शर्मीली दुल्हन को मना के पूरी रात चोद दिया - दोनों छेद भरे

दुल्हन मना करती रही “नहीं… दर्द होगा”, लेकिन पति ने धीरे-धीरे मना लिया। फिर पूरी रात दुल्हन कराहती रही और चुतवाती रही। शर्मीली दुल्हन की वो मजेदार रात अब पढ़ो।

लेखक: Anil Pawan5 मिनट पढ़ने में
शर्मीली दुल्हन को मना के पूरी रात चोद दिया - दोनों छेद भरे

शादी हुए सिर्फ दो दिन हुए थे। अन्या 24 साल की थी। गोरी, सुंदर, बड़ी आँखें, भरी हुई बॉडी। लेकिन बहुत शर्मीली। पहली रात लगभग कुछ नहीं हुआ था। अन्या इतनी हिचक रही थी कि रोहन सिर्फ उसे गले लगाकर सो गया था। दूसरी रात भी वैसा ही लग रहा था।

रात के 10 बज रहे थे। रोहन बिस्तर पर लेटा था। मन में हल्की निराशा थी। अन्या बाथरूम से निकली। उसने एक ढीली नाइट ड्रेस पहन रखी थी। बाल खुले थे, लेकिन चेहरे पर शर्म साफ झलक रही थी। वह बिस्तर के किनारे बैठ गई, लेकिन रोहन की तरफ पीठ करके।

रोहन ने धीरे से उसका हाथ पकड़ा। “अन्या… देखो, हम पति-पत्नी हैं। तुम इतना क्यों शर्माती हो?”

अन्या ने सिर नीचे रखा। आवाज़ बहुत धीमी थी, “मुझे… मुझे पता नहीं… शर्म आती है।”

रोहन उसके करीब आया। उसने अन्या का चेहरा अपने तरफ किया और हल्के से माथे पर चुंबन किया। फिर गाल पर, फिर होठों के करीब। अन्या का शरीर थोड़ा सख्त हो गया, लेकिन वह हटी नहीं। रोहन ने धीरे से उसके होठों पर अपने होठ रख दिए। चुंबन बहुत हल्का था। अन्या की साँसें तेज होने लगीं।

रोहन ने धीरे-धीरे चुंबन गहरा किया। अन्या ने पहली बार जवाब दिया। उसकी जीभ हल्के से रोहन के होठों से छुई। रोहन ने उसका हाथ पकड़कर अपनी छाती पर रखा। फिर धीरे से उसका हाथ नीचे ले गया। अन्या ने झटके से हाथ खींच लिया।

“नहीं… अभी नहीं…” वह बोली।

रोहन रुका नहीं, लेकिन जबरदस्ती भी नहीं की। वह उसके गले और कान के पीछे चुंबन करने लगा। अन्या की साँसें और तेज हो गईं। रोहन ने धीरे से उसकी नाइट ड्रेस का एक स्ट्रैप नीचे किया। अन्या ने आँखें बंद कर लीं। रोहन ने दूसरा स्ट्रैप भी उतार दिया। नाइट ड्रेस आगे से खुल गई। अन्या की बड़ी गोरी चूचियाँ बाहर आ गईं। निप्पल्स कड़े हो चुके थे।

अन्या ने शर्म से चेहरा दूसरी तरफ कर लिया। रोहन ने धीरे से एक चूची को मुँह में ले लिया और हल्के से चूसने लगा। अन्या की हल्की कराह निकल गई। वह रोहन का सिर पकड़ने लगी, लेकिन हटाने के बजाय और पास दबा रही थी।

“आह्ह… रोहन…” पहली बार उसका नाम इस अंदाज में निकला।

रोहन ने दोनों चूचियों को बारी-बारी से चूसा और मसला। अन्या की शर्म धीरे-धीरे कम हो रही थी। रोहन ने उसकी नाइट ड्रेस पूरी ऊपर कर दी। अन्या अब सिर्फ पैंटी में थी। रोहन ने उसकी जांघों को सहलाया, फिर धीरे से पैंटी के ऊपर से उसकी चूत पर हाथ रखा। अन्या गीली हो चुकी थी।

अन्या ने आँखें खोलीं। चेहरे पर शर्म और इच्छा दोनों थीं। “रोहन… हल्के से करना… दर्द न हो…”

रोहन ने उसकी पैंटी धीरे से उतार दी। अन्या की टाँगें खुद थोड़ी खुल गईं। रोहन ने अपनी उंगली उसकी गीली चूत पर फेरी, फिर धीरे से अंदर डाली। अन्या की कमर काँप गई। रोहन ने उंगली अंदर-बाहर की, क्लिट को सहलाया। अन्या की कराहें बढ़ने लगीं।

जब अन्या काफी गीली हो गई तो रोहन ने अपने कपड़े उतारे। उसका लंड सख्त था। उसने अन्या की टाँगें फैलाईं और लंड को उसकी चूत पर रखा। धीरे से धक्का मारा। सिर्फ थोड़ा सा अंदर गया। अन्या की भौंहें सिकुड़ गईं।

“आह्ह… दर्द… धीरे…”

रोहन रुका, फिर बहुत धीरे-धीरे और अंदर गया। अन्या की आँखों में आँसू थे, लेकिन उसने रोहन को नहीं धक्का दिया। रोहन ने पूरा लंड अंदर डाल दिया और रुक गया। अन्या की साँसें तेज चल रही थीं। थोड़ी देर बाद रोहन ने धीरे-धीरे हिलना शुरू किया।

दर्द धीरे-धीरे कम हो रहा था। अन्या की कराहें बदलने लगीं। रोहन ने उसकी एक चूची मुँह में ले ली और धीरे-धीरे गति बढ़ाई। अन्या अब रोहन की पीठ पकड़ने लगी थी।

“थोड़ा… और जोर से… अच्छा लग रहा है,” अन्या ने बहुत धीमी आवाज़ में कहा।

रोहन ने उसकी टाँगें अपने कंधों पर चढ़ा दीं और गहराई तक जाने लगा। अन्या की कराहें अब साफ सुनाई दे रही थीं। उसकी शर्म लगभग टूट चुकी थी। वह रोहन को और पास खींच रही थी।

रात अभी बाकी थी…और अन्या पहली बार पूरी तरह खुलने वाली थी।

थोड़ी देर बाद अन्या का शरीर काँपने लगा। वह पहली बार चरम पर पहुँची। उसकी चूत ने रोहन के लंड को कसकर जकड़ लिया। रोहन ने उसी समय अपना पानी उसके अंदर छोड़ दिया। दोनों कुछ देर तक एक-दूसरे से चिपके रहे। साँसें तेज चल रही थीं।

रोहन ने लंड बाहर निकाला। अन्या की टाँगों के बीच से उसका पानी बह रहा था। अन्या शर्म से चेहरा दूसरी तरफ कर रही थी, लेकिन उसके शरीर में अब वह कसाव नहीं था जो पहले था।

रोहन उसके पास लेट गया और उसके बाल सहलाने लगा। “दर्द तो नहीं हो रहा?”

अन्या ने सिर हिलाया। फिर बहुत धीमी आवाज़ में बोली, “थोड़ा… लेकिन अच्छा भी लग रहा था।”

रोहन मुस्कुराया। उसने अन्या को अपनी तरफ खींचा और फिर से उसके होठों पर चुंबन किया। इस बार अन्या ने खुद जवाब दिया। चुंबन गहरा होता गया। रोहन का हाथ फिर से उसकी चूची पर चला गया। अन्या ने इस बार हाथ नहीं हटाया। बल्कि वह खुद रोहन के करीब होने लगी।

कुछ देर बाद रोहन का लंड फिर से सख्त हो गया। अन्या ने महसूस किया। उसकी आँखों में फिर से शर्म थी, लेकिन इस बार वह हटी नहीं। रोहन ने उसे धीरे से पेट के बल लिटा दिया। अन्या की गोल गाँड अब उसके सामने थी। रोहन ने उसके कूल्हों को ऊपर उठाया और पीछे से फिर से लंड अंदर डाल दिया।

अन्या की कराह निकल गई। “आह्ह… इस बार… और गहरा लग रहा है…”

रोहन ने धीरे-धीरे लेकिन मजबूती से धक्के मारने शुरू किए। एक हाथ से वह अन्या की चूची मसल रहा था। अन्या तकिया पकड़े हुए कराह रही थी। उसकी शर्म अब लगभग खत्म हो चुकी थी। वह खुद अपनी गाँड थोड़ी पीछे कर रही थी।

“और जोर से… करो,” अन्या ने इस बार साफ आवाज़ में कहा।

रोहन ने गति बढ़ा दी। अब धक्के तेज और गहरे थे। अन्या की कराहें कमरे में गूंजने लगीं। रोहन ने उसके बाल पकड़कर हल्के से सर पीछे किया और और जोर से चोदने लगा। अन्या दूसरी बार चरम पर पहुँच गई। उसका शरीर काँप रहा था। रोहन ने फिर से अपना पानी उसके अंदर छोड़ दिया।

दोनों थककर बिस्तर पर गिर गए। अन्या रोहन की छाती से चिपक गई। इस बार उसकी शर्म पूरी तरह टूट चुकी थी। वह रोहन की छाती पर उंगलियाँ फेर रही थी।

थोड़ी देर बाद अन्या ने खुद रोहन का लंड हाथ में लिया। वह फिर से सख्त हो रहा था। अन्या ने ऊपर देखकर कहा, “एक बार और… लेकिन इस बार मैं ऊपर रहूँगी।”

रोहन हैरान था, लेकिन खुश भी। अन्या उसके ऊपर चढ़ गई। उसने खुद लंड को अपनी चूत पर रखा और धीरे-धीरे अंदर ले लिया। फिर वह कमर हिलाने लगी। पहले धीरे, फिर तेज। उसकी बड़ी चूचियाँ रोहन के चेहरे के सामने हिल रही थीं। रोहन ने दोनों को मुँह में ले लिया और चूसने लगा।

अन्या अब पूरी तरह खुल चुकी थी। वह जोर-जोर से ऊपर-नीचे हो रही थी। कराहें निकल रही थीं। रोहन नीचे से धक्के मार रहा था। दोनों की साँसें एक हो गई थीं।

उस रात वे तीन बार एक हुए। अन्या की शर्म टूट चुकी थी। वह अब खुद रोहन को छू रही थी, खुद पोजीशन बदल रही थी, और खुद और जोर से करने को कह रही थी।

सुबह होने के करीब अन्या रोहन की बाँहों में सो गई। उसके चेहरे पर एक शांत मुस्कान थी। शादी के तीसरे दिन सुबह दोनों जान गए थे कि अब उनके बीच कोई हिचक बाकी नहीं रही।

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