अकेले घर में देवर ने भाभी की चूत और गांड दोनों फाड़ डाली - हॉट अनल सेक्स
अकेले घर में देवर ने भाभी की टाइट चूत और मोटी गांड दोनों फाड़ डाली! पूरी रात जोरदार चुदाई, चीखें और 4 राउंड हॉट अनल सेक्स – सुबह तक सूज गई भाभी की गांड!
राहुल 28 साल का जवान लड़का था। उसका बड़ा भाई अजय 10 दिन की बिजनेस ट्रिप पर गया हुआ था। घर में सिर्फ राहुल और उसकी भाभी प्रिया रह गए थे।
प्रिया 32 साल की बेहद आकर्षक औरत थी – गोरी-चिकनी त्वचा, 36D के बड़े-भारी स्तन, मोटी-मोटी जांघें और खासतौर पर बहुत भारी, गोल और नरम गांड। राहुल दिन-रात भाभी को देखकर पागल हो रहा था। कई बार रात को वह भाभी की याद करके लंड हिलाता था।
उस शाम प्रिया रसोई में खाना बना रही थी। उसने हल्की सी साड़ी पहनी हुई थी जिसमें उसकी गांड का आकार साफ दिख रहा था। राहुल पीछे से चुपके से आया और उसकी कमर को दोनों हाथों से पकड़ लिया।
“भाभी, आज आपकी यह मोटी गांड देखकर मेरा लंड कब से खड़ा हो रहा है,” राहुल ने उसके कान में गर्म सांसें छोड़ते हुए कहा।
प्रिया की सांस अटक गई। वह शरमाई लेकिन विरोध नहीं किया। राहुल ने हिम्मत करके आगे बढ़कर प्रिया के भारी स्तनों को पीछे से जोर से दबोच लिया। दोनों हाथों से मसलने लगा। स्तन उंगलियों के बीच दबकर फूल रहे थे। निप्पल्स सख्त हो चुके थे।
“आह्ह्ह… देवर जी… धीरे से… बहुत जोर से दबा रहे हो…” प्रिया सिसकार रही थी, लेकिन उसकी कमर खुद पीछे की तरफ दब रही थी।
राहुल ने प्रिया को घुमाया और उसके होंठों पर टूट पड़ा। गहरी, लंबी फ्रेंच किस। दोनों की जीभें एक-दूसरे को चूस रही थीं। लार एक-दूसरे के मुंह में बह रही थी। किस करते हुए राहुल ने प्रिया की साड़ी का पल्लू खींचकर गिरा दिया। ब्लाउज के हुक एक-एक करके खोले और दोनों बड़े स्तन बाहर निकाल लिए।
उसने दोनों स्तनों को जोर से मसलना शुरू किया। उंगलियां स्तनों के नरम मांस में धंस रही थीं। फिर निप्पल को अंगूठे और तर्जनी के बीच पकड़कर घुमाने लगा। प्रिया की आंखें बंद हो गईं।
“उम्म्म्म… राहुल… और जोर से… आह्ह्ह…” राहुल ने एक निप्पल मुंह में ले लिया। जोर-जोर से चूसने लगा, जीभ से घुमाता, दांतों से हल्का-हल्का काटता। दूसरे स्तन को हाथ से मसलता रहा। प्रिया की चूत से पानी निकलने लगा।
राहुल ने प्रिया को बेडरूम में ले जाकर बेड पर लिटा दिया। उसकी साड़ी, पेटीकोट और पैंटी पूरी तरह उतार दी। प्रिया अब पूरी नंगी लेटी थी। उसकी चूत पर हल्के बाल थे और गांड बहुत गोरी, मोटी और नरम थी।
राहुल ने प्रिया की जांघें फैलाकर चूत को देखा। वह पहले से गीली थी। उसने दो उंगलियों से चूत के होंठ फैलाए और बीच में जीभ फेर दी। फिर एक उंगली अंदर डालकर अंदर-बाहर करने लगा। धीरे-धीरे दो उंगलियां कर दीं। उंगलियां तेजी से घुमा रहा था। चूत की अंदरूनी दीवारें उंगलियों को कस रही थीं।
“आह्ह्ह… देवर जी… उंगलियां और तेज घुसाओ… मेरी चूत जल रही है…” प्रिया कराह रही थी।
राहुल ने मुंह लगाकर चूत चाटनी शुरू कर दी। जीभ से क्लिट को तेजी से चाटा, फिर पूरी चूत चाटी। चूत का गर्म पानी उसके मुंह में भर रहा था। वह उसे चूस-चूसकर पी रहा था। प्रिया की कमर बार-बार उठ रही थी।
फिर राहुल ने प्रिया को पेट के बल लिटाया। दोनों हाथों से उसकी भारी गांड को फैलाया। गांड का छोटा, गुलाबी और सिकुड़ा हुआ छेद सामने था। उसने थूक लगाकर उंगली से छेद को सहलाया और धीरे-धीरे अंदर डाल दी।
“आआह्ह्ह… दर्द हो रहा है देवर जी…” प्रिया चीखी। राहुल ने गांड में उंगली घुमाई, फिर दूसरी उंगली भी डाल दी। दोनों उंगलियों को अंदर-बाहर और घुमाकर गांड को तैयार करने लगा। साथ-साथ दूसरा हाथ प्रिया की चूत में भी डालकर दोनों छेदों को एक साथ उंगली कर रहा था।
कुछ देर बाद प्रिया ने खुद कहा, “अब मेरा मुंह चोदो…” राहुल खड़ा हो गया। उसका मोटा, 7.5 इंच लंबा और नसों वाला लंड खड़ा था। उसने प्रिया के बाल पकड़े और लंड को उसके मुंह में ठेल दिया।
पहले धीरे-धीरे अंदर-बाहर किया, फिर रफ्तार बढ़ाकर पूरा मुंह चोदने लगा। लंड प्रिया के गले तक जा रहा था। प्रिया की आंखों से आंसू निकल रहे थे लेकिन वह लंड को चूसती रही।
“ले भाभी… पूरा लंड गले तक ले… चूस मेरे लंड को…” मुंह चुदाई के बाद राहुल ने प्रिया को पेट के बल लिटाया। लंड पर खूब थूक लगाया और गांड के छेद पर रख दिया।
“अब असली मजा शुरू होता है भाभी…” धीरे-धीरे दबाया। लंड का मोटा सिरा गांड में घुसने लगा। प्रिया ने तकिए को मुंह में दबा लिया। “आह्ह्ह्ह… बहुत मोटा है… धीरे… आह्ह्ह…”
आधा लंड अंदर जाने के बाद राहुल ने रुककर प्रिया की कमर सहलाई। फिर एक जोरदार धक्का मारा और पूरा मोटा लंड प्रिया की गांड में घुसा दिया। प्रिया जोर से चीख पड़ी – “आआआह्ह्ह्ह… फट गई मेरी गांड… राहुल…!”
राहुल ने कुछ सेकंड रुककर प्रिया को सहलाया। फिर धीरे-धीरे गांड मारना शुरू किया। हर धक्के पर लंड पूरी तरह अंदर जाता और बाहर निकलता। गांड की दीवारें लंड को बहुत जोर से कस रही थीं। धीरे-धीरे रफ्तार बढ़ाई। अब जोर-जोर से “थप-थप-थप” की आवाज आने लगी।
प्रिया का दर्द अब पूरी तरह मजे में बदल चुका था। “और जोर से देवर जी… मेरी गांड फाड़ दो… आह्ह्ह… बहुत अच्छा लग रहा है… तेज… तेज…!”
राहुल ने प्रिया की कमर पकड़ ली और घोड़े की तरह जोर-जोर से चोदने लगा। गांड पर थप्पड़ मारता, बाल खींचता और लंड पूरी गहराई तक घुसाता।
फिर उसने प्रिया को घुमाकर अपनी गोद में बिठा लिया। लंड फिर से गांड में डाला और ऊपर से तेज धक्के मारने लगा। प्रिया के स्तन उसके मुंह के पास थे। वह एक-एक करके चूसता और नीचे से गांड फाड़ता रहा।
तीसरे राउंड में दोनों शावर के नीचे गए। पानी के नीचे राहुल ने प्रिया को दीवार से सटाकर स्टैंडिंग पोजीशन में गांड मारी। लंड पानी के साथ आसानी से अंदर-बाहर हो रहा था।
चौथे राउंड में प्रिया खुद ऊपर चढ़कर कूद-कूदकर गांड में लंड ले रही थी। उसके स्तन उछल रहे थे। राहुल नीचे से धक्के मार रहा था।
पूरी रात 4 लंबे राउंड हुए। हर राउंड में boobs दबाए गए, चूत और गांड उंगली की गई, मुंह चोदा गया और आखिर में गांड फाड़ी गई। सुबह होते-होते प्रिया की गांड और चूत दोनों बुरी तरह सूज चुकी थीं। वह ठीक से बैठ भी नहीं पा रही थी।
राहुल ने प्रिया को चूमते हुए कहा, “भाभी, अब भैया जब भी बाहर जाएंगे, मैं तुम्हारी चूत और गांड दोनों को रोज फाड़ूंगा।”
प्रिया शरमाकर मुस्कुराई, “हां देवर जी… मैं अब तुम्हारी हूं… जितनी बार मन करे चोदो मुझे…”
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