हिंदी सेक्स स्टोरी: तेल लगाकर बहू की चूत चोदी

हिंदी सेक्स स्टोरी: ससुर जी ने बहू की टाइट चूत पर तेल लगाकर जोर से चोदी। पति विदेश जाते ही ससुर ने नवेली बहू की चूत की पूरी चुदाई की।

लेखक: Anil Pawan10 मिनट पढ़ने में
हिंदी सेक्स स्टोरी: तेल लगाकर बहू की चूत चोदी

अभी हाल ही में लड़के और लड़की की शादी हुई थी। लेकिन कुछ काम से लड़के को कुछ दिन बाद ही विदेश जाना पड़ा, कंपनी ने बुला लिया। अब ससुर और बहू दोनों घर में बस रहते थे।

एक दिन ससुर बहू को फोन पर किसी लड़के से बात करते सुन लेता है कि वो उससे प्यार करती है और रोज अपनी नंगी फोटो लड़के के फोन पर उसे देखने भेजती है। ससुर एक दिन उसका ये सब चैट भी डिटेल में पढ़ लिया और उसने बहू को बोला कि तू ये सब कर रही है।

उसने बोला, “तू ये सब क्या कर रही है हमारे पीठ पीछे?” और बोलता है कि अब ये सीक्रेट उसके पति यानी अपने बेटे को बता देगा साथ ही लड़की के मां-बाप को भी बता देगा।

बहू इससे बहुत ही डर गई और उसने ससुर को बोला, “ऐसा मत करो, अब दुबारा नहीं होगा।” लेकिन ससुर नहीं माना और उसने पूछा कि “इससे मुझे क्या मिलेगा?”

बहू घबरा कर बोली कि “आप जो बोलो मैं रेडी हूँ।”

ससुर ने बहू को ऊपर से नीचे देखा। पूरा वो एकदम हॉट लग रही थी। सिल्क की पतली साड़ी जो बॉडी को कस के पकड़ी थी और उसका शेप उसके वजह से पूरा ऐसे ही दिख रहा था। वो फैली हुई कुल्हों में उसकी गांड़ मोटी-मोटी, उसकी चूचियां जो एकदम तनी हुई और ब्लाउज को फाड़ कर बाहर आने को रेडी लग रही थी। उसने बाल भी बांध के रखे थे और एकदम हॉट सेक्सी लग रही थी।

अब ससुर जी ललचा गए और बोले कि “अगर तुम मुझे दे सको तो शायद मैं किसी को नहीं बताऊंगा।” वो घबरा गई और बोली “क्या देना है?” ससुर ने बोला, “तुम्हारी जवानी।”

वो एकदम डर के दो कदम पीछे हट गई और बोली, “आप क्या बोल रहे हैं, मैं आपकी बहू हूँ।”

ससुर ने बोला, “ओके फिर मैं बता दूंगा।” और बहू को धमकाया। बहू डर गई और बोली, “ठीक है लेकिन आप किसी को ये सब बताना मत और हम बस एक बार करेंगे।”

ससुर जी बोले, “हां जरूर।”

बहू खड़ी हो गई और बोली, “आपको जो करना है करो।”

ससुर जी अब रह नहीं पाए और अब उन्होंने बहू को पीछे से दबोच लिया पूरा अपनी बाहों में एकदम जंगली भेड़िये की तरह जैसे कितने दिनों का प्यासा हो। बहू सिसकी ले रही थी। उसने उसकी पल्लू सबसे पहले नीचे की और अब उसका एकदम कड़क चूची इन सिल्क की साड़ी में एकदम कड़क सा दिख रहा था एकदम रेडी माल की तरह। उसने ब्लाउज के ऊपर से ही चूचियां दबानी शुरू की और बहू सिसकी ले रही थी। पहले उसने दोनों हाथ से फुल बूब दबाया और बाद में ब्लाउज की हुक खोल दी और अब पूरा बूब उनके सामने नंगा था और वो जोर-जोर से उसे दबाने लगे पीछे से।

बहू आह आह करके बोली, “धीरे से दबाओ ससुर जी, आज दूध ही निकाल दोगे क्या?”

ससुर बोले, “हां आज तेरे चूचियों में भरा हुआ पूरा दूध निकाल के पी लूंगा।” तब बहू भी जंगली होकर बोली, “हां आज दबाकर दूध पी ही लो पूरी।” ससुर जी अब और जोर से दबाने लगे और उसकी निप्पल को पकड़कर जोर से दबाया और बहू चिल्ला पड़ी और उसके बूब से दूध बाहर निकलने लगा पतली सी धार के साथ। ससुर ने कहा को ही बोला कि “ले अपनी दूध पी आज।” और बहू ने निप्पल मुंह में लगा के पूरा दूध पी लिया और आह आह करती रही।

अब एक हाथ से बूब दबाते हुए ही ससुर जी ने एक हाथ उसकी थाई गांड़ पे मारना शुरू किया थप थप और जोर से। उसने फिर उसकी साड़ी के ऊपर से ही गांड़ में उंगली करना शुरू किया। तब पतली सिल्क साड़ी के कारण ससुर को मालूम हुआ कि बहू ने चड्डी भी नहीं पहनी थी। उसने बहू से पूछा तो उसने बताया कि “आज आपके लिए ही मेरी नंगी चूत इंतजार कर रही है, अब सहलाते ही रहोगे कि मेरी चूत भी देखोगे एकदम रसीली और टाइट चूत।”

ये सुनते ही ससुर ने उसकी साड़ी खींचनी शुरू की और खींचकर पूरा नंगा कर दिया उसे। अब बहू पूरी नंगी कसी हुई बॉडी के साथ उसके एकदम सामने थी। उसने बहू को पीछे मुड़कर झुकने को कहा और तब देखा कि अब एकदम टाइट चूत जो ऐसा लग रहा था एकदम सील पैक है किसी ने उसे छुआ ही नहीं है उसके सामने थी। एकदम पिंक चूत, शेव्ड पूरा, दरार एकदम गीली और वो कभी सिकुड़ तो कभी फैल रही थी मानो चुदने को बेताब।

अब बहू ने जोर से आह आह डालो ना आवाज करना शुरू किया जिसको सुन के ससुर जी खुद को रोक नहीं पाए और अपनी उंगली को पहले उसके मुंह में डाल के चुसवाया और फिर पीछे से घोड़ी बना के उसकी चूत में उंगली हल्का घुसा के हिलाना शुरू किया।

बहू और जोर से आह आह स्स्सी आवाज निकाल रही थी, बोली “धीरे डालो।” अब उन्होंने उंगली को और अंदर घुसा के पूरा हिलाना शुरू किया और वो आवाज निकालती रही। और तब उन्होंने उंगली हिलाते हुए उसको एक हाथ से उठाया और अब उसकी बूब भी दूसरे हाथ से दबाने लगा। बहू एकदम माधोश हो गई।

तब ससुर जी बोले, “आज अपनी चूत का पानी बहा दो मेरे हाथों में ही।” और जोर-जोर से उंगली करने लगा। इतने में ही बहू एकदम उत्तेजित हो गई और बोली, “अपना मुंह मेरी चूत से लगाओ अब मेरा पानी निकलेगा।”

ये सुनते ही ससुर जी ने उसकी चूत के नीचे मुंह लगाया और और उंगली जोर से हिलाई कि उसकी चूत का गर्म पानी गिर गया और ससुर ने मुंह लगा के पूरा पानी मुंह में लिया और सब पी लिया और थोड़ा पानी हाथ में ले के बहू के मुंह में भी डाल दिया। दोनों पीकर एकदम मानो माधोश हो गए और ससुर ने बोला, “एकदम गाढ़ा और रसीला था बहू तेरी चूत का पानी, शायद आज पहली बार निकला है।”

बहू पागलों जैसी आवाज निकाल रही थी, “आह्ह्ह हम्म… आज मेरी चूत का पानी ही निकाल दिया आपने, अब चूत को अपने लंड से भर भी दो।” अब ससुर ने बोला, “रुक अब तेरी इच्छा पूरी करता हूँ।” तब ससुर ने अपना मोटा और चौड़ा जो लगभग 8 इंच का था और एकदम मोटा सा लंड निकाला जो मानो ऐसा गला कि उनकी चड्डी फाड़ कर बाहर आया हो, एकदम सीधा और टाइट।

ये देख कर बहू एकदम डर के पीछे हट गई और बोली, “नहीं मैं इतना मोटा लंड अपने चूत में नहीं ले सकती, ये तो मेरी पूरी चूत ही फाड़ देगा और बहुत ही दर्द होगा, मैं नहीं करूंगी ये सब।” और ससुर के हाथ जोड़ने लगी।

लेकिन माधोश ससुर ने उसके हाथ पकड़कर उसको दबोच लिया और तब उसकी बाल को हाथ से पकड़कर नीचे अपनी लंड के सामने बिठाकर उसके मुंह में डालने लगा और बोला, “ऐसे कैसे नहीं लेगी तू।”

बहू अब चिल्लाने लगी जोर से लेकिन उसने एक हाथ से उसकी मुंह दबाकर उसका मुंह खोला और लंड का थोड़ा हिस्सा मुंह से डाल दिया और बहू बस सिसकियां भरती रही और क्योंकि अब लंड मुंह में थी वो चिला भी नहीं पा रही थी।

ससुर ने एक-दो बार तो थोड़ा ही मुंह में बाल पकड़कर धकेला लेकिन बाद में जोर से उसकी मुंह बाल से पकड़कर एकदम जोर के धक्के से पूरा लंड उसके मुंह में डाल दिया। बहू का गोरा चेहरा अब एकदम लाल हो गया और मानो लंड उसके गले तक जा रही हो ऐसा लगा। वो ऐसे ही कुछ देर तक लंड मुंह के अंदर-बाहर करता रहा।

थोड़ी देर बाद जैसे ही उसने लंड मुंह से निकाली मानो बहू को सांस में सांस आई हो। उसने बोला, “आज तो आप मुझे मार ही देते, इतने मोटे लंड के कारण मैं सांस भी नहीं ले पा रही थी और ऊपर से आप लंड को पूरा मेरे गले तक डाल रहे थे।”

अब ससुर बोले, “कोई नहीं मेरी रंडी बहू और तेरी चूत में भी ऐसे ही पूरी डालूंगा।” लेकिन ये टाइम बहू जोर-जोर से उसके सामने रोने लगी और बोली, “नहीं ससुर जी ये इतना मोटा लंड मेरी चूत को फाड़ देगा, बहुत दर्द होगा मैं नहीं झेल पाऊंगी।” लेकिन फिर भी ससुर जी ने उसे धमकाकर डॉगी स्टाइल में होने को बोला।

बहू डॉगी स्टाइल में आ गई और अपना गांड़ पूरा ससुर जी की ओर करके पोजीशन बनाकर थोड़ा झुक गई ताकि आसानी से लंड अंदर आ जाए, ज्यादा अंदर तक। फिर ससुर ने सबसे पहले पीछे से उसकी चूत में मुंह घुसाया और उसके एकदम गुलाबी, शेव्ड और एकदम कड़क चूत जीभ से चाटना शुरू किया और तब बहू को मजा आने लगे, बस आराम से उसकी चूत से निकलता रस जीभ से चाट रहा था और जीभ उसकी चूत में डाल रहा था। बहू जोर से आह आह कर रही थी और गांड़ उनकी मुंह पे धकेल रही थी।

थोड़ी देर बाद उसने चूत चाटने के बाद अपना लंड आगे किया और उसके नोक पे थूक लगाई ताकि आसानी से अंदर चले जाए और अब बहू की चूत की छेद के पास ले गया और हल्के से घुसाना शुरू किया। अब बहू का मजा एकदम चिलखती चिल्लाती दर्द में बदल गया जिसे वो सहन नहीं कर पा रही थी बस जोर से आह आह हम्म हम्म निकालो बाहर फट जाएगा नहीं हो पाएगा चीला रही थी।

ससुर जी ने भी ट्राई किया अंदर डालने का पर उनकी लंड का बस नोक ही घुसा था और बहू जोर से चिल्ला रही थी और दर्द से काँप रही थी लेकिन उसका लंड अंदर जा ही नहीं रहा था। बहू ने बोला, “नहीं जाएगा छोड़ दो मर जाऊंगी।”

तब ससुर जी को आइडिया आया और उन्होंने बोला, “बहू ऐसे ही घोड़ी बने रहो मैं थोड़ी देर में आता हूँ।” बहू खुश हो गई और बोली, “आज इस जालिम से मेरी चूत बच गई वरना आज तो वो फाड़ ही देता।” और वो खुश हो रही थी लेकिन उसकी खुशी बस थोड़ी देर की थी।

थोड़ी देर में जब उसके ससुर आए और उसने उनके हाथ में जो देखा उसकी सारी खुशी गम में बदल गई क्योंकि उसके ससुर के हाथ में था सरसों के तेल का डिब्बा। ससुर बोले, “बहू ये देख तेरी चूत को पेलने को देख, एकदम फिसलंदर तेल लाया हूँ।” बहू की तो मानो थूक ही सूख गई और वो बोली, “आज तो मेरी चूत गई।”

उन्होंने तेल डिब्बे से निकाला और सबसे पहले पूरा सरसों का तेल लंड पे लगा के उसको फिसलंदर बनाया और बहू को बोला, “अब ये तेल से तुम्हारी चूत की मालिश करता हूँ और चूत में तेल डालके फिसलन बनाता हूँ।”

अब बहू ने गांड़ को और फैलाया और ससुर चूत में उसकी तेल लगा के मालिश करने लगे और बहू आह आह करती रही। अब उसने तेल लिया और उसके छेद में डाल दिया और उंगली से फच फच फच उसकी चूत में उंगली करने लगा और चूत को एकदम ढीला कर दिया। बहू आह आह करती रही।

अब ससुर ने अपना लंड उसकी चूत के छेद पे ले गया और बोला, “बहू टेंशन मत ले आज पूरा अंदर तक डाल के तेरी सील तोड़ दूंगा।” और बहू ने अपनी आंखें बंद कर ली। पहले उसने अपना लंड को नोक छेद में घुसाया लेकिन अभी भी नहीं लंड घुस रही थी और बहू आह आह आवाज कर रही थी।

फिर ससुर ने अब उसके कमर पकड़े और एकदम जोर का धक्का लगाया और बहू ने भी गांड़ जोर से पीछे धकेली और एकदम जोर से धक्का देने पे अब पूरा लंड उसके चूत में घुस गया और घुसते ही लंड बहू की आंखें एकदम चौड़ी हो गई और उसने जोर का चिल्लाया “मार गई आज मैं।” ससुर ने और धक्का लगाया और अंदर-बाहर करने लगे और अब बहू भी अपनी गांड़ आगे-पीछे करने लगी और अब बस कमरे में फुच फुच की आवाज गूंजने लगी क्योंकि ससुर ने पूरा तेल लगाया था अपने लंड पे और उनकी चूत में।

अब ये सिलसिला चालू रहा और अब बहू पूरी रंडी बन गई अब उसको मजा लेने लगा और अब पूरी चूत ढीली होके अंदर-बाहर होने लगी और वो लगातार आधे घंटे तक डॉगी स्टाइल में बहू चुदवाती रही।

अब ससुर बोले, “मेरी रंडी बहू अब मैं सोता हूँ तू मेरे ऊपर बैठ जा आ जा।” ससुर लेट गए पानी खड़ी लंड लेकर और बोले, “बेटी मेरी लंड अपने अंदर लेके बैठ जा।”

बहू अब एकदम वाइल्ड होके अपनी छेद लंड के पास रखी और धीरे-धीरे पूरा अंदर लेके बैठ गई और अपनी चूत हिलने लगी और ससुर को बोली कि “ये आपकी लंड मेरा शायद सील नहीं तोड़ पाई पूरा अंदर डालो ना।” और ये सुन ससुर ने बहू के टांग को हाथ में लेकर और अपना लंड उसकी छेद में घुसा के डायरेक्ट खड़े हो गए। अब बहू को पूरा उन्होंने हाथ से उठा रखा था और बहू तो चूत लंड अंदर-बाहर हो रहा था।

ससुर ने और जोर से धक्का लगाया और अपना पूरा 8 इंच का लंबा लंड उसकी चूत में ऐसे डाला कि मानो वो उसकी चूत में फाड़कर उसकी पेट में चली गई हो। और बहू बोली, “आह ससुर जी दर्द हो रहा है आपने तो मेरी सील के साथ पेट भी फाड़ दोगे ऐसा लग रहा है और अपना गरम माल मेरी चूत में भर दो।”

ये सुन ससुर ने स्पीड बढ़ाया और बोला, “बहू संभाल मेरा वीर्य अपनी छेद में।” और उसने अपना पूरा वीर्य गाढ़ा और बहुत सारा उसकी चूत में निकाल दिया और बहू ससुर के गले लग गई और जोर से हम्म हम्म करने लगी।

जैसे ही वीर्य गिराने के बाद ससुर ने बहू को बेड पे रखा और अपना लंड निकाला उसकी चूत से बाहर की सारा चिपचिपा माल छेद से बाहर आने लगा और ससुर ने उसे हाथ में ले के उसके मुंह में डाल दिया और बोला, “पी ले ये माल।”

अब दोनों बेड पे लेट गए थक के एकदम चूर होके और तब ससुर ने बहू को कहा कि “बहू आज तो मजा ही करवा दिया तूने।” लेकिन अब बहू ने कहा, “मुझे भी मजा आ गया आज मेरी सील टुड़वा के। अब जब भी मौका मिलेगा जरूर आपसे करवाऊंगी और चूत की सेवा।”

बिना विज्ञापन बेहतरीन अनुभव

हमें विज्ञापन-मुक्त रहने में मदद करें

हम आपका अनुभव खराब नहीं करना चाहते, इसलिए साइट पर कोई Ads नहीं है। इसे साफ-सुथरा रखने में कृपया थोड़ा सपोर्ट करें। ❤️

कहानी
352 देखा गया
4.5 रेटिंग
0 पसंद
0 पसंदीदा
0 कमेंट
लेखक
Anil Pawan
इस कहानी को रेट करें:

कमेंट0

अपनी राय साझा करें

SexStories HQ

भाभी की गांड चुदाई, माँ-बेटे की चुदाई, ससुर-बहू का राज, कुंवारी लड़की की पहली चुदाई, ऑफिस, कॉलेज और हर तरह की हॉट सेक्स स्टोरीज़।

श्रेणियां

    कोई नया चैप्टर मिस न करें!

    जब भी नए सीक्रेट चैप्टर या कहानियां अपलोड होंगी, आपको तुरंत ईमेल अपडेट मिल जाएगा।

    © 2026 SexStoriesHQ. All rights reserved.

    Join TelegramFor latest updates 🚀
    Telegram Icon