जब ससुर ने बहू को रंडी बना दिया

एक रात ससुर ने बहू को इतना चोदा कि वह खुद रंडी बनने को तरसने लगी। चूत फाड़ी, गाँड ली… अब हर रात बहू ससुर की निजी हवस की प्यासी कुतिया बन जाती है!

लेखक: Aanya Sharma6 मिनट पढ़ने में
जब ससुर ने बहू को रंडी बना दिया

रात के सवा दो बज रहे थे। पूरा घर सन्नाटे में डूबा हुआ था। रवि तीन दिन के ऑफिस टूर पर गया हुआ था। बहू मीरा (28) अपने बेडरूम में करवटें बदल रही थी। बदन में एक अजीब सी गर्मी दौड़ रही थी। उसने सिर्फ एक पतली सफेद नाइटी पहनी थी, जो उसके भारी, गोल स्तनों को मुश्किल से ढक पा रही थी। निप्पल्स पहले से ही सख्त हो चुके थे और नाइटी के पार साफ दिखाई दे रहे थे। जांघों के बीच एक गीली गर्मी फैल रही थी।

वह पानी के बहाने बाहर निकली। ड्राइंग रूम में हल्की सी लाइट जल रही थी। वहाँ उसके ससुर, राजेश शर्मा (52), सोफे पर बैठे थे। उन्होंने सिर्फ एक ढीली काली लुंगी पहनी थी, ऊपर कुछ नहीं। उनका मजबूत, थोड़ा बालों वाला सीना, चौड़े कंधे और लुंगी के नीचे साफ उभरता हुआ मोटा, लंबा उभार… मीरा की निगाहें वहीं अटक गईं।

राजेश ने उसे देखते हुए धीमी आवाज में कहा, “मीरा… अभी तक नहीं सोई?”

मीरा थोड़ी शर्माते हुए पास आई। “नहीं पापा… नींद नहीं आ रही।”

राजेश ने उसे ऊपर से नीचे तक घूरा। उनकी आँखों में वही भूख थी जो पहले कई बार छुपी रहती थी, लेकिन आज रात अलग थी। उन्होंने हाथ बढ़ाकर मीरा की पतली कमर पकड़ ली और धीरे से अपनी तरफ खींच लिया।

“इतनी गर्म बॉडी है तेरी…” उन्होंने उसके कान में फुसफुसाया। “रवि तुझे सही से चोदता भी है या नहीं? इतनी जवानी यूँ ही बर्बाद हो रही है।”

मीरा की साँस तेज हो गई। उसकी चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी। “पापा… ऐसे मत बोलो…”

राजेश ने उसका चेहरा दोनों हाथों से पकड़ा और जोर से उसके होठों पर अपना मुँह रख दिया। जीभ अंदर घुसा दी—गहरी, गीली, गंदी चुंबन। मीरा भी जवाब देने लगी। उनकी जीभें एक-दूसरे से लिपट गईं। राजेश के हाथ ने उसकी नाइटी ऊपर खींच ली। उसके 36D के भरे-भरे, नरम, भारी स्तन बाहर निकल आए। निप्पल्स गहरे भूरे और सख्त।

राजेश ने एक निप्पल मुँह में ले लिया और जोर से चूसने लगे। दाँतों से हल्का काटा, जीभ से गोल-गोल घुमाया। मीरा की आह निकल गई। “आह्ह्ह… पापा… जोर से चूसो…”

दूसरे हाथ से उन्होंने उसकी जाँघों के बीच हाथ डाल दिया। नाइटी के अंदर पैंटी को साइड करके दो मोटी उंगलियाँ सीधी उसकी गीली, टाइट चूत में घुसा दीं। अंदर की दीवारें पहले से ही फिसलन भरी थीं।

“इतनी गीली है… आज तो पूरी रंडी बन गई है तू।” राजेश ने उंगलियाँ अंदर-बाहर करने लगे, बीच-बीच में अंगूठे से उसकी चूत के ऊपरी हिस्से को रगड़ते हुए। मीरा की कमर अपने आप हिलने लगी। उसकी चूत की दीवारें उंगलियों को कसकर पकड़ रही थीं।

“पापा… प्लीज… चोद दो मुझे…” मीरा ने धीमी, काँपती आवाज में कहा। “बहुत जल रही है अंदर…”

राजेश ने उसे सोफे पर लिटा दिया। नाइटी पूरी तरह उतार दी और पैंटी भी फाड़कर फेंक दी। मीरा बिल्कुल नंगी लेटी थी—बड़े स्तन फैलाए हुए, मोटी गोल गाँड थोड़ी ऊपर उठी हुई, चूत चमक रही थी अपने रस से। जाँघें हल्की-हल्की काँप रही थीं।

राजेश ने अपनी लुंगी खोल दी। उनका लंड बाहर निकला—लगभग साढ़े आठ इंच लंबा, मोटा, नसों से भरा हुआ, सिर पूरा लाल और ऊपर से पहले ही पानी टपक रहा था। मीरा की आँखें फैल गईं।

“इतना… बड़ा…” उसने धीरे से कहा और हाथ बढ़ाकर उसे पकड़ लिया। गर्म, कठोर और धड़कता हुआ।

राजेश ने उसके बालों में हाथ डालकर उसके मुँह की तरफ खींचा। “ले मुँह में… पूरी तरह चूस।”

मीरा ने उनके मोटे लंड को मुँह में ले लिया। पहले सिर्फ सिर चूसा, जीभ से चारों तरफ चाटा, फिर धीरे-धीरे अंदर ले जाने लगी। गला तक पहुँचाने की कोशिश की। राजेश के हाथ उसके बालों में थे, हल्के-हल्के धक्के मारते हुए। लार टपकने लगी उसके मुँह से।

थोड़ी देर बाद राजेश ने उसे पीछे घुमाया। मीरा को कुत्ते की तरह खड़ा कर दिया—हाथ सोफे पर, गाँड ऊपर उठी हुई। राजेश ने अपना मोटा लंड उसकी चूत के मुँह पर रगड़ा, रस से पूरी तरह गीला किया, फिर एक ही जोरदार धक्के में आधा अंदर तक घुसा दिया।

“उह्ह्ह्ह फकक्क!” मीरा जोर से चीखी। उसकी चूत की दीवारें फटने के करीब थीं।

राजेश ने धीरे-धीरे बाकी हिस्सा भी अंदर धकेला। पूरा लंड उसकी चूत में समा गया। फिर उन्होंने जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। हर धक्के के साथ उनके अंडकोष उसकी चूत से टकरा रहे थे। थप्पड़-थप्पड़ की आवाज पूरे कमरे में गूँज रही थी।

“तेरी ये चूत रवि से कहीं ज्यादा टाइट है… आज इसे फाड़ दूँगा,” राजेश ने हाँफते हुए कहा। एक हाथ से उसके बाल पकड़े हुए थे, दूसरे हाथ से उसकी गाँड पर जोर-जोर से थप्पड़ मार रहे थे।

मीरा पागल हो चुकी थी। “हाँ पापा… फाड़ दो… जोर से चोदो… और अंदर… और गहरा… आह्ह्ह…”

राजेश ने रफ्तार और बढ़ा दी। उनका मोटा लंड उसकी चूत को बार-बार चीरता हुआ अंदर जा रहा था। मीरा की गाँड लाल हो चुकी थी थप्पड़ों से। उसके स्तन हवा में झूल रहे थे।

थोड़ी देर बाद राजेश ने पोजीशन बदली। मीरा को ऊपर बिठाया—काउगर्ल। मीरा ने खुद उनके पूरे लंड पर बैठकर ऊपर-नीचे होना शुरू किया। उसके भारी स्तन राजेश के मुँह पर उछल रहे थे। राजेश ने दोनों स्तन पकड़कर जोर-जोर से चूसने शुरू कर दिए, निप्पल्स को दाँतों से काटते हुए।

मीरा का पहला ऑर्गेज्म आ गया। उसकी चूत ने राजेश के लंड को जोर से जकड़ लिया, गर्म रस निकलने लगा। “मैं आ गई पापा… आhhhh… पूरी…”

राजेश ने उसे उलटा दिया। अब मिशनरी पोजीशन। उन्होंने उसके दोनों पैर अपने कंधों पर रखे और पूरा वजन डालकर चोदने लगे। इतना गहरा कि मीरा को लग रहा था लंड उसके पेट तक जा रहा है। हर धक्के के साथ सोफा चरमरा रहा था।

“अब इसके अंदर झाड़ूँगा…” राजेश ने कहा।

“हाँ… अंदर डाल दो… पूरा… अपनी बहू की चूत भर दो पापा…” मीरा ने आँखें बंद करके कहा।

राजेश के धक्के और तेज हो गए। फिर एक आखिरी गहरे स्ट्रोक के साथ उन्होंने अपना पूरा गर्म, गाढ़ा वीर्य उसकी चूत के अंदर उड़ेल दिया। धार की धार जाती रही उसके गर्भाशय तक। मीरा भी साथ में दूसरी बार झड़ गई। उसका पूरा शरीर काँप रहा था।

दोनों हाँफते हुए पड़े रहे। राजेश का लंड अभी भी उसकी चूत में था, धीरे-धीरे नरम हो रहा था। उनका गाढ़ा वीर्य उसकी जाँघों पर बह रहा था।

राजेश ने उसके कान में धीरे से कहा, “कल रात फिर… इस बार तेरी गाँड भी लूँगा। तैयार रहना।”

मीरा ने मुस्कुराते हुए उनकी लंड को अंदर से कस लिया। “जैसा आप कहो, पापा…”

अगली रात। रवि अभी भी ऑफिस टूर पर ही था। घर फिर से सन्नाटे में डूबा हुआ था। रात के करीब डेढ़ बज रहे थे। मीरा अपने बेडरूम में लेटी हुई थी, लेकिन नींद कहीं नहीं आ रही थी। कल रात की यादें बार-बार आँखों के सामने घूम रही थीं—राजेश का मोटा लंड, उसकी चूत में गहराई तक घुसते हुए, और आखिर में वह गर्म वीर्य जो अभी भी अंदर महसूस हो रहा था।

उसने आज एक और भी पतली काली नाइटी पहन रखी थी। नीचे कुछ नहीं। सिर्फ नाइटी। उसके भारी स्तन नाइटी के पार साफ उभर रहे थे और निप्पल्स पहले से ही सख्त थे।

अचानक बेडरूम का दरवाजा धीरे से खुला। राजेश अंदर आए। उन्होंने आज सिर्फ एक तौलिया कमर में बाँधा था। तौलिया के नीचे उनका लंड पहले से ही आधा सख्त था और साफ उभर रहा था।

“सो नहीं पाई?” उन्होंने धीमी आवाज में पूछा।

मीरा ने सिर हिलाया। “नहीं पापा… इंतजार कर रही थी।”

राजेश ने दरवाजा बंद किया और पास आकर उसके पास बैठ गए। उनका हाथ सीधे उसकी जाँघ पर रखा, फिर धीरे-धीरे ऊपर सरकाते हुए उसकी नाइटी के अंदर चला गया। उंगलियाँ उसकी पहले से गीली चूत पर फिर गईं।

“कल रात की बात याद है न?” उन्होंने कान में फुसफुसाया। “आज तेरी गाँड लूँगा।”

मीरा की साँस अटक गई। “पापा… वो… बहुत बड़ा है आपका… दर्द होगा…”

“दर्द भी मजा देगा।” राजेश ने कहा और उसे बिस्तर पर लिटा दिया। नाइटी ऊपर खींचकर पूरी तरह उतार दी। मीरा बिल्कुल नंगी हो गई। राजेश ने तौलिया भी खोल दिया। उनका लंड पूरी तरह तन चुका था—साढ़े आठ इंच, मोटा, नसों से भरा, सिर चमक रहा था।

पहले उन्होंने मीरा को चूमा। गहरी, लंबी चुंबन। फिर उसके स्तनों पर मुँह लगाया। दोनों निप्पल्स को बारी-बारी से चूसा, काटा, जीभ से घुमाया। मीरा कराहने लगी।

राजेश ने उसके पैर फैलाए और मुँह उसकी चूत पर लगा दिया। जीभ अंदर तक घुसाई, चूसने लगे। मीरा की कमर उछलने लगी। “आह्ह्ह पापा… जीभ और अंदर…”

थोड़ी देर चूत चाटने के बाद राजेश ने उसे पलटा दिया। मीरा को घुटनों और हाथों के बल खड़ा कर दिया—गाँड पूरी तरह ऊपर उठी हुई। राजेश ने दोनों हाथों से उसकी गोल, मुलायम गाँड के गाल फैलाए। बीच में वह गुलाबी, टight छेद साफ दिख रहा था।

उन्होंने थूक अपनी उंगली पर लगाया और धीरे से उसके गाँड के छेद में एक उंगली घुसा दी। मीरा सहम गई। “उह्ह्ह… पापा…”

“ढीला कर… साँस ले,” राजेश ने कहा और उंगली धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगे। थोड़ी देर बाद दूसरी उंगली भी डाल दी। मीरा की गाँड हिलने लगी। दर्द के साथ एक अजीब सी गर्मी फैल रही थी।

जब छेद थोड़ा ढीला हुआ तो राजेश ने अपने लंड पर थूक लगाया, फिर मीरा की चूत से निकलने वाले रस को भी लगा लिया। उन्होंने लंड का मोटा सिर उसके गाँड के छेद पर रखा और धीरे से दबाव डाला।

“आह्ह्ह्ह… रुको पापा… बहुत मोटा है…” मीरा चीखी।

राजेश रुके नहीं। धीरे-धीरे सिर अंदर घुसा दिया। मीरा की आँखों से आँसू निकल आए। दर्द तेज था। लेकिन राजेश ने कमर पकड़कर और अंदर धकेला। आधा लंड उसकी गाँड में समा गया।

“उह्ह्ह फकक्क… पापा… पूरा मत डालो…”

“पूरा डालूँगा।” राजेश ने कहा और एक जोरदार धक्के के साथ बाकी हिस्सा भी अंदर धकेल दिया। पूरा साढ़े आठ इंच लंड उसकी टight गाँड में समा चुका था।

मीरा जोर से चीखी। उसका पूरा शरीर काँप रहा था। राजेश ने कुछ पल रुककर उसे आदी होने दिया, फिर धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए। पहले धीमे, फिर तेज। हर धक्के के साथ उनके अंडकोष उसकी चूत से टकरा रहे थे।

“तेरी गाँड भी चूत जैसी टight है… आज इसे भी फाड़ दूँगा,” राजेश हाँफते हुए बोले। एक हाथ से उसके बाल पकड़े हुए थे, दूसरे हाथ से उसकी गाँड पर जोर-जोर से थप्पड़ मार रहे थे।

मीरा अब दर्द के साथ मजा भी लेने लगी थी। “हाँ पापा… जोर से… गाँड फाड़ दो… आह्ह्ह… और गहरा…”

राजेश ने रफ्तार बढ़ा दी। थप्पड़-थप्पड़ की आवाज पूरे कमरे में गूँज रही थी। मीरा की गाँड लाल हो चुकी थी। उसका मुँह बिस्तर में धंसा हुआ था, कराहें निकल रही थीं।

थोड़ी देर बाद राजेश ने पोजीशन बदली। उन्होंने मीरा को साइड में लिटाया, एक पैर ऊपर उठाया और उसी पोजीशन में उसकी गाँड चोदते रहे। एक हाथ से उसकी चूत में दो उंगलियाँ घुसा दीं और तेजी से अंदर-बाहर करने लगे।

मीरा पागल हो गई। “पापा… मैं आ रही हूँ… गाँड और चूत दोनों से… आhhhh…”

उसका शरीर काँप उठा। चूत से रस की धार निकलने लगी और गाँड की मांसपेशियाँ राजेश के लंड को जोर से जकड़ने लगीं।

राजेश अब बेकाबू हो चुके थे। उन्होंने मीरा को फिर से कुत्ते की पोजीशन में कर दिया और पागलों की तरह धक्के मारने लगे।

“अब अंदर झाड़ रहा हूँ… तेरी गाँड में…”

“हाँ पापा… डाल दो… पूरी गाँड भर दो अपने वीर्य से…”

राजेश ने कुछ और गहरे, जोरदार धक्के मारे और फिर एक लंबी कराह के साथ अपना पूरा गर्म, गाढ़ा वीर्य उसकी गाँड के अंदर उड़ेल दिया। धार की धार जाती रही। इतना ज्यादा कि जब उन्होंने लंड बाहर निकाला तो सफेद वीर्य उसके छेद से बाहर बहने लगा और जाँघों पर फैल गया।

मीरा थककर बिस्तर पर ढेर हो गई। राजेश उसके पास लेट गए। उनका लंड अभी भी हल्का तना हुआ था और वीर्य टपक रहा था।

उन्होंने मीरा के बाल सहलाते हुए कहा, “अब तू पूरी तरह मेरी हो गई है। रवि जब तक नहीं आता, हर रात तुझे इसी तरह चोदूँगा—कभी चूत, कभी गाँड, कभी दोनों।”

मीरा ने मुस्कुराते हुए उनकी छाती पर हाथ रखा और धीरे से कहा, “जैसा आप चाहें, पापा… मैं तैयार हूँ।”

राजेश ने उसके होठों पर एक लंबी चुंबन दी। बाहर रात अभी बाकी थी… और दोनों के बदन में अभी भी आग बाकी थी।

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Aanya Sharma
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