कुंवारी बेटी को अपनी गोद में नंगी करके रात भर चोदा
19 साल की कुंवारी बेटी को पापा ने अपनी गोद में नंगी करके रात भर चोदा। पापा की गोद में लेटकर बेटी की चूत और गांड की पूरी रात की गर्म और टैबू चुदाई की ये बेहद हॉट कहानी। पापा-बेटी की निषिद्ध हवस की पूरी डिटेल।
अनुराग शर्मा 45 साल के एक सम्मानित और सफल बिजनेसमैन थे। उनकी पत्नी की 8 साल पहले मृत्यु हो चुकी थी। उसके बाद उन्होंने अपनी इकलौती बेटी प्रिया को बहुत प्यार और ध्यान से पाला था।
प्रिया अब 19 साल की हो चुकी थी और कॉलेज की दूसरी साल की स्टूडेंट थी। वह बेहद खूबसूरत थी — गोरा चमकदार रंग, लंबे घने काले बाल, बड़ी-बड़ी आँखें, भारी उभरी हुई छातियाँ, पतली कमर और गोल-मटोल नितंब।
प्रिया पापा की बहुत लाडली थी। वह पापा से बहुत लगाव रखती थी। एक गर्म और उमस भरी रात थी। प्रिया कॉलेज से थकी हुई लौटी। उसने शॉवर लिया और बहुत हल्का सा टॉप और छोटी शॉर्ट्स पहन ली।
रात के 11 बजे के आसपास प्रिया पापा के कमरे में आई। “पापा, आज अकेले नींद नहीं आ रही है। आपके पास सो सकती हूँ?” उसने नरम स्वर में पूछा।
अनुराग ने मुस्कुराते हुए कहा, “आ जा बेटी, कोई बात नहीं।” प्रिया पापा के बेड पर लेट गई और उनके सीने से सटकर लेट गई। कुछ देर तक दोनों बातें करते रहे। फिर प्रिया ने कहा, “पापा, मेरी पीठ और कमर में बहुत दर्द हो रहा है। थोड़ी मसाज कर दोगे?”
अनुराग कुछ पल सोचते रहे, फिर बोले, “ठीक है बेटा। आ, मेरी गोद में आ जा।” अनुराग ने प्रिया को अपनी गोद में लाकर पेट के बल लिटा दिया। अब उनकी नजर अपनी बेटी की गोरी और चिकनी जाँघों तथा मोटी गांड पर पड़ रही थी। उन्होंने धीरे-धीरे प्रिया की पीठ और कमर पर मसाज शुरू कर दी।
धीरे-धीरे उनका हाथ नीचे सरकता गया। जब हाथ प्रिया की गांड के पास पहुँचा तो उन्होंने हल्के से सहलाना शुरू किया। “पापा…” प्रिया ने धीरे से सिसकारी भरी।
अनुराग ने प्यार से कहा, “बेटी, अगर तुझे बुरा लग रहा हो तो बोल देना। पापा सिर्फ तेरा अच्छा चाहते हैं।”
प्रिया कुछ पल चुप रही, फिर धीरे से बोली, “नहीं पापा… मुझे अच्छा लग रहा है। आप जारी रखिए।”
अनुराग का हौसला बढ़ गया। उन्होंने प्रिया की शॉर्ट्स का बटन खोला और धीरे से उसे नीचे सरका दिया। अब प्रिया की टाइट सफेद पैंटी में लिपटी हुई उसकी बड़ी, गोरी और चिकनी गांड पूरी तरह सामने थी।
उन्होंने पहले पैंटी के ऊपर से ही दोनों हाथों से गांड को जोर से दबाया और मसलने लगे। “आह्ह्ह… उफ्फ… पापा…” प्रिया की साँसें तेज हो गईं।
फिर अनुराग ने पैंटी का किनारा पकड़कर उसे भी धीरे-धीरे उतार दिया। अब प्रिया की गांड पूरी तरह नंगी थी। उन्होंने गांड पर हल्के-हल्के थप्पड़ मारे — “चटाक… चटाक…”
प्रिया तकिए में मुँह दबाकर कराह रही थी। अनुराग ने अपनी नाक प्रिया की गांड के बीच में लगाई और गहरी साँस लेकर सूंघा।
“हाय बेटी… तेरी गांड की खुशबू कितनी मीठी है… पापा को बहुत अच्छा लग रहा है।” प्रिया शर्म से लाल हो गई लेकिन कुछ नहीं बोली।
अनुराग ने गांड को दोनों हाथों से फैलाया। अंदर एक छोटी सी, गुलाबी और साफ चेद दिख रही थी। गांड के आसपास बिल्कुल बाल नहीं थे।
“बेटी, तूने ये शेव कब किया?” अनुराग ने पूछा।
प्रिया शर्माते हुए बोली, “कल ही पापा… मैंने शेव कर लिया था।” अनुराग बहुत उत्तेजित हो चुके थे। उन्होंने पहले एक उँगली, फिर दो उँगलियाँ प्रिया की गांड में धीरे से डालीं। कुछ देर बाद तीन उँगलियाँ एक साथ डालकर धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगे।
“फच्… फच्… फच्…” हल्की आवाजें आने लगीं। प्रिया जोर से कराह उठी, “आह्ह्ह… पापा… उफ्फ… धीरे… लेकिन रुकना मत…”
अनुराग ने प्रिया को करवट देकर गोद में लिया। अब वे उसकी भारी छातियों को प्यार से दबा रहे थे, चूम रहे थे और हल्का-हल्का चूस रहे थे। प्रिया की साँसें पूरी तरह भारी हो चुकी थीं। वह पापा की गोद में कराह रही थी।
अनुराग ने उसके कान में प्यार से फुसफुसाया, “बेटी… अगर तू तैयार है तो पापा तुझे और भी करीब महसूस करना चाहते हैं…”
अनुराग ने अपनी बेटी प्रिया को गोद में उठाकर चूम लिया। उनका किस पहले प्यार भरा था, फिर धीरे-धीरे जुनूनी हो गया। प्रिया भी पापा के साथ सहयोग कर रही थी।
अनुराग ने प्रिया को बेड पर लिटाया और उसके टॉप को ऊपर किया। ब्रा के बिना उसकी दोनों भारी और गोरी छातियाँ सामने आ गईं। अनुराग ने एक छाती को दोनों हाथों से दबाया और निप्पल को मुंह में लेकर जोर से चूसने लगे।
“आह्ह्ह… पापा…” प्रिया की सिसकारी पूरे कमरे में गूँज गई। अनुराग दूसरे स्तन को मसलते और चूसते रहे। फिर उन्होंने प्रिया की शॉर्ट्स और पैंटी को पूरी तरह उतार दिया। अब प्रिया पूरी तरह नंगी उनके सामने लेटी थी।
अनुराग ने अपनी बेटी की जाँघें फैलाईं और अपनी जीभ से उसकी गुलाबी चूत को चाटना शुरू कर दिया। प्रिया ने पापा का सिर दोनों हाथों से पकड़ लिया और कराहने लगी।
“पापा… आह्ह्ह… बहुत अच्छा लग रहा है…” अनुराग ने चूत चाटते हुए उँगलियाँ भी अंदर डालनी शुरू कर दीं। प्रिया का पूरा शरीर सिहर रहा था।
कुछ देर बाद अनुराग ने प्रिया को पेट के बल कर दिया। फिर उन्होंने अपनी पैंट उतारी। उनका मोटा और खड़ा लंड बाहर आ गया। उन्होंने लंड पर थूक लगाया और प्रिया की चूत के मुंह पर रख दिया।
“बेटी… पापा अब तुम्हें अपनी बना रहे हैं। दर्द हो तो बताना,” अनुराग ने प्यार से कहा। प्रिया ने सिर हिलाया। अनुराग ने धीरे से धक्का दिया और अपना लंड अपनी बेटी की टाइट चूत में उतार दिया।
“आआह्ह्ह… पापा… बहुत बड़ा है…” प्रिया ने तकिए में मुँह दबाकर कहा।
अनुराग ने धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर किया और फिर तेजी से चोदना शुरू कर दिया। हर धक्के पर प्रिया की छातियाँ हिल रही थीं।
कुछ देर बाद उन्होंने प्रिया को doggy style में किया। उसकी गांड ऊपर थी। अनुराग ने गांड पर थप्पड़ मारा और लंड को गांड के छेद पर रखा। “पापा… वहाँ भी…” प्रिया ने शर्माते हुए कहा।
अनुराग ने गांड में भी धीरे-धीरे लंड डाला। प्रिया दर्द और मजे के मिश्रण में चीख रही थी। अनुराग ने अपनी बेटी की गांड को भी अच्छे से चोदा।
आखिर में उन्होंने प्रिया को गोद में बिठाया। प्रिया पापा के लंड पर ऊपर-नीचे हो रही थी। अनुराग उसकी छातियों को चूस रहे थे।
जब दोनों का climax आने वाला था, अनुराग ने तेजी से चोदते हुए प्रिया की चूत के अंदर ही अपना गर्म वीर्य भर दिया। दोनों थककर एक-दूसरे से लिपटकर लेट गए। अनुराग ने प्रिया के माथे पर किस किया और बोले, “बेटी… ये हमारा राज रहेगा। पापा तुझे बहुत प्यार करते हैं।”
प्रिया पापा के सीने पर सिर रखकर बोली, “पापा… मुझे भी बहुत अच्छा लगा। अब मैं पूरी तरह आपकी हूँ।”
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