कुंवारी बहन की टाइट चूचियों और गांड को चोदा
अकेली कुंवारी बहन को भाई ने जबरदस्ती चोदा। टाइट चूचियों को दबाकर, कुंवारी चूत और टाइट गांड फाड़ दी। पूरी तरह hardcore और dirty चुदाई की कहानी।
राहुल 22 साल का था, कॉलेज का छात्र, और उसकी छोटी बहन प्रिया 20 साल की, अभी कॉलेज की पहली साल की स्टूडेंट। दोनों घर में ही रहते थे। माँ-पापा अक्सर बाहर जाते रहते थे। दोनों अभी तक वर्जिन थे।
राहुल पिछले कई महीनों से अपनी बहन प्रिया के शरीर को देखकर पागल हो रहा था। प्रिया का गोरा रंग, नाजुक चेहरा, बड़े-बड़े स्तन, पतली कमर और गोल-गोल नितंब उसे रात-रात भर जागा रखते थे। वह अक्सर सोचता कि काश एक दिन वह अपनी बहन को अपने नीचे दबाकर उसकी कुंवारी देह को चोद सके।
उस दिन माँ-पापा किसी रिश्तेदार के यहाँ गए हुए थे और रात को लौटने वाले थे। घर में सिर्फ राहुल और प्रिया थे। प्रिया अपने कमरे में किताब पढ़ रही थी। वह एक हल्के गुलाबी टॉप और शॉर्ट्स पहने हुए थी। उसके स्तन टॉप के अंदर से साफ झांक रहे थे। राहुल दरवाजे से झांककर उसे देख रहा था। उसका लंड पहले ही खड़ा हो चुका था।
"प्रिया..." राहुल अंदर आया।
"क्या है भैया?" प्रिया ने मुस्कुराते हुए पूछा।
राहुल ने एकदम से आगे बढ़कर प्रिया को पकड़ लिया। प्रिया चौंक गई। "भैया, छोड़ो! क्या कर रहे हो?"
"चुप रह साली रंडी! आज तुझे मैं चोदने वाला हूँ।" राहुल ने क्रूर स्वर में कहा।
प्रिया डर गई। वह छूटने की कोशिश करने लगी लेकिन राहुल मजबूत था। उसने प्रिया के टॉप को दोनों हाथों से जोर से खींचा। "फाड़!" आवाज के साथ टॉप फट गया। प्रिया के बड़े-बड़े, गोरे स्तन ब्रा में कैद थे। राहुल ने ब्रा को भी बीच से पकड़कर जोर से खींचा। ब्रा के हुक टूट गए और स्तन बाहर आ गए। प्रिया चीखी, "नहीं भैया! प्लीज मत करो!"
राहुल ने प्रिया को जमीन पर धकेल दिया। उसने शॉर्ट्स को भी नीचे खींचा और फाड़ दिया। अब प्रिया सिर्फ पैंटी में थी। राहुल ने पैंटी भी दोनों हाथों से फाड़ दी। प्रिया की मोटी और गोरी कुंवारी चूत अब राहुल के सामने पूरी तरह खुली हुई थी।
उसकी मोटी चूत की पलकें गुलाबी और चमकदार थीं। राहुल ने झुककर अपनी जीभ से प्रिया की चूत को चाटना शुरू कर दिया। वह पूरी चूत को चाट रहा था, ऊपर से नीचे तक, क्लिटोरिस को चूस रहा था। फिर उसने अपना नाक पूरी तरह चूत के अंदर घुसा दिया और गहरी साँस लेकर उसकी कुंवारी चूत की पूरी सुगंध को सूंघ लिया।
"आह... कितनी मीठी और ताज़ी है तेरी चूत की खुशबू!" वह बार-बार नाक घुसाकर सूंघ रहा था और फिर जोर-जोर से चाट रहा था। प्रिया शर्म और दर्द से कराह रही थी।
प्रिया रो रही थी। राहुल ने अपनी बेल्ट निकाली और प्रिया के दोनों हाथों को पीछे बांध दिया। फिर उसने उसके पैर भी अलग-अलग करके बांध दिए। प्रिया फर्श पर लेटी हुई थी, पूरी तरह बेबस। राहुल ने अपने कपड़े उतार दिए। उसका मोटा, लंबा लंड खड़ा था।
सबसे पहले राहुल ने प्रिया की चूत पर हाथ रखा। "कितनी नरम और मोटी है तेरी कुंवारी चूत!" उसने अपनी दो उंगलियाँ चूत के छेद पर रखीं और जोर से अंदर धकेल दीं। प्रिया चीख उठी, "आआआह! दर्द हो रहा है भैया!"
राहुल ने उंगलियाँ तेजी से अंदर-बाहर करने शुरू कर दीं। प्रिया की चूत धीरे-धीरे गीली होने लगी। राहुल ने तीसरी उंगली भी डाल दी और तेजी से finger-fuck करने लगा। प्रिया के मुंह से कराहने की आवाजें निकलने लगीं। कुछ देर बाद राहुल ने अपनी अंगुली को प्रिया की गाँड के छेद पर रखा और वहाँ भी अंदर डाल दी। दोनों छेदों में उंगलियाँ घुसाते हुए वह तेजी से हिलाने लगा।
प्रिया का शरीर काँपने लगा। "नहीं... कुछ हो रहा है... रुक जाओ!" लेकिन राहुल नहीं रुका। उसने तेजी बढ़ा दी। अचानक प्रिया की चूत से झटके के साथ पानी की फुहार निकली। "आआआह!" प्रिया चीखी और उसकी मुट (स्क्वर्ट) फर्श पर गिर गई।
राहुल हँसा। "देख, तेरी चूत ने पानी निकाल दिया!" उसने अपनी उंगलियों पर लगा पानी प्रिया के मुंह के पास लगाया। "चाट साली!"
प्रिया ने मुंह फेर लिया। राहुल ने उसके बाल पकड़े और मुंह खोलकर अपनी उंगलियाँ जबरदस्ती मुंह में डाल दीं। "चाट! चूस!" प्रिया रोते हुए चाटने लगी।
फिर राहुल ने अपना लंड प्रिया के मुंह के सामने किया। "मुंह खोल!" प्रिया ने मना किया तो राहुल ने उसके गाल पर जोर का थप्पड़ मारा। "खोल!" प्रिया ने मुंह खोला। राहुल ने अपना मोटा लंड पूरा का पूरा मुंह में ठूंस दिया।
प्रिया का गला भर गया। वह उल्टी करने लगी लेकिन राहुल ने सिर पकड़कर गले तक लंड घुसा दिया। "चूस रंडी! गला फाड़ के चूस!" राहुल ने प्रिया का मुंह लगातार चोदा। लार और थूक उसके मुंह से बाहर निकल रहा था।
कुछ देर बाद राहुल ने सोचा कुछ और मजा लेने का। वह किचन गया और एक लंबा, मोटा बैंगन लाया। बैंगन अच्छा चिकना और लंबा था। उसने पहले बैंगन को प्रिया के मुंह में डाला। "चूस इसे! चिकना कर!" प्रिया रोते हुए बैंगन को चूसने लगी।
फिर राहुल ने बैंगन को प्रिया की चूत के छेद पर रखा। "अब तेरी कुंवारी चूत फाड़ता हूँ!" उसने जोर से बैंगन को अंदर धकेला। प्रिया जोर से चीखी। बैंगन आधा अंदर चला गया। राहुल ने उसे अंदर-बाहर करने लगा। खून की कुछ बूँदें निकलीं क्योंकि वह कुंवारी थी।
"आआह! दर्द हो रहा है भैया! निकालो!" प्रिया चिल्लाई।
राहुल ने बैंगन निकाला और अब उसे प्रिया की गाँड के छेद पर लगाया। "अब गाँड फाड़ते हैं!" उसने जोर से ठेला। बैंगन प्रिया की टाइट गाँड में घुसने लगा। प्रिया पागल होकर चीखने लगी। राहुल ने पूरा बैंगन अंदर डाल दिया और पंप करने लगा।
फिर राहुल ने प्रिया के बंधे हुए पैर खोल दिए लेकिन हाथ अभी बंधे थे। उसने प्रिया को 69 पोजीशन में लिटाया। राहुल ऊपर था। उसकी चूत प्रिया के मुंह के ऊपर थी और उसका लंड प्रिया के मुंह में। राहुल ने प्रिया की चूत को जोर-जोर से चाटना शुरू किया। जीभ अंदर डालकर चाट रहा था। फिर उसने प्रिया की चूत की नस को दाँत से काट लिया।
"आआआआह! मर गई!" प्रिया जोर से चीखी।
राहुल ने गुस्से में प्रिया की गाँड पर जोर-जोर से थप्पड़ मारे। "चुप कर!" फिर उसने प्रिया के स्तनों को भी जोर से मारा। स्तन लाल हो गए। प्रिया रोते हुए राहुल का लंड चूस रही थी।
राहुल ने 69 पोजीशन में प्रिया की चूत और गाँड दोनों को चाटा, काटा, उंगलियाँ डालीं। प्रिया कई बार चीखी और फिर से मुट निकली। आखिरकार राहुल ने अपना लंड प्रिया की चूत में घुसाने का फैसला किया।
"अब असली चुदाई!" उसने लंड की नोक चूत पर रखी और एक जोरदार झटके से पूरा लंड अंदर ठेल दिया। प्रिया की कुंवारी चूत फट गई। खून निकला। राहुल ने तेज-तेज धक्के मारने शुरू कर दिए।
"तेरी चूत अब मेरी है साली!" वह बोलता हुआ प्रिया को चोद रहा था। प्रिया दर्द और थोड़े से अनचाहे सुख से कराह रही थी। राहुल ने लंबे समय तक चोदा। फिर उसने प्रिया की गाँड में भी लंड डाला। गाँड और भी टाइट थी।
आखिर में राहुल ने प्रिया के मुंह में अपना सारा वीर्य उंडेल दिया। "पी ले सब!"
प्रिया थकी हुई, रोती हुई, चूत और गाँड लाल और फटी हुई पड़ी थी। राहुल ने उसके बाल पकड़कर कहा, "आज से तू मेरी रंडी है। जब भी चाहूँगा, चोदूँगा।"
यह सिर्फ शुरुआत थी। माँ-पापा के आने से पहले राहुल ने अपनी बहन को कई बार और चोदा, बैंगन से, उंगलियों से और अपने लंड से। प्रिया अब उसकी मजबूरी थी।
राहुल 22 साल का था, कॉलेज का छात्र, और उसकी छोटी बहन प्रिया 20 साल की, अभी कॉलेज की पहली साल की स्टूडेंट। दोनों घर में ही रहते थे। माँ-पापा अक्सर बाहर जाते रहते थे। दोनों अभी तक वर्जिन थे।
राहुल पिछले कई महीनों से अपनी बहन प्रिया के शरीर को देखकर पागल हो रहा था। प्रिया का गोरा रंग, नाजुक चेहरा, बड़े-बड़े स्तन, पतली कमर और गोल-गोल नितंब उसे रात-रात भर जागा रखते थे। वह अक्सर सोचता कि काश एक दिन वह अपनी बहन को अपने नीचे दबाकर उसकी कुंवारी देह को चोद सके।
उस दिन माँ-पापा किसी रिश्तेदार के यहाँ गए हुए थे और रात को लौटने वाले थे। घर में सिर्फ राहुल और प्रिया थे। प्रिया अपने कमरे में किताब पढ़ रही थी। वह एक हल्के गुलाबी टॉप और शॉर्ट्स पहने हुए थी। उसके स्तन टॉप के अंदर से साफ झांक रहे थे। राहुल दरवाजे से झांककर उसे देख रहा था। उसका लंड पहले ही खड़ा हो चुका था।
"प्रिया..." राहुल अंदर आया।
"क्या है भैया?" प्रिया ने मुस्कुराते हुए पूछा।
राहुल ने एकदम से आगे बढ़कर प्रिया को पकड़ लिया। प्रिया चौंक गई। "भैया, छोड़ो! क्या कर रहे हो?"
"चुप रह साली रंडी! आज तुझे मैं चोदने वाला हूँ।" राहुल ने क्रूर स्वर में कहा।
प्रिया डर गई। वह छूटने की कोशिश करने लगी लेकिन राहुल मजबूत था। उसने प्रिया के टॉप को दोनों हाथों से जोर से खींचा। "फाड़!" आवाज के साथ टॉप फट गया। प्रिया के बड़े-बड़े, गोरे स्तन ब्रा में कैद थे। राहुल ने ब्रा को भी बीच से पकड़कर जोर से खींचा। ब्रा के हुक टूट गए और स्तन बाहर आ गए। प्रिया चीखी, "नहीं भैया! प्लीज मत करो!"
राहुल ने प्रिया को जमीन पर धकेल दिया। उसने शॉर्ट्स को भी नीचे खींचा और फाड़ दिया। अब प्रिया सिर्फ पैंटी में थी। राहुल ने पैंटी भी दोनों हाथों से फाड़ दी। प्रिया की मोटी और गोरी कुंवारी चूत अब राहुल के सामने पूरी तरह खुली हुई थी।
उसकी मोटी चूत की पलकें गुलाबी और चमकदार थीं। राहुल ने झुककर अपनी जीभ से प्रिया की चूत को चाटना शुरू कर दिया। वह पूरी चूत को चाट रहा था, ऊपर से नीचे तक, क्लिटोरिस को चूस रहा था। फिर उसने अपना नाक पूरी तरह चूत के अंदर घुसा दिया और गहरी साँस लेकर उसकी कुंवारी चूत की पूरी सुगंध को सूंघ लिया।
"आह... कितनी मीठी और ताज़ी है तेरी चूत की खुशबू!" वह बार-बार नाक घुसाकर सूंघ रहा था और फिर जोर-जोर से चाट रहा था। प्रिया शर्म और दर्द से कराह रही थी।
प्रिया रो रही थी। राहुल ने अपनी बेल्ट निकाली और प्रिया के दोनों हाथों को पीछे बांध दिया। फिर उसने उसके पैर भी अलग-अलग करके बांध दिए। प्रिया फर्श पर लेटी हुई थी, पूरी तरह बेबस। राहुल ने अपने कपड़े उतार दिए। उसका मोटा, लंबा लंड खड़ा था।
सबसे पहले राहुल ने प्रिया की चूत पर हाथ रखा। "कितनी नरम और मोटी है तेरी कुंवारी चूत!" उसने अपनी दो उंगलियाँ चूत के छेद पर रखीं और जोर से अंदर धकेल दीं। प्रिया चीख उठी, "आआआह! दर्द हो रहा है भैया!"
राहुल ने उंगलियाँ तेजी से अंदर-बाहर करने शुरू कर दीं। प्रिया की चूत धीरे-धीरे गीली होने लगी। राहुल ने तीसरी उंगली भी डाल दी और तेजी से finger-fuck करने लगा। प्रिया के मुंह से कराहने की आवाजें निकलने लगीं। कुछ देर बाद राहुल ने अपनी अंगुली को प्रिया की गाँड के छेद पर रखा और वहाँ भी अंदर डाल दी। दोनों छेदों में उंगलियाँ घुसाते हुए वह तेजी से हिलाने लगा।
प्रिया का शरीर काँपने लगा। "नहीं... कुछ हो रहा है... रुक जाओ!" लेकिन राहुल नहीं रुका। उसने तेजी बढ़ा दी। अचानक प्रिया की चूत से झटके के साथ पानी की फुहार निकली। "आआआह!" प्रिया चीखी और उसकी मुट (स्क्वर्ट) फर्श पर गिर गई।
राहुल हँसा। "देख, तेरी चूत ने पानी निकाल दिया!" उसने अपनी उंगलियों पर लगा पानी प्रिया के मुंह के पास लगाया। "चाट साली!"
प्रिया ने मुंह फेर लिया। राहुल ने उसके बाल पकड़े और मुंह खोलकर अपनी उंगलियाँ जबरदस्ती मुंह में डाल दीं। "चाट! चूस!" प्रिया रोते हुए चाटने लगी।
फिर राहुल ने अपना लंड प्रिया के मुंह के सामने किया। "मुंह खोल!" प्रिया ने मना किया तो राहुल ने उसके गाल पर जोर का थप्पड़ मारा। "खोल!" प्रिया ने मुंह खोला। राहुल ने अपना मोटा लंड पूरा का पूरा मुंह में ठूंस दिया।
प्रिया का गला भर गया। वह उल्टी करने लगी लेकिन राहुल ने सिर पकड़कर गले तक लंड घुसा दिया। "चूस रंडी! गला फाड़ के चूस!" राहुल ने प्रिया का मुंह लगातार चोदा। लार और थूक उसके मुंह से बाहर निकल रहा था।
कुछ देर बाद राहुल ने सोचा कुछ और मजा लेने का। वह किचन गया और एक लंबा, मोटा बैंगन लाया। बैंगन अच्छा चिकना और लंबा था। उसने पहले बैंगन को प्रिया के मुंह में डाला। "चूस इसे! चिकना कर!" प्रिया रोते हुए बैंगन को चूसने लगी।
फिर राहुल ने बैंगन को प्रिया की चूत के छेद पर रखा। "अब तेरी कुंवारी चूत फाड़ता हूँ!" उसने जोर से बैंगन को अंदर धकेला। प्रिया जोर से चीखी। बैंगन आधा अंदर चला गया। राहुल ने उसे अंदर-बाहर करने लगा। खून की कुछ बूँदें निकलीं क्योंकि वह कुंवारी थी।
"आआह! दर्द हो रहा है भैया! निकालो!" प्रिया चिल्लाई।
राहुल ने बैंगन निकाला और अब उसे प्रिया की गाँड के छेद पर लगाया। "अब गाँड फाड़ते हैं!" उसने जोर से ठेला। बैंगन प्रिया की टाइट गाँड में घुसने लगा। प्रिया पागल होकर चीखने लगी। राहुल ने पूरा बैंगन अंदर डाल दिया और पंप करने लगा।
फिर राहुल ने प्रिया के बंधे हुए पैर खोल दिए लेकिन हाथ अभी बंधे थे। उसने प्रिया को 69 पोजीशन में लिटाया। राहुल ऊपर था। उसकी चूत प्रिया के मुंह के ऊपर थी और उसका लंड प्रिया के मुंह में। राहुल ने प्रिया की चूत को जोर-जोर से चाटना शुरू किया। जीभ अंदर डालकर चाट रहा था। फिर उसने प्रिया की चूत की नस को दाँत से काट लिया।
"आआआआह! मर गई!" प्रिया जोर से चीखी।
राहुल ने गुस्से में प्रिया की गाँड पर जोर-जोर से थप्पड़ मारे। "चुप कर!" फिर उसने प्रिया के स्तनों को भी जोर से मारा। स्तन लाल हो गए। प्रिया रोते हुए राहुल का लंड चूस रही थी।
राहुल ने 69 पोजीशन में प्रिया की चूत और गाँड दोनों को चाटा, काटा, उंगलियाँ डालीं। प्रिया कई बार चीखी और फिर से मुट निकली। आखिरकार राहुल ने अपना लंड प्रिया की चूत में घुसाने का फैसला किया।
"अब असली चुदाई!" उसने लंड की नोक चूत पर रखी और एक जोरदार झटके से पूरा लंड अंदर ठेल दिया। प्रिया की कुंवारी चूत फट गई। खून निकला। राहुल ने तेज-तेज धक्के मारने शुरू कर दिए।
"तेरी चूत अब मेरी है साली!" वह बोलता हुआ प्रिया को चोद रहा था। प्रिया दर्द और थोड़े से अनचाहे सुख से कराह रही थी। राहुल ने लंबे समय तक चोदा। फिर उसने प्रिया की गाँड में भी लंड डाला। गाँड और भी टाइट थी।
आखिर में राहुल ने प्रिया के मुंह में अपना सारा वीर्य उंडेल दिया। "पी ले सब!"
प्रिया थकी हुई, रोती हुई, चूत और गाँड लाल और फटी हुई पड़ी थी। राहुल ने उसके बाल पकड़कर कहा, "आज से तू मेरी रंडी है। जब भी चाहूँगा, चोदूँगा।"
यह सिर्फ शुरुआत थी। माँ-पापा के आने से पहले राहुल ने अपनी बहन को कई बार और चोदा, बैंगन से, उंगलियों से और अपने लंड से। प्रिया अब उसकी मजबूरी थी।
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