भाभी की टाइट चूत चोदके माल भर दिया - देवर भाभी सेक्स

घर में अकेली मिली अपनी सेक्सी भाभी को देखकर देवर का मन बेकाबू हो गया। उसने भाभी को जोर से पकड़ा, उनके कपड़े फाड़े और उनकी टाइट चूत को जोर-जोर से चोदने लगा। आखिर में अपनी गर्म और गाढ़ी माल भाभी की चूत के अंदर तक भर दी, एकदम वाइल्ड और निषिद्ध देवर-भाभी सेक्स!

लेखक: Aman Gupta10 मिनट पढ़ने में
भाभी की टाइट चूत चोदके माल भर दिया - देवर भाभी सेक्स

राहुल की नजरें घड़ी पर टिकी थीं। शाम के पांच बज चुके थे और वह अपने बड़े भैया अमित के घर पहुंचने वाला था। अमित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करते थे और अक्सर देश-विदेश के दौरों पर रहते थे। इस बार वे सिंगापुर गए हुए थे और अगले हफ्ते तक लौटने वाले नहीं थे।

राहुल ने दरवाजे की घंटी बजाई। कुछ ही पलों में दरवाजा खुला और सामने खड़ी थीं उसकी भाभी प्रियंका। 32 साल की प्रियंका एक परिपक्व औरत थीं जिनका शरीर ठीक उस उम्र में था जब औरत पूरी तरह से खिली होती है। उनकी लंबाई 5 फुट 6 इंच थी, गोरा रंग जैसे दूध में केसर मिला हो, काले लंबे बाल जो कमर तक जाते थे, और वो आंखें... हरी-भरी आंखें जिनमें एक अजीब सी चमक थी।

"आओ देवर जी, कब से इंतजार कर रही थी," प्रियंका ने मुस्कुराते हुए कहा। उन्होंने हल्की गुलाबी रंग की साड़ी पहनी थी जो उनके गोरे बदन पर बेहद खूबसूरत लग रही थी। ब्लाउज थोड़ा गहरा था और उनकी पीठ का कुछ हिस्सा खुला दिख रहा था।

राहुल अंदर आया और सोफे पर बैठ गया। उसकी नजरें अनजाने में ही भाभी की कमर और नीचे उस उभार पर जा रही थीं जो साड़ी में भी साफ झलक रहा था। वो गोल, भरी हुई गांड जो हर कदम पर हिलती हुई लग रही थी।

"चाय पीओगे या कुछ ठंडा?" प्रियंका ने पूछा, रसोई की ओर बढ़ते हुए। उनकी साड़ी की प्लीट्स हवा में लहराईं और राहुल को उनकी जांघों का एक झलक मिला।

"भाभी, जो आप खुद पीना चाहें वो ले आइए," राहुल ने कहा, अपनी आवाज को शांत रखने की कोशिश करते हुए।

शाम का वक्त था। बालकनी से ठंडी हवा आ रही थी। प्रियंका ने दो कप कॉफी बनाई और राहुल के पास आकर बैठ गईं। वे इतने करीब थे कि राहुल को उनके शरीर से आती हल्की सी खुशबू महसूस हो रही थी - एक मिश्रित खुशबू, इत्र और उनके शरीर की प्राकृतिक सुगंध का।

"भैया कब तक लौटेंगे?" राहुल ने पूछा, हालांकि उसे इसका जवाब पता था।

"अगले हफ्ते तक तो नहीं," प्रियंका ने कहा, थोड़ा उदास होते हुए। "अकेले रहना अच्छा नहीं लगता। घर इतना बड़ा है, रात को अजीब सी खामोशी होती है।"

राहुल ने उनका हाथ अपने हाथ में ले लिया। "मैं हूं ना भाभी, आज रात आप अकेली नहीं होंगी।"

प्रियंका ने उसकी ओर देखा। उनकी आंखों में कुछ अलग था - एक लालसा, एक प्यास जो शायद काफी समय से बुझी नहीं थी। "तुम बड़े हो गए हो देवर जी," उन्होंने धीमी आवाज में कहा। "पहले तो इतने छोटे से थे, अब देखो... पूरे मर्द बन गए हो।"

राहुल ने नोटिस किया कि प्रियंका की नजरें उसकी छाती और फिर नीचे उसकी जांघों पर टिकी थीं। वह समझ गया कि माहौल बदल रहा है।

रात के खाने में प्रियंका ने बिरयानी और रायता बनाया था। उन्होंने हल्की सी शराब भी निकाली - एक बोतल रेड वाइन जो अमित के कलेक्शन में थी।

"थोड़ी सी पी लो, रात को अच्छी नींद आएगी," प्रियंका ने कहा।

दोनों ने धीरे-धीरे वाइन पीनी शुरू की। अल्कोहल का असर धीरे-धीरे होने लगा। बातें और बेफिक्र हो गईं। प्रियंका ने अपने बाल खोल दिए और वे उनके कंधों पर गिरने लगे। राहुल की नजरें उनके गले के नीचे उस गहरे गढ़े में जा रही थीं जहां से उनकी चूचियों का ऊपरी हिस्सा दिख रहा था।

"भाभी, आप बहुत खूबसूरत हैं," राहुल ने कहा, वाइन का नशा आवाज में झलक रहा था।

"बकवास मत करो," प्रियंका ने शरमाते हुए कहा, लेकिन उनके चेहरे पर एक अजीब सी लाली थी।

"सच कह रहा हूं। भैया कितने भाग्यशाली हैं जिन्हें आप जैसी पत्नी मिली," राहुल ने आगे कहा।

प्रियंका खड़ी हुईं और प्लेटें उठाने लगीं। जब वह झुकीं तो उनकी साड़ी का पल्लू सरक गया और राहुल को उनकी पीठ का वो हिस्सा दिखा जो ब्लाउज से ढका नहीं था। वो कोमल, गोरी पीठ जो नीचे की ओर उनकी कमर में मिलती थी।

राहुल खड़ा हुआ और रसोई में गया। प्रियंका सिंक में हाथ धो रही थीं। राहुल पीछे से आया और उनकी कमर पर अपने हाथ रख दिए।

प्रियंका का शरीर कांप उठा। "देवर जी... यह क्या कर रहे हो?"

"कुछ नहीं भाभी, बस आपको सहला रहा हूं," राहुल ने कान में फुसफुसाते हुए कहा।

उसने अपने हाथ आगे बढ़ाए और प्रियंका के पेट पर रख दिए। वो गोल, नरम पेट जिसने कभी बच्चा पैदा नहीं किया था और इसलिए कसा हुआ था। फिर उसने अपने हाथ ऊपर उठाए और उनकी चूचियों को ब्लाउज के ऊपर से ही सहलाने लगा।

"आह... देवर जी... यह गलत है," प्रियंका ने कहा, लेकिन उन्होंने राहुल का हाथ हटाया नहीं।

राहुल ने उन्हें पीछे से अपनी बाहों में भर लिया। उसका मोटा लंड उनकी गांड से टच हो रहा था और प्रियंका इसे महसूस कर रही थीं। "देवर जी... तुम्हारा... बहुत मोटा है," प्रियंका ने कांपती आवाज में कहा।

"भाभी, मैं आपको बहुत पहले से चाहता हूं। हर रात सोते समय आपके बारे में सोचता हूं," राहुल ने कहा और उसने उनकी गर्दन पर चूमा।

प्रियंका ने सिर झुका लिया और अपनी गांड राहुल की ओर दबा दी। "तो फिर आज रात मेरी प्यास बुझा दो देवर जी। तुम्हारे भैया तो महीने में एक बार भी ठीक से नहीं कर पाते।"

दोनों बेडरूम में गए। प्रियंका ने लैंप जलाया जिससे कमरे में हल्की पीली रोशनी हो गई। राहुल ने उन्हें अपनी बाहों में लिया और उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। एक लंबा, गहरा, गीला चुंबन। दोनों की जीभें एक-दूसरे से लड़ रही थीं, लार मिल रही थी, सांसें मिल रही थीं।

राहुल ने उनकी साड़ी खोलनी शुरू की। पहले पल्लू, फिर प्लीट्स। साड़ी फर्श पर गिर गई। अब प्रियंका सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थीं। राहुल ने उनका ब्लाउज खोला - पीछे से हुक खोले और आगे से खींच लिया। अब उनकी ब्रा में कैद चूचियां सामने थीं - गोल, भरी हुई, और ब्रा के ऊपर से ही उनके गोल आकार दिख रहे थे।

"तुम्हारी चूचियां बहुत सुंदर हैं भाभी," राहुल ने कहा और उसने एक चूची ब्रा के ऊपर से ही मुंह में ले ली। चूसने लगा, जीभ से चटाने लगा।

"आह... हां... और जोर से चूसो देवर जी," प्रियंका ने अपने हाथ उसके सिर पर रखते हुए कहा।

राहुल ने ब्रा खोल दी। अब प्रियंका की नंगी चूचियां सामने थीं - गुलाबी निप्पल जो तन चुके थे। उसने दोनों चूचियों को अपने हाथों में लिया, दबाया, मसला, और फिर बारी-बारी से चूसने लगा।

राहुल ने नीचे झुककर प्रियंका का पेटीकोट खोला। वो नीचे गिरा और अब वह सिर्फ पैंटी में थीं - एक सफेद रंग की लेस वाली पैंटी जो उनकी गांड के गोल आकार को और भी खूबसूरत दिखा रही थी।

राहुल ने उन्हें घुमाया और अब उनकी पीठ उसकी ओर थी। वो गोल, भरी हुई गांड जो पैंटी में कसी हुई थी। वो दोनों गाल जैसे दो सेब हों, एकदम गोल और उभरे हुए।

"भाभी, आपकी गांड... बहुत खूबसूरत है," राहुल ने कहा और उसने अपने हाथ उनकी गांड पर रख दिए। नरम, गोल, और इतनी भरी हुई कि उसके हाथ उसमें धंस गए।

प्रियंका ने शर्माते हुए कहा, "तुम्हारे भैया को यह पसंद नहीं है। वो कभी वहां नहीं करते। मुझे हमेशा से एक बार वहां करवाने का मन था लेकिन..."

"आज मैं पूरा करूंगा आपकी यह ख्वाहिश भाभी," राहुल ने कहा और उसने उनकी पैंटी नीचे खींची।

पैंटी उतर गई। अब प्रियंका पूरी तरह से नंगी थीं। उनकी गांड का वो गुलाबी छेद जो थोड़ा सिकुड़ा हुआ था, राहुल के सामने था। उसने अपने हाथ उनकी गांड के गालों पर फैलाए और उस छेद को देखने लगा।

"कितना प्यारा है आपका छेद भाभी," राहुल ने कहा और उसने वहां चूमा।

राहुल ने प्रियंका को बेड पर घुटनों के बल झुकाया। उनकी गांड हवा में थी, दोनों गाल फैले हुए। राहुल ने अपनी जीभ निकाली और उनकी गांड के छेद पर लगा दी।

"ओह... देवर जी... क्या कर रहे हो... गंदा है वहां," प्रियंका ने कहा लेकिन उनकी सांसें तेज हो गईं।

राहुल ने जीभ से उनकी गांड चाटनी शुरू की। गोल-गोल घुमाते हुए, कभी अंदर की ओर दबाते हुए। प्रियंका की कमर कांप रही थी, वो आहें भर रही थीं। "आह... हां... बहुत अच्छा लग रहा है... और करो।"

राहुल ने थूक लिया और उनकी गांड के छेद पर लगाया। फिर उसने अपनी एक उंगली का सिरा वहां रखा और धीरे से अंदर डालना शुरू किया।

"धीरे देवर जी... बहुत तंग है," प्रियंका ने कहा।

राहुल ने धीरे से उंगली अंदर डाली। वो गर्म और रेशमी थी, एकदम तंग। उसने उंगली को अंदर-बाहर करना शुरू किया। धीरे-धीरे, फिर तेज।

"ओह... मां... क्या मजा आ रहा है... और अंदर डालो," प्रियंका ने कहा।

राहुल ने एक और उंगली जोड़ दी। अब दो उंगलियां उनकी गांड में अंदर-बाहर हो रही थीं। पच-पच की आवाजें आ रही थीं। प्रियंका का शरीर कांप रहा था, उनकी चूत से पानी बह रहा था जो उनकी जांघों पर बह रहा था।

राहुल ने अपने बैग से एक छोटी बोतल निकाली - लुब्रिकेंट जेल। उसने अपने लंड पर अच्छी मात्रा में लगाया। उसका लंड पूरी तरह से खड़ा था, लगभग 7 इंच लंबा और काफी मोटा। लाल रंग का, नसों से भरा हुआ, और सिरा एकदम गोल और बड़ा।

फिर उसने प्रियंका की गांड के छेद पर भी लुब्रिकेंट लगाया। उसने अपनी उंगली अंदर डालकर उसे अंदर तक फैलाया ताकि पूरी गांड चिकनी हो जाए।

"भाभी, अब मैं डालने वाला हूं। थोड़ा दर्द होगा शुरू में लेकिन फिर मजा आएगा," राहुल ने कहा।

"हां देवर जी, डाल दो... मैं तैयार हूं... अपने इस छेद को तुम्हारे लिंड के लिए खोलो," प्रियंका ने कहा, अपनी गांड हिलाते हुए।

राहुल ने अपने लिंड का सिरा उनकी गांड के छेद पर रखा। वो गर्म था, काफी गर्म। उसने धीरे से दबाना शुरू किया।

प्रियंका ने एक तेज सांस ली। "आह... धीरे... बहुत मोटा है..."

राहुल ने धीरे से धक्का दिया। सिरा अंदर घुसा। प्रियंका का मुंह खुला और एक लंबी सिसकी निकली। "ओह... मां... इतना मोटा..."

"शांत रहो भाभी, आराम से सांस लो," राहुल ने कहा और उसने थोड़ा और अंदर धकेलना शुरू किया।

आधा लंड अंदर था। प्रियंका की गांड फैल रही थी, उनके छेद के किनारे लाल हो गए थे। उनकी सांसें तेज हो गईं, चेहरे पर पसीना था। "थोड़ा रुक जाओ देवर जी... सहन नहीं हो रहा..."

राहुल रुका। उसने अपने हाथ आगे बढ़ाए और उनकी चूचियों को पकड़ लिया। दबाते हुए, सहलाते हुए। "रिलैक्स करो भाभी, आपकी गांड मेरे लंड को अपना रही है।"

कुछ पल बाद राहुल ने फिर धक्का दिया। एक जोर का धक्का और पूरा लिंड अंदर समा गया। प्रियंका की आंखें बड़ी हो गईं, मुंह खुला रह गया, और एक लंबी, तेज चीख निकली। "आह... हां... पूरा अंदर... मेरी गांड फट गई..."

राहुल ने रुककर उनकी कमर सहलाई। उसका पूरा लंड उनकी गांड की गहराइयों में था। वो गर्म, तंग, और रेशमी महसूस हो रही थी।

राहुल ने धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया। शुरू में बहुत धीरे, फिर गति बढ़ाते हुए। प्रियंका की गांड अब उसके लंड को स्वीकार कर रही थी, उसे चूस रही थी।

"कैसा लग रहा है भाभी?" राहुल ने पूछा।

"पहले दर्द हुआ... लेकिन अब... अब बहुत मजा आ रहा है... और तेज करो देवर जी... मेरी गांड मारो," प्रियंका ने कहा।

राहुल ने गति तेज कर दी। तेज-तेज धक्के। उसने उनकी कमर पकड़ी और पीछे की ओर खींचते हुए अपने लिंड से उन्हें चोदना शुरू किया। पच-पच-पच की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं - लिंड के गांड में घुसने और बाहर निकलने की आवाज।

"ओह... हां... और जोर से... और गहरा... मेरी गांड की गहराइयों तक जाओ," प्रियंका चीख रही थीं।

राहुल ने एक हाथ से उनके बाल पकड़े और पीछे खींचा। उनकी गर्दन मुड़ गई और उसने उनके गले पर चूमे लगाया। "तुम्हारी गांड बहुत तंग है भाभी... बहुत मजा आ रहा है।"

कुछ देर बाद राहुल ने पोजीशन बदली। उसने प्रियंका को सीधा लेटाया और उनकी दोनों टांगें उठाकर अपने कंधों पर रख दीं। अब वो उनके ऊपर था और उनकी गांड फिर से उसके लंड को निगलने के लिए तैयार थी।

इस बार उसने एक ही धक्के में पूरा लंड अंदर डाल दिया। प्रियंका की आंखें बड़ी हो गईं। "आह... इतना गहरा... मेरी गांड की सबसे गहरी जगह पर पहुंच गए..."

राहुल ने अब और तेज धक्के लगाने शुरू किए। उसने उनकी चूचियों को पकड़ा और दबाते हुए चोदना जारी रखा। प्रियंका की चूत से पानी लगातार बह रहा था, बेडशीट गीली हो गई थी।

"देवर जी... मैं झड़ने वाली हूं... बिना चूत को छुए ही झड़ने वाली हूं... तुम्हारे लिंड से मेरी गांड में इतना मजा आ रहा है," प्रियंका ने कहा।

फिर राहुल ने उन्हें घुटनों के बल झुकाया - डॉगी स्टाइल। अब वो पीछे से उनकी गांड मार रहा था। उसने उनके कूल्हों पकड़े और तेज-तेज धक्के लगाने शुरू किए।

थप-थप-थप की आवाजें उनके शरीर के टकराने से आ रही थीं। राहुल का लंड पूरी तरह से अंदर-बाहर हो रहा था, कभी-कभी बाहर निकलकर फिर से जोर से अंदर घुसता था।

"मारो देवर जी... मेरी गांड फाड़ दो... इतने सालों की प्यास बुझा दो," प्रियंका चीख रही थीं।

राहुल ने अपनी एक उंगली उनकी चूत में डाल दी। अब उंगली चूत में और लंड गांड में - दोनों छेद भरे हुए थे। प्रियंका पागल हो रही थीं, उनका शरीर कांप रहा था, वो लगातार चीख रही थीं।

15 मिनट की तेज चुदाई के बाद राहुल ने महसूस किया कि उसका वीर्य निकलने वाला है। उसने गति और तेज कर दी - अब पूरी ताकत से धक्के लगा रहा था।

"भाभी... मैं झड़ने वाला हूं... कहां निकालूं?" राहुल ने पूछा।

"अंदर... मेरी गांड में ही डाल दो... गर्म गर्म माल... मेरी गांड को भर दो," प्रियंका ने चीखते हुए कहा।

राहुल ने कुछ और तेज धक्के लगाए और फिर अपना लिंड पूरी तरह से अंदर डालकर रोक दिया। उसका शरीर कांपा और फिर एक-एक करके गर्म धाराएं उसकी गांड में निकलने लगीं। 6-7 बार झड़ने के बाद वह थककर उनके ऊपर गिर गया।

प्रियंका भी उसी वक्त झड़ीं। उनकी चूत से पानी की एक तेज धार निकली और बेडशीट पर गिरी। दोनों एक साथ झड़े, दोनों की सांसें तेज थीं, दोनों के शरीर पसीने से लथपथ थे।

कुछ देर बाद राहुल ने अपना लंड बाहर निकाला। प्रियंका की गांड से सफेद, गाढ़ा वीर्य बाहर बह रहा था। उसने अपना हाथ वहां लगाया और उसे फैलाया, अंदर की ओर धकेलने की कोशिश की।

"मत निकालो देवर जी... आज रात भर यूं ही रहने दो... मुझे तुम्हारा एहसास चाहिए अपनी गांड में," प्रियंका ने कहा।

दोनों एक-दूसरे से लिपटकर लेट गए। राहुल ने उनके बालों में हाथ फेरा और कहा, "भाभी, आपकी गांड बहुत अच्छी है। मैं तो रोज यहीं आ जाऊंगा।"

"आना देवर जी... जब भी तुम्हारा मन करे आ जाना... मेरी गांड हमेशा तुम्हारे लिए तैयार रहेगी," प्रियंका ने मुस्कुराते हुए कहा।

उस रात दोनों ने दो बार और किया - एक बार प्रियंका ने राहुल का लिंड अपने मुंह में लिया और चूसा, और दूसरी बार राहुल ने फिर से उनकी गांड मारी, इस बार और लंबे समय तक।

सुबह जब राहुल उठा तो प्रियंका नहाने जा रही थीं। उनकी चाल धीमी थी, गांड में हल्का दर्द था लेकिन चेहरे पर एक संतुष्टि की मुस्कान थी।

"अगली बार जब आओगे तो मैं तुम्हें और भी मजा दूंगी देवर जी," प्रियंका ने कहा और वो बाथरूम में घुस गईं, अपनी गांड हिलाते हुए जो अब राहुल की हो चुकी थी।

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