कजिन रिया की टाइट गांड और चूत की चुदाई - दोनों होल जबरदस्त चोदे

कजिन रिया की टाइट गांड और गीली चूत की जबरदस्त चुदाई। पहले उसकी चूत चोदी, फिर जबरदस्ती उसकी टाइट गांड में पूरा लंड डाल दिया। दोनों होल एक साथ फाड़कर चोदे गए।

लेखक: Golu Shinde6 मिनट पढ़ने में
कजिन रिया की टाइट गांड और चूत की चुदाई - दोनों होल जबरदस्त चोदे

गर्मी का मौसम था। छत का पंखा तेज घूम रहा था, लेकिन कमरे में पसीना फिर भी चिपक रहा था। मैं सोफे पर लेटा फोन चला रहा था, तभी मेरी कजिन रिया कमरे में आई।

रिया उम्र में मुझसे दो साल छोटी थी, लेकिन उसका बदन एकदम जवान और भरा-भरा था। उसने सफेद रंग का टाइट टैंकटॉप पहना था। उसके गोल-गोल, भारी स्तन साफ दिख रहे थे। टैंकटॉप के नीचे ब्रा नहीं थी, इसलिए उसके गहरे निप्पल थोड़े-थोड़े उभरकर नजर आ रहे थे। नीचे काली टाइट लेगिंग्स थी। इतनी टाइट कि उसकी चिकनी, मोटी जांघें और गोल, रसीली गांड का आकार पूरी तरह साफ था। कपड़े उसके शरीर पर चिपके हुए थे जैसे रंग से रंगे हों।

वह मेरे पास आई और बिना कुछ कहे मेरे बगल में बैठ गई। उसकी जांघ मेरी जांघ से छू रही थी। थोड़ा सा हिला तो उसका नरम मांस मुझसे दब गया।

“भैया… आज घर पर कोई नहीं है,” उसने धीरे से कहा। आवाज में हल्की सी कंपन थी।

मैंने उसकी तरफ देखा। उसकी बड़ी काली आँखों में कुछ अलग था। वह टैंकटॉप के नीचे से अपने स्तन थोड़ा समायोजित कर रही थी, जान-बूझकर। मेरा लंड पहले ही सख्त होने लगा था। जींस के अंदर वह टाइट हो रहा था।

रिया ने नोटिस कर लिया। उसके होठों पर हल्की सी मुस्कान आ गई। उसने अपना हाथ धीरे से मेरी जांघ पर रखा और ऊपर की तरफ सरकाने लगी। “भैया… मैं आपको देखकर गर्मी महसूस करती हूँ…”

मैंने उसका हाथ पकड़ लिया, लेकिन छोड़ा नहीं। उसने मेरा हाथ अपने स्तनों पर ले जाकर दबा दिया। नरम, भारी और गर्म। टैंकटॉप के ऊपर से ही उसके निप्पल मेरे हथेली में सख्त हो रहे थे।

“रिया…” मैं बोला, लेकिन आवाज निकलते ही उसने अपना मुँह मेरे होठों पर लगा दिया।

पहला चुंबन गहरा और गीला था। उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में घुसा दी, चूसते हुए। मैं उसके स्तनों को दबा-दबाकर मसलने लगा। टैंकटॉप ऊपर उठा दिया। उसके नंगे, सांवले, भरे हुए स्तन बाहर निकल आए। निप्पल गहरे भूरे रंग के, पहले से ही सख्त। मैंने मुँह लगाया। एक निप्पल को होठों में लेकर चूसा, जीभ से घुमाया। रिया की साँस तेज हो गई। उसने मेरा सिर अपने स्तनों पर दबा दिया।

“और जोर से… भैया…”

मैं दूसरे स्तन पर चला गया। दाँतों से हल्के से काटा, फिर पूरा मुँह भरकर चूसा। उसके हाथ मेरी जींस के बटन पर थे। बटन खोला, जिप नीचे की, और मेरा लंड बाहर निकाल दिया। वह पहले से ही पत्थर जैसा सख्त था, नसें फूली हुई।

रिया ने नीचे देखा। उसके मुँह से हल्की सी आवाज निकली। उसने हाथ से पकड़ा, धीरे-धीरे ऊपर-नीचे करने लगी। आगे से पहले ही पानी निकल रहा था। उसने अंगूठे से फैला दिया।

फिर वह सोफे से नीचे बैठ गई, मेरे बीच में। लेगिंग्स अभी भी पहनी थी, लेकिन उसका चेहरा मेरे लंड के बिल्कुल सामने। उसने पहले नोक को होठों से छुआ, फिर जीभ निकालकर पूरे सिर को गीला किया। फिर धीरे-धीरे पूरा लंड अपने गर्म मुँह में ले लिया।

उसके गले तक चला गया। मैंने उसके बालों में हाथ डालकर पकड़ लिया। रिया गहराई तक ले जा रही थी, आँखें ऊपर मेरी तरफ, पानी से भरी हुई। लार उसकी ठुड्डी पर बह रही थी। वह चूसते हुए गहरी आवाजें निकाल रही थी। कभी सिर्फ नोक पर ध्यान देती, कभी अंडकोष को मुँह में लेकर चूसती।

मैंने उसका टैंकटॉप पूरी तरह उतार दिया। अब उसके नंगे स्तन मेरी जांघों पर छू रहे थे। मैंने उसके बालों को पकड़कर उसके मुँह में और गहरा धक्का दिया। रिया ने गला दबाया, लेकिन निकाला नहीं। उसने अपना हाथ अपनी लेगिंग्स के अंदर डाल लिया और अपनी चूत को रगड़ने लगी।

थोड़ी देर बाद मैंने उसे खड़ा किया। लेगिंग्स और पैंटी एक साथ नीचे खींच दी। उसकी चिकनी, मुँडाई हुई चूत दिख गई। होंठ पहले से ही गीले थे, थोड़े गुलाबी और सूजे हुए। मैंने उसे सोफे पर लिटाया, उसकी टाँगें फैलाईं, और मुँह उसकी चूत पर लगा दिया।

पहली ही चाट में उसका स्वाद मुँह में आ गया। मैंने उसकी क्लिट को जीभ से घुमाना शुरू किया, चूसा, फिर दो उंगलियाँ अंदर डाल दीं। रिया की कमर उछल पड़ी। “भैया… अंदर… और गहरा…”

मैंने उसकी जांघों को अपने कंधों पर डालकर उसकी चूत को खोलकर चाटने लगा। जीभ अंदर तक घुसाई, क्लिट को दाँतों से हल्के से काटा। उसका पानी मेरी ठुड्डी पर बह रहा था। रिया के हाथ मेरे बालों में थे, जोर से पकड़े हुए।

जब वह लगभग झड़ने वाली थी, मैं खड़ा हो गया। उसकी टाँगों को अपने कंधों पर उठाया, लंड को उसकी गीली चूत पर रगड़ा, और एक ही धक्के में अंदर तक घुसा दिया।

रिया की आवाज निकल गई। “आह्ह… इतना मोटा…”

मैंने उसके स्तनों को पकड़कर धक्के मारने शुरू किए। पहले धीमे, गहरे। हर धक्के में उसके स्तन हिल रहे थे। फिर तेज। सोफे के नीचे से आवाज आ रही थी। उसकी चूत इतनी टाइट थी कि हर बार निकलते हुए चूस रही थी।

मैंने उसे उलटा दिया। अब वह कुत्ते की तरह थी। उसके गोल, नरम गांड को दोनों हाथों से फैलाया, और पीछे से अंदर घुसाया। उसके गांड के गाल हर धक्के पर हिल रहे थे। मैंने उसके बालों को पकड़कर पीछे खींचा। रिया की आवाज अब खुलकर निकल रही थी।

“भैया… और जोर से… मुझे चोदो…”

मैंने उसके गांड पर थप्पड़ मारा। एक, दो, तीन। लाल निशान पड़ गए। उसका पानी मेरी जांघों पर बह रहा था। मैं उसकी क्लिट को हाथ से रगड़ने लगा जब पीछे से चोद रहा था।

रिया के शरीर में कंपन आ गए। उसने जोर से झड़ दिया। उसकी चूत मेरे लंड को दबा रही थी। मैं उसके अंदर ही तेज धक्के मारता रहा।

जब वह थोड़ी नरम हुई, मैंने उसे वापस उलटा दिया। उसकी टाँगों को फैलाकर उसके ऊपर लेट गया। अब आमने-सामने। उसके स्तन मेरी छाती पर दब रहे थे। मैंने उसके मुँह में जीभ डालकर चुंबन करते हुए अंदर तक धक्के मारते रहे।

उसके नाखून मेरी पीठ पर लग गए। “भैया… अंदर ही झाड़ दो… प्लीज…”

मैं उसके अंदर ही झड़ने लगा। गर्म, गाढ़ा पानी उसकी चूत में भर दिया। हर धड़कन के साथ और निकल रहा था। रिया अपने शरीर को मुझसे सटाए हुए थी, उसकी चूत मेरे लंड को निचोड़ रही थी।

हम दोनों पास-पास लेटे रहे। उसके स्तन अभी भी मेरी छाती पर थे, उसका दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। मेरा लंड अभी भी उसके अंदर नरम होते हुए था, पानी थोड़ा बाहर निकल रहा था उसकी जांघों पर।

रिया ने मेरे कान में धीरे से कहा, “अभी … और कुछ करना है…”

उसके होठों पर मुस्कान थी, आँखों में अभी भी वह गर्मी।

मैं उसके स्तनों को हाथ से मसल रहा था, निप्पलों को उंगलियों से चुटकी भरकर खींच रहा था। वह हल्की-हल्की सिसकियाँ ले रही थी, लेकिन आँखें बंद थीं, शरीर अभी भी ढीला था।

मैंने उसके कान में कहा, “अब तेरी गांड भी लूँगा।”

उसकी आँखें खुल गईं। “भैया… नहीं… वो नहीं… पहली बार है…”

मैंने उसके मुँह पर हाथ रख दिया। “चुप। आज दोनों छेद चोदेगा।”

उसने हाथ हटाने की कोशिश की, लेकिन मैंने उसके दोनों कलाई एक हाथ से पकड़कर उसके सिर के ऊपर दबा दिए। दूसरे हाथ से उसकी कमर पकड़कर उसे उलटा दिया। अब वह पेट के बल लेटी हुई थी, चेहरा तकिए में दबा हुआ। उसके गोल, नरम गांड मेरे सामने थे। अभी भी पहले के थप्पड़ों के हल्के लाल निशान थे।

मैंने उसके गांड के गालों को दोनों हाथों से फैलाया। बीच में उसका टाइट, गहरा गुलाबी गांड का छेद दिख रहा था, थोड़ा-थोड़ा सिकुड़ रहा था। उसकी चूत से अभी भी पानी निकल रहा था, जो उसके गांड के छेद तक पहुँच रहा था।

मैंने थूक दिया। बड़ा सा थूक सीधे उसके गांड के छेद पर गिरा। फिर दो उंगलियाँ उसके पानी से गीली करके उसके गांड में ठेल दीं। पहली उंगली तो अंदर चली गई, लेकिन दूसरी पर रिया की कमर उछल पड़ी।

“आह्ह… भैया… दर्द… निकालो… प्लीज…”

मैंने उसके बालों को पकड़कर उसका सिर पीछे खींचा। “सह ले। आज इसमें भी लंड जाएगा।”

मैं उंगलियाँ अंदर-बाहर करने लगा। पहले एक, फिर दो। उसका गांड का छेद धीरे-धीरे खुलने लगा, लेकिन अभी भी बहुत टाइट था। मैंने तीसरी उंगली भी ठेल दी। रिया जोर से चिल्लाई, उसके नाखून सोफे के कुशन में गड़ गए।

जब उसका छेद थोड़ा ढीला हुआ, मैंने अपना लंड उसके गांड पर रगड़ा। नोक को उसके छेद पर दबाया। वह अभी भी टाइट था। मैंने एक हाथ से उसकी कमर पकड़ी, दूसरे से लंड को संभाला, और एक ही जोर का धक्का मारा।

“आआआह्ह… नहीं… निकालो… बहुत दर्द…!”

लंड का सिर्फ आधा सिर अंदर गया था। रिया की आवाज में रोना आ गया। मैंने उसके मुँह पर हाथ रख दिया ताकि आवाज कम निकले, और दूसरा धक्का मारा। इस बार आधा लंड अंदर चला गया।

उसका गांड का छेद इतना टाइट था कि मेरे लंड को दबा रहा था। मैं रुक गया, उसके अंदर ही। रिया के शरीर में कंपन आ रहे थे। उसकी जांघें काँप रही थीं।

मैं धीरे-धीरे बाकी लंड भी अंदर ठेलने लगा। हर इंच पर रिया की आवाज निकल रही थी, लेकिन मैं उसके मुँह पर हाथ दबाए हुए था। जब पूरा लंड उसके गांड में गया, मैंने उसकी कमर को दोनों हाथों से पकड़कर पीछे से धक्के मारने शुरू किए।

पहले धीमे। हर धक्के में उसका गांड हिल रहा था। उसके स्तन सोफे पर दबे हुए थे। मैंने उसके बालों को पकड़कर उसका सिर पीछे खींचा, उसके कान में थूका, और बोला, “अब तेरी गांड भी मेरी है।”

फिर तेज धक्के शुरू किए। सोफे की आवाज बढ़ गई। उसके गांड के गाल हर धक्के पर हिल रहे थे। मैंने उसकी चूत से जो पानी निकल रहा था, उसे उंगलियों से लेकर उसके गांड के छेद पर और लगाया, ताकि और फिसलन हो जाए।

रिया अब रोने लगी थी, लेकिन उसकी चूत से पानी निकल रहा था। मैंने एक हाथ से उसकी चूत में दो उंगलियाँ डाल दीं, क्लिट को रगड़ने लगा, जब पीछे से उसकी गांड चोद रहा था।

“देख… तेरी चूत भी गीली हो रही है जब मैं तेरी गांड मार रहा हूँ।”

मैंने उसके शरीर को उठाया। अब वह कुत्ते की तरह थी, लेकिन मैंने उसके बालों को पकड़े हुए उसका सिर नीचे दबा रखा था। उसके गांड को ऊपर उठाए हुए, पूरी ताकत से धक्के मारता रहा। हर धक्के में मेरे अंडकोष उसकी चूत पर पड़ रहे थे।

थोड़ी देर बाद मैंने उसे वापस लिटाया। अब चेहरा ऊपर। उसकी टाँगों को उसके कंधों के पास मोड़ दिया, लगभग दोहरा। इस अवस्था में उसका गांड का छेद बिल्कुल खुला था। मैंने लंड वापस उसके गांड में ठेल दिया और ऊपर से पूरे वजन के साथ धक्के मारने लगा।

रिया की आँखों से पानी आ रहा था, लेकिन उसके मुँह से “आह… आह…” निकल रहा था। मैं उसके स्तनों को जोर से दबा रहा था, निप्पलों को दाँतों से काट रहा था।

“भैया… अब… अब झाड़… अंदर… गांड में…”

मैंने उसके शब्दों को सुनकर और तेज हो गया। उसके गांड के छेद को पूरी ताकत से चोदते हुए मैं झड़ने लगा। गर्म, गाढ़ा पानी सीधे उसके गांड के अंदर भर दिया। हर धड़कन के साथ उसके अंदर और निकल रहा था। उसके छेद से थोड़ा पानी बाहर निकलकर उसकी चूत पर बह रहा था।

मैं लंड अंदर ही रखे हुए उसके ऊपर गिर गया। उसका शरीर अभी भी काँप रहा था। मैंने उसके मुँह से हाथ हटाया। उसके होठ काँप रहे थे।

मैंने धीरे से लंड निकाला। उसका गांड का छेद अब खुला हुआ था, पानी निकल रहा था। मैंने उसके गांड के गालों को फैलाकर देखा, फिर थूक दिया उसके छेद पर।

रिया ने आँखें बंद किए हुए कहा, “भैया… दोनों छेद… आज पूरे… मरवा लिए…”

मैं उसके बगल में लेट गया। उसके स्तनों को हाथ में लेकर मसलने लगा। उसकी जांघें अभी भी खुली थीं, पानी उसके गांड और चूत दोनों से बह रहा था।

“अगली बार और भी जोर से होगा,” मैंने उसके कान में कहा।

उसने कुछ नहीं कहा। सिर्फ मेरी छाती पर सिर रख दिया, साँस अभी भी तेज थी।

कहानी
12 देखा गया
0.0 रेटिंग
0 पसंद
0 पसंदीदा
0 कमेंट
लेखक
Golu Shinde
इस कहानी को रेट करें:

कमेंट0

अपनी राय साझा करें

SexStories HQ

भाभी की गांड चुदाई, माँ-बेटे की चुदाई, ससुर-बहू का राज, कुंवारी लड़की की पहली चुदाई, ऑफिस, कॉलेज और हर तरह की हॉट सेक्स स्टोरीज़।

श्रेणियां

    कोई नया चैप्टर मिस न करें!

    जब भी नए सीक्रेट चैप्टर या कहानियां अपलोड होंगी, आपको तुरंत ईमेल अपडेट मिल जाएगा।

    © 2026 SexStoriesHQ. All rights reserved.

    Join TelegramFor latest updates 🚀
    Telegram Icon
    Cousin Riya’s Tight Ass and Pussy Fucking – Both Holes Fucked Hard | SexStoriesHQ | SexStoriesHQ