सेक्सी गोरी भाभी ने रात भर देवर से चुदवाया - देसी सेक्स कहानी
देवर ने अपनी सेक्सी गोरी भाभी को पूरी रात ठोक-ठोक कर बेदर्दी से चोदा! रात के अंधेरे में भाभी की चूत देवर के मोटे लंड की भूखी हो गई थी। बार-बार चुदवाने के बाद भी वो माँग रही थी – "और जोर से पेलो देवर जी… आज पूरी रात अपनी भाभी की चूत फाड़ दो!
मेरा नाम विक्रम है, उम्र 26 साल। मैं दिल्ली के एक मध्यम परिवार में रहता हूँ। मेरे बड़े भाई राजेश की शादी को अभी 8 महीने ही हुए हैं। उनकी पत्नी, यानी मेरी भाभी नेहा, 24 साल की है।
नेहा बेहद खूबसूरत और सेक्सी है – गोरी चमकदार स्किन, 36D के बड़े-बड़े स्तन, पतली कमर, मोटी जांघें और गोल-गोल उठी हुई गांड। जब वो साड़ी पहनकर घर में घूमती है तो कोई भी उसकी नाभि और हिलती हुई गांड को देखकर काबू नहीं रख पाता।
भाई राजेश जॉब के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते हैं। कई-कई दिन घर नहीं आते। ऐसे में घर में सिर्फ मैं, नेहा भाभी और माँ रहते हैं। माँ ज्यादातर ऊपर वाले कमरे में रहती हैं।
भाभी की हवस की शुरुआत: पहले तो सब नॉर्मल था। लेकिन धीरे-धीरे नेहा भाभी का बर्ताव बदलने लगा। वो मेरे सामने ज्यादा से ज्यादा साड़ी का पल्लू सरकाकर रखती, ब्लाउज के ऊपर वाले हुक खुला रखती। कई बार मैंने देखा कि वो मेरे सामने झुककर कुछ उठाती तो उसकी गहरी नेकलाइन से पूरा ब्रा और स्तनों की गहराई साफ दिख जाती।
एक दिन शाम को बिजली चली गई। पूरा घर अंधेरा हो गया। मैं मोबाइल की टॉर्च लेकर नीचे आया तो नेहा भाभी किचन में थी। वो सिर्फ एक हल्की सी नाइट सूट पहने थी। उसकी नाइट सूट की ऊपरी दो बटन खुले हुए थे और उसकी भारी छातियाँ आधी बाहर झाँक रही थीं।
“विक्रम, थोड़ा मदद कर न… अंधेरे में कुछ नहीं दिख रहा,” उसने कहा। जब मैं पास गया तो उसकी साँसें तेज थीं। अचानक उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और अपनी छाती पर रख दिया।
“भाभी… ये…” मैं घबरा गया। नेहा भाभी ने धीमी गर्म आवाज में कहा, “विक्रम, तुम्हारा भाई कई दिनों से बाहर है। मुझे बहुत अकेलापन लगता है। मेरी चूत में आग लगी हुई है… क्या तुम मुझे ठंडक नहीं दे सकते?”
मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। नेहा भाभी ने मेरे हाथ को और जोर से अपनी छाती पर दबाया। उसके निप्पल बहुत कड़े हो चुके थे।
पहली बार का स्पर्श: मैंने हिम्मत करके उसकी एक छाती को पूरा मसल लिया। नेहा भाभी की आँखें बंद हो गईं और वो कराह उठी – “आहह… विक्रम… जोर से मसलो… बहुत दिनों से किसी ने छुआ नहीं…”
मैंने दूसरा हाथ भी उसकी दूसरी छाती पर रख दिया। दोनों हाथों से उसके भारी स्तनों को मसलने लगा। नेहा भाभी मेरे सीने से लिपट गई। उसकी साँसें गर्म थीं। “चूमो मुझे…” उसने कहा।
हम दोनों के होंठ गर्म किस में जुट गए। नेहा भाभी मेरी जीभ चूस रही थी। मैंने उसकी नाइट सूट के बाकी बटन भी खोल दिए। अब वो ऊपर से पूरी नंगी थी। मैंने झुककर उसके एक निप्पल को मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा।
नेहा भाभी ने मेरे बाल खींचे और बोली, “और जोर से चूसो विक्रम… काटो… मुझे दर्द के साथ मजा दो…” मैंने एक हाथ नीचे ले जाकर उसकी नाइट सूट के अंदर डाल दिया। उसकी चूत पूरी तरह गीली और गर्म थी। जैसे ही मैंने उँगली डाली, नेहा भाभी काँप गई – “उफ्फ… अंदर डालो… मेरी चूत बहुत प्यासी है…”
मैं दो उँगलियाँ अंदर डालकर तेजी से अंदर-बाहर करने लगा। नेहा भाभी मेरी गर्दन में काट रही थी और कराह रही थी – “हाँ… इसी तरह… और तेज… मैं तुम्हारी भाभी हूँ लेकिन आज तुम मुझे रंडी की तरह चोदो…”
उसकी चूत से पानी बह रहा था। कुछ ही देर में वो पहली बार झड़ गई। उसके शरीर ने मेरे हाथ पर झटके दिए।
नेहा भाभी का पहला ऑर्गेज्म आने के बाद भी उसकी हवस कम नहीं हुई थी। वो मेरे सीने से चिपकी हुई थी, साँसें तेज चल रही थीं। उसकी नंगी छातियाँ मेरे शरीर से रगड़ खा रही थीं।
“विक्रम… बस मत करो… आज मुझे पूरी तरह चोद दो। तुम्हारा भाई कई दिनों से नहीं आया है। मेरी चूत और गांड दोनों प्यासी हैं,” नेहा भाभी ने मेरे कान में फुसफुसाते हुए कहा।
मैंने उसे किचन की टेबल पर लिटा दिया। उसकी टाँगें फैला दीं। भाभी की चूत पूरी तरह गीली, फूली हुई और गुलाबी दिख रही थी। मैंने घुटनों पर बैठकर अपनी जीभ उसकी चूत पर फेरी।
“आआह… विक्रम… चाटो… पूरी चूत चाटो…” नेहा भाभी ने मेरे सिर को अपनी जांघों में दबा लिया। मैंने उसकी चूत को अच्छे से चाटा, जीभ अंदर डाली, क्लिटोरिस को चूसा। भाभी तड़प रही थी। उसकी जांघें काँप रही थीं। कुछ ही मिनट में वो दूसरी बार झड़ गई और मेरे मुंह पर अपना गर्म पानी छोड़ दिया।
अब मैं रुक नहीं सका। मैंने अपनी पैंट उतारी। मेरा 7 इंच का मोटा और खड़ा लंड बाहर आ गया। नेहा भाभी ने उसे देखकर आँखें चमका दीं। “वाह… इतना मोटा है… आज इसे मेरी चूत में पूरा ठूँस दो,” उसने कहा।
मैंने भाभी को टेबल पर ही मिशनरी पोजीशन में लिटाया। उसकी टाँगें अपने कंधों पर रखीं और लंड का सिरा उसकी चूत पर रखा। एक जोरदार धक्का मारकर पूरा लंड अंदर डाल दिया।
“आआआह… फट गई मेरी चूत… बहुत मोटा है… हाँ… और जोर से चोदो विक्रम!” नेहा भाभी चीख पड़ी। मैं तेज-तेज धक्के मारने लगा। हर धक्के पर उसके भारी स्तन उछल रहे थे। मैंने दोनों हाथों से उसके स्तनों को मसलते हुए चोदा। भाभी नीचे से कमर उठा-उठाकर मेरे धक्कों का जवाब दे रही थी।
“जोर से… मेरी चूत फाड़ दो… मैं तुम्हारी रंडी भाभी हूँ… आज जितना मन करे चोदो मुझे!” हम पोजीशन बदलते रहे। पहले डॉगी स्टाइल में – मैंने उसके बाल खींचे और पीछे से जोरदार चोदा। उसकी गांड पर थप्पड़ मारते हुए। फिर नेहा भाभी ऊपर आई।
वो काउगर्ल पोजीशन में मेरे लंड पर बैठ गई और तेजी से ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन उछल-उछलकर मेरे मुँह में आ रहे थे। मैं उन्हें चूसता रहा।
करीब 15-20 मिनट बाद मैंने कहा, “भाभी… मैं आने वाला हूँ…” “अंदर ही डाल दो… मेरी चूत में भर दो अपना माल…” नेहा भाभी ने कहा। मैंने आखिरी जोरदार धक्के मारे और अपनी सारी गर्म वीर्य उसके अंदर उड़ेल दिया। नेहा भाभी भी उसी समय तीसरी बार झड़ गई। दोनों थककर एक-दूसरे से लिपट गए।
लेकिन रात अभी खत्म नहीं हुई थी। थोड़ी देर आराम करने के बाद नेहा भाभी ने मेरे लंड को फिर से मुंह में ले लिया। वो उसे अच्छे से चूस रही थी। लंड फिर से खड़ा हो गया।
“अब मेरी गांड भी चोदो विक्रम… मैं सब सह लूंगी,” उसने कहा। मैंने उसे चारों पैरों पर किया। उसकी गांड पर थूक और अपनी उँगलियाँ डालकर तैयार किया। फिर अपना लंड धीरे-धीरे उसकी गांड में डाला।
“आह… दर्द हो रहा है… लेकिन रुकना मत… पूरा डाल दो…” नेहा भाभी ने दाँत भींचकर कहा। जब पूरा लंड अंदर चला गया तो मैंने धीरे-धीरे चोदना शुरू किया। फिर स्पीड बढ़ाई। नेहा भाभी जोर-जोर से कराह रही थी।
“हाँ… मेरी गांड फाड़ दो… चोदो अपनी भाभी को… मैं तुम्हारी हूँ… रोज चोदना मुझे जब भैया न हों…” मैंने उसकी गांड में भी पूरा माल भर दिया।
रात का अंत: दोनों पूरी तरह थक चुके थे। नेहा भाभी मेरे सीने पर सिर रखकर लेटी थी। उसने मेरे कान में फुसफुसाया, “विक्रम… अब से जब भी तुम्हारा भाई बाहर जाएगा, तुम मेरी चूत की प्यास बुझाया करोगे… समझे?”
मैंने मुस्कुराते हुए उसकी छाती पर किस किया और बोला, “जितनी बार चाहो भाभी… मैं तैयार हूँ।”
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