भाई ने बहन की कुँवारी चूत और गांड फाड़ी – घंटों मनाने के बाद चुदाई
24 साल के फिट भाई अर्जुन ने 20 साल की बहन अनन्या की 34-28-36 वाली गोरी सेक्सी बॉडी को तूफानी रात में पूरी तरह चोदा।
अर्जुन 24 साल का जिम जाने वाला हट्टा-कट्टा, गोरा और आकर्षक जवान था। उसकी छोटी बहन अनन्या 20 साल की थी। उसका फिगर 34-28-36 का था — गोरी चमकदार स्किन, 34 साइज की भारी गोल-गोल दूध भरी चूचियाँ जो ब्रा के बिना भी ऊपर उठी रहती थीं, 28 इंच की पतली कसी हुई कमर और 36 साइज की मोटी, नरम, गोल-गोल हिलती-डुलती गांड। लंबे काले घने बाल, गुलाबी मोटे होंठ और बड़ी-बड़ी आँखें उसे बेहद सेक्सी बनाती थीं।
अर्जुन पिछले 8-10 महीनों से अपनी बहन पर फिदा था। उसने दो बार पहले ट्राई किया था। पहली बार जब अनन्या दोपहर में सो रही थी, अर्जुन ने उसके टॉप के अंदर हाथ डालकर चूचियों को छुआ था, लेकिन अनन्या हल्के में जाग गई तो वह झटके से पीछे हट गया। दूसरी बार शावर के बाद जब अनन्या तौलिए में लिपटी थी, अर्जुन ने उसे किस करने की कोशिश की लेकिन अनन्या शर्मा कर भाग गई थी। तब से वह मौके की तलाश में था।
इस बार माता-पिता पूरे हफ्ते के लिए बाहर गए थे। एक शाम अचानक भयंकर तूफान शुरू हुआ। बिजली चली गई, तेज बारिश, गरज और तेज हवा चल रही थी। अनन्या डर के मारे काँपती हुई भाई के कमरे में आई। वह हल्के गुलाबी रंग का शॉर्ट नाइट सूट पहने थी। टॉप का कट गहरा था जिसमें उसकी चूचियों का आधा हिस्सा और गहरा cleavage साफ दिख रहा था। शॉर्ट्स उसके मोटे नितंबों पर टाइट फसा हुआ था। “भैया… बहुत डर लग रहा है… आज तुम्हारे बेड पर सो जाऊँ?” अनन्या ने काँपते स्वर में कहा।
अर्जुन ने मुस्कुराते हुए उसे बेड पर बिठाया। अंधेरे में बिजली की चमक में दोनों के शरीर आपस में छू गए। अर्जुन ने बहन को कसकर गले लगाया और उसके गुलाबी होंठों पर गहरी किस कर दी। शुरू में अनन्या थोड़ा विरोध करती रही लेकिन कुछ सेकंड बाद उसने भी जुबान मिला दी। दोनों की साँसें तेज हो गईं।
अर्जुन ने अनन्या का टॉप धीरे-धीरे ऊपर किया। उसकी गोरी 34 साइज की भारी चूचियाँ बाहर आ गईं। गुलाबी निप्पल्स पहले से ही सख्त हो चुके थे। उसने दोनों चूचियों को हाथों में दबाकर मसला, निप्पल्स को उंगलियों से twist किया और फिर मुंह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगा। अनन्या सिसकारियाँ भर रही थी — “आह्ह भैया… धीरे करो… उफ्फ… बहुत अच्छा लग रहा है… मत छोड़ो…”. अर्जुन ने शॉर्ट्स का नाडा खोला और उसे नीचे सरका दिया। अनन्या लाल रंग की पतली लेस वाली चॉपी पहने थी जो उसकी चूत के रस से पूरी तरह भीग चुकी थी। उसने चॉपी भी उतार दी। अनन्या की चूत बिल्कुल साफ शेव की हुई, गुलाबी और रस से चमक रही थी।
अर्जुन ने बहन की जांघें फैलाईं और अपनी गर्म जुबान से चूत की दरार पर फेरने लगा। क्लिटोरिस को चूसता, अंदर जुबान डालता। अनन्या कमर उठा-उठाकर चीख रही थी — “भैया… और चाटो… हां… बस यहीं… मैं झड़ने वाली हूँ… आह्ह!” अनन्या ने भाई का 7.5 इंच लंबा, मोटा और नसों वाला लंड निकाला। उसे दोनों हाथों से सहलाया, ऊपर-नीचे किया और फिर मुंह में लेकर गहरे तक चूसने लगी। अर्जुन उसके बाल पकड़कर मुंह में धीरे-धीरे ठेल रहा था।
फिर अर्जुन ने अनन्या को कुत्ते की स्टाइल में किया। लंड की टिप चूत पर रखकर एक जोरदार झटके से पूरा लंड अंदर ठेल दिया। “आआआह्ह भैया… मेरी चूत फट गई… बहुत मोटा है!” अनन्या जोर से चीखी।
अर्जुन ने तेज रफ्तार से धक्के मारने शुरू किए। गांड पर थप्पड़ मारता हुआ बोला, “ले बहन… अपना भाई का मोटा लंड… तेरी टाइट चूत बहुत गर्म और टाइट है।” 20-25 मिनट तक चुदाई चली। आखिर में अर्जुन ने चूत के अंदर गाढ़ा गरम वीर्य भर दिया। थोड़ी देर बाद अर्जुन ने कहा, “अनन्या… अब मैं तेरी गांड भी चोदना चाहता हूँ।”
अनन्या तुरंत घबरा गई, “नहीं भैया… प्लीज… वहाँ बहुत दर्द होगा… मैं नहीं कर पाऊँगी… मत करो ना…” अर्जुन ने घंटों मनाया। पहले प्यार से किस किया, चूचियाँ चूसी, चूत सहलाई। फिर गंदी बातें करने लगा — “बहन तेरी गांड इतनी मोटी और नरम है… बस एक बार ट्राई कर… मैं बहुत धीरे-धीरे करूंगा… तुझे मजा आएगा… मैं तुझे बहुत प्यार करता हूँ… तेरे बिना नहीं रह सकता…” लगभग 20-25 मिनट तक मनाने के बाद अनन्या हार गई और बोली, “ठीक है भैया… लेकिन बहुत धीरे करना… दर्द हो तो तुरंत निकाल देना… वादा करो।”
अर्जुन ने लंड पर खूब थूक और चूत का रस लगाया। अनन्या की गांड की दरार पर रगड़ने लगा। फिर धीरे से टिप अंदर डाली। जैसे ही आधा लंड गया, अनन्या जोर-जोर से चीखने लगी — “आआआह्ह भैया… निकालो… बहुत दर्द हो रहा है… मेरी गांड फट जाएगी… प्लीज रुक जाओ… मैं सह नहीं पा रही!” उसके आँखों से आंसू बह रहे थे, पूरा शरीर तेजी से काँप रहा था। अर्जुन रुका, उसे चूमा, पीठ और चूचियाँ सहलाई और प्यार से बोला, “आराम से अनन्या… दर्द थोड़ी देर में चला जाएगा… मैं बहुत प्यार से कर रहा हूँ… बस थोड़ा सा सह ले मेरी जान।”
फिर धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर डाल दिया। 3-4 मिनट तक अनन्या दर्द से तड़पती रही। लेकिन धीमी गति से हिलाने पर दर्द धीरे-धीरे कम हुआ और मजा आने लगा। अनन्या की चीखें अब कराहनों में बदल गईं — “आह्ह… भैया… अब दर्द कम हो गया है… हां… थोड़ा और जोर से… अच्छा लग रहा है…” अर्जुन की रफ्तार बढ़ी। गांड पर जोर-जोर से थप्पड़ मारते हुए पूरी ताकत से गांड मारी। अनन्या अब खुद अपनी कमर हिला रही थी — “हां भैया… और जोर से… फाड़ दो अपनी बहन की गांड… बहुत मजा आ रहा है… आह्ह… मैं फिर से झड़ने वाली हूँ!” आखिर में अर्जुन ने अनन्या की गांड के अंदर ही गरम वीर्य उछाल दिया।
उस रात उन्होंने कुल 4-5 राउंड लिए — दो बार चूत, एक बार मुंह, और दो बार गांड। सुबह तक दोनों थककर चूर हो गए थे लेकिन अब एक-दूसरे के शरीर के पूरे दीवाने हो चुके थे।
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