चचेरी बहन की गांड मारी | Desi Real Sex

गर्मियों में चचेरी बहन ने खुद कमरे में बुलाकर पैंटी उतार दी और बोली "आज पूरी रात मेरी!" हर जगह जोरदार चुदाई – गांड थपथपाई, चेहरे पर गाढ़ा माल और सिसकारियाँ! ये कहानी पढ़कर आपका लंड खड़ा हो जाएगा!

लेखक: Harsh Ojha5 मिनट पढ़ने में
चचेरी बहन की गांड मारी | Desi Real Sex

गर्मियों की छुट्टियाँ शुरू हो चुकी थीं। जून का महीना, नोएडा में लू इतनी तेज़ कि बाहर निकलना नामुमकिन था। घर में चचेरी बहन नेहा दो हफ्ते के लिए आई हुई थी। 21 साल की नेहा अब पहले से कहीं ज़्यादा सेक्सी लग रही थी – गोरी चमकती त्वचा, नाजुक चेहरा, बड़ी-बड़ी काजल वाली आँखें, 5 फीट 4 इंच की हाइट, पतली कमर, टाइट गोल-गोल स्तन और सबसे खास उसकी मोटी, भारी, लहराती गांड जो चलते वक्त हिलती-डुलती रहती थी।

मैं रोहन, 24 साल का, कॉलेज का आखिरी साल। बचपन से हम दोनों बहुत क्लोज़ थे, लेकिन इस बार नेहा को देखते ही मेरा लंड अपने आप खड़ा होने लगता। वो जानबूझकर ढीली सफेद टी-शर्ट और बहुत छोटी टाइट शॉर्ट्स पहनकर घूमती, ब्रा नहीं पहनती। उसके चुचुक की आउटलाइन साफ दिखती और गांड देखकर मन करता कि अभी दबा दूं।

उस दिन दोपहर को घर पूरी तरह खाली था। मम्मी-पापा रिश्तेदार के यहाँ गए हुए थे। नेहा मेरे कमरे में आई, मेरे बेड पर लेट गई। उसकी टी-शर्ट ऊपर चढ़ गई थी, उसकी गोरी नाभि और पेट का निचला हिस्सा खुला हुआ था। उसकी मोटी जांघें मेरी टांग से सट रही थीं।

“भैया… बहुत गर्मी है ना?” उसने शरारती मुस्कान के साथ कहा और मेरे करीब सरक आई। उसकी गर्म सांसें मेरे चेहरे पर पड़ रही थीं। अचानक उसने अपना हाथ मेरी जांघ पर रखा और धीरे-धीरे ऊपर सरकाने लगी। मेरे लंड को पकड़कर हल्का दबाया और कान में फुसफुसाई, “भैया, ये तो लोहे जैसा सख्त हो गया है। मुझे पता है आप मुझे चोदना चाहते हो।”

मेरा दिल जोरों से धड़क रहा था। डर भी लग रहा था – ये मेरी चचेरी बहन है, अगर किसी ने देख लिया तो क्या होगा? लेकिन उसका नाजुक शरीर, उसके टाइट स्तन और वो मोटी गांड मुझे पागल कर रही थी। मैंने उसे अचानक खींच लिया और उसके गुलाबी होंठों पर जोरदार किस कर दिया। नेहा ने भी पूरी जोश से जवाब दिया। हमारी जीभें एक-दूसरे से लड़ रही थीं।

मैंने झटके से उसकी टी-शर्ट के बटन खोलने शुरू किए। एक-एक करके खोलते हुए उसके गोरे स्तन बाहर निकले। मैंने दोनों हाथों से उसके टाइट स्तनों को जोर से दबाया। नेहा कराह उठी, “आह्ह्ह… भैया… ज़ोर से दबाओ…” मैंने एक स्तन मुंह में ले लिया, चूसा, काटा और चाटा। दूसरे स्तन पर उंगलियों से चुचुक को नोच रहा था। नेहा की सिसकारियाँ बढ़ गईं।

फिर मैंने एक हाथ नीचे सरकाया। उसकी शॉर्ट्स के अंदर हाथ डाला, पैंटी पहले से पूरी गीली थी। मैंने दो उंगलियाँ उसकी टाइट चूत में घुसा दीं और जोर-जोर से अंदर-बाहर करने लगा। नेहा कमर उठा-उठाकर चिल्ला रही थी, “आह्ह्ह… भैया… तेज़… और तेज़… मेरी चूत फाड़ दो उंगलियों से!” उसकी चूत से पानी निकल रहा था, पूरी चादर गीली हो गई थी।

मैंने उसकी सारी कपड़े उतार दिए। नेहा पूरी नंगी मेरे सामने लेटी थी – गोरी चूत बिल्कुल साफ शेव की हुई, गीली चमक रही थी। मैंने उसे कुत्ते की स्टाइल में मोड़ा। उसकी मोटी गांड मेरे सामने थी। मैंने उसकी गांड पर जोरदार थप्पड़ मारा – चटाक! फिर दूसरा। नेहा चीखी, “हायyyy… मारो और… मैं आपकी हूँ भैया!”

मैंने अपना 7.5 इंच का मोटा लंड उसकी चूत पर रखा और एक झटके में आधा घुसा दिया। नेहा दर्द से चिल्लाई, “आह्ह्ह… बहुत मोटा है… धीरे… फट रही है!” लेकिन मैं रुका नहीं। पूरी ताकत से पूरा लंड अंदर कर दिया और तेज़-तेज़ चोदने लगा। हर थ्रस्ट पर उसकी मोटी गांड हिल रही थी। मैं उसके बाल पकड़कर पीछे से जोर-जोर से धक्के मार रहा था।

हमने पोजीशन बदले। मैंने उसे मिशनरी में चोदा, उसके स्तनों को दबाते हुए गहरी किस करते हुए। फिर उसने मुझे लिटाया और काउगर्ल स्टाइल में बैठ गई। वो मेरे लंड पर उछल-उछल कर चुद रही थी, उसके स्तन ऊपर-नीचे जोर से हिल रहे थे। मैं नीचे से धक्के मार रहा था। “भैया… और जोर से… मेरी चूत फाड़ दो!” वो चिल्ला रही थी।

फिर हम खड़े होकर शीशे के सामने चोदे। मैंने पीछे से उसे पकड़ा, एक हाथ से उसके स्तन दबाए, दूसरे से क्लिटोरिस रगड़ा। नेहा शीशे में खुद को चुदते देखकर और पागल हो गई।

उस दिन हमने तीन राउंड लिए। शाम को बाथरूम में खड़े-खड़े चोदा, रात को फिर मेरे कमरे में। पूरी छुट्टियों में हमने हर जगह चोदा – किचन में खड़े-खड़े, छत पर रात में, बाथरूम में शावर के नीचे।

आखिरी राउंड में जब मैं क्लाइमेक्स पर था, मैंने उसे घुटनों पर बैठाया। मेरा लंड उसके मुँह के सामने था। मैंने जोर से हिलाया और उसके चेहरे पर गाढ़ा-गाढ़ा वीर्य गिरा दिया – उसके गालों, होंठों, आँखों पर। नेहा ने आँखें बंद कर लीं। फिर मैंने लंड उसके मुँह में डाल दिया और बोला, “पी लो सारी… मेरी बहन।” नेहा ने गला हिलाते हुए पूरा वीर्य निगल लिया और मुस्कुराकर बोली, “भैया… मुझे बहुत पसंद आया।”

चुदाई के बाद वो कसकर मुझे गले लगाकर रोते हुए कहती, “भैया, ये प्यार है ना? मैं तुम्हें सच में बहुत प्यार करती हूँ… लेकिन ये हमारा राज रहेगा।” डर, guilt, जुनून और प्यार का मिश्रण था पूरा।

गर्मियों की छुट्टियाँ शुरू हो चुकी थीं। जून का महीना, नोएडा में लू इतनी तेज़ कि बाहर निकलना नामुमकिन था। घर में चचेरी बहन नेहा दो हफ्ते के लिए आई हुई थी। 21 साल की नेहा अब पहले से कहीं ज़्यादा सेक्सी लग रही थी – गोरी चमकती त्वचा, नाजुक चेहरा, बड़ी-बड़ी काजल वाली आँखें, 5 फीट 4 इंच की हाइट, पतली कमर, टाइट गोल-गोल स्तन और सबसे खास उसकी मोटी, भारी, लहराती गांड जो चलते वक्त हिलती-डुलती रहती थी।

मैं रोहन, 24 साल का, कॉलेज का आखिरी साल। बचपन से हम दोनों बहुत क्लोज़ थे, लेकिन इस बार नेहा को देखते ही मेरा लंड अपने आप खड़ा होने लगता। वो जानबूझकर ढीली सफेद टी-शर्ट और बहुत छोटी टाइट शॉर्ट्स पहनकर घूमती, ब्रा नहीं पहनती। उसके चुचुक की आउटलाइन साफ दिखती और गांड देखकर मन करता कि अभी दबा दूं।

उस दिन दोपहर को घर पूरी तरह खाली था। मम्मी-पापा रिश्तेदार के यहाँ गए हुए थे। नेहा मेरे कमरे में आई, मेरे बेड पर लेट गई। उसकी टी-शर्ट ऊपर चढ़ गई थी, उसकी गोरी नाभि और पेट का निचला हिस्सा खुला हुआ था। उसकी मोटी जांघें मेरी टांग से सट रही थीं।

“भैया… बहुत गर्मी है ना?” उसने शरारती मुस्कान के साथ कहा और मेरे करीब सरक आई। उसकी गर्म सांसें मेरे चेहरे पर पड़ रही थीं। अचानक उसने अपना हाथ मेरी जांघ पर रखा और धीरे-धीरे ऊपर सरकाने लगी। मेरे लंड को पकड़कर हल्का दबाया और कान में फुसफुसाई, “भैया, ये तो लोहे जैसा सख्त हो गया है। मुझे पता है आप मुझे चोदना चाहते हो।”

मेरा दिल जोरों से धड़क रहा था। डर भी लग रहा था – ये मेरी चचेरी बहन है, अगर किसी ने देख लिया तो क्या होगा? लेकिन उसका नाजुक शरीर, उसके टाइट स्तन और वो मोटी गांड मुझे पागल कर रही थी। मैंने उसे अचानक खींच लिया और उसके गुलाबी होंठों पर जोरदार किस कर दिया। नेहा ने भी पूरी जोश से जवाब दिया। हमारी जीभें एक-दूसरे से लड़ रही थीं।

मैंने झटके से उसकी टी-शर्ट के बटन खोलने शुरू किए। एक-एक करके खोलते हुए उसके गोरे स्तन बाहर निकले। मैंने दोनों हाथों से उसके टाइट स्तनों को जोर से दबाया। नेहा कराह उठी, “आह्ह्ह… भैया… ज़ोर से दबाओ…” मैंने एक स्तन मुंह में ले लिया, चूसा, काटा और चाटा। दूसरे स्तन पर उंगलियों से चुचुक को नोच रहा था। नेहा की सिसकारियाँ बढ़ गईं।

फिर मैंने एक हाथ नीचे सरकाया। उसकी शॉर्ट्स के अंदर हाथ डाला, पैंटी पहले से पूरी गीली थी। मैंने दो उंगलियाँ उसकी टाइट चूत में घुसा दीं और जोर-जोर से अंदर-बाहर करने लगा। नेहा कमर उठा-उठाकर चिल्ला रही थी, “आह्ह्ह… भैया… तेज़… और तेज़… मेरी चूत फाड़ दो उंगलियों से!” उसकी चूत से पानी निकल रहा था, पूरी चादर गीली हो गई थी।

मैंने उसकी सारी कपड़े उतार दिए। नेहा पूरी नंगी मेरे सामने लेटी थी – गोरी चूत बिल्कुल साफ शेव की हुई, गीली चमक रही थी। मैंने उसे कुत्ते की स्टाइल में मोड़ा। उसकी मोटी गांड मेरे सामने थी। मैंने उसकी गांड पर जोरदार थप्पड़ मारा – चटाक! फिर दूसरा। नेहा चीखी, “हायyyy… मारो और… मैं आपकी हूँ भैया!”

मैंने अपना 7.5 इंच का मोटा लंड उसकी चूत पर रखा और एक झटके में आधा घुसा दिया। नेहा दर्द से चिल्लाई, “आह्ह्ह… बहुत मोटा है… धीरे… फट रही है!” लेकिन मैं रुका नहीं। पूरी ताकत से पूरा लंड अंदर कर दिया और तेज़-तेज़ चोदने लगा। हर थ्रस्ट पर उसकी मोटी गांड हिल रही थी। मैं उसके बाल पकड़कर पीछे से जोर-जोर से धक्के मार रहा था।

हमने पोजीशन बदले। मैंने उसे मिशनरी में चोदा, उसके स्तनों को दबाते हुए गहरी किस करते हुए। फिर उसने मुझे लिटाया और काउगर्ल स्टाइल में बैठ गई। वो मेरे लंड पर उछल-उछल कर चुद रही थी, उसके स्तन ऊपर-नीचे जोर से हिल रहे थे। मैं नीचे से धक्के मार रहा था। “भैया… और जोर से… मेरी चूत फाड़ दो!” वो चिल्ला रही थी।

फिर हम खड़े होकर शीशे के सामने चोदे। मैंने पीछे से उसे पकड़ा, एक हाथ से उसके स्तन दबाए, दूसरे से क्लिटोरिस रगड़ा। नेहा शीशे में खुद को चुदते देखकर और पागल हो गई।

उस दिन हमने तीन राउंड लिए। शाम को बाथरूम में खड़े-खड़े चोदा, रात को फिर मेरे कमरे में। पूरी छुट्टियों में हमने हर जगह चोदा – किचन में खड़े-खड़े, छत पर रात में, बाथरूम में शावर के नीचे।

आखिरी राउंड में जब मैं क्लाइमेक्स पर था, मैंने उसे घुटनों पर बैठाया। मेरा लंड उसके मुँह के सामने था। मैंने जोर से हिलाया और उसके चेहरे पर गाढ़ा-गाढ़ा वीर्य गिरा दिया – उसके गालों, होंठों, आँखों पर। नेहा ने आँखें बंद कर लीं। फिर मैंने लंड उसके मुँह में डाल दिया और बोला, “पी लो सारी… मेरी बहन।” नेहा ने गला हिलाते हुए पूरा वीर्य निगल लिया और मुस्कुराकर बोली, “भैया… मुझे बहुत पसंद आया।”

चुदाई के बाद वो कसकर मुझे गले लगाकर रोते हुए कहती, “भैया, ये प्यार है ना? मैं तुम्हें सच में बहुत प्यार करती हूँ… लेकिन ये हमारा राज रहेगा।” डर, guilt, जुनून और प्यार का मिश्रण था पूरा।

बिना विज्ञापन बेहतरीन अनुभव

हमें विज्ञापन-मुक्त रहने में मदद करें

हम आपका अनुभव खराब नहीं करना चाहते, इसलिए साइट पर कोई Ads नहीं है। इसे साफ-सुथरा रखने में कृपया थोड़ा सपोर्ट करें। ❤️

कहानी
109 देखा गया
4.5 रेटिंग
0 पसंद
0 पसंदीदा
0 कमेंट
लेखक
Harsh Ojha
इस कहानी को रेट करें:

कमेंट0

अपनी राय साझा करें

SexStories HQ

भाभी की गांड चुदाई, माँ-बेटे की चुदाई, ससुर-बहू का राज, कुंवारी लड़की की पहली चुदाई, ऑफिस, कॉलेज और हर तरह की हॉट सेक्स स्टोरीज़।

श्रेणियां

    कोई नया चैप्टर मिस न करें!

    जब भी नए सीक्रेट चैप्टर या कहानियां अपलोड होंगी, आपको तुरंत ईमेल अपडेट मिल जाएगा।

    © 2026 SexStoriesHQ. All rights reserved.

    Join TelegramFor latest updates 🚀
    Telegram Icon