हिंदी सेक्स स्टोरी: ब्लैकमेल बहन को BDSM चोदा

फोन कॉल सुनकर अपनी सेक्सी चचेरी बहन को ब्लैकमेल कर दिया। फिर उसकी टाइट चूत में खीरा घुसाकर, बेल्ट से मारकर और जबरदस्त BDSM करके पूरी रात रंडी बनाकर चोदा।

लेखक: Amulya Kiran7 मिनट पढ़ने में
हिंदी सेक्स स्टोरी: ब्लैकमेल बहन को BDSM चोदा

गर्मियों की छुट्टियाँ चल रही थीं। राहुल, जो गाँव में रहता था, अपने बड़े चाचा के घर दिल्ली आया हुआ था। चाचा और चाची दोनों नौकरी करते थे, इसलिए दिन भर घर में अक्सर अकेला ही रहता था। उसके बड़े चाचा की बेटी प्रिया बीस साल की थी। प्रिया बेहद फिट और बेहद सेक्सी लड़की थी — लंबे काले बाल, गोरी चमकदार त्वचा, पतली कमर, गोल और टाइट नितंब, और सबसे खास उसकी मीडियम साइज की चुस्त और उभरी हुई स्तन जो हर समय साफ दिखाई देते थे। घर में वह हमेशा टाइट सिंगल टॉप और बहुत छोटी शॉर्ट्स या जाली वाले कपड़े पहनती थी, जिससे उसकी बॉडी के हर नक्श नजर आते थे।

उस रात चाची किसी परिवारिक कार्यक्रम में पूरी रात के लिए बाहर गई हुई थीं और चाचा भी ऑफिस के काम से बाहर थे। घर में सिर्फ राहुल और प्रिया ही थे।

शाम के समय राहुल ने प्रिया के कमरे के बाहर से आवाज सुनी। वह धीरे से दरवाजे के पास पहुँचा और सुनने लगा। प्रिया फोन पर अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थी — “बेबी… आज रात को वीडियो कॉल करना ना… मैं बिलकुल अकेली हूँ… तुम्हें बहुत याद कर रही हूँ… हाँ, मैं अभी भी वही टाइट टॉप पहने हुए हूँ जो तुम्हें पसंद है…”

राहुल का खून गरम हो गया। उसने तुरंत सोच लिया कि आज अपनी चचेरी बहन को वह अपना बनाएगा।

रात के ग्यारह बजकर तीस मिनट पर राहुल प्रिया के कमरे में घुसा और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। प्रिया डर के मारे चौंक गई। “भैया… आप यहाँ क्या कर रहे हो? बाहर जाओ प्लीज!” प्रिया घबरा कर बोली।

राहुल मुस्कुराते हुए बोला, “प्रिया, मैंने तेरी पूरी बात सुन ली है। तू अपने बॉयफ्रेंड से कितनी गंदी-गंदी बातें कर रही थी। अगर मैं अभी चाचा-चाची को बता दूँ तो क्या होगा? तू जानती है ना, अंकल तुझे घर से बाहर कर देंगे।”

प्रिया का चेहरा सफेद पड़ गया। आँखों में आँसू आ गए। वह हाथ जोड़ कर बोली, “भैया प्लीज… ऐसा मत करो… मैं आपकी बहन हूँ… माफ कर दो…”

राहुल ने सख्त आवाज में कहा, “बहन है तो मेरी बात मान। आज रात तू मेरी रंडी बनेगी। वरना मैं अभी फोन उठा कर सब बता देता हूँ।” प्रिया मजबूर थी। रोते हुए उसने हाँ कर दी।

राहुल ने आदेश दिया, “जा बाथरूम में जा और अपने सबसे टाइट जाली वाले कपड़े पहन कर आ। वो जो तेरी स्तनों और योनि को कस कर रखते हैं।”

प्रिया रोती हुई बाथरूम गई। कुछ देर बाद वह वापस आई। उसने काला रंग का बहुत टाइट जाली का टॉप पहना हुआ था जिसमें उसकी दोनों स्तन बिलकुल साफ दिखाई दे रही थीं और निप्पल भी उभरे हुए थे। नीचे सिर्फ एक छोटी सी मैचिंग जाली की पैंटी थी जो उसकी योनि के ऊपर से बिलकुल चिपक रही थी।

राहुल ने तुरंत उसके पास आकर एक पतला सा कपड़ा उसके मुँह में ठूँस दिया और पीछे से कस कर बाँध दिया ताकि वह ज्यादा आवाज न निकाल सके। फिर उसके दोनों हाथों को एक साथ जोड़ कर बाँध दिया। उसके बाद उसने प्रिया को बिस्तर पर लिटाया और उसके हाथों को बिस्तर के सिरहाने के साथ मजबूती से बाँध दिया। प्रिया अब पूरी तरह लाचार थी — बँधी हुई, मुँह बँधा हुआ, सिर्फ आँखों से घबरा कर राहुल को देख रही थी।

राहुल उसके ऊपर चढ़ गया। सबसे पहले उसने जाली के टॉप के ऊपर से ही प्रिया की टाइट स्तनों को दोनों हाथों से जोर-जोर से दबाना शुरू कर दिया। प्रिया के मुँह से दबी हुई “आआह्ह्ह… स्स्स्ह्ह्ह… हम्म” जैसी आवाजें निकल रही थीं। राहुल ने और भी जोर से मसला, उन्हें नीचे से ऊपर की तरफ खींचा, और फिर टॉप को ऊपर करके उसकी नंगी स्तनों को मुँह में भर लिया।

वह जोर-जोर से चूसने लगा। फिर दाँतों से निप्पलों को हल्का-हल्का काटने लगा। प्रिया दर्द से तड़प रही थी, उसका शरीर झटके खा रहा था। उसके आँसू बह रहे थे।

थोड़ी देर बाद राहुल ने प्रिया की ही एक पतली बेल्ट निकाली और उसकी स्तनों पर जोर-जोर से मारना शुरू कर दिया। “चट! चट! चट! चट!” की तेज आवाजें पूरे कमरे में गूँज रही थीं। प्रिया की स्तन एकदम लाल हो गई थीं। वह दर्द से रोने लगी, उसके शरीर में झटके पड़ रहे थे। प्रिया के मुँह की पट्टी थोड़ी ढीली हो गई। वह रोने लगी, “भैया प्लीज… बहुत दर्द हो रहा है… मेरी स्तन जल रही हैं… छोड़ दो मुझे… मैं आपकी छोटी बहन हूँ…”

लेकिन राहुल ने एक भी बात नहीं सुनी। उसने प्रिया की जाली वाली पैंटी को नीचे किया और उसकी गुलाबी, टाइट योनि को देख कर पागल हो गया। योनि पर हल्के-हल्के बाल थे और वह थोड़ी सी गीली होने लगी थी। राहुल ने अपनी नाक उसकी योनि पर रगड़ी और जोर से सूँघा, “उफ्फ… क्या कमाल की महक है तेरी योनि की… आज मैं इसे बिलकुल खत्म कर दूँगा।”

फिर उसने पैंटी को उतार कर प्रिया के मुँह में ठूँस दी। अब प्रिया सिर्फ “हम्म… हम्म… हम्म” कर पा रही थी।

राहुल ने अपनी दो उँगलियाँ उसकी योनि में डाल दीं और तेज-तेज अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। बहुत जोर से। प्रिया की योनि गीली होने लगी। उसने तीसरी उँगली भी डाल दी और और तेज कर दिया। प्रिया की साँसें तेज हो गईं। अचानक उसकी योनि से जोर का पानी निकल गया। राहुल ने वह चिपचिपा पानी अपने हाथ पर लिया, प्रिया के मुँह पर, स्तनों पर लगा दिया और खुद भी थोड़ा पी लिया।

अब प्रिया की योनि साँस के साथ सिकुड़-सिकुड़ कर खुल रही थी।

राहुल उठा और किचन से एक लंबा, मोटा, कड़ा खीरा ले आया। उसने प्रिया के सामने दिखाया और बोला, “देख बहन… आज तेरी गहरी योनि में यह मोटा खीरा घुसाऊँगा।”

प्रिया की आँखें फैल गईं, वह घबरा कर “हम्म हम्म” करने लगी।

राहुल ने प्रिया की टाँगें फैला दीं, उसकी योनि को ऊपर किया और खीरे का सिरा योनि के छेद पर रखा। फिर धीरे-धीरे धक्का देना शुरू किया। प्रिया दर्द से तड़प रही थी। एक जोर का धक्का मारा और पूरा मोटा-लंबा खीरा एक ही बार में प्रिया की योनि के अंदर चला गया। प्रिया की आँखें बाहर आ गईं, वह दर्द से “हम्म्म… हम्म्म” कर रही थी और योनि को हिलाने की कोशिश कर रही थी।

राहुल ने फिर बेल्ट उठाई और प्रिया की योनि पर जोर-जोर से मारना शुरू कर दिया। हर मार के साथ खीरा अंदर-बाहर हो रहा था। प्रिया जोर-जोर से रो रही थी। एक बहुत जोर का बेल्ट का वार पड़ते ही दबाव से वह मोटा खीरा उसकी योनि से बाहर निकल आया, पूरा चिपचिपा और पानी से भरा हुआ।

राहुल ने तुरंत खीरा उठाया, प्रिया के मुँह से पैंटी निकाली और पूरा खीरा उसके मुँह में ठूँस दिया। प्रिया गैग करने लगी, उसके गले तक खीरा चला गया था।

फिर राहुल ने अपना आठ इंच लंबा, बहुत मोटा और खड़ा लिंग निकाला। उसने प्रिया के बाल पकड़े और अपना लिंग उसके मुँह में पूरा घुसा दिया। फिर जोर-जोर से मुँह चोदने लगा। आधे घंटे तक उसने उसका मुँह चोदा। प्रिया का मुँह लाल हो गया था, उसके आँसू बह रहे थे।

अब राहुल ने प्रिया की टाँगें खींच कर उसकी योनि पर लिंग रखा और एक ही जोर के धक्के में पूरा लिंग अंदर घुसा दिया। “चप… चप… चप… चप!” की जोर की आवाजें होने लगीं। वह बहुत जोर-जोर से चोद रहा था। फिर उसने प्रिया को सीधा लिटाया, उसके ऊपर लेट गया और मिशनरी स्टाइल में बहुत तेज-तेज धक्के मारने लगा। दोनों हाथों से उसकी लाल स्तनों को जोर से दबाता रहा।

आखिर में उसकी गति बहुत तेज हो गई। उसने लिंग बाहर निकाला और प्रिया की स्तनों पर पूरा गर्म वीर्य छोड़ दिया। फिर उसने उँगली से वीर्य उठा-उठा कर प्रिया के मुँह में डाला और बोला, “पी ले बहन… पूरा पी जा।”

प्रिया मजबूर होकर सब कुछ पी गई।

राहुल ने उसके हाथ और पैर खोल दिए और सख्त आवाज में बोला, “यह राज हमेशा राज रहेगा। अगर किसी को बताया तो मैं सब कुछ चाचा-चाची को बता दूँगा।”

प्रिया रोती हुई, शरीर दर्द से भरा, स्तन लाल और जलते हुए, योनि में दर्द के साथ अपने कमरे में चली गई।

गर्मियों की छुट्टियाँ चल रही थीं। राहुल, जो गाँव में रहता था, अपने बड़े चाचा के घर दिल्ली आया हुआ था। चाचा और चाची दोनों नौकरी करते थे, इसलिए दिन भर घर में अक्सर अकेला ही रहता था। उसके बड़े चाचा की बेटी प्रिया बीस साल की थी। प्रिया बेहद फिट और बेहद सेक्सी लड़की थी — लंबे काले बाल, गोरी चमकदार त्वचा, पतली कमर, गोल और टाइट नितंब, और सबसे खास उसकी मीडियम साइज की चुस्त और उभरी हुई स्तन जो हर समय साफ दिखाई देते थे। घर में वह हमेशा टाइट सिंगल टॉप और बहुत छोटी शॉर्ट्स या जाली वाले कपड़े पहनती थी, जिससे उसकी बॉडी के हर नक्श नजर आते थे।

उस रात चाची किसी परिवारिक कार्यक्रम में पूरी रात के लिए बाहर गई हुई थीं और चाचा भी ऑफिस के काम से बाहर थे। घर में सिर्फ राहुल और प्रिया ही थे।

शाम के समय राहुल ने प्रिया के कमरे के बाहर से आवाज सुनी। वह धीरे से दरवाजे के पास पहुँचा और सुनने लगा। प्रिया फोन पर अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थी — “बेबी… आज रात को वीडियो कॉल करना ना… मैं बिलकुल अकेली हूँ… तुम्हें बहुत याद कर रही हूँ… हाँ, मैं अभी भी वही टाइट टॉप पहने हुए हूँ जो तुम्हें पसंद है…”

राहुल का खून गरम हो गया। उसने तुरंत सोच लिया कि आज अपनी चचेरी बहन को वह अपना बनाएगा।

रात के ग्यारह बजकर तीस मिनट पर राहुल प्रिया के कमरे में घुसा और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। प्रिया डर के मारे चौंक गई। “भैया… आप यहाँ क्या कर रहे हो? बाहर जाओ प्लीज!” प्रिया घबरा कर बोली।

राहुल मुस्कुराते हुए बोला, “प्रिया, मैंने तेरी पूरी बात सुन ली है। तू अपने बॉयफ्रेंड से कितनी गंदी-गंदी बातें कर रही थी। अगर मैं अभी चाचा-चाची को बता दूँ तो क्या होगा? तू जानती है ना, अंकल तुझे घर से बाहर कर देंगे।”

प्रिया का चेहरा सफेद पड़ गया। आँखों में आँसू आ गए। वह हाथ जोड़ कर बोली, “भैया प्लीज… ऐसा मत करो… मैं आपकी बहन हूँ… माफ कर दो…”

राहुल ने सख्त आवाज में कहा, “बहन है तो मेरी बात मान। आज रात तू मेरी रंडी बनेगी। वरना मैं अभी फोन उठा कर सब बता देता हूँ।” प्रिया मजबूर थी। रोते हुए उसने हाँ कर दी।

राहुल ने आदेश दिया, “जा बाथरूम में जा और अपने सबसे टाइट जाली वाले कपड़े पहन कर आ। वो जो तेरी स्तनों और योनि को कस कर रखते हैं।”

प्रिया रोती हुई बाथरूम गई। कुछ देर बाद वह वापस आई। उसने काला रंग का बहुत टाइट जाली का टॉप पहना हुआ था जिसमें उसकी दोनों स्तन बिलकुल साफ दिखाई दे रही थीं और निप्पल भी उभरे हुए थे। नीचे सिर्फ एक छोटी सी मैचिंग जाली की पैंटी थी जो उसकी योनि के ऊपर से बिलकुल चिपक रही थी।

राहुल ने तुरंत उसके पास आकर एक पतला सा कपड़ा उसके मुँह में ठूँस दिया और पीछे से कस कर बाँध दिया ताकि वह ज्यादा आवाज न निकाल सके। फिर उसके दोनों हाथों को एक साथ जोड़ कर बाँध दिया। उसके बाद उसने प्रिया को बिस्तर पर लिटाया और उसके हाथों को बिस्तर के सिरहाने के साथ मजबूती से बाँध दिया। प्रिया अब पूरी तरह लाचार थी — बँधी हुई, मुँह बँधा हुआ, सिर्फ आँखों से घबरा कर राहुल को देख रही थी।

राहुल उसके ऊपर चढ़ गया। सबसे पहले उसने जाली के टॉप के ऊपर से ही प्रिया की टाइट स्तनों को दोनों हाथों से जोर-जोर से दबाना शुरू कर दिया। प्रिया के मुँह से दबी हुई “आआह्ह्ह… स्स्स्ह्ह्ह… हम्म” जैसी आवाजें निकल रही थीं। राहुल ने और भी जोर से मसला, उन्हें नीचे से ऊपर की तरफ खींचा, और फिर टॉप को ऊपर करके उसकी नंगी स्तनों को मुँह में भर लिया।

वह जोर-जोर से चूसने लगा। फिर दाँतों से निप्पलों को हल्का-हल्का काटने लगा। प्रिया दर्द से तड़प रही थी, उसका शरीर झटके खा रहा था। उसके आँसू बह रहे थे।

थोड़ी देर बाद राहुल ने प्रिया की ही एक पतली बेल्ट निकाली और उसकी स्तनों पर जोर-जोर से मारना शुरू कर दिया। “चट! चट! चट! चट!” की तेज आवाजें पूरे कमरे में गूँज रही थीं। प्रिया की स्तन एकदम लाल हो गई थीं। वह दर्द से रोने लगी, उसके शरीर में झटके पड़ रहे थे। प्रिया के मुँह की पट्टी थोड़ी ढीली हो गई। वह रोने लगी, “भैया प्लीज… बहुत दर्द हो रहा है… मेरी स्तन जल रही हैं… छोड़ दो मुझे… मैं आपकी छोटी बहन हूँ…”

लेकिन राहुल ने एक भी बात नहीं सुनी। उसने प्रिया की जाली वाली पैंटी को नीचे किया और उसकी गुलाबी, टाइट योनि को देख कर पागल हो गया। योनि पर हल्के-हल्के बाल थे और वह थोड़ी सी गीली होने लगी थी। राहुल ने अपनी नाक उसकी योनि पर रगड़ी और जोर से सूँघा, “उफ्फ… क्या कमाल की महक है तेरी योनि की… आज मैं इसे बिलकुल खत्म कर दूँगा।”

फिर उसने पैंटी को उतार कर प्रिया के मुँह में ठूँस दी। अब प्रिया सिर्फ “हम्म… हम्म… हम्म” कर पा रही थी।

राहुल ने अपनी दो उँगलियाँ उसकी योनि में डाल दीं और तेज-तेज अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। बहुत जोर से। प्रिया की योनि गीली होने लगी। उसने तीसरी उँगली भी डाल दी और और तेज कर दिया। प्रिया की साँसें तेज हो गईं। अचानक उसकी योनि से जोर का पानी निकल गया। राहुल ने वह चिपचिपा पानी अपने हाथ पर लिया, प्रिया के मुँह पर, स्तनों पर लगा दिया और खुद भी थोड़ा पी लिया।

अब प्रिया की योनि साँस के साथ सिकुड़-सिकुड़ कर खुल रही थी।

राहुल उठा और किचन से एक लंबा, मोटा, कड़ा खीरा ले आया। उसने प्रिया के सामने दिखाया और बोला, “देख बहन… आज तेरी गहरी योनि में यह मोटा खीरा घुसाऊँगा।”

प्रिया की आँखें फैल गईं, वह घबरा कर “हम्म हम्म” करने लगी।

राहुल ने प्रिया की टाँगें फैला दीं, उसकी योनि को ऊपर किया और खीरे का सिरा योनि के छेद पर रखा। फिर धीरे-धीरे धक्का देना शुरू किया। प्रिया दर्द से तड़प रही थी। एक जोर का धक्का मारा और पूरा मोटा-लंबा खीरा एक ही बार में प्रिया की योनि के अंदर चला गया। प्रिया की आँखें बाहर आ गईं, वह दर्द से “हम्म्म… हम्म्म” कर रही थी और योनि को हिलाने की कोशिश कर रही थी।

राहुल ने फिर बेल्ट उठाई और प्रिया की योनि पर जोर-जोर से मारना शुरू कर दिया। हर मार के साथ खीरा अंदर-बाहर हो रहा था। प्रिया जोर-जोर से रो रही थी। एक बहुत जोर का बेल्ट का वार पड़ते ही दबाव से वह मोटा खीरा उसकी योनि से बाहर निकल आया, पूरा चिपचिपा और पानी से भरा हुआ।

राहुल ने तुरंत खीरा उठाया, प्रिया के मुँह से पैंटी निकाली और पूरा खीरा उसके मुँह में ठूँस दिया। प्रिया गैग करने लगी, उसके गले तक खीरा चला गया था।

फिर राहुल ने अपना आठ इंच लंबा, बहुत मोटा और खड़ा लिंग निकाला। उसने प्रिया के बाल पकड़े और अपना लिंग उसके मुँह में पूरा घुसा दिया। फिर जोर-जोर से मुँह चोदने लगा। आधे घंटे तक उसने उसका मुँह चोदा। प्रिया का मुँह लाल हो गया था, उसके आँसू बह रहे थे।

अब राहुल ने प्रिया की टाँगें खींच कर उसकी योनि पर लिंग रखा और एक ही जोर के धक्के में पूरा लिंग अंदर घुसा दिया। “चप… चप… चप… चप!” की जोर की आवाजें होने लगीं। वह बहुत जोर-जोर से चोद रहा था। फिर उसने प्रिया को सीधा लिटाया, उसके ऊपर लेट गया और मिशनरी स्टाइल में बहुत तेज-तेज धक्के मारने लगा। दोनों हाथों से उसकी लाल स्तनों को जोर से दबाता रहा।

आखिर में उसकी गति बहुत तेज हो गई। उसने लिंग बाहर निकाला और प्रिया की स्तनों पर पूरा गर्म वीर्य छोड़ दिया। फिर उसने उँगली से वीर्य उठा-उठा कर प्रिया के मुँह में डाला और बोला, “पी ले बहन… पूरा पी जा।”

प्रिया मजबूर होकर सब कुछ पी गई।

राहुल ने उसके हाथ और पैर खोल दिए और सख्त आवाज में बोला, “यह राज हमेशा राज रहेगा। अगर किसी को बताया तो मैं सब कुछ चाचा-चाची को बता दूँगा।”

प्रिया रोती हुई, शरीर दर्द से भरा, स्तन लाल और जलते हुए, योनि में दर्द के साथ अपने कमरे में चली गई।

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Amulya Kiran
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