सेक्सी रेंटेर भाभी को चोद के भाड़ा वसूला

किराए के बदले जवान सेक्सी किराएदार भाभी ने अपनी टाइट गांड दे दी। पति के बाहर रहते ही लड़के ने उसे बार-बार चोदा – कभी चुट, कभी गांड, अलग-अलग कपड़ों में। पूरी गरम और मजेदार कहानी।

लेखक: Rishi Sen8 मिनट पढ़ने में
सेक्सी रेंटेर भाभी को चोद के भाड़ा वसूला

रोहन 22 साल का जवान और तगड़ा लड़का था। उसके पिता श्री शर्मा सुबह 9 बजे कंपनी के काम पर चले जाते थे और शाम को 7 या 8 बजे घर लौटते थे। उनका मुंबई के अंधेरी इलाके में पुराना लेकिन बड़ा घर था। नीचे बड़ा हॉल था जहां सब बैठते, रसोई थी, दो आरामदायक सोने के कमरे थे और बाहर छोटा बगीचा भी था। ऊपर सीढ़ियों के रास्ते दो छोटे-छोटे अलग कमरे थे, जो उन्होंने किराए पर दे रखे थे।

एक कमरे में एक बूढ़े अंकल रहते थे जो दिन भर बाहर घूमते रहते थे। दूसरे कमरे में नई-नवेली बहू प्रिया और उसका पति अमित रहते थे। अमित टेंट और शामियाना लगाने का छोटा काम करता था। सुबह जल्दी 7 बजे घर से निकल जाता और रात 10 या 11 बजे तक बाहर रहता। कई बार शादी या पार्टी के काम में 2-3 दिन तक घर नहीं आता था।

प्रिया सिर्फ 24 साल की थी। उसका रंग बहुत गोरा था, बाल लंबे और घने काले थे, आंखें बड़ी-बड़ी और आकर्षक थीं। उसके स्तन बड़े और भरे हुए थे, कमर पतली थी और सबसे खास बात उसकी मोटी, गोल और टाइट गांड थी जो हर कदम के साथ हिलती रहती थी।

शादी को सिर्फ 4 महीने हुए थे लेकिन अमित के साथ उसकी रातें बहुत कम और उबाऊ थीं। प्रिया दिन भर ऊपर अकेली रहती। वह रसोई में खाना बनाती, टीवी देखती, खिड़की से बाहर झांकती या कभी-कभी नीचे रोहन को देख लेती।

रोहन कॉलेज खत्म करके घर पर ही पिता की छोटी दुकान संभालता और घर का काम करता था। प्रिया के आने के बाद से उसकी नजर बार-बार ऊपर जाती। जब प्रिया सीढ़ियों से उतरती तो रोहन उसकी जांघों को और जब चढ़ती तो उसकी हिलती गांड को देखकर मन में गर्म खयाल आने लगते। प्रिया भी कई बार जानबूझकर साड़ी या कपड़े थोड़े ढीले करके चलती ताकि रोहन को अच्छा दिखे। दोनों के बीच नजरों का एक चुप्पा खेल शुरू हो चुका था।

एक दिन सुबह पिता काम पर जाते हुए बोले, “रोहन बेटा, आज ऊपर प्रिया वाले कमरे का किराया वसूल कर लेना। मैं शाम को देर से आऊंगा।” रोहन ने हां कर दी। दोपहर 12 बजे वह ऊपर गया। अमित सुबह काम पर चला गया था और पूरा दिन बाहर रहने वाला था।

रोहन ने दरवाजा खटखटाया। प्रिया ने दरवाजा खोला। वह टाइट पीली टॉप और बहुत छोटी ग्रे शॉर्ट्स में थी। टॉप उसके बड़े स्तनों को कसकर दबाए हुए था। शॉर्ट्स उसकी मोटी गांड को अच्छे से लपेट रही थीं।

“नमस्ते रोहन, किराए के लिए आए हो क्या?” प्रिया ने थोड़ा शरमाते हुए पूछा।

रोहन बोला, “हां दीदी, पापा ने आज लेने को कहा था।”

प्रिया का चेहरा उदास हो गया। वह बोली, “अंदर आ जाओ और बैठो। अमित का पैसा अभी तक नहीं आया है। वह बाहर काम पर है, सैलरी लेट आ रही है। कल तक दे दूंगी।”

रोहन ने कहा, “दीदी, पापा इस बात में बहुत सख्त रहते हैं।”

प्रिया ने दरवाजा धीरे से बंद किया और अंदर से चिटकनी लगा दी। फिर वह रोहन के बहुत करीब आई। उसकी सांस तेज चल रही थी। उसने रोहन का हाथ पकड़ा और अपनी मोटी गांड पर रख दिया। नरम और गर्म स्पर्श था।

“रोहन, पैसे अभी नहीं हैं। लेकिन मैं तुम्हें कुछ और दे सकती हूं। मेरी गांड ले लो। आज जितना मन करे चोद लो। बस किराए की बात भूल जाओ।” रोहन का लिंग तुरंत खड़ा हो गया। प्रिया ने झुककर उसकी पैंट का बटन खोला, चेन नीचे खींची और मोटा 7.5 इंच लंबा लिंग बाहर निकाल लिया।

उसने दोनों हाथों से लिंग को पकड़ा, अच्छे से हिलाया और फिर मुंह में ले लिया। वह धीरे-धीरे चूसने लगी। जीभ लिंग के ऊपरी हिस्से पर घुमा रही थी। फिर गहरे तक मुंह में ले जाकर जोर से चूसने लगी। मुंह से लार बाहर निकल रही थी।

रोहन ने प्रिया की टॉप को ऊपर उठाया। ब्रा का हुक खोला और दोनों बड़े स्तन बाहर निकाल लिए। वह दोनों हाथों से स्तनों को जोर-जोर से दबाने लगा। उंगलियां स्तनों में गड़ रही थीं। फिर एक स्तन को मुंह में ले लिया। जीभ से निप्पल घुमाया, हल्का-हल्का काटा और जोर से चूसने लगा। प्रिया कराह रही थी, “आह्ह रोहन… और चूसो… स्तन दबाओ… बहुत अच्छा लग रहा है।”

रोहन ने प्रिया को बेड पर पेट के बल लिटा दिया। शॉर्ट्स को खींचकर पूरी तरह उतार दिया। पैंटी भी नीचे कर दी। अब प्रिया की गांड पूरी तरह नंगी थी। रोहन ने दोनों हाथों से गांड के दोनों हिस्सों को फैलाया और जोर से दबाया। उंगलियों से गांड की नरम चमड़ी खींची। फिर मुंह लगाकर गांड चाटने लगा।

जीभ गांड के छेद के चारों तरफ घुमा रहा था। प्रिया तड़प रही थी और तकिया पकड़कर चीख रही थी, “आह्ह… क्या कर रहे हो… मेरी गांड चाट रहे हो… बहुत गर्मी हो रही है।”

रोहन ने तेल की बोतल ली। अपने लिंग पर अच्छे से लगाया और प्रिया की गांड के छेद पर भी। लिंग का सिरा रखकर धीरे से दबाया। प्रिया ने तकिया काट लिया, “धीरे रोहन… आह्ह… बहुत मोटा है… मेरी गांड फट जाएगी!”

रोहन ने आधा लिंग अंदर किया फिर पूरा धक्का देकर अंदर डाल दिया। फिर तेज-तेज धक्के मारने लगा। हर धक्के पर “पच पच पच” की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। प्रिया चिल्ला रही थी, “हां रोहन… और तेज… मेरी गांड फाड़ दो… पूरा लिंग अंदर डालो!” रोहन ने एक हाथ आगे बढ़ाकर प्रिया की योनि में दो उंगलियां डालीं और तेजी से अंदर-बाहर करने लगा। दूसरे हाथ से उसका स्तन पकड़कर जोर से मसल रहा था।

कुछ देर बाद रोहन ने प्रिया को घुटनों के बल कर दिया। गांड ऊपर थी। वह कमर पकड़कर और भी तेज ठोकने लगा। गांड पर थप्पड़ मारता और फिर दबाता। प्रिया की योनि से पानी बह रहा था। वह जोर से चीखी, “मैं झड़ रही हूं… आह्ह्ह!” उसका पूरा शरीर कांप उठा। रोहन ने भी अपना गर्म वीर्य प्रिया की गांड के अंदर ही छोड़ दिया। दोनों थककर बेड पर लेट गए।

उस दिन के बाद दोनों का छुपा खेल रोज का हो गया। दूसरे दिन प्रिया ने पतली साड़ी पहनी थी। रोहन आया तो प्रिया ने खुद पल्लू नीचे किया। रोहन ने ब्लाउज के हुक खोले, ब्रा हटाई और दोनों स्तनों को बाहर निकाला। वह दोनों स्तनों को हाथों में लेकर मसलने लगा। निप्पल पकड़कर खींचा। फिर मुंह लगाकर एक-एक करके चूसने लगा। प्रिया के स्तन लाल हो गए थे।

रोहन ने साड़ी कमर तक ऊपर उठाई। पैंटी खींचकर उतारी। प्रिया को दीवार से लगाया और पीछे से लिंग अंदर डाला। एक हाथ से स्तन दबाते हुए, दूसरे हाथ से कमर पकड़कर चोदने लगा। प्रिया आईने में देख रही थी और कह रही थी, “और तेज चोदो… मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।”

तीसरे दिन प्रिया ने छोटी स्कर्ट और टाइट शर्ट पहनी थी। रोहन ने स्कर्ट ऊपर की। पहले प्रिया की योनि को अच्छे से चाटा। जीभ अंदर डाली, होंठों से चूसा, उंगली डालकर रगड़ा। प्रिया तड़प रही थी। फिर रोहन ने लिंग डाला और जोर से चोदने लगा। प्रिया की टांगें कंधे पर रख दीं। इस मुद्रा में लिंग बहुत गहराई तक जा रहा था। प्रिया चिल्ला रही थी, “हां… फाड़ दो… और जोर से!”

कई बार प्रिया सिर्फ लाल अंदर का कपड़ा पहनकर तैयार रहती। रोहन आकर पहले उसके स्तनों को दबाता, चूसता, फिर गांड पर थप्पड़ मारता। प्रिया को घुटनों पर बैठाकर मुंह में लिंग देता। बाद में गांड में डालकर चोदता।

एक शाम बालकनी में प्रिया रेलिंग पकड़कर झुक गई। रोहन ने साड़ी ऊपर की, गांड पर थूक लगाया और लिंग डाल दिया। बाहर हवा चल रही थी। रोहन जोर-जोर से ठोक रहा था। प्रिया मुंह पर हाथ रखकर कराह रही थी।

प्रिया एक दिन रोहन से लिपटकर बोली, “रोहन, तुम्हारे साथ मुझे असली मज़ा आता है। अमित से कुछ नहीं मिलता। अब जब भी मौका मिले ऊपर आ जाना। मेरी योनि और गांड दोनों तुम्हारी हैं।”

रोहन भी मौका मिलते ही ऊपर जाता। दोनों घंटों तक चोदाई करते। कभी रोहन प्रिया को गोद में उठाकर चोदता और स्तनों को चूसता। कभी प्रिया ऊपर बैठकर खुद हिलती और रोहन नीचे से गांड दबाता, स्तन मसलता। उंगलियों से गांड के छेद में खेलता।

नीचे बड़े घर में सब कुछ सामान्य चलता रहता। पिता काम से थककर आकर सो जाते। लेकिन ऊपर छोटे कमरे में प्रिया और रोहन की गर्म और लंबी चुदाई का सिलसिला लगातार चलता रहता। अमित के बाहर रहने और पिता के काम पर जाने का पूरा फायदा दोनों उठा रहे थे।

बिना विज्ञापन बेहतरीन अनुभव

हमें विज्ञापन-मुक्त रहने में मदद करें

हम आपका अनुभव खराब नहीं करना चाहते, इसलिए साइट पर कोई Ads नहीं है। इसे साफ-सुथरा रखने में कृपया थोड़ा सपोर्ट करें। ❤️

कहानी
42 देखा गया
4.5 रेटिंग
0 पसंद
0 पसंदीदा
0 कमेंट
लेखक
Rishi Sen
इस कहानी को रेट करें:

कमेंट0

अपनी राय साझा करें

SexStories HQ

भाभी की गांड चुदाई, माँ-बेटे की चुदाई, ससुर-बहू का राज, कुंवारी लड़की की पहली चुदाई, ऑफिस, कॉलेज और हर तरह की हॉट सेक्स स्टोरीज़।

श्रेणियां

    कोई नया चैप्टर मिस न करें!

    जब भी नए सीक्रेट चैप्टर या कहानियां अपलोड होंगी, आपको तुरंत ईमेल अपडेट मिल जाएगा।

    © 2026 SexStoriesHQ. All rights reserved.

    Join TelegramFor latest updates 🚀
    Telegram Icon