बड़ी चूची वाली भाभी की टाइट गांड में पूरा लंड डाला
गर्म दोपहर में बिना ब्लाउज भाभी की भारी चुचियों को निचोड़ते हुए जवान देवर ने उसकी टाइट गांड में पूरा मोटा लंड एक झटके में धंसा दिया। दर्द और मज़े के बीच भाभी कराहती रही जबकि देवर ने उसकी गांड पूरी तरह फाड़ दी और अंदर ही अंदर अपना सारा माल उड़ेल दिया।

गर्म दोपहर थी। सूरज इतनी तेज़ी से तप रहा था कि घर के अंदर भी पसीना आने लगा था। रिया अपनी साड़ी के पल्लू को ठीक करते हुए किचन से बाहर निकली। उसका पति ऑफिस गया हुआ था और घर में सिर्फ देवर राहुल ही था। राहुल बीस साल का जवान लड़का था, कॉलेज का। शरीर कसा हुआ, कंधे चौड़े, और आँखों में हमेशा एक शरारती चमक रहती थी।
रिया बाईस साल की थी। शादी को सिर्फ एक साल हुआ था। गोरा-चिट्टा रंग, गोल-मटोल शरीर, भारी स्तन और कमर इतनी पतली कि साड़ी में भी साफ़ नज़र आती थी। आज उसने हल्की पीली साड़ी पहनी थी, बिना ब्लाउज़ के। गर्मी के चलते। साड़ी के नीचे सिर्फ एक पतला पेटीकोट और कुछ नहीं।
राहुल टीवी देखते हुए सोफे पर लेटा था। रिया उसके पास से गुज़री तो साड़ी का पल्लू थोड़ा खिसक गया। राहुल की नज़र सीधे उसके गोल स्तनों पर जा टिकी। निपल्स साड़ी के कपड़े से उभर आए थे।
“भाभी…” राहुल ने धीमी आवाज़ में कहा, “आपको गर्मी लग रही है?”
रिया मुस्कुराई। “हाँ… बहुत। तुम भी नहा लो।”
लेकिन राहुल उठा और उसके करीब आ गया। “मैं नहाऊँगा… लेकिन पहले आपका पसीना पोंछ दूँ?”
रिया की साँस अटक गई। राहुल का हाथ धीरे से उसकी कमर पर रखा। गर्मी और उत्तेजना दोनों मिलकर उसके शरीर को काँपाने लगे। राहुल ने साड़ी का पल्लू पूरी तरह हटा दिया। भारी, मुलायम स्तन नंगे हो गए। गोल, टटोलने लायक, और निपल्स सख्त हो चुके थे।
“भाभी… ये कितने सॉफ्ट हैं,” राहुल ने फुसफुसाते हुए दोनों स्तनों को अपने हाथों में ले लिया। उँगलियों से निपल्स को मसलने लगा। रिया की आँखें बंद हो गईं। एक हल्की सी कराह निकल गई।
राहुल ने मुँह लगा दिया। जीभ से एक निपल चाटा, फिर दूसरे को मुँह में लेकर चूसने लगा। रिया का हाथ उसके बालों में घुस गया। “राहुल… धीरे… कोई आ जाएगा…”
“कोई नहीं आएगा भाभी। आज सिर्फ हम दोनों हैं।”
राहुल ने रिया को सोफे पर लिटा दिया। साड़ी को ऊपर तक खींच लिया। पेटीकोट भी। नीचे कुछ नहीं था। रिया की चूत पहले से ही गीली थी। बालों वाली, मोटी होंठों वाली चूत। राहुल ने दोनों टाँगें फैला दीं और मुँह लगा दिया।
जीभ से पहले बाहर के होंठों को चाटा, फिर अंदर घुसा दी। रिया की कमर उछल पड़ी। “आह… राहुल… बहुत अच्छा लग रहा है…”
राहुल ने उँगली भी अंदर डाल दी। एक, फिर दो। गीली दीवारों को खुरचते हुए अंदर-बाहर करने लगा। साथ ही क्लिट को जीभ से चाटता रहा। रिया का शरीर काँपने लगा। पानी टपकने लगा।
“भाभी… आपकी चूत इतनी गरम और गीली है,” राहुल ने कहा और अचानक उँगली निकालकर उसके गुदा के छेद पर ले गया।
रिया सहम गई। “राहुल… वहाँ मत…”
“आज वहाँ भी लूँगा भाभी। आपका पहला अनुभव मेरा होगा।”
उसने थूक लगाकर उँगली को धीरे-धीरे गुदा में घुसाना शुरू किया। रिया की साँसें तेज़ हो गईं। दर्द और मज़ा दोनों एक साथ। उँगली पूरी अंदर चली गई। राहुल ने अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। दूसरी उँगली से उसकी चूत भी सहला रहा था।
रिया अब कराह रही थी। “आह… राहुल… और अंदर… धीरे…”
राहुल ने अपनी पैंट खोल दी। मोटा, लंबा लंड बाहर निकल आया। पहले से ही सख्त। उसने रिया को घुटनों के बल करवाया। साड़ी पूरी तरह कमर तक बाँध दी। गोल, सफेद गाँड नंगी हो गई। बीच में गुलाबी छेद थोड़ा खुला हुआ था।
राहुल ने लंड पर थूक लगाया और गुदा के मुँह पर टिका दिया। “भाभी… अब सह लो।”
धीरे-धीरे दबाव डाला। सिर अंदर घुस गया। रिया चीख उठी। “आह्ह… दर्द हो रहा है… निकालो…”
लेकिन राहुल रुका नहीं। हाथों से उसकी कमर पकड़कर और अंदर धकेला। आधा लंड अंदर चला गया। रिया की आँखों से आँसू निकल आए, लेकिन साथ ही उसकी चूत से पानी भी टपक रहा था।
“भाभी… आपकी गाँड कितनी टाइट है… पहली बार है ना?”
रिया सिर्फ कराह रही थी। राहुल ने पूरा लंड अंदर घुसा दिया। फिर धीरे-धीरे हिलाना शुरू किया। हर धक्के के साथ रिया की गाँड हिल रही थी। स्तन भी झूल रहे थे।
राहुल ने रिया के बाल पकड़ लिए और जोर से चोदने लगा। “आह… भाभी… आपकी गाँड में मेरा लंड कितना मस्त फँस रहा है…”
रिया अब दर्द भूल चुकी थी। सिर्फ मज़ा रह गया था। वह भी पीछे की तरफ धक्के मारने लगी। “और जोर से… राहुल… मेरी गाँड फाड़ दो…”
राहुल ने और तेज़ कर दिया। थप्पड़ मारने लगा उसकी गाँड पर। लाल निशान पड़ गए। लंड पूरा अंदर-बाहर हो रहा था। गीली आवाज़ें पूरे कमरे में गूँज रही थीं।
रिया चरमसुख के करीब पहुँच गई। “राहुल… मैं… मैं आने वाली हूँ…”
राहुल ने और जोर से धक्के मारे। रिया का शरीर काँप उठा। चूत से पानी की धार निकल गई। गुदा भी सिकुड़-सिकुड़कर उसके लंड को निचोड़ने लगी।
राहुल भी रुक नहीं पाया। “भाभी… मैं भी…” और अपनी गाढ़ी गरम चीज़ उसकी गाँड के अंदर उड़ेल दी। एक के बाद एक झटके। पूरी भर दी।
रिया थककर सोफे पर गिर गई। राहुल का लंड अभी भी अंदर था। सफ़ेद चीज़ बाहर निकल रही थी।
राहुल ने धीरे से लंड बाहर निकाला और रिया को चूम लिया। “भाभी… ये तो सिर्फ शुरुआत है। शाम तक और बहुत कुछ होने वाला है…”
रिया की आँखों में अब शर्म नहीं, सिर्फ भूख थी।
शाम हो चुकी थी। घर में अँधेरा घिर आया था। रिया अभी भी सोफे पर लेटी हुई थी। उसकी साड़ी बिखरी पड़ी थी, गाँड से राहुल की गाढ़ी चीज़ धीरे-धीरे रिस रही थी। शरीर में हल्की जलन थी, लेकिन वह जलन मीठी लग रही थी।
राहुल बाथरूम से नहाकर निकला। सिर्फ तौलिया बाँधे हुए। पानी की बूँदें उसके सीने और पेट पर लुढ़क रही थीं। रिया की नज़र सीधे उसके तौलिये के उभार पर जा टिकी। लंड फिर से सख्त हो चुका था।
“भाभी…” राहुल ने धीमी आवाज़ में कहा, “अब बेडरूम चलो। वहाँ आराम से लूँगा।”
रिया कुछ बोली नहीं। बस उठी और उसके पीछे-पीछे कमरे में चली गई। दरवाज़ा बंद होते ही राहुल ने तौलिया फेंक दिया। मोटा, नसों वाला लंड हवा में तनकर खड़ा था। रिया की साँसें तेज़ हो गईं।
राहुल ने रिया को बिस्तर पर लिटा दिया। इस बार साड़ी पूरी तरह उतार दी। नंगी रिया बिस्तर पर लेटी थी—गोल स्तन, पतली कमर, चौड़ी गाँड और गीली चूत। राहुल उसके ऊपर चढ़ गया। पहले उसके मुँह को जोर से चूमा। जीभ अंदर घुसा दी। रिया भी उसी जोश से जवाब देने लगी।
फिर राहुल नीचे गया। दोनों स्तनों को बारी-बारी से मुँह में लेकर चूसने लगा। दाँत से हल्के से काटा तो रिया कराह उठी। “आह… राहुल… और जोर से चूसो…”
राहुल ने एक स्तन को मुँह में भर लिया और दूसरे को हाथ से मसलने लगा। निपल्स इतने सख्त हो गए थे कि पत्थर जैसे लग रहे थे। फिर वह और नीचे सरक गया। रिया की टाँगें फैला दीं। चूत अभी भी गीली थी। उसने जीभ अंदर घुसा दी और जोर-जोर से चाटने लगा। उँगली भी गुदा में डाल दी।
रिया की कमर उछल रही थी। “राहुल… अब मत तड़पाओ… डाल दो अंदर…”
राहुल मुस्कुराया। “कहाँ डालूँ भाभी? चूत में या फिर गाँड में?”
रिया की आँखें शर्म से झुक गईं, लेकिन आवाज़ में भूख थी। “गाँड में… आज सिर्फ गाँड में ही लेना…”
राहुल ने रिया को घुटनों के बल करवाया। तकिया उसके पेट के नीचे रख दिया ताकि गाँड और ऊँची हो जाए। गोल, सफेद गाँड उसके सामने थी। बीच का गुलाबी छेद अभी भी थोड़ा खुला और गीला था। राहुल ने थूक लगाकर लंड को उस पर टिकाया।
“भाभी… अब सह लो। आज पूरा अंदर तक ले जाऊँगा।”
एक जोरदार धक्के के साथ आधा लंड अंदर घुस गया। रिया जोर से कराह उठी। “आह्ह्ह… राहुल… बहुत मोटा है… धीरे…”
लेकिन राहुल ने धीरे नहीं किया। दोनों हाथों से उसकी कमर पकड़कर पूरा लंड अंदर धकेल दिया। रिया की गाँड फैल गई। दर्द और मज़े का मिश्रण उसके पूरे शरीर में दौड़ गया। राहुल रुककर अंदर ही हिलाने लगा।
“देखो भाभी… पूरा अंदर है। आपकी गाँड मेरे लंड को निगल रही है।”
फिर वह जोर-जोर से चोदने लगा। हर धक्के के साथ रिया की गाँड हिल रही थी। स्तन बिस्तर पर रगड़ खा रहे थे। गीली-गीली आवाज़ें कमरे में गूँज रही थीं—थप-थप-थप।
राहुल ने रिया के बाल पकड़ लिए और सिर पीछे खींच लिया। और तेज़ धक्के मारने लगा। “बोलो भाभी… कैसा लग रहा है अपनी गाँड में देवर का लंड?”
रिया बेहोशी की हालत में बोल रही थी, “बहुत… बहुत मस्त लग रहा है… और जोर से चोदो… मेरी गाँड फाड़ दो राहुल…”
राहुल पागलों की तरह धक्के मारने लगा। एक हाथ से उसकी चूत में उँगली डाल दी और क्लिट को मसलने लगा। रिया का शरीर काँप उठा। वह चरमसुख के करीब पहुँच गई।
“राहुल… मैं आ रही हूँ… मत रुको…”
राहुल ने और जोर लगा दिया। रिया का पूरा शरीर तन गया। चूत से पानी की धार निकल पड़ी। गुदा जोर-जोर से सिकुड़ने लगी और राहुल के लंड को निचोड़ने लगी। राहुल भी अब रुक नहीं पाया।
“भाभी… ले लो सब… मेरी पूरी चीज़ अपनी गाँड में…”
एक के बाद एक झटके मारते हुए उसने अपनी गाढ़ी, गरम चीज़ रिया की गाँड के अंदर उड़ेल दी। इतनी कि बाहर निकलकर उसकी जाँघों तक बहने लगी। राहुल थककर रिया के ऊपर गिर पड़ा। लंड अभी भी अंदर धंसा हुआ था।
दोनों की साँसें तेज़ चल रही थीं। राहुल ने रिया के कान में फुसफुसाया, “भाभी… अब रोज़ ऐसे ही लूँगा। जब भी मौका मिलेगा, आपकी गाँड मेरी रहेगी।”
रिया मुस्कुराई। आँखें बंद करके बोली, “लेना… जितना चाहो उतना लेना। आज के बाद ये गाँड सिर्फ तुम्हारी है…”
राहुल ने धीरे से लंड बाहर निकाला। सफ़ेद चीज़ रिया की गाँड से रिसकर बिस्तर पर फैल गई। उसने रिया को अपनी बाहों में ले लिया और उसके होंठों पर हल्का सा चुंबन दिया।
बाहर रात पूरी तरह छा चुकी थी। घर में सिर्फ उनके शरीर की गर्मी बाकी थी।

