बहू बोली और जोर से चोदो मुझे - रंडी बहू की चुदाई
बहू ने ससुर से कहा “और जोर से चोदो मुझे” और ससुर ने अपनी बहू की टाइट गांड में गहराई तक लंड डालकर रात भर चोदा। सेक्सी बहू की मजबूरी और ससुर की हवस की पूरी गर्म चुदाई की कहानी।
रामप्रकाश 58 साल के थे। वे एक रिटायर्ड सरकारी अधिकारी थे, अभी भी ताकतवर और फिट थे। उनकी पत्नी का 10 साल पहले देहांत हो चुका था।
उनके इकलौते बेटे अजय की शादी अभी 6 महीने पहले ही हुई थी। बहू का नाम थी नेहा — 26 साल की, बेहद खूबसूरत और सेक्सी। गोरा रंग, लंबे काले बाल, बड़ी-बड़ी आँखें, 36D की भारी छातियाँ, पतली कमर और मोटी, गोल-गोल गांड।
रामप्रकाश, अजय और नेहा एक बड़े बंगले में रहते थे। अजय और नेहा का कमरा ऊपरी मंजिल पर था, जबकि रामप्रकाश नीचे रहते थे। अजय दिन भर ऑफिस में व्यस्त रहता था और रात को भी अक्सर थका हुआ सो जाता था।
एक रात रामप्रकाश को प्यास लगी। वे पानी पीने के लिए किचन गए। रात के 1 बजे थे। जैसे ही वे किचन के पास पहुँचे, उन्हें ऊपरी मंजिल से हल्की-हल्की आवाजें आने लगीं।
“आह्ह्ह… अजय… धीरे… आह्ह्ह… हाँ… और जोर से…”
रामप्रकाश का दिल तेज धड़कने लगा। वे चुपके से सीढ़ियों की तरफ गए और ऊपर वाले कमरे की खिड़की से झाँकने लगे। जो नजारा उन्होंने देखा, उससे उनका खून उबल गया।
नेहा पूरी तरह नंगी थी। वह पेट के बल बेड पर लेटी हुई थी। अजय उसके ऊपर चढ़ा हुआ था और जोर-जोर से उसकी चूत में लंड डाल रहा था। उसका एक हाथ नेहा की भारी छातियों को जोर से दबा रहा था। नेहा जोर-जोर से कराह रही थी।
“आह्ह्ह… अजय… और जोर से… हाँ… चोदो मुझे… आह्ह्ह…”
रामप्रकाश की आँखें फट गईं। नेहा की मोटी गांड अजय के धक्कों से हिल रही थी। उसके उछलते हुए स्तन और चीखती हुई आवाज देखकर रामप्रकाश का लंड पूरी तरह खड़ा हो गया।
कुछ देर बाद अजय ने नेहा को करवट दिलाई और फिर से चोदने लगा। नेहा चीख रही थी, “और जोर से… बहुत छोटा है तेरा लंड… मेरी प्यास नहीं बुझ रही… आह्ह्ह…”
रामप्रकाश का खून गरम हो गया। उन्होंने सोच लिया कि अब वे अपनी बहू की प्यास खुद बुझाएंगे।
अगले कुछ दिन रामप्रकाश ने प्लान बनाया। वे जानते थे कि अजय अगले हफ्ते 10 दिन के लिए ऑफिशियल टूर पर जा रहा है। जब अजय टूर पर चला गया, रामप्रकाश ने बहू को अकेला पाकर मौका ढूंढा।
एक शाम नेहा कमरे में किताब पढ़ रही थी। रामप्रकाश कमरे में गए। “बहू, तुम्हें कुछ चाहिए तो बताना,” उन्होंने प्यार से कहा। नेहा मुस्कुराई। “जी पापाजी।”
रामप्रकाश ने पास बैठकर बात शुरू की। धीरे-धीरे उन्होंने विषय बदलते हुए कहा, “बहू, अजय तो अक्सर बाहर रहता है। तुम्हें अकेलापन तो नहीं लगता?”
नेहा शर्मा गई और नीचे देखने लगी। रामप्रकाश ने उनका हाथ पकड़ लिया और बोले, “मैं सब जानता हूँ बेटी… उस रात मैंने तुम दोनों को देखा था।”
नेहा के चेहरे का रंग उड़ गया। रामप्रकाश ने मुस्कुराते हुए कहा, “डरो मत। मैं तुम्हें वो खुशी दे सकता हूँ जो अजय नहीं दे पा रहा।”
नेहा चुप रही। रामप्रकाश ने धीरे से उसकी ठोड़ी उठाई और होंठों पर किस कर दिया।
रामप्रकाश ने बहू नेहा को बिस्तर पर लिटा दिया। उन्होंने पहले कपड़ों के ऊपर से ही नेहा की छातियों को जोर से दबाना शुरू कर दिया। नेहा की भारी छातियाँ ब्लाउज और ब्रा के ऊपर से ही उनके हाथों में दब रही थीं।
“आह्ह्ह… पापाजी…” नेहा कराह उठी।
रामप्रकाश ने नेहा को पेट के बल कर दिया। अब नेहा की मोटी गांड उनके सामने थी। उन्होंने कपड़ों के ऊपर से ही गांड को जोर-जोर से दबाना शुरू कर दिया।
फिर उन्होंने अपना लंड निकाला और नेहा की गांड की दरार में लंड को घिसने लगे। कपड़ों के ऊपर से ही लंड गांड की दरार में रगड़ रहा था। “पापाजी… आह्ह्ह…” नेहा शर्म और उत्तेजना में काँप रही थी।
रामप्रकाश ने नेहा की साड़ी और ब्लाउज को धीरे-धीरे ऊपर किया। उन्होंने नेहा की छातियों को कपड़ों के ऊपर से दबाते हुए चूसा। फिर उन्होंने साड़ी और पेटीकोट को पूरी तरह नीचे सरका दिया। नेहा अब सिर्फ पैंटी में थी। रामप्रकाश ने पैंटी भी उतार दी। नेहा अब पूरी तरह नंगी थी।
रामप्रकाश ने नेहा को doggy style में किया। उन्होंने गांड पर थप्पड़ मारे और लंड को गांड के छेद पर रखकर धीरे से अंदर डाला। “आआह्ह्ह… पापाजी… बहुत दर्द हो रहा है…” नेहा चीख पड़ी।
रामप्रकाश ने धीरे-धीरे पूरा लंड नेहा की गांड में उतार दिया और चोदने लगे। नेहा की मोटी गांड हर धक्के के साथ हिल रही थी।
कुछ देर बाद उन्होंने नेहा को लिटाया और खुद उसके ऊपर चढ़ गए। उन्होंने नेहा की जाँघें फैलाईं और लंड को चूत में डालकर जोर से चोदने लगे। नेहा की छातियाँ उछल रही थीं। रामप्रकाश उन्हें दबा रहे थे और चूस रहे थे।
फिर रामप्रकाश ने नेहा को मुंह में लंड दिया। नेहा ने ससुर का लंड मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया।
आखिर में रामप्रकाश ने नेहा को गोद में बिठाया। नेहा ऊपर-नीचे होकर ससुर का लंड अपनी गांड में ले रही थी। रामप्रकाश उसकी छातियों को चूस रहे थे।
आखिर में उन्होंने नेहा को missionary position में लिटाया और जोर से चोदने लगे। नेहा की छातियों को दबाते हुए उन्होंने आखिरी धक्के मारे और अपना गर्म वीर्य नेहा की जाँघों पर उड़ेल दिया।
नेहा भी जोर से झड़ गई। दोनों थककर एक-दूसरे से लिपटकर लेट गए। रामप्रकाश ने नेहा के माथे पर किस किया और बोले, “बेटी… अब से तुम मेरी हो। जब भी प्यास लगे, पापा को बता देना।”
नेहा शर्माते हुए मुस्कुराई और बोली, “जी पापाजी… अब मैं आपकी हूँ।”
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