सेक्सी माँ की चूची दबाते हुए रात भर चोदा - हिंदी सेक्स स्टोरी
बेटे ने सेक्सी मम्मी की चूची दबा-दबा कर रात भर चोदा। साड़ी में, गांड में, बिना कंडोम… दोनों होल्स पूरी तरह खोल दिए।

पापा तीन दिन के ऑफिस टूर पर गए हुए थे। घर में सिर्फ मम्मी और बेटा आर्यन रह गए थे। आर्यन 23 साल का था, मम्मी सुनीता 42 की। घरेलू औरत, हमेशा साड़ी में रहती थी, बाल खुले, चेहरे पर हल्की थकान लेकिन बदन अभी भी गदराया हुआ।
शाम के 8 बज रहे थे। सुनीता किचन में खाना बना रही थी। साड़ी कमर पर बांधी हुई थी, ब्लाउज टाइट। आर्यन पीछे से आया और बिना कुछ कहे उसके कंधे दबाने लगा।
“मम्मी… थक गई हो क्या?” उसने धीमे से पूछा।
सुनीता मुस्कुराई, “हाँ बेटा, आज बहुत काम था।”
आर्यन के हाथ धीरे-धीरे नीचे सरकने लगे। कमर पर, फिर साड़ी के ऊपर से गांड पर। सुनीता सहम गई।
“आर्यन… ये क्या कर रहा है तू?”
“मम्मी… पापा तीन दिन नहीं हैं। मैं सोच रहा था…” उसने साड़ी थोड़ी ऊपर उठाई और टाइट सफेद चड्डी पर हाथ फेर दिया। “मैं तुम्हें बहुत दिन से देख रहा हूँ।”
सुनीता का चेहरा लाल हो गया। “बेटा… पागल हो गया है क्या? मैं तेरी माँ हूँ!”
आर्यन ने पीछे से चिपक कर अपना लंड उसकी गांड पर रगड़ा। वो पहले से ही हार्ड था। “मैं जानता हूँ। लेकिन आज रात मुझे तुम चाहिए। पूरा।”
सुनीता कुछ नहीं बोली। उसका शरीर काँप रहा था। आर्यन ने मोबाइल निकाला और एक हॉट पोर्न वीडियो चला दी। वीडियो में बेटा अपनी माँ को साड़ी में ही पीछे से चोद रहा था।
“देखो मम्मी… ऐसे,” आर्यन ने कहा और वीडियो दिखाते हुए उसकी चड्डी साइड में सरका दी। उंगली से गीली चूत सहलाने लगा।
सुनीता की साँसें तेज हो गईं। “बेटा… मत कर… ये गलत है…”
लेकिन वो हट नहीं रही थी। आर्यन ने साड़ी कमर तक उठा ली, चड्डी एक तरफ की और अपना लंड उसकी गीली चूत पर रख दिया।
“कंडोम लगाऊँ या बिना?” उसने पूछा।
सुनीता ने आँखें बंद कर लीं। “…बिना।”
आर्यन ने एक झटके में आधा लंड अंदर घुसा दिया। सुनीता जोर से कराह उठी।
“आाह्ह… आर्यन… धीरे…”
आर्यन ने कमर पकड़ ली और जोर-जोर से मारने लगा। साड़ी ऊपर उठी हुई, चड्डी साइड में, मम्मी की गांड थपथपाते हुए पीछे से ठोक रहा था। किचन काउंटर पकड़े सुनीता कराह रही थी।
“मम्मी की चूत कितनी टाइट है… पापा ऐसे नहीं चोदते होंगे,” आर्यन बोला।
“चुप रह… और जोर से… आाह्ह,” सुनीता खुद बोल बैठी।
20 मिनट तक किचन में ही पीछे से चोदता रहा। कभी साड़ी और ऊपर करता, कभी चड्डी पूरी खींच लेता। सुनीता का पहला ऑर्गैज्म आ गया। उसकी जांघें काँप रही थीं।
आर्यन ने लंड बाहर निकाला। “बेडरूम चल मम्मी।”
कमरे में जाकर आर्यन ने एक और वीडियो दिखाई। इस बार मिशनरी में माँ-बेटा। सुनीता बिस्तर पर लेट गई। आर्यन ने साड़ी पूरी खोल दी, ब्लाउज के हुक खोले। भारी बूब्स बाहर आ गए।
उसने कंडोम लगाया इस बार और मम्मी के ऊपर चढ़ गया। पैर कंधों पर रखे और जोर से ठोकने लगा। बूब्स मुँह में लेकर चूस रहा था, काट रहा था।
“मम्मी… तुम्हारी चूत मुझे पागल कर रही है,” आर्यन हांफते हुए बोला।
सुनीता नाखून उसकी पीठ में गड़ा रही थी। “बेटा… और गहरा… हाँ वहाँ… आाह्ह!”
दूसरा ऑर्गैज्म आया। आर्यन ने कंडोम में झड़ गए।
थोड़ा आराम किया। फिर आर्यन ने कहा, “मम्मी, पेट के बल लेट जाओ।”
सुनीता लेट गई। आर्यन उसके ऊपर आ गया। पूरा बदन ढक लिया। अपना लंड उसकी गांड की दरार में रखकर ऊपर-नीचे रगड़ने लगा। गांड की नमी से लंड गीला हो रहा था।
“मम्मी… मैं गांड में डालने वाला हूँ,” उसने धीमे से कहा।
सुनीता ने तकिया दबा लिया। “बेटा… पहली बार है… धीरे करना।”
आर्यन ने साइड टेबल से तेल लिया। गांड के छेद पर अच्छी तरह लगाया, उंगली से अंदर तक मला। फिर लंड का सिर छेद पर रखा और धीरे-धीरे दबाव दिया।
सुनीता की सिसकी निकल गई। “आह्ह… दर्द… आर्यन…”
“सहन करो मम्मी… अभी पूरा जाएगा,” आर्यन ने कहा और एक जोर का धक्का दिया।
आधा लंड गांड में चला गया। सुनीता की आँखों से आँसू आ गए। आर्यन रुका, फिर धीरे-धीरे और अंदर धकेलता गया। पूरा लंड समा गया।
“अब अंदर हूँ मम्मी… तेरी गांड में,” आर्यन ने कहा।
फिर बहुत धीमे धक्के शुरू किए। सुनीता की कराहें दर्द और मजे की मिली-जुली थीं। धीरे-धीरे स्पीड बढ़ी। आर्यन एक हाथ से उसकी चूत सहला रहा था।
“बेटा… अब थोड़ा तेज… आाह्ह,” सुनीता बोल बैठी।
आर्यन ने स्पीड बढ़ा दी। गांड की थप-थप आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। सुनीता का ऑर्गैज्म गांड में लंड रहते हुए ही आ गया। उसकी चूत से पानी निकल आया।
आर्यन ने और 10 मिनट जोर से ठोका फिर गांड में ही वीर्य छोड़ दिया। निकालने पर सफेद गाढ़ा वीर्य छेद से बाहर आने लगा।
दोनों पसीने से तरबतर पड़े थे। आर्यन ने मम्मी के कान में कहा, “ये तो सिर्फ पहली रात है मम्मी। अगले दो दिन और भी अलग-अलग तरीके से चोदूंगा। कभी साड़ी में, कभी ब्लाउज खोल के, कभी कंडोम से, कभी बिना… और गांड भी रोज लूंगा।”
सुनीता हांफते हुए बोली, “बेटा… तूने मुझे बर्बाद कर दिया… लेकिन… मत रुक।”
आर्यन मुस्कुराया और उसका लंड फिर से सख्त होने लगा।
दूसरे दिन दोपहर का समय था। सुनीता ने आज सालवार-कमीज पहनी हुई थी। आर्यन ने फिर से एक पोर्न वीडियो लगाई जिसमें बेटा अपनी माँ को खड़े-खड़े दीवार से सटाकर चोद रहा था।
“मम्मी, आज ऐसे करना है,” आर्यन ने कहा।
सुनीता किचन की दीवार से लग गई। आर्यन ने उसकी सालवार नीचे सरका दी, टाइट चड्डी एक तरफ की और बिना कंडोम के पीछे से लंड घुसा दिया। एक हाथ से उसके बाल पकड़े, दूसरे से बूब्स मसल रहा था।
“आाह्ह बेटा… जोर से… दीवार से सटा के चोदो,” सुनीता खुद मांग रही थी।
आर्यन पोछा मार-मार कर ठोक रहा था। सालवार टखनों तक उलझी हुई थी। 25 मिनट तक खड़े-खड़े चोदा। सुनीता का ऑर्गैज्म आते ही उसकी टाँगें काँपने लगीं। आर्यन ने बाहर निकालकर उसकी गांड पर वीर्य छोड़ दिया।
शाम को सुनीता ने साड़ी पहनी। आर्यन ने कहा, “मम्मी, आज साड़ी में ही लेता हूँ जैसे कल वीडियो में था।”
सुनीता सोफे पर झुक गई। आर्यन ने साड़ी कमर तक उठाई, चड्डी खींच ली और जोर से पीछे से घुस गया। इस बार बहुत रफली। हर धक्के के साथ सुनीता की गांड लाल हो रही थी। थप्पड़ पड़ रहे थे।
“मम्मी की गांड पर थप्पड़ खाते हुए चोद रहा हूँ… मजा आ रहा है?” आर्यन पूछ रहा था।
“हाँ बेटा… और मार… आाह्ह,” सुनीता चिल्ला रही थी।
उसने बीच में साड़ी का पल्लू हटाकर ब्लाउज के हुक खोले और बूब्स बाहर निकाल लिए। एक हाथ से मसलते हुए पीछे से ठोकता रहा। सुनीता दो बार झड़ गई। आखिर में आर्यन ने चूत में ही गाढ़ा वीर्य भर दिया।
रात को बेडरूम में। आर्यन ने एक नया वीडियो दिखाया जिसमें बेटा माँ को पेट के बल लिटाकर ऊपर से सो कर गांड चोद रहा था।
“मम्मी, आज बिल्कुल ऐसे,” उसने कहा।
सुनीता पेट के बल लेट गई। आर्यन उसके पूरे शरीर पर आ गया। अपना लंड उसकी गांड की दरार में रखकर देर तक रगड़ता रहा। फिर तेल लगाया और धीरे से छेद में धकेल दिया।
कल वाली दर्द वाली सिसकी आज कम थी। सुनीता अब सहने लगी थी। आर्यन पूरा वजन डाले हुए धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाता गया।
“बेटा… अब जोर से डाल… गांड पूरी खोल दे,” सुनीता ने तकिया दबाते हुए कहा।
आर्यन ने स्पीड तेज कर दी। गांड की थप-थप और सुनीता की कराहें मिलकर गूंज रही थीं। एक हाथ से उसकी चूत में उंगलियाँ डाले हुए गांड चोद रहा था। सुनीता का जोरदार ऑर्गैज्म आया। आर्यन ने भी गांड में ही छोड़ दिया।
तीसरे दिन सुबह। सुनीता अभी सोई हुई थी। आर्यन ने कंबल हटाया। मम्मी सिर्फ ब्रा-पैंटी में थी। उसने पैंटी साइड में की और सोती हुई मम्मी की चूत में लंड डाल दिया। सुनीता आँख खुलते ही कराह उठी।
“बेटा… सुबह-सुबह…”
“पापा कल आ रहे हैं मम्मी… आज का लास्ट पूरा लेना है,” आर्यन ने कहा और जोर से ठोकने लगा।
सुनीता ने पैर फैला दिए। आर्यन ने उसके दोनों हाथ सिर के ऊपर पकड़ लिए और रफली मिशनरी में चोदा। ब्रा ऊपर सरका कर बूब्स चूस रहा था।
बाद में उसने मम्मी को ऊपर बैठाया। सुनीता खुद उछल-उछल कर लंड ले रही थी। बूब्स उसके चेहरे पर गिर रहे थे। आर्यन निप्पल काट-काट कर चूस रहा था।
दोपहर में एक बार फिर साड़ी में किचन में खड़े-खड़े। शाम को सालवार में डॉगीस्टाइल। रात को लास्ट सेशन में पहले चूत, फिर गांड।
लास्ट में आर्यन ने सुनीता को बिस्तर पर लिटाया और बोला, “मम्मी, आज दोनों होल्स में छोड़ूंगा।”
पहले चूत में जोरदार धक्के देकर वीर्य भरा। फिर तुरंत गांड में डालकर बाकी बचा हुआ भी अंदर उतार दिया। सुनीता पूरी तरह भीगी और भरी पड़ी थी।
दोनों थककर लेटे थे। आर्यन ने मम्मी के बाल सहलाते हुए कहा, “पापा आने के बाद भी… जब वो ऑफिस जाएंगे या बाहर होंगे… तब भी मैं आता रहूंगा। तुम तैयार रहना।”
सुनीता ने आँखें बंद करके कहा, “बेटा… तूने जो शुरू किया है… अब मैं खुद रोक नहीं पाऊँगी। जब भी मौका मिले… ले लेना।”
आर्यन मुस्कुराया। उसका लंड फिर से हार्ड हो रहा था। सुनीता ने खुद हाथ बढ़ाकर उसे पकड़ लिया।
“एक बार और… पापा आने से पहले,” उसने धीमे से कहा।
आर्यन उसके ऊपर चढ़ गया।
तीन दिन पूरे हो गए थे। घर फिर से नॉर्मल होने वाला था। लेकिन माँ-बेटे के बीच जो चल निकला था, वो अब छुपाकर चलता रहने वाला था।

