मालकिन की गोरी चूत में तेल लगाकर चोदा नौकर ने - बड़ी सेक्सी चूत
पतली सिल्क साड़ी वाली सेक्सी मालकिन को नौकर राजू ने मालिश के बहाने जबरदस्ती चोद डाला! तेल लगाकर गोरी चूत और गांड दोनों फाड़ दी। पति बाहर गए तो नौकर बना उनका नया मालिक!
राजू घर का नौकर था। वह तगड़ा, चालाक और कामुक युवक था। उसकी मालकिन प्रिया शर्मा बेहद खूबसूरत और सेक्सी औरत थीं। उनकी उम्र 32 साल थी। उनका रंग गोरा, कमर पतली, स्तन बड़े और गोल, तथा कूल्हे उभरे हुए थे।
वे हमेशा हल्की रेशमी साड़ी पहनती थीं, जिसमें उनका पूरा शरीर साफ़ दिखाई देता था। उनका ब्लाउज भी छोटा और टाइट होता था, जिससे उनकी छाती का गहरा खांचा नजर आता था।
उस दिन उनके पति श्री शर्मा काम के सिलसिले में दिल्ली गए हुए थे। घर में सिर्फ प्रिया और राजू ही थे। शाम का समय था। प्रिया थक गई थीं।उन्होंने राजू को बुलाया।
प्रिया: राजू, आज बहुत थकान हो रही है। मेरी पीठ और कमर में दर्द है। थोड़ी मालिश कर दोगे?
राजू: जी मालकिन, ज़रूर। आप लेट जाइए, मैं तेल ले आता हूँ।
राजू ने गरम सरसों का तेल लिया और बेडरूम में आया। प्रिया बिस्तर पर पेट के बल लेटी हुई थीं। उनकी लाल रंग की पतली रेशमी साड़ी उनके शरीर से चिपकी हुई थी। राजू का लिंग देखते ही खड़ा हो गया।
प्रिया की साड़ी का पल्लू थोड़ा हटाकर राजू ने उनकी चमकदार पीठ पर तेल डाला। फिर अपनी मजबूत उंगलियों से धीरे-धीरे मालिश करने लगा। प्रिया की नरम त्वचा को छूते ही उसे झुरझुरी सी हुई।
प्रिया: आह... राजू... बहुत अच्छा लग रहा है... और जोर से मलो...
राजू का हाथ धीरे-धीरे नीचे की ओर सरकने लगा। उसने साड़ी को थोड़ा और नीचे खिसका दिया। अब प्रिया की नितंबों का ऊपरी हिस्सा दिख रहा था। राजू ने वहाँ भी तेल लगाया और जोर से मलने लगा। प्रिया की साँसें तेज़ होने लगीं।
अचानक राजू ने एक हाथ से प्रिया की कमर मलते हुए दूसरे हाथ को उनके ब्लाउज के अंदर डाल दिया और एक स्तन को जोर से पकड़ लिया। प्रिया: (चौंककर) राजू! क्या कर रहा है? हाथ हटा!
राजू: (गरम स्वर में) मालकिन, आप इतनी गर्म और सेक्सी हैं... मैं कई दिनों से अपने आपको रोक रहा था। आज आपके पति भी घर पर नहीं हैं। मैं आपको पूरी तरह से संतुष्ट कर दूँगा।
प्रिया ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन राजू बहुत ताकतवर था। उसने झटके से प्रिया को करवट देकर सीधा कर दिया। प्रिया की साड़ी खुल चुकी थी। राजू ने तेज़ी से उनके ब्लाउज के हुक तोड़ दिए और दोनों बड़े स्तनों को बाहर निकाल लिया। वह दोनों हाथों से उन्हें मसलने लगा और निप्पलों को चूसने लगा।
प्रिया: उफ़्फ़... राजू... मत करो... यह गलत है... आह...
लेकिन प्रिया का शरीर अब जवाब दे रहा था। उनकी योनि गीली होने लगी थी। राजू ने उनकी साड़ी और पेटीकोट को एक झटके में नीचे उतार दिया। अब प्रिया सिर्फ पैंटी में थीं। राजू ने अपना लुंगी उतारा और अपना मोटा, आठ इंच लंबा लिंग बाहर निकाला, जो तेल से चमक रहा था।
उसने प्रिया की टांगें फैलाईं, पैंटी को एक तरफ किया और तेल लगाकर अपना लिंग उनकी योनि पर रगड़ने लगा। फिर एक जोरदार धक्का मारकर पूरा लिंग अंदर डाल दिया।
प्रिया: आआह्ह्ह... मर गई... बहुत बड़ा है...
राजू ने जोर-जोर से धक्के मारना शुरू कर दिया। मालिश करते हुए ही वह अपनी मालकिन को चोद रहा था। हर धक्के के साथ प्रिया की नितंब हिल रहे थे और उनके स्तन ऊपर-नीचे हो रहे थे।
राजू प्रिया को पूरी ताकत से चोद रहा था। “थप-थप” की आवाज़ कमरे में गूंज रही थी। प्रिया की योनि अब पूरी तरह गीली हो चुकी थी। प्रिया: आह्ह्ह... राजू... धीरे... बहुत तेज़ है... उफ़्फ़...
लेकिन राजू रुकने वाला नहीं था। उसने प्रिया के दोनों पैर अपने कंधों पर रख दिए और और भी गहराई तक धक्के मारने लगा। प्रिया के बड़े स्तन हर धक्के के साथ उछल रहे थे। राजू ने झुककर एक निप्पल मुंह में ले लिया और जोर से चूसने लगा। दूसरे हाथ से दूसरे स्तन को मसल रहा था। प्रिया का शरीर अब उसके काबू में नहीं रहा। वह खुद अपनी कमर ऊपर उठा-उठाकर राजू के धक्कों का जवाब दे रही थी।
राजू ने प्रिया को पलट दिया। अब वह कुत्ते की मुद्रा में घुटनों और हाथों के बल थीं। उनकी नितंब ऊपर थे और योनि पूरी तरह खुली हुई। राजू ने पीछे से एक और जोरदार धक्का मारा। पूरा लिंग एक ही बार में अंदर चला गया।
प्रिया: आआईईई... बहुत गहरा... फट जाएगी...
राजू ने उनकी कमर पकड़कर मशीन की तरह चोदना शुरू कर दिया। कभी वह उनके नितंबों पर थप्पड़ मारता, कभी लटकते स्तनों को नीचे से पकड़कर दबाता। प्रिया की रेशमी साड़ी अब बिस्तर पर बिखरी पड़ी थी।
राजू ने तेल की बोतल उठाई और उनकी गांड के छेद पर तेल डाला। अपनी उंगली से अंदर तेल लगाया और धीरे से उंगली अंदर डालने लगा।
प्रिया: नहीं राजू... वहाँ मत... शर्म आती है...
राजू: आज सब होगा मालकिन... आप मेरी हो आज।
उसने अपना लिंग योनि से निकाला और गांड पर रगड़ने लगा। फिर धीरे-धीरे अपना मोटा सुपाड़ा गांड के छेद में घुसा दिया। प्रिया चीख उठीं, लेकिन दर्द के साथ मजा भी आने लगा था। राजू ने पीछे से दोनों छेदों को बारी-बारी चोदना शुरू कर दिया — पहले योनि, फिर गांड, फिर योनि।
प्रिया अब पूरी तरह गर्म हो चुकी थीं। वह कराह रही थीं — “हाँ राजू... और जोर से... चोद मुझे... आह्ह्ह...”
दोनों का शरीर पसीने और तेल से चमक रहा था। राजू ने प्रिया को और भी जोर से पकड़कर अपनी मालकिन को पूरी रात चोदने की तैयारी कर ली थी।
राजू ने प्रिया को घुटनों के बल से उठाकर बिस्तर के किनारे पर बिठा दिया। उनकी टांगें फैलाकर खुद बीच में बैठ गया और फिर से अपना मोटा लिंग उनकी योनि में घुसा दिया। इस मुद्रा में वह उनके स्तनों को मुंह से चूस भी सकता था और नीचे से जोरदार धक्के भी मार सकता था।
प्रिया अब खुद राजू की गर्दन में बाहें डालकर उसे चूम रही थीं। उनकी जीभ राजू की जीभ से लिपट रही थी। राजू के हाथ उनकी नितंबों के नीचे थे और वह उन्हें ऊपर उठा-उठाकर चोद रहा था।
प्रिया: आह्ह्ह... राजू... गहरा... और गहरा करो... बहुत मजा आ रहा है...
राजू: मालकिन, आपकी योनि तो बहुत रसीली और टाइट है... कितने दिनों से तड़प रही थीं ना... आज मैं आपको पूरी तरह भिगो दूँगा। प्रिया का शरीर एक बार फिर काँपने लगा। उनकी योनि राजू के लिंग को जकड़ रही थी।
प्रिया: राजू... मैं आ रही हूँ... जोर से चोदो... हाँ... आआह्ह्ह्ह...
प्रिया का पहला चरमसुख आ गया। उनकी योनि से रस निकलकर राजू के लिंग और जांघों को गीला कर दिया। लेकिन राजू नहीं रुका। उसने प्रिया को लिटाया और उनके ऊपर चढ़ गया। मिशनरी मुद्रा में वह बहुत तेज़ी से धक्के मार रहा था।
अब राजू की साँसें भी तेज़ हो गई थीं। उसने प्रिया के कान में फुसफुसाया — “मालकिन, मैं भी आने वाला हूँ... अंदर ही छोड़ूँ?”
प्रिया: (आँखें बंद किए, मजा लेते हुए) हाँ... अंदर भर दो... मुझे अपना माल चाहिए...
राजू ने जोर-जोर से आठ-दस धक्के और मारे और फिर अपना गर्म वीर्य प्रिया की योनि के अंदर छोड़ दिया। दोनों थककर एक-दूसरे से लिपटकर लेट गए। प्रिया की साड़ी अब पूरी तरह खराब हो चुकी थी। उनका शरीर तेल, पसीने और वीर्य से गीला था।
लेकिन राजू अभी थका नहीं था। उसने प्रिया के मुँह की तरफ देखा और मुस्कुराते हुए कहा, “मालकिन, अब थोड़ा आराम कर लीजिए... फिर आगे चलते हैं।”
थोड़ी देर बाद राजू ने प्रिया को उठाया और बाथरूम ले गया। शावर खोल दिया। गरम पानी दोनों के शरीर पर गिरने लगा। राजू ने प्रिया को दीवार से सटाकर खड़ा किया और पीछे से फिर से अपना लिंग अंदर डाल दिया। पानी के साथ तेल और रस मिलकर और भी चिकना बना रहा था। प्रिया अब पूरी तरह से वासना में डूब चुकी थीं। वह खुद पीछे अपनी नितंब हिलाने लगी थीं।
प्रिया: राजू... और जोर से... मुझे ऐसी चोदो जैसे कोई रखैल को चोदता है... हाँ... मेरी योनि और गांड दोनों फाड़ दो...
राजू ने उनके बाल पकड़े और घोड़े की तरह बहुत तेज़ी से चोदने लगा। एक हाथ से उनके स्तनों को मसल रहा था, दूसरे हाथ से उनकी क्लिटोरिस को रगड़ रहा था। प्रिया के मुँह से सिर्फ सिसकारियाँ निकल रही थीं — “आह... आह... हाँ... और अंदर...”
फिर राजू ने प्रिया को नीचे घुटनों पर बिठा दिया। शावर के नीचे ही उसने अपना लिंग प्रिया के मुँह में ठोक दिया।
राजू: मालकिन, चूसो... पूरा मुँह में लो...
प्रिया ने आँखें बंद करके राजू का मोटा लिंग मुँह में लिया। वह जोर-जोर से चूस रही थीं, कभी सुपाड़े को जीभ से चाट रही थीं, कभी गले तक ले जा रही थीं। राजू उनके सिर को पकड़कर मुँह चोद रहा था।
थोड़ी देर बाद राजू ने प्रिया को उठाया, उनकी एक टांग को ऊपर किया और शावर के नीचे खड़े-खड़े चोदने लगा। पानी उनके शरीर पर बह रहा था।
राजू: आज से आप मेरी हो मालकिन... जब भी आपके पति बाहर जाएंगे, मैं आपको रोज़ चोदूँगा। प्रिया सिर्फ कराह रही थीं। दोनों का दूसरा चरमसुख एक साथ आया। राजू ने फिर से अंदर ही वीर्य भर दिया।
दोनों बाहर आए। राजू ने प्रिया को बिस्तर पर लिटाया और उनके पूरे शरीर पर तेल की मालिश करने लगा — स्तनों पर, योनि पर, नितंबों पर, हर जगह। प्रिया आँखें बंद किए मजा ले रही थीं।
रात भर राजू ने प्रिया को अलग-अलग मुद्राओं में चोदा — कुत्ते की मुद्रा, घोड़ी बनाकर, चम्मच की मुद्रा और अंत में मिशनरी में बहुत देर तक। हर बार प्रिया चरमसुख के पास पहुँच रही थीं।
सुबह होने वाली थी जब राजू ने आखिरी बार प्रिया की योनि में अपना वीर्य छोड़ा और थककर उनके ऊपर लेट गया। प्रिया: (साँस चढ़ाते हुए, मुस्कुराते) राजू... तू बहुत खतरनाक है... लेकिन आज के बाद तू मेरा पर्सनल मालिश करने वाला और पति भी है... जब तक शर्मा जी बाहर हैं।
राजू मुस्कुराया और प्रिया के स्तनों को एक बार फिर चूस लिया।
हमें विज्ञापन-मुक्त रहने में मदद करें
हम आपका अनुभव खराब नहीं करना चाहते, इसलिए साइट पर कोई Ads नहीं है। इसे साफ-सुथरा रखने में कृपया थोड़ा सपोर्ट करें। ❤️

