बीवी की चूत की आग मैंने रात भर बुझाई - हिंदी सेक्स स्टोरी
4 महीने से बिना सेक्स के पड़ी पत्नी की चूत की आग मैंने रात भर जमकर बुझाई। हर पोजीशन में जोर-जोर से चोदा और उसे पूरी तरह संतुष्ट कर दिया। पूरी तरह वाइल्ड और हॉट चुदाई।
मेरा नाम राहुल है, उम्र ३२ साल। मैं एक अच्छी कंपनी में मैनेजर हूँ। मेरी पत्नी प्रिया २८ साल की है। वो बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी औरत है — गोरा रंग, लंबे काले बाल, बड़ी-बड़ी टाइट चूचियाँ, पतली कमर और भरी हुई गोल गाँड। हमारी शादी को ४ साल हो चुके थे।
पिछले कुछ महीनों से हम दोनों की जिंदगी बहुत व्यस्त हो गई थी। मेरी जॉब और उसकी ऑफिस टाइमिंग की वजह से हम दोनों के बीच रोमांटिक और शारीरिक निकटता बहुत कम हो गई थी। कई बार तो पूरे हफ्ते में एक बार भी सेक्स नहीं होता था।|
एक शुक्रवार की रात थी। मैं ऑफिस से थोड़ा जल्दी घर आ गया था। प्रिया किचन में खाना बना रही थी। उसने एक टाइट पीली कुर्ती और ब्लैक लेगिंग्स पहनी थी। उसकी गाँड लेगिंग्स में बहुत उभरी हुई और सेक्सी लग रही थी।
मैं चुपके से पीछे गया और उसे पीछे से जकड़ लिया। मेरी बाहें उसकी कमर पर थीं। प्रिया थोड़ा सा सिहर गई। “राहुल… क्या कर रहे हो?” उसने शर्माते हुए कहा।
मैंने उसके कान में धीरे से फुसफुसाते हुए कहा, “बहुत दिनों से तेरी याद आ रही थी प्रिया… आज तू पूरी तरह मेरी है।”
प्रिया ने पलटकर मुझे देखा। उसकी आँखों में भी एक छुपी हुई प्यास थी। मैंने उसके होंठों पर जोर से किस कर दिया। हम दोनों के होंठ एक दूसरे को चूस रहे थे। मेरी जीभ उसके मुंह में घूम रही थी।
मैंने उसकी कुर्ती का पल्ला ऊपर किया और ब्रा के ऊपर से उसकी चूचियों को दबाने लगा। प्रिया की साँसें तेज हो गई थीं। मैंने ब्रा का हुक खोल दिया और उसकी बड़ी-बड़ी चूचियाँ बाहर निकाल लीं। उसकी गुलाबी निप्पल पहले से ही सख्त हो चुकी थीं।
मैंने एक चूची मुंह में ले ली और जोर-जोर से चूसने लगा। प्रिया मेरे बाल पकड़कर कराहने लगी, “आह्ह्ह… राहुल… बहुत दिन बाद… और जोर से चूसो ना…”
मैंने उसकी लेगिंग्स और पैंटी दोनों नीचे उतार दी। प्रिया की चूत बहुत गीली हो चुकी थी। मैंने उसे किचन काउंटर पर बिठा दिया, उसकी टाँगें फैलाईं और अपनी जीभ से उसकी चूत चाटने लगा। प्रिया पागल हो गई। उसने मेरा सिर पकड़कर अपनी चूत पर जोर से दबाया और जोर-जोर से चीख रही थी, “उफ्फ़… वहाँ… और जोर से चाटो राहुल… आह्ह्ह… बहुत मज़ा आ रहा है!”
प्रिया झड़ने वाली थी। मैं उठकर खड़ा हो गया। मैंने अपनी पैंट उतारी और मेरा मोटा खड़ा लंड बाहर निकाल लिया। प्रिया ने उसे देखा और बोली, “आज बहुत मोटा लग रहा है…”
मैंने अपना लंड उसकी गीली चूत के मुँह पर रगड़ा और एक जोरदार धक्के से पूरा अंदर ठेल दिया। प्रिया जोर से चीख पड़ी, “आह्ह्ह… बहुत बड़ा है… धीरे से डाल राहुल… उफ्फ़!”
मैंने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू कर दिए। प्रिया की चूचियाँ हर धक्के के साथ उछल रही थीं। वो मुझे कसकर पकड़े हुए थी और हर धक्के पर कराह रही थी, “जोर से चोदो मुझे… और जोर से… मैं तेरी हूँ आज रात… हायyy!”
हम दोनों किचन में ही बहुत देर तक चुदाई करते रहे। प्रिया की आहें और चीखें पूरे घर में गूंज रही थीं।
उस रात हम दोनों थककर सो गए थे, लेकिन सुबह होते ही फिर से हमारी प्यास जाग उठी। सुबह ८ बजे प्रिया उठी। वो अभी भी नंगी थी। उसकी बॉडी पर कल रात की चुदाई के निशान — चूचियों पर लाल दाग और गाँड पर हाथों के निशान — अभी भी साफ दिख रहे थे।
प्रिया ने मुझे जगाया और मुस्कुराते हुए बोली, “आज ऑफिस मत जाना… पूरा दिन घर पर ही रहो।” मैंने उसे अपनी बाहों में खींच लिया और कहा, “आज सिर्फ तेरी हूँ।”
प्रिया ने ब्रेकफास्ट बनाया। हम दोनों नंगे ही किचन में थे। खाना खाते समय मैं बार-बार उसकी चूचियों को छू रहा था और वो शर्मा रही थी। ब्रेकफास्ट के बाद प्रिया ने मुझे बेडरूम में ले जाकर बेड पर धक्का दे दिया। वो मेरे ऊपर चढ़ गई। उसकी चूचियाँ मेरे मुँह के सामने थीं। मैंने उन्हें मुँह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा।
प्रिया ने मेरा लंड हाथ में पकड़ा और उसे सहलाने लगी। फिर वो नीचे झुकी और मेरा लंड मुँह में ले लिया। वो बहुत अच्छे से चूस रही थी — कभी जीभ से चाट रही थी, कभी गले तक ले रही थी। मैंने उसके बाल पकड़कर उसका मुँह चोदा।
थोड़ी देर बाद प्रिया ऊपर आई और मेरी गोद में बैठ गई। उसने मेरा लंड अपनी चूत पर रखा और धीरे से बैठ गई। मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया। प्रिया की आँखें बंद हो गई थीं और वो धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लगी।
“आह्ह्ह… आज बहुत गहरा जा रहा है…” वो कराह रही थी। मैंने उसकी कमर पकड़कर नीचे से जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। प्रिया की चूचियाँ जोर-जोर से उछल रही थीं। वो अपने हाथों से अपनी चूचियों को दबाते हुए चुद रही थी।
फिर मैंने उसे उल्टा किया और डॉगी स्टाइल में चोदने लगा। उसकी गाँड बहुत टाइट और गोल थी। मैंने उसकी गाँड पर जोर-जोर से थप्पड़ मारे और उसकी चूत को पीछे से जोर से ठोकने लगा। प्रिया का मुँह तकिए में दबा हुआ था और वो जोर-जोर से चीख रही थी, “हायyy… और जोर से… मेरी गाँड को भी मारो… आह्ह्ह… राहुल तुम आज बहुत वाइल्ड हो!”
हम दोनों लगभग १ घंटे तक इस तरह चुदाई करते रहे। बीच-बीच में मैं उसकी चूत में उंगलियाँ डाल रहा था और कभी-कभी उसकी गाँड में भी। प्रिया पूरी तरह से पागल हो चुकी थी।
आखिर में प्रिया ने मुझे कसकर पकड़ लिया और बोली, “आज अंदर ही डाल देना… मुझे फील करना है।” मैंने तेज धक्के मारे और उसकी चूत के अंदर ही अपना सारा गरम माल भर दिया। प्रिया भी साथ में जोर से झड़ गई। उसका पूरा शरीर काँप रहा था।
चुदाई के बाद हम दोनों थककर बेड पर लेट गए। प्रिया मेरी छाती पर लेटी हुई थी। उसकी साँसें अभी भी तेज थीं। उसने मेरी तरफ देखा और धीरे से बोली, “राहुल… आज मुझे पहली बार इतना पूरा फील हुआ। बहुत दिनों बाद ऐसा लगा कि मैं सच में तेरी पत्नी हूँ।”
मैंने उसके बाल सहलाते हुए जवाब दिया, “मैं भी बहुत खुश हूँ प्रिया। आगे से हम ऐसा रोज करेंगे।” प्रिया मुस्कुराई और बोली, “हाँ… लेकिन थोड़ा वाइल्ड भी… मुझे बहुत पसंद है जब तू मुझे रफ चोदता है।”
उस दिन पूरा दिन हम दोनों ने सेक्स किया — कभी शावर में, कभी सोफे पर, कभी किचन काउंटर पर। रात को हम दोनों थककर सो गए थे, लेकिन दोनों के चेहरे पर एक अलग ही खुशी थी।
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