सौतेली माँ को चड्डी के छेद से चोदा

सौतेली माँ टाइट ब्लू चड्डी में छेद करके अपनी चूत में उंगली कर रही थी। मैंने कंट्रोल खोकर चड्डी के छेद से ही उसकी चूत और गांड को जोरदार चोदा।

लेखक: Golu Shinde9 मिनट पढ़ने में
सौतेली माँ को चड्डी के छेद से चोदा

मेरी सौतेली माँ सुधा 38 साल की बेहद कामुक औरत थी। वो अक्सर अकेले में उंगलियाँ करके अपनी वासना शांत करती रहती थी, खासकर जब पापा घर पर नहीं होते। मैंने कई बार चुपके से ये सब देखा था।

एक दिन मैंने जो दृश्य देखा, उससे मेरा दिमाग पूरी तरह हिल गया। सुधा बेड पर उल्टी लेटी हुई थी। उसने एकदम पतली नीली चड्डी पहनी हुई थी, जो उसकी मोटी गांड से बिल्कुल चिपकी हुई थी। चड्डी में पहले से ही दो छेद थे — एक चूत के ऊपर और दूसरा गांड के छेद के बीच में। उसकी गुलाबी, तड़पती चूत और गांड का छेद दोनों पूरी तरह दिख रहे थे। सुधा लगातार अपनी उंगलियाँ उन छेदों में डालकर अंदर-बाहर कर रही थी और जोर-जोर से कराह रही थी।

ये देखकर मेरा कंट्रोल पूरी तरह छूट गया। मैं सीधा बेडरूम में घुस गया।

सुधा मुझे देखकर बुरी तरह घबरा गई और बोली, “तुम यहाँ क्या कर रहे हो? चले जाओ बेटा!”

लेकिन मैं रुका नहीं। मैंने कहा, “मुझे पता है माँ, तुम्हें पापा सही से नहीं चोद पाते। लेकिन तुम मुझे एक मौका दो। मैं सही में तुम्हारी तड़पती चूत को शांत कर दूंगा। मैंने पहले ही देख लिया है कि तुमने एकदम मस्त छेद वाली चड्डी पहनी हुई है। मुझे मालूम है ये तुम मुझसे चुदवाने के लिए ही लाई हो। तो मुझे चोदने दो ना।”

सुधा थोड़ी घबराती हुई थी, लेकिन वो भी ये सब करवाना चाहती थी।

मैंने कहा, “दरो मत। बेड पर उल्टा होकर लेट जाओ।”

थोड़ी हिचकिचाहट के बाद वो मान गई और पतली नाइटि पहने हुए गांड की तरफ से उल्टी लेट गई। हाय, उसकी मोटी और गोरी गांड देखकर मेरा लंड अंदर लेने को तड़प रहा था। सुधा उल्टी लेटकर जोर-जोर से अपनी गांड हिलाने लगी और बोली, “बेटा हम्म... हम्म... आह... शी... बेटा... आ मेरे ऊपर।”

अब मैं एकदम उत्तेजित हो गया। मैं उसकी गांड के पास बैठ गया और अपने हाथ से उसकी गांड को सहलाना शुरू किया। फिर जोर से दबाने और मसलने लगा। सुधा बस “आह... स्स... हम्म...” कर रही थी। उसकी मोटी गांड लगभग नाइटि पहनने के बाद भी मेरे हाथ में पूरी आ रही थी। चड्डी की शेप भी पूरी हाथ में आ रही थी। एकदम पतली चड्डी थी जिसमें उसकी गांड चिपकी हुई थी।

फिर मैंने नाइटि को पैर से ऊपर उठाया। हाय, वो नीली चड्डी जो एकदम उसकी गांड से चिपकी हुई थी। उसका बड़ा सा गांड मानो बड़े कद्दू जैसा लग रहा था। मैंने जोर से थप-थप करके उसकी गांड पर थप्पड़ मारे। हाय, क्या ही बात थी।

अब मैं सह नहीं पाया। मैंने अपनी पैंट उतार दी और चड्डी भी उतार दी। मेरा तना हुआ एकदम मोटा लंड, जो लगभग 8 इंच का था, हवा में लहराने लगा।

अब मैं डायरेक्ट उसकी चड्डी में दबी हुई और गांड की तरफ से उल्टी लेटी सुधा के ऊपर लेट गया। मेरा लंड उसकी गांड पर चड्डी के ऊपर से ही रगड़ना शुरू कर दिया। सुधा कराहने लगी, “आह... हम्म... शी... बेटा कितना लंबा और गरम है तेरा लंड... मानो मेरी चेद में जाने को तड़प रहा हो।”

मैं और जोर से रगड़ने लगा। लंड उसकी जांघों पर, गांड पर और चड्डी के ऊपर से छेदों के बीच रगड़ रहा था। क्योंकि उसकी चड्डी बहुत पतली और मस्त थी, जिसमें चूत और गांड के छेद के पास पहले से कट बना था। फिर मैंने अपना मुंह उसकी गांड में घुसाने लगा और जोर से सूंघने और चूसने लगा। सुधा के मुंह से जोर की सिसकियाँ निकलने लगीं, “हम्म... चूस बेटा... मजा आ गया।”

अब मैं पूरी तरह पागल हो चुका था। मैंने कहा, “उठ जा मेरी रंडी माँ अब!”

सुधा उठ गई और दीवार पकड़कर सीधी खड़ी हो गई। मैं एकदम उसके सामने गया और उसके स्तनों को आगे से पकड़कर दबाने लगा। वो जोर से बोली, “दाब जोर से दाब मदरचोद... निचोड़ दे इसे।”

सुधा ने नाइटि पहन रखी थी, बस पतली सी, और अंदर कोई ब्रा नहीं थी। मैंने घुटनों से ऊपर उठाते हुए नाइटि खोल दी। अब मेरे सामने बाप रे! एकदम बड़े-बड़े स्तन हवा में लहराते हुए थे। सुधा अब पूरी नंगी थी, सिर्फ कसी हुई पतली चड्डी में।

मैंने जब उसे पूरा नंगा देखा और इतने बड़े स्तन देखे तो डायरेक्ट उसे किस करने लगा। आगे से किस करते हुए मैं उसके स्तनों पर टूट पड़ा और जितनी जोर से हो सके दबाने लगा। एकदम टाइट तने हुए स्तन थे और उन पर कड़क निप्पल थे। सुधा ने मेरा मुंह पकड़कर और जोर से किस करने लगी और गांड हिलाने लगी।

मैंने उसे लगाकर उसके स्तन चूसना शुरू कर दिया। “आह... शी... बेटा... दूध पी ले मेरा।” ये सुनते ही मैंने निप्पल मुंह में लेकर जोर से स्तन दबाया। दूध की धार मेरे मुंह में आने लगी। मैंने लगभग 10 मिनट तक उसके स्तनों को जोर से दबाता और चूसता रहा। सुधा लगभग मदहोश हो गई और बोली, “सारा दूध पी ले... क्या मेरी स्तनों को छोड़ अब... दर्द हो रहा है।”

अब मैंने कहा, “माँ अब तेरी आगे वाली चेद में उंगली करूंगा जहाँ से तू रोज उंगली करती थी।” सुधा बोली, “रुक चड्डी खोलने दे।” लेकिन मैंने मना किया और बोला, “उसमें तो पहले से छेद बना है और ऊपर से ये चड्डी तेरी गांड में चिपकी हुई है, मेरा एकदम मूड बना रही है।”

मैंने उसकी टांगें फैलाईं और देखा कि चड्डी में छेद के पास पहले से कट था। मैंने अपनी उंगली उसकी आगे की चेद के पास ले जाकर डाली। सुधा तो उंगली डालने से पहले ही उस छेद से पानी बहा रही थी। एकदम गीली गुलाबी और शेव्ड चूत मेरे सामने थी। मैंने कहा, “अरे माँ ये तो पहले से शेव्ड है, तू चुदने को पहले से तैयार थी।” वो शर्माई और बोली, “मत कर... घुसा उंगली।”

मैंने दो उंगलियाँ उसकी आगे की चेद में डालीं। वो आधी गईं और सुधा “उम्म... हम्म...” करने लगी। लेकिन वो आधी से अंदर जा ही नहीं रही थीं। मैंने जोर से धकेला और दोनों उंगलियाँ अंदर चली गईं। सुधा सिसक उठी, “हाय बेटा... हम्म... शी...”

मैंने कहा, “माँ तेरी चेद तो बहुत कड़क है।” उसने कहा, “ढीली कर पूरी आज।” मैंने लगभग 15 मिनट तक उसकी चूत में उंगलियाँ हिलाईं। आखिर में जैसे ही मैंने जोर से हिलाया, सुधा चीखकर जोर से पानी मूत निकाल दी। पूरा फर्श गीला हो गया।

वो बोली, “बेटा अब इसने लंड भी घुसा दे... बहुत हो गई उंगली।”

अब मैंने अपना एकदम मोटा और लंबा लंड उसकी आगे की चेद के सामने रखा। पहले वो खड़े-खड़े टिप को हल्का अंदर घुसाया। सुधा कराहने लगी, “बेटा फट रहा है... दर्द हो रहा है...” लेकिन मेरा लंड इतना मोटा था कि फाड़ के भी अंदर नहीं घुस रहा था। मैंने तुरंत लंड निकाला, बाल पकड़कर उसे झुकाया और पूरा लंड मुंह में डाल दिया। वो “ग्ग्ग... ग्ग्ग...” करने लगी। मानो पूरा लंड गले तक जा रहा हो। मैंने लगभग 10 मिनट तक उसका मुंह चोदा।

अब मेरा लंड एकदम फिसलनदार हो गया। मैंने उसे हाथ से दीवार पकड़ने को कहा और उसकी एक टांग उठा दी ताकि लंड पूरा अंदर जाए। जैसे ही मैंने टांग उठाई, उसकी चड्डी मानो फट जाएगी। मैंने चड्डी में पहले से बने छेद से लंड रखा और पूरा एक बार में ही अंदर घुसा दिया। सुधा जोर से चीखी, “हाय मदरचोद... टांग उठा के एक बार में ही पूरा डाल दिया... मेरी जान निकल गई।”

जैसे-जैसे मैंने स्पीड बढ़ाई, टांग उठाकर पूरा अंदर डालने लगा, वो “फच्च... फच्च...” की जोरदार आवाज के साथ “आह... आह... आह...” करने लगी। इस पोजीशन में मैंने लगभग आधा घंटा चोदा। कभी कंबर पकड़कर पूरा जोर से धक्का लगाता, तो कभी स्तन पकड़कर।

वो बोली, “बेटा अब तो चड्डी उतार... बहुत टाइट है मेरी चड्डी।” मैंने कहा, “माँ इसी नीली चड्डी में मजा है।”

मैंने माँ की आगे की चेद से लंड निकाला, बाल पकड़कर बेड पर फेंक दिया और बोला, “उल्टा लेट जा।” मेरी भूखी लंड के साथ मैं उसके ऊपर चढ़ गया। अब मैंने चड्डी को थोड़ा सरकाया और उसकी गांड के छेद में लंड डालने लगा। वो चौंक गई और बोली, “नहीं बेटा... वो गलत छेद है।” मैंने कहा, “गलत नहीं... सही छेद है... तेरी टाइट गांड की छेद।”

वो बोली, “वहाँ मत डाल बेटा... वो बहुत टाइट छेद है... बहुत दर्द होगा मुझे।” लेकिन मैं मानने वाला नहीं था। मैंने उसके नोक पर लंड रखकर अंदर डालना शुरू किया। सुधा का चेहरा लाल हो रहा था। मैंने और जोर से ट्राई किया लेकिन अंदर गया ही नहीं। यहाँ सुधा के आंसू निकल आए और वो छटपटाने लगी।

तब मैंने उसके गांड को हाथों से फैलाया और गांड के छेद को जीभ से चाटने लगा। उसमें जीभ घुसाई। अब सुधा “उम्म... उम्म...” करके मजा लेने लगी। मैंने गांड के छेद को चिकना बनाने के लिए बहुत सा थूक डाला और अपने लंड पर भी लगाया। इस बार मैं एकदम लटक गया। चड्डी सरकाकर गांड के छेद में लंड डालना शुरू किया। सुधा की “हम्म... हम्म... आह... आह...” आवाज बदल गई। मैंने पूरा लंड एक साथ “फच्च” से अंदर घुसा दिया और जोर से अंदर-बाहर करने लगा।

सुधा बोली, “बेटा... पूरा पेट में लंड जा रहा है... धीरे...” मैंने और स्पीड बढ़ा दी। लगभग 20 मिनट इस पोजीशन में डालता रहा। तब मैं मानो उसके ऊपर सो ही गया और बस मेरा लंड अंदर-बाहर हो रहा था। सुधा अपनी गांड हिलाकर पूरा अंदर तक लंड ले रही थी।

अब वो बोली, “बेटा... अपना वीर्य अब मेरी चूत में ही डाल दे... मुझसे बर्दाश्त नहीं होता... और मुझे प्रेग्नेंट कर दे।”

मैंने स्पीड बढ़ाई। “फच्च... फच्च...” की आवाज और सुधा की “आह... आह...” पूरी कमरे में जोर से होने लगी। तब मेरा लंड का गाढ़ा वीर्य पूरा माँ की चूत में उड़ेल दिया। सुधा “काह... काह...” करने लगी। मैंने लंड निकाला तो चूत से बहुत सा वीर्य बाहर आकर निकलने लगा और गिर रहा था।

मैंने उसको हाथ में लिया और उसके ऊपर ही लेटकर माँ के मुंह में डाल दिया। सुधा जोर से “हम्म... टेस्टी... टेस्टी...” करने लगी और बोली, “मुंह में वीर्य डाल... और डाल दे बेटा।”

लेकिन मैं थक गया था और बोला, “अब दूसरी बार तेरी मुंह में ही डालूंगा रंडी।”

हम दोनों थककर बेड पर ही सो गए।

ये है मेरी मजेदार रंडी सौतेली माँ के साथ स्टोरी। बाद में हमने एक-दूसरे को बहुत बार चोदा, चूसा और दबाया।

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