हिंदी सेक्स स्टोरी: बेटी के गांड का छेद चोदा
हिंदी सेक्स स्टोरी: पापा ने सोई हुई बेटी के गांड का छेद जोर से चोदा! नींद में बेटी की टाइट गांड फाड़ दी और पूरी तरह चोद डाला!
मेरा नाम राकेश है, उम्र 46 साल। मेरी बेटी प्रिया 21 साल की है। प्रिया बहुत ही सेक्सी और आकर्षक लड़की है। उसका गोरा रंग, लंबे काले बाल, 34 इंच की टाइट और भरी-भरी चुचियाँ तथा सबसे खास उसकी मोटी, गोल और कसी हुई गांड है। वो ज्यादातर टाइट जींस और फिटेड टॉप पहनती थी। टाइट जींस उसकी गांड पर इतनी कसकर चिपकती थी कि गांड के दोनों फंदे साफ नजर आते थे। टॉप में उसकी चुचियाँ इतनी टाइट दिखती थीं कि निप्पल बाहर उभरकर साफ दिखाई देते थे।
एक दिन शाम को प्रिया कॉलेज से बहुत थककर आई। उसने घर आते ही बिना कुछ बदले टाइट ब्लैक जींस और व्हाइट फिटेड टॉप में ही बिस्तर पर लेटकर सो जाने का फैसला किया। वो उल्टी लेटी हुई थी। उसकी मोटी गांड ऊपर की तरफ उठी हुई थी और टाइट जींस में बहुत कसी हुई दिख रही थी। टॉप का पतला कपड़ा उसके गुलाबी निप्पल को साफ उभार रहा था।
मैं कमरे में घुसा तो ये नजारा देखकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैं कुछ देर तक खड़ा-खड़ा उसे घूरता रहा। फिर मैं चुपके से उसके बिस्तर पर उसके ठीक बगल में लेट गया।
मैंने धीरे से अपना लंड पैंट से बाहर निकाला और उसकी टाइट जींस वाली मोटी गांड पर हल्का-हल्का रगड़ना शुरू कर दिया। जींस के कपड़े के ऊपर से भी उसकी गर्मी महसूस हो रही थी। मैंने एक-दो बार हल्का रगड़ा, फिर धीरे-धीरे अपनी गांड को उसकी गांड पर दबाते हुए रगड़ने लगा। थोड़ी देर बाद मैंने हिम्मत करके अपना हाथ उसके कंधे पर रखा और धीरे-धीरे आगे बढ़ाकर टॉप के ऊपर से उसकी एक चुची को हल्का दबा दिया।
अचानक प्रिया की नींद खुल गई। वो तेजी से पीछे मुड़ी और मेरे खड़े मोटे लंड को देख लिया। उसकी आँखें फैल गईं।
प्रिया: “पापा! ये क्या कर रहे हो?”
मैंने तुरंत अपनी उँगली उसके मुंह में डाल दी और धीरे से बोला,
“श्श्श… चुप रह बेटी। आज पापा को थोड़ा मजा लेने दे। तेरी ये हॉट जवानी देखकर पापा काबू में नहीं रह पा रहा है।”
प्रिया पहले तो स्तब्ध रह गई, लेकिन कुछ सेकंड बाद उसने मेरी उँगली चूसनी शुरू कर दी। वो “आह्ह्ह… आह्ह्ह…” की हल्की-हल्की आवाजें करने लगी।
अब मैं पूरी तरह जोश में आ गया। मैंने जींस के ऊपर से ही उसकी मोटी, कसी हुई गांड को दोनों हाथों से जोर-जोर से दबाना शुरू कर दिया।
प्रिया: “आह्ह्ह पापा… बहुत टाइट है ना मेरी गांड?”
मैं: “हां बेटी… आज पापा इसे पूरी तरह ढीला कर देंगे।”
फिर मैंने उसके टॉप के ऊपर से ही दोनों चुचियों को जोर से दबाना शुरू किया। उसके निप्पल एकदम गुलाबी और कड़े हो चुके थे। मैं उन्हें उँगलियों से मसल रहा था।
मैंने उसकी जींस का बटन खोल दिया और जींस को जांघों तक नीचे सरका दिया। अब वो सिर्फ पतली काली लेस वाली चड्डी में थी। चड्डी पूरी भीग चुकी थी और उसकी चूत से पानी टपक रहा था।
मैंने तुरंत उसकी चड्डी नीचे की और अपनी जीभ से उसकी टाइट, गुलाबी, कुँवारी चूत चाटनी शुरू कर दी। प्रिया जोर-जोर से कराहने लगी — “आह्ह्ह पापा… चाटो… और जोर से चाटो… आह्ह्ह!”
मैंने जोर से चूत चाटी, क्लिटोरिस को चूसा और दो उँगलियाँ उसके मुंह में डाल दीं। वो रंडी की तरह उँगलियाँ चूसने लगी।
फिर मैंने उँगलियाँ निकालीं और सीधे उसकी चूत में घुसा दीं। प्रिया दर्द से चीखी, “आह्ह्ह पापा… बहुत दर्द हो रहा है… उँगली निकालो…” लेकिन मैंने उँगलियाँ तेजी से अंदर-बाहर करने लगा और दूसरे हाथ से उसकी चुचियों को जोर से दबाने लगा।
अचानक प्रिया का शरीर काँपने लगा। वो चीखी, “पापा… मैं आ गई… आह्ह्ह्ह… मेरा पानी निकल रहा है!” उसकी चूत से गाढ़ा गर्म पानी निकला। मैंने मुंह लगा कर पूरा पानी पी लिया।
प्रिया ने शर्माते हुए पूछा, “कैसा लगा पापा?” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “बहुत स्वादिष्ट था बेटी… तेरे जैसा मीठा।”
अब मैंने अपना 8 इंच लंबा और मोटा लंड निकाला। प्रिया उसे देखकर हैरान रह गई।
प्रिया: “पापा… इतना बड़ा… मेरी चूत फट जाएगी…”
मैं: “पहले इसे मुंह में लेकर चूस।”
प्रिया ने मुंह खोल दिया। मैंने उसके बाल पकड़कर पूरा लंड उसके गले तक धकेल दिया। वो गला-गला कर रही थी लेकिन चूसती रही। फिर मैंने उसे उल्टा करवाया और पीछे से उसकी चूत में लंड लगाया। पहले तो वो अंदर नहीं जा रहा था। प्रिया दर्द से चीख रही थी। मैंने जोर लगाया और पूरा 8 इंच का लंड उसकी टाइट चूत में उतार दिया।
प्रिया: “आआआह्ह्ह… पापा… फट गई मेरी चूत… आह्ह्ह… बहुत मोटा है…”
मैंने जोर-जोर से ठोके मारने शुरू कर दिए। “थप-थप-थप” की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। हमने कई पोजीशन बदले — घोड़ी बनाकर, missionary में, और फिर मैं लेट गया और प्रिया को ऊपर बिठाया।
आखिर में मैंने कहा, “अब पापा तेरी गांड चोदेंगे।”
प्रिया डर गई लेकिन मैंने उसे मना लिया। मैंने लंड पर थूक लगाया और उसकी टाइट गांड के छेद में धीरे-धीरे घुसाना शुरू किया। प्रिया दर्द से चीख रही थी, लेकिन मैंने पूरा लंड अंदर कर दिया। फिर मैंने जोर-जोर से उसकी गांड चोदी। प्रिया अब पूरी तरह रंडी बन चुकी थी। वो खुद अपनी गांड हिला रही थी और कह रही थी, “पापा… और जोर से… फाड़ दो मेरी गांड…”
आखिर में मैंने उसकी गांड के अंदर ही पूरा गर्म वीर्य भर दिया। लंड निकालते ही मेरा वीर्य उसकी गांड से बाहर निकलकर जांघों पर बहने लगा।
प्रिया थककर मेरे ऊपर ही लेटी रही। उसकी चूत और गांड दोनों काफी ढीली हो चुकी थीं और उनमें से अभी भी पानी निकल रहा था।
प्रिया: “पापा… आज आपने मुझे पूरी तरह रंडी बना दिया। मुझे भी बहुत मजा आया। अब जब भी मेरा मन करेगा, आप मेरी चूत और गांड ढीली कर देना।”
मैंने उसके माथे पर किस किया और बोला, “हां बेटी, अब तू पापा की है।”
उस दिन के बाद प्रिया मेरी गुप्त रखैल बन गई। जब भी मौका मिलता, हम खूब चुदाई करते। कभी घर में, कभी होटल में, कभी कार में।
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