भाभी ने गोरी चूत मेरे मुंह पर रखकर चटवाई
पड़ोस की सेक्सी भाभी ने अपनी गोरी चूत मेरे मुंह पर रख दी और जोर-जोर से चटवाई। उसकी गर्म और गीली चूत मेरे चेहरे पर दब रही थी, मैं जीभ से पूरी चूत चाट रहा था। 69 पोजीशन में भाभी की चूत और गांड का लाजवाब मजा, एक बार पढ़ने के बाद बार-बार पढ़ोगे।
गर्मियों की वो सुलगती हुई रात थी। हवा में भी उमस थी। मैं आर्यन, 24 साल का जवान लड़का, अपने कमरे में बेचैनी से लेटा हुआ था। तभी मेरे फोन की स्क्रीन रोशनी हुई – पड़ोस की रीना भाभी का मैसेज।
“आर्यन, बिजली चली गई है। घर में अकेली हूँ। डर लग रहा है। थोड़ी देर इधर आ जाओ ना…”
रीना भाभी 29 साल की थीं। शादीशुदा, लेकिन उनका जिस्म किसी भी जवान लड़के को दीवाना बनाने के लिए काफी था। गोरी-दूधिया त्वचा, लंबे काले घने बाल, बड़ी-बड़ी आँखें, भारी 36 इंच के टाइट और नुकीले स्तन, पतली कमर और मोटी, गोल, नाजुक गाँड।
मैं तुरंत तैयार होकर उनके फ्लैट पर पहुँच गया। दरवाजा खुलते ही भाभी ने मुझे अंदर खींच लिया। वो हल्के गुलाबी शॉर्ट नाइट सूट में थीं। सूट का टॉप उनके भारी स्तनों पर इतना टाइट था कि स्तनों की आकृति साफ दिख रही थी। शॉर्ट्स उनकी मोटी जाँघों और गाँड पर चिपकी हुई थी।
कमरे में सिर्फ दो मोमबत्तियाँ जल रही थीं। हल्की पीली रोशनी में भाभी और भी ज्यादा सेक्सी लग रही थीं। हम दोनों सोफे पर बैठ गए। भाभी मेरे बिल्कुल पास आईं। उनकी नरम जाँघ मेरी जाँघ से सट रही थी।
धीरे-धीरे बातें गर्म होती गईं। भाभी ने शर्माते हुए कहा, “आर्यन, तुम्हें मेरे बदन में सबसे ज्यादा क्या पसंद है?”
मैंने उनका हाथ पकड़ लिया और बोला, “भाभी, आपके भारी स्तन, पतली कमर और ये मोटी गोल गाँड… सब कुछ।”
ये सुनकर भाभी की साँसें तेज हो गईं। उनकी आँखों में लालच दिखने लगा। मैंने आगे बढ़कर उनके गुलाबी होंठों पर किस कर दिया। पहले हल्का, फिर गहरा और जुनूनी। हमारी जीभें एक-दूसरे को चूस रही थीं, काट रही थीं। किस करते हुए मेरा हाथ उनके टॉप के अंदर चला गया।
मैंने उनका टॉप ऊपर किया और ब्रा का हुक खोल दिया। उनके भारी, गोरे, नरम स्तन बाहर आ गए। मैंने दोनों हाथों से उन्हें जोर से दबाया। निप्पल्स को उँगलियों से मसलने लगा।
फिर मुंह लगाकर एक-एक करके दोनों निप्पल्स को चूसने लगा – जोर से, कभी हल्का काटते हुए। भाभी कराह रही थीं – “आह्ह्ह आर्यन… जोर से चूसो… काटो… बहुत दिनों से कोई छू नहीं रहा था…”
मैं काफी देर तक उनके स्तनों को चूसता, दबाता और चबाता रहा। फिर मैं नीचे सरक गया। उनका गहरा नाभि चाटने लगा। मेरी गर्म जीभ उनके नाभि में घूम रही थी। भाभी सिहर रही थीं और मेरे बालों में उँगलियाँ फेर रही थीं।
मैंने उनका नाइट सूट पूरी तरह उतार दिया। अब भाभी सिर्फ पैंटी में थीं। मैंने पैंटी भी धीरे-धीरे खींचकर उतार दी। उनकी गुलाबी, थोड़ी गीली चूत मेरे सामने थी। मैंने पहले उँगलियों से उनकी चूत के होंठों को सहलाया, फिर दो उँगलियाँ अंदर डालकर धीरे-धीरे हिलाने लगा। भाभी की कमर उठने लगी और वो कराह रही थीं – “आर्यन… अंदर… और अंदर…”
फिर मैंने अपनी गर्म जीभ से उनकी चूत चाटनी शुरू की। ऊपर से नीचे तक, क्लिटोरिस को चूसते हुए, जीभ अंदर डालकर घुमाते हुए। भाभी चीख रही थीं – “आर्यन… और चाटो… जीभ अंदर घुमाओ… आह्ह्ह… मैं पागल हो रही हूँ…”
मैं काफी देर तक उनकी चूत चाटता रहा। फिर मैंने उन्हें घुमाया। उनकी मोटी, गोरी गाँड मेरे सामने थी। मैंने दोनों हाथों से गाँड को जोर से दबाया और फैलाया। फिर जीभ से उनकी गाँड चाटनी शुरू की। भाभी पागल हो गईं – “वाह आर्यन… वहाँ भी चाटो… बहुत गंदा और मजेदार लग रहा है… मत रुको…”
भाभी अब बर्दाश्त नहीं कर पा रही थीं। उन्होंने कहा, “आर्यन, 69 पोजीशन में आओ…” मैं लेट गया। भाभी मेरे ऊपर आईं और अपनी गोरी, मोटी, टाइट गाँड मेरे मुंह पर रख दी। उनकी पूरी गाँड मेरे चेहरे पर बैठ गई। गाँड की गर्मी और नरमी मेरे चेहरे पर महसूस हो रही थी।
मैंने दोनों हाथों से उनकी गाँड को जोर से दबाया और चाटने लगा। मेरी जीभ उनकी गाँड के छेद में घुस रही थी, चाट रही थी, घुमा रही थी। भाभी की गाँड मेरे मुंह पर दब रही थी और वो हिल रही थीं – “आर्यन… और चाटो… गाँड चाटो मेरी…”
दूसरी तरफ भाभी ने मेरा मोटा, खड़ा और गर्म लंड मुंह में ले लिया। उन्होंने पूरा लंड मुंह में भर लिया और जोर-जोर से चूसने लगीं। ऊपर-नीचे तेज गति से मुँह हिला रही थीं।
कभी-कभी गला भर जाता तो भी वो रुकती नहीं थीं। उनकी गर्म लार मेरे लंड पर बह रही थी। वो लंड को चूसती, जीभ से चाटती, कभी हल्का काटती और फिर पूरा मुंह में ले लेतीं।
हम दोनों 69 पोजीशन में एक-दूसरे को चाट और चूस रहे थे। मैं उनकी गाँड और चूत दोनों चाट रहा था, और भाभी मेरा लंड पूरा मुंह में लेकर बेसब्री से चूस रही थीं। कमरे में सिर्फ चूसने, चाटने, कराहने और लार की आवाजें गूंज रही थीं।
काफी देर बाद हम दोनों झड़ गए। भाभी थककर मेरी छाती पर गिर गईं और हाँफते हुए बोलीं, “आर्यन… आज तुमने मुझे जिंदा कर दिया… जब भी मन करे, आ जाना। मैं तुम्हारी हूँ।”
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