सेक्सी मामी को चोद के चूची पे माल गिराया - हिंदी सेक्स स्टोरी

सेक्सी मामी की गर्म चूत में जोरदार चुदाई के बाद उनकी मुलायम चूचियों पर गर्म माल गिरा दिया। पसीने से तर मामी की मोटी चूचियों पर मेरा मोटा माल फैलते ही वो हाँफने लगी – पूरा कमरा चुदाई की खुशबू से भर गया!

लेखक: Sujit Rajgor8 मिनट पढ़ने में
सेक्सी मामी को चोद के चूची पे माल गिराया - हिंदी सेक्स स्टोरी

मेरा नाम रोहन है। मैं 22 साल का हूं, और अभी कॉलेज की पढ़ाई खत्म करके घर लौटा था। पापा-मम्मी एक महीने के लिए रिश्तेदारों के यहां गए हुए थे, और मुझे घर की देख-रेख के लिए छोड़ गए थे। लेकिन मुझे यहां अकेले रहने की कोई टेंशन नहीं थी, क्योंकि मेरे पड़ोस में मेरे मामा-मामी रहते थे।

मामा एक एमएनसी में नौकरी करते हैं, और अक्सर 15-20 दिन के टूर पर रहते हैं। इस बार भी वह सिंगापुर गए हुए थे, और घर पर सिर्फ मेरी मामी, रितु, अकेली थी।

मामी की उम्र करीब 32-33 साल की होगी। भगवान कसम, उनकी खूबसूरती का तो जवाब नहीं था। उनकी हाइट लगभग 5'6", रंग बिल्कुल दूध जैसा गोरा, और फिगर तो ऐसा कि देखकर किसी भी मर्द का खून गरम हो जाए। उनके बूब्स का साइज कम से कम 34D होगा, जो ब्लाउज के अंदर उछलते हुए ऐसे लगते जैसे दो पके आम हों। कमर बिल्कुल पतली, लगभग 28 इंच, और गांड का साइज 36 — गोल, टाइट, और बिल्कुल फूल जैसे उभरी हुई।

मैं जब भी उन्हें देखता, मेरा दिल धड़कने लगता। लेकिन यह तो सिर्फ शुरुआत थी...

एक दिन दोपहर को, मैं उनके घर गया। दरवाजा मामी ने खोला। वह एक हल्के गुलाबी रंग की साड़ी पहने हुई थी, जो बिल्कुल गीली थी। बाल भीगे हुए थे, जैसे अभी नहाकर आई हों।

"अरे रोहन, अंदर आ बेटा," मामी ने मुस्कुराते हुए कहा।

जैसे ही मैं अंदर गया, मेरी नजर उनके गीले बदन पर टिकी। साड़ी उनके पूरी तरह चिपक गई थी, और उनके भरे हुए बूब्स का आकार साफ दिख रहा था। निपल्स का शेप ब्लाउज के ऊपर से ही उभर कर आ रहा था। मेरा लंड तुरंत सलामी देने लग गया।

मैं ड्राइंग रूम में बैठा। मामी पानी लाई। जब वह झुककर ग्लास टेबल पर रखी, उनकी नेकलाइन से उनके गोरे, गोरे बूब्स का कुछ हिस्सा दिख गया। मेरा गला सूख गया।

"मामी, आप बहुत खूबसूरत लग रही हैं," मैंने हिम्मत करके कहा।

वह शर्मा गई। "छी छी, बच्चा है तू अभी..."

"मैं बच्चा नहीं रहा मामी। 22 साल का हूं। और आप सच में बहुत हॉट लग रही हो," मैंने आंखों में आंखें डालते हुए कहा।

मामी की सांसें तेज होने लगीं। वह मेरी तरफ देखीं, और कुछ सोचते हुए बोलीं, "रोहन, तू बड़ा हो गया है..."

शाम को मामी ने मुझे खाने पे बुलाया। मामा के घर पर अकेलापन में वह बहुत अकेली फील करती थीं। मैंने सोचा यही सही मौका है।

खाना खाने के बाद, हम टीवी देखने लगे। सोफे पर मैं उनके बिल्कुल पास बैठा था। उनके बदन से एक महक आ रही थी — रोज परफ्यूम और थोड़ी सी पसीने की गर्मी का मिक्स। मेरा हाथ 'गलती से' उनकी जांघ पर छू गया।

मामी का बदन कांप गया। लेकिन उन्होंने हाथ नहीं हटाया।

"मामी... आपको पता है, जब से मैंने आपको देखा है, मुझे और कोई लड़की अच्छी नहीं लगती," मैंने धीरे से कहा।

"रोहन... यह गलत है। मैं तेरी मामी हूं," उनकी आवाज कांप रही थी।

"लेकिन दिल तो कुछ और ही कह रहा है," मैंने उनका हाथ पकड़ लिया।

मामी ने मेरी तरफ देखा। उनकी आंखों में भी वही भूख थी जो मेरी में थी। शायद 6 महीने से पति से दूर रहने का असर था, या फिर मेरी जवानी का जादू। वह धीरे से मेरे करीब आईं।

"रोहन... बस... बस बहुत हो गया," कहकर उन्होंने मेरी चेस्ट पे हाथ रख दिया।

मैं समझ गया कि वह मना नहीं कर रहीं। मैंने उनका चेहरा अपने हाथों में लिया और उनके होठों पे अपने होठों रख दिए। पहले तो वह कांप गईं, फिर धीरे-धीरे रिस्पॉन्स देने लगीं।

"उम्म्म... रोहन... म्म्म..." उनकी आवाज दब रही थी।

मैंने अपनी जीभ उनके मुंह में डाल दी। मामी भी अब पूरी तरह गरम हो चुकी थीं। हम दोनों एक दूसरे को चूस रहे थे। मेरा एक हाथ उनके बूब्स पर चला गया और मैंने जोर से दबा दिया।

"आह्ह्ह... धीरे बेटा... दर्द हो रहा है..." मामी ने कहा।

मैंने उनकी साड़ी का पल्लू हटा दिया। ब्लाउज के ऊपर से ही मैं उनके दोनों बूब्स को मसलने लगा। मामी की आंखें बंद हो गईं। वह अपनी कमर हिला रही थीं।

मैंने मामी को गोद में उठा लिया। वह हल्की सी निकली, लगभग 55-60 किलो। मैं उनके बेडरूम में गया और उन्हें बेड पर पटक दिया।

"रोहन... आज रात तू मेरी प्यास बुझा दे। 6 महीने हो गए तुझ देख कर मैं कंट्रोल कर रही हूं," मामी ने शर्म छोड़कर कहा।

मैंने उनकी साड़ी खोलनी शुरू की। गीली साड़ी जल्दी ही उनके बदन से अलग हो गई। अब वह सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थीं। मैं उनके ऊपर लेट गया और उनके गले को चूसने लगा। मामी मेरे बाल पकड़ कर मुझ और करीब खींच रही थीं।

"जल्दी करो ना... मुझे और इंतजार नहीं होता," मामी बेचैन हो रही थीं।

मैंने उनका ब्लाउज खोला। एक मिनट... अंदर तो ब्रा भी नहीं थी! मामी ने शायद जान-बूझकर आज कुछ नहीं पहना था। उनके दोनों बूब्स बिल्कुल गोल, गोरे, और टाइट थे। निपल्स डार्क ब्राउन और सख्त हो चुके थे।

"वाह मामी... क्या माल है आप," मैंने कहकर एक बूब मुंह में ले लिया।

"ओह्ह्ह... हां... चूसो जोर से... बहुत दिन हो गए..." मामी तड़प रही थीं।

मैं दोनों बूब्स को बारी-बारी चूस रहा था, काट रहा था। कभी दोनों को एक साथ मसल देता। मामी पूरी तरह पागल हो रही थीं। उनकी पेटीकोट के ऊपर से ही मैं उनकी चूत पर हाथ फेरने लगा। वह पूरी गीली थीं।

"मामी... आप तो पूरी तरह गरम हो चुकी हो," मैंने कहा।

"तेरी वजह से बेटा... अब जल्दी से मेरी चूत को भी प्यार करो," मामी ने बेशर्मी से कहा।

मैंने उनकी पेटीकोट उतार दी। अब वह सिर्फ पैंटी में थीं — एक सेक्सी रेड लेस वाली। मैं उनकी टांगों के बीच झुका और उनकी पैंटी को स्मेल करने लगा। एक मदहोश करने वाली स्मेल आ रही थी — गरम औरत की चूत की।

"रोहन... चाट लो मेरी चूत... प्लीज... मैं पागल हो रही हूं," मामी ने अपनी टांगें फैला दीं।

मैंने उनकी पैंटी एक झटके में उतार दी। मामी की चूत बिल्कुल साफ शेव की हुई थी — गुलाबी, भीगी, और एकदम टाइट लुकिंग। क्लिट तो बिल्कुल एक छोटी सी चेरी की तरह उभरा हुआ था।

मैंने अपनी जीभ उनकी जांघों पे फेरी। मामी का बदन कांप रहा था। फिर धीरे-धीरे मैं उनकी चूत के पास आया।

"प्लीज... अब मत तड़पाओ..." मामी ने जिद की।

मैंने अपनी जीभ उनकी चूत पर लगाई। एक करंट सा उनके बदन में दौड़ गया। मामी जोर से चिल्लाईं — "आआह्ह्ह... हां... वैसे ही..."

मैं पूरी तरह उनकी चूत चाट रहा था। जीभ अंदर बाहर कर रहा था, क्लिट को चूस रहा था। मामी अपनी कमर जोर-जोर से हिला रही थीं, मेरी जीभ के साथ रिदम बनाने की कोशिश कर रही थीं।

"ओह्ह्ह... तेरी जीभ तो जादू है... हां... और अंदर... जोर से... आह्ह्ह... मैं आ रही हूं बेटा..."

मामी जोर से झड़ गईं। उनका रस मेरी जीभ पर बह निकला। मैंने सारा चाट लिया। वह पूरी तरह थक कर लेट गईं, लेकिन मैं अभी शुरू ही हुआ था।

मैंने अपने कपड़े उतार दिए। मेरा 7 इंच लंबा, मोटा लंड बिल्कुल खड़ा था। मामी ने उसे देखा तो उनकी आंखें फट गईं।

"इतना बड़ा है तेरा? तेरे मामा का तो आधा ही है," मामी हैरान हुईं।

"अब आपको इसी से काम चलाना पड़ेगा मामी," मैंने मुस्कुराते हुए कहा।

मैंने उनकी टांगों को अपने कंधों पर रखा। उनकी चूत का छेद बिल्कुल साफ दिख रहा था, गुलाबी, और थोड़ा सा खुला हुआ। मैंने अपने लंड की टोपी वहां रगड़ी।

"डाल दे बेटा... लेकिन धीरे से... बहुत दिन हो गए किसी ने चोदा नहीं," मामी ने कहा।

मैंने धीरे से एक धक्का दिया। सिर्फ टोपी अंदर गई तो मामी चिल्लाईं — "आह्ह्ह... मोटा है... धीरे..."

मैंने उनके बूब्स को पकड़ लिया और एक और जोरदार धक्का दिया। आधा लंड अंदर चला गया। मामी के मुंह से चीख निकली, लेकिन साथ ही मजा भी था।

"पूरा डाल दे... फाड़ दे मेरी चूत... आज तुझे पूरी आजादी है," मामी ने कहा।

मैंने एक और धक्का दिया। पूरा लंड मामी की गरम चूत में समा गया। वह पूरी तरह भर गई थीं। मैंने उनके होठों को चूसना शुरू कर दिया ताकि उनका दर्द कम हो।

थोड़ी देर बाद मैं हिलना शुरू किया। पहले धीरे-धीरे, फिर तेज। मामी अब पूरी तरह मस्ती में आ चुकी थीं। वह अपनी कमर उठा उठा कर मेरे धक्कों का जवाब दे रही थीं।

"आह्ह्ह... बेटा... बहुत मजा आ रहा है... चोद जोर से... अपनी मामी को कुत्तिया बनाके चोद..."

मैंने उनको घुमा लिया। अब वह डॉगी स्टाइल में थीं। उनकी गोल, टाइट गांड मेरे सामने थी। मैंने उनकी गांड पर एक थप्पड़ मारा।

"आह्ह्ह... मार और... मैं बदचलन हूं... मुझे मार..." मामी पागल हो रही थीं।

मैंने उनकी चूत में पीछे से लंड डाला और जोर-जोर से धक्के मारने लगा। मामी के बूब्स बेडशीट पर रगड़ रहे थे। मैं एक हाथ से उनके बाल पकड़कर खींच रहा था, दूसरे से उनकी कमर पकड़ी हुई थी।

"पच-पच-पच" की आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थीं। मामी जोर-जोर से चिल्लाईं — "हां... और तेज... फाड़ दे... मेरी चूत फाड़ दे... आह्ह्ह... बहुत गहरा जा रहा है..."

मैंने स्पीड और बढ़ा दी। अब पूरी तरह वाइल्ड हो चुका था। मामी की चूत अब पूरी तरह गीली और लूज हो चुकी थी, लेकिन टाइटनेस अब भी थी। मैं 10-15 मिनट तक लगातार चोदता रहा।

"बेटा... मैं फिर से आ रही हूं... तू भी आ जा... अंदर ही निकाल दे... आज सेफ डे है..." मामी ने कहा।

मैंने जोर-जोर से धक्के मारे। हम दोनों एक साथ चरम पर पहुंचे। मैंने अपना पूरा माल मामी की चूत के अंदर छोड़ दिया। वह भी झड़ गईं। हम दोनों थक कर एक दूसरे पर गिर गए।

रात के 2 बज चुके थे। हम दोनों नंगे एक दूसरे से लिपटे हुए थे। लेकिन मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था।

"क्या बात है बेटा... 22 साल की जवानी है... एक बार में मन नहीं भरा?" मामी ने मुस्कुराते हुए कहा।

"जब तक आपको पूरी तरह संतुष्ट ना कर दूं, कैसे मन लूं?" मैंने कहा।

इस बार मामी ने मुझे लिटाया और मेरे ऊपर चढ़ गईं। वह रिवर्स काउगर्ल पोजीशन में बैठ गईं — मतलब उनकी गांड मेरी तरफ, और वह पीछे की तरफ देख रही थीं। उन्होंने मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत में बैठ गईं।

"आआह्ह्ह... पूरा घुस गया..." मामी ने कमर हिलाना शुरू किया।

मैं उनकी गांड देख रहा था जो ऊपर नीचे हो रही थी। मैंने अपने हाथ उनकी गांड पर रखे और उनकी गोल गोल गांड को मसलने लगा। मामी तेज-तेज उछल रही थीं। उछलती हुई उनकी गांड के छेद की झलक भी मिल रही थी।

"मामी... एक बार गांड में भी ट्राई करें?" मैंने पूछा।

"नहीं बेटा... वहां बहुत दर्द होता है... कभी और..." मामी ने मना किया।

ठीक है, मैंने सोचा। अभी तो चूत ही काफी है। मामी ने 10 मिनट तक मुझे ऊपर बैठे बैठे चोदा, फिर वह झड़ गईं। मैं भी उनकी चूत में ही दूसरी बार निकल गया।

सुबह जब मेरी आंख खुली, मामी मेरे बगल में नंगी सो रही थीं। उनके बूब्स ऊपर की तरफ फैलते हुए थे। मैं कंट्रोल नहीं कर पाया और उनके ऊपर चढ़ गया।

मामी ने आंखें खोलीं। "गुड मॉर्निंग बेटा..."

"गुड मॉर्निंग मामी... अब मॉर्निंग सेक्स का टाइम है," मैंने कहा और उनकी टांगों के बीच घुस गया।

इस बार मैंने मिशनरी पोजीशन में उन्हें चोदा। स्लो, रोमांटिक, और डीप स्ट्रोक्स। मामी ने मेरे गाल को चूमा और प्यार से मेरी पीठ सहलाई।

"तू तो पूरा मर्द बन गया है... तेरी मामी अब तेरी फैन हो गई है," मामी ने कहा।

मैंने उनके बूब्स को चूसना शुरू किया और स्पीड बढ़ा दी। 15 मिनट की चुदाई के बाद हम दोनों एक साथ झड़े। इस बार मामी ने मेरा पूरा माल अपनी चूत में लिया।

उस दिन के बाद से मामी और मेरा रिश्ता बदल गया। वह सिर्फ मामी नहीं, मेरी सीक्रेट गर्लफ्रेंड बन गईं। मामा के टूर पर जाने पर हम रोज मिलते। कभी उनके घर, कभी मेरे घर, कभी होटल में।

मामी ने मुझे सेक्स के हर तरीके सिखाए — कैसे लड़की को संतुष्ट करें, कैसे ओरल सेक्स करें, कैसे डिफरेंट पोजीशन्स ट्राई करें। उनकी गरम चूत और सेक्सी बदन ने मेरी जवानी को और भी जोश दिया।

आज भी जब भी मैं उन्हें देखता हूं, मेरा लंड तुरंत खड़ा हो जाता है। और मामी? वह अब भी वैसी ही गरम और सेक्सी हैं, बस अब उनकी प्यास मैं पूरी तरह बुझा देता हूं।

कहानी
568 देखा गया
4.5 रेटिंग
1 पसंद
0 पसंदीदा
0 कमेंट
लेखक
Sujit Rajgor
इस कहानी को रेट करें:

कमेंट0

अपनी राय साझा करें

SexStories HQ

भाभी की गांड चुदाई, माँ-बेटे की चुदाई, ससुर-बहू का राज, कुंवारी लड़की की पहली चुदाई, ऑफिस, कॉलेज और हर तरह की हॉट सेक्स स्टोरीज़।

श्रेणियां

    कोई नया चैप्टर मिस न करें!

    जब भी नए सीक्रेट चैप्टर या कहानियां अपलोड होंगी, आपको तुरंत ईमेल अपडेट मिल जाएगा।

    © 2026 SexStoriesHQ. All rights reserved.

    Join TelegramFor latest updates 🚀
    Telegram Icon
    Fucked Sexy Aunty and Cummed on Her Boobs - Hindi Sex Story | SexStoriesHQ | SexStoriesHQ