माँ की चूत चाटकर बहन की गांड चोदी
रात में माँ की रसीली चूत चाटते हुए बहन की टाइट गांड चोदी। माँ नीचे कराह रही थीं और बहन ऊपर चीख रही थी। पूरा परिवार एक जंगली रात में डूब गया।
बारिश मुंबई को पूरी तरह अपनी गिरफ्त में ले चुकी थी। आसमान से पानी की मूसलाधार धारें गिर रही थीं, जैसे आसमान रो रहा हो। सड़कें नदियों में बदल गई थीं, गाड़ियां पानी में फंसी हुई थीं, लोकल ट्रेनें बंद थीं और बिजली चली गई थी। पूरा शहर अंधेरे और ठंड की चादर में लिपटा हुआ था। ऐसे मौसम में शर्मा परिवार का अंधेरी वेस्ट वाला 3BHK फ्लैट पूरी तरह से बंद था।
राकेश शर्मा, 48 साल के पिता, बैंक के मैनेजर थे। शाम को ऑफिस से आकर उन्होंने थोड़ी ज्यादा व्हिस्की पी ली थी। अब वे बेडरूम में लेटे हुए जोर-जोर से खर्राटे भर रहे थे। उनकी नींद इतनी गहरी थी कि बाहर की बारिश की तेज आवाज भी उन्हें जगा नहीं सकती थी।
सुधा शर्मा, 45 साल की मां। उनका गोरा मांसल शरीर बारिश की ठंड में भी गर्माहट बिखेर रहा था। 38 साइज के भारी-भरकम, दूध से भरे स्तन, चौड़ी कमर, मोटी और गोल-गोल गांड – सब कुछ इतना आकर्षक कि कोई भी देखकर ललचा जाए। आज की बारिश ने उनकी हल्की पीली साड़ी को शरीर से पूरी तरह चिपका दिया था। ब्लाउज के अंदर ब्रा की आउटलाइन साफ दिख रही थी।
राहुल, 24 साल का जवान बेटा। 6 फीट लंबा, जिम किए हुए शरीर वाला। चौड़ी छाती, मजबूत बाइसेप्स और कमर में 7 इंच लंबा, मोटा, नसों वाला लंड जो हमेशा खड़ा रहने को तैयार था। पिछले कई महीनों से उसकी नजर मां और बहन पर अलग ढंग से पड़ने लगी थी।
प्रिया, 22 साल की कॉलेज स्टूडेंट बेटी। बेहद सेक्सी फिगर – 34 इंच के भरे हुए गोल स्तन, 28 इंच की पतली कमर और 36 इंच की टाइट, गुलाबी गांड। गोरी चमकदार त्वचा और हमेशा नम रहने वाली चूत। घर में वो छोटे शॉर्ट्स और टाइट टॉप पहनकर घूमती थी, जिससे राहुल का मन बार-बार अशांत हो जाता था।
बारिश की तेज आवाज के बीच तीनों रसोई में इकट्ठे थे। सुधा गैस पर चाय बना रही थी। उनकी साड़ी का पल्लू हट गया था और भारी स्तन ब्लाउज में उभरे हुए थे। राहुल सोफे पर बैठा उन्हें घूर रहा था। उसका लंड पतलून में तनकर दर्द कर रहा था।
राहुल उठा और चुपके से रसोई में पहुंच गया। उसने पीछे से सुधा को कसकर जकड़ लिया। उसकी हॉट सांस मां की गर्दन पर पड़ी। "मम्मी... इस बारिश में बहुत ठंड लग रही है... आपकी गर्माहट चाहिए मुझे..." कहते हुए उसने दोनों हाथ आगे बढ़ाकर सुधा के भारी स्तनों को ब्लाउज के ऊपर से ही जोर-जोर से मसलना शुरू कर दिया।
सुधा सिहर उठी। उसका शरीर कांप गया। "राहुल बेटा... छोड़ो... ये क्या कर रहे हो? मैं तुम्हारी मां हूं... आह..." लेकिन उसकी आवाज में विरोध कम और उत्तेजना ज्यादा थी। उसकी चूत पहले से ही गीली होने लगी थी।
राहुल ने एक हाथ से ब्लाउज के हुक खोल दिए। ब्रा को नीचे सरकाया और दो बड़े, भारी, गुलाबी निप्पल्स वाले स्तन बाहर आ गए। उसने एक स्तन को मुट्ठी में भरकर मसलना शुरू किया और दूसरे को मुंह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगा। जीभ से निप्पल घुमाता, हल्के से काटता। सुधा के मुंह से अनायास आह निकल गई – "आहह... राहुल... धीरे बेटा... उफ्फ... मजा आ रहा है..."
तभी प्रिया चाय लेने रसोई में आ गई। दरवाजे पर खड़ी होकर उसकी आंखें फट गईं। भैया मां के स्तन चूस रहा था और मां की आंखें बंद थीं, कराह रही थीं। प्रिया का चेहरा लाल हो गया, लेकिन उसकी चूत भी गर्म और गीली होने लगी।
सुधा ने आंखें खोलीं और प्रिया को देखा। उत्तेजना के नशे में सुधा ने कहा, "प्रिया बेटी... आ जा ना... खड़ी-खड़ी क्या देख रही है? आकर मम्मी की मदद कर... आज मम्मी को बहुत गर्मी हो रही है... तुम भी चूसो इन चूचियों को..."
प्रिया झिझकी, लेकिन मां की उत्तेजित आवाज और माहौल देखकर उसके पैर खुद-ब-खुद आगे बढ़ गए। उसने मां के दूसरे स्तन को हाथ में लिया, पहले हल्के से दबाया, फिर मुंह लगाकर जोर से चूसने लगी। सुधा अब दोनों बच्चों के बीच फंसकर तड़प रही थी – "हां बेटी... जोर से चूसो... राहुल बेटा, नीचे देखो... मम्मी की चूत बहुत गीली हो गई है..."
राहुल ने सुधा की साड़ी का फंदा खोला। पेटीकोट और पैंटी एक साथ नीचे सरका दी। मां की घनी काली बालों वाली, मोटी, गुलाबी और अब पूरी तरह रस से लथपथ चूत सामने थी। राहुल घुटनों के बल बैठ गया और जीभ से पूरी चूत चाटने लगा। क्लिटोरिस को चूसता, जीभ अंदर डालकर घुमाता। सुधा कमर हिलाने लगी – "आह... बेटा... खा जाओ मम्मी की चूत... प्रिया और जोर से चूसो..."
कुछ देर बाद तीनों बेडरूम में चले गए। राकेश अभी भी गहरी नींद में थे। राहुल ने सुधा को बेड पर चित्त लिटा दिया। फिर प्रिया को मां के ठीक ऊपर पेट के बल लिटा दिया। अब दोनों मां-बेटी एक के ऊपर एक। राहुल के सामने दो रसीले चेद थे – नीचे मां की गीली चूत और ऊपर बहन की टाइट गुलाबी गांड। दोनों जगह से रस टपक रहा था।
राहुल पागल हो गया। उसने अपना मोटा लंड हाथ में लिया, अच्छे से सहलाया, थूक लगाया और पहले मां की चूत में एक जोरदार धक्का मारा। पूरा 7 इंच अंदर तक चला गया। सुधा जोर से चीख पड़ी – "आआहहह... राहुल... मेरी चूत फट गई... धीरे बेटा..."
साथ ही राहुल ने प्रिया की गांड में मुंह घुसा दिया। जीभ से जोर-जोर से चाटने लगा, अंदर जीभ डालने की कोशिश करने लगा। एक हाथ से मां की भारी चूचियों को दबाता और थप्पड़ मारता रहा। पूरे कमरे में चुदाई की आवाजें गूंज रही थीं – चप-चप... थप-थप... आह... उmm... sss... हां बेटा... और तेज...
राहुल ने मां की चूत में कुछ देर पेलाई की। फिर उसने मां को उल्टा कर दिया – पेट के बल। सुधा की मोटी गांड ऊपर उठ गई। राहुल ने लंड पर थूक लगाया और मां की गांड में भी घुसा दिया। "आआह... बेटा... गांड फाड़ दी... उफ्फ..." सुधा चीखी। प्रिया नीचे मां की चूत चाट रही थी। राहुल मां की गांड में जोर-जोर से धक्के मार रहा था।
फिर राहुल ने प्रिया को सुलाया। उसकी एक टांग ऊपर उठाई और साइड पोजीशन में बहन की चूत में घुस गया। प्रिया कराह रही थी – "भैया... गहराई तक... हां..."
इसके बाद राहुल ने प्रिया को उल्टा कर दिया – पेट के बल। बहन की टाइट गांड ऊपर थी। राहुल ने लंड की नोक रखी और पूरा मोटा लंड अंदर धकेल दिया। प्रिया जोर से चीखी और रोने लगी। राहुल ने नीचे से उसकी चूचियों को जोर से दबाते हुए पूरी गहराई तक चोदा।
लगभग आधा घंटा तक लगातार तेजी से गांड मारी। प्रिया नीचे से अपनी चूत में उंगलियां डालकर बेसब्री से झड़ने का इंतजार कर रही थी – "भैया... तेज... मैं मर जाऊंगी... आहह..."
राहुल ने आखिरकार दोनों के मुंह में अपना गर्म वीर्य उछाल दिया। सुधा और प्रिया ने लपलपाकर सब पी लिया।
रात भर तीनों जंगली जानवरों की तरह चुदाई करते रहे – डॉगी स्टाइल, मिशनरी, 69, साइड – हर पोजीशन में। सुबह होने तक तीनों थककर चूर हो चुके थे, लेकिन चेहरों पर संतुष्टि थी।
सुधा ने थककर कहा, "ये हमारा परिवार का सबसे गहरा राज रहेगा... हम तीनों अब एक-दूसरे के हैं। बारिश जैसे... जितनी तेज, उतना ही मजा।" राहुल और प्रिया ने मुस्कुराते हुए मां को चूम लिया।
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