relax करो…” राहुल ने धीरे से दबाया। नेहा की गांड बहुत टाइट थी। लंड की नोक अंदर घुसी तो नेहा जोर से चीख उठी — “आआआह्ह्ह… राहुल… बहुत दर्द हो रहा है… निकालो…”
राहुल रुक गया। उसने नेहा की पीठ पर किस किया, उसके बालों को सहलाया और धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया। आधा लंड अंदर चला गया था। नेहा की आँखों से आँसू निकल आए थे, लेकिन वह पीछे हट भी नहीं रही थी।
“हाँ… धीरे… और अंदर…” नेहा ने काँपती आवाज में कहा। राहुल ने एक जोरदार धक्का दिया। पूरा मोटा लंड नेहा की गांड में घुस गया। नेहा की चीख पूरे कमरे में गूंज गई। राहुल ने उसे अपनी छाती से चिपका लिया और स्तनों को दबाते हुए रुका रहा।
कुछ मिनट बाद नेहा का दर्द कम होने लगा। उसने खुद अपनी गांड हिलानी शुरू कर दी। राहुल को सिग्नल मिल गया। वह धीरे-धीरे नेहा की गांड में लंड अंदर-बाहर करने लगा। हर थ्रस्ट के साथ नेहा की आहें बढ़ती जा रही थीं — “आह्ह… राहुल… फाड़ दो मेरी गांड… हाँ… और जोर से…” राहुल की रफ्तार बढ़ती गई। वह अब जोर-जोर से नेहा की गांड चोद रहा था। कमरे में चप-चप की आवाज के साथ नेहा की चीखें और कराहें गूंज रही थीं। राहुल ने नेहा के बाल पकड़कर उसे कुत्ते की तरह चोदा।
“भाभी… तुम्हारी गांड बहुत टाइट और गर्म है… मैं तो पागल हो गया हूँ…” नेहा अब पूरी तरह मस्त हो चुकी थी। वह अपनी गांड पीछे करके राहुल के लंड को और गहराई तक ले रही थी।
राहुल ने नेहा को पलटकर missionary position में लिटा दिया। नेहा की टाँगें उसके कंधों पर रख दीं। इस पोजीशन में नेहा की गांड और भी अच्छे से खुल गई थी। राहुल ने फिर से अपना मोटा लंड नेहा की गांड में घुसा दिया।
अब दोनों एक-दूसरे की आँखों में देख रहे थे। नेहा की आँखों में शर्म, प्यार और बेहद कामुकता थी। राहुल तेजी से गांड मार रहा था। हर धक्के पर नेहा के बड़े स्तन उछल रहे थे। “राहुल… मैं फिर से झड़ने वाली हूँ… हाँ… तेज… तेज चोदो…”
राहुल ने रफ्तार और बढ़ा दी। वह पूरी ताकत से नेहा की गांड फाड़ रहा था। नेहा का पूरा शरीर काँप उठा। उसकी चूत से बिना छुए ही रस निकलने लगा। नेहा जोर से चीखी और दूसरी बार ऑर्गेज्म हो गया।
राहुल भी अब अपने चरम पर था। उसने नेहा की कमर कसकर पकड़ी और आखिरी जोरदार धक्के लगाने लगा। “भाभी… मैं आने वाला हूँ… कहाँ निकालूँ?”
नेहा ने हाँफते हुए कहा, “अंदर… मेरी गांड के अंदर ही डाल दो… पूरा भर दो…” राहुल ने आखिरी बार जोर से धक्का मारा और नेहा की गांड के अंदर ही गरम-गरम वीर्य की मोटी धार छोड़ दी। दोनों एक साथ चीख पड़े। राहुल का लंड नेहा की गांड में फड़कता रहा और वीर्य भरता रहा।
कुछ देर बाद राहुल ने लंड निकाला। नेहा की गांड से वीर्य बाहर निकल रहा था। नेहा पूरी तरह थकी हुई लेकिन संतुष्ट थी। राहुल नेहा के पास लेट गया। नेहा ने खुद को राहुल की छाती से चिपका लिया। उसकी आँखों में आँसू थे।
“राहुल… ये बहुत गलत है… लेकिन मुझे इतना अच्छा कभी नहीं लगा।” राहुल ने नेहा के माथे पर किस किया और कहा, “भाभी… अब से जब भी भैया बाहर जाएंगे… ये गांड मेरी रहेगी।”
नेहा शर्माते हुए मुस्कुराई और धीरे से बोली, “हाँ देवर जी… अब ये गांड सिर्फ तुम्हारी है… जब चाहो, जितनी बार चाहो, जितनी जोर से चाहो… मारना।”
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