होटल की सेक्सी मेड को ब्लैकमेल करके चोदा - पूरी रात की चुदाई
उसकी सेक्सी यूनिफॉर्म उतारकर चूचियों, चूत और गांड को चोदा। ब्लैकमेल वाली पूरी रात की hardcore चुदाई की हॉट कहानी। मिस मत करना!
ग्रैंड पैलेस होटल, मुंबई। शाम के आठ बज चुके थे। होटल की सबसे ऊपरी मंजिल पर प्रेसिडेंशियल स्वीट में राजवंश आराम कर रहा था। तीस साल का यह सफल बिजनेसमैन दिल्ली से बिजनेस मीटिंग के लिए आया था।
लंबा कद, फिट शरीर, तेज नजर और दबदबा भरा व्यक्तित्व – राजवंश किसी अमीर और हावी पुरुष का पूरा उदाहरण था।
उसने शॉवर लिया और सिर्फ सफेद तौलिए को कमर पर लपेटकर बेड पर बैठ गया। टेबल पर उसका बटुआ और पचास हजार रुपये नकद रखे थे। तभी दरवाजे पर हल्की नॉक हुई।
“रूम सर्विस, सर। हाउसकीपिंग।”
राजवंश ने दरवाजा खोला। सामने खड़ी थी प्रिया – होटल की युवा और बेहद आकर्षक मेड। चौबीस साल की प्रिया का गोरा रंग, लंबे काले बाल, बड़ी-बड़ी काली आँखें और शरीर किसी को भी मोहित करने वाला था। उसका व्हाइट ब्लाउज उसके भारी स्तनों को कसकर दबाए हुए था।
छोटी सी ब्लैक स्कर्ट उसकी मोटी जाँघों और गोल गांड को आधा छुपाए हुए थी। ब्लैक स्टॉकिंग्स और हाई हील्स ने उसे और भी सेक्सी बना दिया था।
“साहेब, कमरा साफ कर दूँ?” प्रिया ने नम्र स्वर में पूछा।
“हाँ, अंदर आ जाओ,” राजवंश ने कहा।
प्रिया ने काम शुरू किया। बेडशीट बदलते समय वह झुकी तो उसकी स्कर्ट और ऊपर चढ़ गई। उसकी जाँघों का गोरा हिस्सा और पैंटी की हल्की झलक साफ दिखाई दी। राजवंश ने चुपचाप देखा।
जब राजवंश पानी पीने के लिए बाथरूम की तरफ गया, प्रिया ने तेजी से टेबल की तरफ देखा। उसका दिल तेजी से धड़क रहा था। उसने बटुए से नोट्स निकाले और अपनी स्कर्ट के अंदर वाले पॉकेट में छुपा लिए।
लेकिन राजवंश ने शीशे से सब कुछ देख लिया था। उसने चुपके से अपना फोन उठाया और पूरा दृश्य रिकॉर्ड कर लिया – प्रिया का चेहरा, उसके हाथ, चोरी का पूरा सीन।
जैसे ही प्रिया मुड़ी, राजवंश दरवाजे के पास खड़ा था। “क्या कर रही थी प्रिया?” उसकी आवाज़ कठोर थी।
प्रिया के हाथ-पैर ठंडे पड़ गए। “साहेब… मैं… मैंने…”
राजवंश ने दरवाजा बंद कर दिया और लॉक कर दिया। चाबी अपनी जेब में डाल ली।
“चोरी? इतने बड़े होटल में काम करती है और चोरी करती है? यह वीडियो पुलिस को दे दूँ तो तेरी नौकरी चली जाएगी, जेल भी हो सकती है। कितने पैसे लिए?”
प्रिया रोने लगी। “साहेब प्लीज माफ कर दीजिए… मेरी माँ बहुत बीमार है। पैसे की सख्त जरूरत थी। मैं सब वापस कर देती हूँ।”
राजवंश उसके बहुत करीब आ गया। उसकी ठोड़ी पकड़कर ऊपर उठाई।
“वापस करने से काम नहीं चलेगा। आज रात तुझे मेरी बात माननी पड़ेगी। वरना यह वीडियो पूरे होटल और तेरे घर वालों तक पहुँच जाएगा। समझ गई?”
प्रिया की आँखों में आँसू थे। वह काँपती हुई बोली, “जी… साहेब। जो आप कहेंगे मैं करूँगी।”
राजवंश मुस्कुराया। “अच्छी बात। अब ये यूनिफॉर्म उतार। धीरे-धीरे। मैं देखना चाहता हूँ।”
प्रिया ने काँपते हाथों से ब्लाउज के बटन खोलने शुरू किए। एक-एक बटन खुलते ही उसकी गोरी, भारी छातियाँ बाहर झाँकने लगीं। ब्लाउज पूरी तरह उतर गया। काली टाइट ब्रा में उसके बड़े-बड़े स्तन मुश्किल से समा रहे थे।
फिर उसने स्कर्ट का जिप खोला। स्कर्ट नीचे गिर गई। अब प्रिया सिर्फ ब्रा, पैंटी, स्टॉकिंग्स और हील्स में खड़ी थी। उसकी मोटी जाँघें और गोल-मटोल गांड कमरे की रोशनी में चमक रही थीं।
राजवंश ने आगे बढ़कर दोनों हाथों से उसके स्तनों को बाहर से जोर से दबाया। “वाह! कितनी नर्म और भारी चूचियाँ हैं तेरी।” वह ब्रा के ऊपर से ही मसलने लगा।
फिर उसने ब्रा का हुक खोल दिया। ब्रा गिरते ही प्रिया के दोनों बड़े, गोल, गोरे स्तन आजाद हो गए। गुलाबी निप्पल्स पहले से ही सख्त हो चुके थे। राजवंश ने एक स्तन मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा।
जीभ से निप्पल घुमाता, हल्का काटता। दूसरे स्तन को हाथ से मसलता रहा। “आह्ह्ह… साहेब…” प्रिया के मुँह से अनायास सिसकारी निकल गई।
राजवंश ने उसे बेड पर लिटा दिया। दोनों स्तनों को चूसते हुए नीचे उतरा। उसकी नाभि चूमते हुए जाँघों के बीच आ गया। उसने प्रिया की जाँघें फैलाईं और पैंटी के ऊपर से ही चूत को सहलाने लगा। कपड़ा पहले से गीला हो चुका था।
“शर्म आ रही है मेरी छोटी चोर रंडी?” उसने पूछा। प्रिया ने आँखें बंद कर लीं।
राजवंश ने पैंटी को धीरे-धीरे जाँघों तक उतार दिया। प्रिया की साफ मुंडी हुई, गुलाबी और भीगी चूत पूरी तरह नंगी हो गई। उसने अपनी जीभ निकाली और जाँघों के अंदरूनी हिस्से चाटने लगा। फिर धीरे-धीरे चूत के बाहर वाले होंठों को चाटा। प्रिया का पूरा शरीर सिहर उठा।
उसने प्रिया की गांड को दोनों हाथों से पकड़ा, फैलाया और जीभ से गांड के छेद को भी चाटा। प्रिया चौंककर बोली, “साहेब… वहाँ नहीं…”
राजवंश ने दोनों जगह – चूत और गांड – पर खूब थूक दिया और उँगलियों से मलने लगा। प्रिया अब हवस से काँप रही थी। राजवंश उसके ऊपर झुका, उसके होंठों को गहरी करते हुए बोला, “अब असली मजा शुरू होता है…”
राजवंश ने प्रिया को बेड पर लिटाया रखा। उसने अपना तौलिया हटा दिया। उसका लंड पहले से ही पूरा खड़ा था – सात इंच लंबा, मोटा और नसों वाला। प्रिया ने उसे देखकर आँखें फाड़ लीं।
“साहेब… बहुत बड़ा है…” वह काँपती हुई बोली। राजवंश ने मुस्कुराते हुए कहा, “अब चूस इसे। अच्छे से।”
प्रिया ने डरते-डरते हाथ बढ़ाया और लंड को पकड़ लिया। उसने धीरे से जीभ निकालकर लंड की टॉप चाटी। फिर मुंह खोलकर आधा लंड अंदर ले लिया। राजवंश ने उसके बाल पकड़कर धीरे-धीरे मुंह में धकेलना शुरू किया। प्रिया के मुंह से लार टपकने लगी। वह गहरे तक लेने की कोशिश कर रही थी।
“अच्छी रंडी है तू… और गहरा ले,” राजवंश ने कहा और उसका सिर दबाकर डीप थ्रोट दिया।
कुछ देर मुंह चुदाई के बाद उसने प्रिया को missionary पोजीशन में लिटाया। उसकी जाँघें फैलाकर लंड को चूत के मुंह पर रखा। थोड़ा थूक लगाकर जोर से एक धक्का मारा।
“आआआह्ह्ह्ह!!! साहेब… बहुत मोटा है… धीरे…” प्रिया चीख उठी।
राजवंश ने आधा लंड अंदर डाल दिया। फिर धीरे-धीरे पूरा लंड उसकी चूत में उतार दिया। प्रिया की चूत पूरी तरह भर गई थी। वह जोर-जोर से धक्के मारने लगा। हर धक्के पर प्रिया के बड़े स्तन ऊपर-नीचे उछल रहे थे। राजवंश ने दोनों स्तनों को जोर से पकड़कर मसलते हुए चोदा।
“तेरी चूत बहुत टाइट है रंडी… आज इसे फाड़ दूँगा,” वह कहता हुआ तेजी से अंदर-बाहर कर रहा था।
प्रिया की आँखें बंद थीं और मुँह से सिर्फ कराह निकल रही थी, “आह्ह्ह… साहेब… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत…”
राजवंश ने पोजीशन बदली। उसने प्रिया को doggy style में घुटनों के बल कर दिया। उसकी मोटी गांड ऊपर थी। उसने गांड पर दो जोरदार थप्पड़ मारे – “चटाक! चटाक!”
फिर लंड पर थूक लगाया और एक झटके में पूरी चूत में घुसा दिया। पीछे से तेज़-तेज़ धक्के मारने लगा। कमरे में चूत चुदाई की “थप-थप-थप” की आवाज़ गूँज रही थी।
उसने प्रिया के बाल खींचे और कान में बोला, “अब तेरी गांड भी चोदनी है।”
प्रिया डर गई, “साहेब… पहली बार है… धीरे करना…” राजवंश ने उसकी गांड के छेद पर खूब थूक थूका। उँगली से फैलाया। फिर लंड की नोक रखकर धीरे से दबाया। प्रिया की गांड बहुत टाइट थी। आधा लंड घुसने पर प्रिया चीख पड़ी, “आआह्ह्ह… फट जाएगी…”
लेकिन राजवंश रुका नहीं। पूरा लंड गांड में उतार दिया और धीरे-धीरे चोदने लगा। धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाई। अब वह पूरी ताकत से प्रिया की गांड मार रहा था।
“ले रंडी… तेरी गांड भी मेरी हो गई,” वह कहता हुआ थप्पड़ मारता और चोदता रहा। प्रिया अब दर्द और मजे के मिश्रण में चीख रही थी, “साहेब… मारो… और जोर से चोदो… मैं आपकी रंडी हूँ…”
राजवंश ने फिर पोजीशन बदली। उसने प्रिया को cowgirl style में बिठाया। प्रिया ऊपर थी। उसने लंड पकड़कर अपनी चूत में बैठाया और ऊपर-नीचे होने लगी। राजवंश नीचे से उसके स्तनों को चूस रहा था और गांड पर थप्पड़ मार रहा था।
आखिर में उसने प्रिया को फिर missionary में लिटाया। दोनों टाँगें अपने कंधों पर रखीं और बहुत तेजी से चोदने लगा। प्रिया का orgasm आ गया। उसकी चूत सिकुड़ने लगी और रस निकलने लगा।
“मैं आ रही हूँ साहेब… आह्ह्ह्ह!!!” राजवंश भी झड़ने वाला था। उसने अंतिम जोरदार धक्के मारे और प्रिया की चूत के अंदर ही अपना गर्म वीर्य भर दिया।
दोनों थककर एक-दूसरे से लिपटकर लेट गए। प्रिया के शरीर पर पसीना और राजवंश का वीर्य था। राजवंश ने उसके बालों में हाथ फेरते हुए कहा, “अब से जब तक मैं होटल में हूँ, तू मेरी व्यक्तिगत मेड रहेगी। समझी? रोज शाम को इसी यूनिफॉर्म में आना।”
प्रिया ने शर्माते हुए सिर हिलाया, “जी साहेब… मैं आपकी हूँ।”
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