रंडी माँ को ब्लैकमेल करके बेटे ने चूत-गांड की दोनों छेद भर दी - पूरी रात चोदा
पड़ोसी से चुदती हुई रंडी माँ को बेटे ने रंगे हाथों पकड़ लिया और ब्लैकमेल कर के पूरी रात उसकी चूत और गाँड दोनों छेद भर दिए! माँ को अपना सेक्स टॉय बना कर बेटे ने खूब ठोका।
राहुल 20 साल का जवान लड़का था। उसकी माँ, रेखा, 42 साल की थी लेकिन देखने में किसी 30 साल की औरत से भी ज्यादा हॉट और सेक्सी लगती थी। उसकी बड़ी-बड़ी गोरी चूचियाँ, पतली कमर, और भरी-भरी गोल गाँड किसी भी मर्द को दीवाना बना सकती थी। घर में वो ज्यादातर साड़ी या नाइट सूट पहनती थी, जिसमें उसकी बॉडी के कर्व्स साफ दिखते थे।
राहुल अपनी माँ को बहुत चाहता था, लेकिन कुछ समय से उसके मन में गंदी और गलत ख्वाहिशें जागने लगी थीं। वो अक्सर माँ को चुपके से देखता, उनकी चूचियों और गाँड को घूरता रहता।
एक शाम को राहुल कॉलेज से जल्दी घर लौट आया। पापा ऑफिस गए हुए थे। घर में अजीब सी आवाजें आ रही थीं – कराहने की, हांफने की। राहुल धीरे-धीरे माँ के बेडरूम की तरफ बढ़ा। दरवाजा थोड़ा खुला था।
जो उसने देखा, उससे उसका खून खौल गया और लंड एकदम खड़ा हो गया। उसकी माँ रेखा बिल्कुल नंगी अवस्था में बेड पर लेटी हुई थी। उनके ऊपर पड़ोस का 50 साल का मोटा आदमी, अंकल रमेश, जोर-जोर से उन्हें चोद रहा था। रेखा की बड़ी चूचियाँ जोर-जोर से हिल रही थीं। रमेश अंकल उनकी चूचियों को जोर से दबा रहे थे और तेज-तेज धक्के मार रहे थे।
“आह्ह्ह… रमेश… और जोर से… आह्ह्ह… चोदो मुझे…” रेखा कराह रही थीं।
राहुल ने फोन निकाला और चुपके से पूरा सीन वीडियो में रिकॉर्ड कर लिया। उसका दिल तेजी से धड़क रहा था। गुस्सा, जलन और उत्तेजना तीनों एक साथ हो रहे थे।
कुछ देर बाद जब रमेश अंकल ने माँ के अंदर अपना माल भर दिया और चले गए, तब राहुल अंदर घुसा। रेखा अभी भी नंगी लेटी हुई थी, उनकी चूत से रमेश का वीर्य निकल रहा था। उन्होंने राहुल को देखा तो उनके चेहरे का रंग उड़ गया।
“राहुल… तू… तू यहाँ कब आया?” उनकी आवाज काँप रही थी।
राहुल ने फोन दिखाया और बोला, “माँ, मैं सब कुछ देख और रिकॉर्ड कर चुका हूँ। तुम पड़ोसी अंकल के साथ क्या कर रही थीं? अगर पापा को पता चला तो क्या होगा?”
रेखा घुटनों के बल बैठ गईं, उनकी नंगी चूचियाँ हिल रही थीं। आँखों में आँसू आ गए। “बेटा… प्लीज… इसे डिलीट कर दो… मैं गलती कर बैठी थी… प्लीज माफ कर दो…”
राहुल ने मुस्कुराते हुए कहा, “माफ तो कर सकता हूँ… लेकिन एक शर्त पर।” रेखा ने डरते हुए पूछा, “कैसी शर्त?”
राहुल ने अपनी माँ की नंगी बॉडी को ऊपर से नीचे तक घूरते हुए कहा, “अब से तुम मेरी हो। जितना मन करेगा, तुम्हें चोदूँगा। जब चाहूँगा, तुम्हें नंगा करके मजा लूँगा। वरना ये वीडियो पापा और पूरे परिवार को भेज दूँगा।”
रेखा स्तब्ध रह गईं। “राहुल… मैं तेरी माँ हूँ… ये गलत है बेटा…” राहुल ने माँ की चूची पकड़ ली और बोला, “गलत तो तुम पहले कर चुकी हो माँ। अब फैसला तुम्हारा है।”
रेखा कुछ देर चुप रहीं, फिर धीरे से सर झुका दिया। उस दिन से राहुल रोज अपनी माँ को ब्लैकमेल करके चोदने लगा। कभी किचन में, कभी बाथरूम में, कभी रात को पापा के सो जाने के बाद। रेखा शुरू में मना करती थीं, लेकिन धीरे-धीरे उनमें भी मजा आने लगा था।
उस घटना के बाद घर का माहौल पूरी तरह बदल गया था। राहुल अब अपनी माँ रेखा को अपनी नजरों से उतारता ही नहीं था। हर वक्त वो उनकी बड़ी-बड़ी चूचियों, पतली कमर और भारी गाँड को घूरता रहता। रेखा अब डर के मारे राहुल की हर बात मानने लगी थीं।
पहले कुछ दिन तो राहुल ने धीरे-धीरे शुरू किया। रात को जब पापा सो जाते, राहुल माँ के कमरे में चला जाता। रेखा को नाइट सूट में देखकर वो उनका सूट ऊपर कर देता और उनकी चूचियों को जोर-जोर से चूसने लगता। रेखा शुरू-शुरू में “नहीं राहुल… ये गलत है…” कहतीं, लेकिन राहुल उनकी चूत में उँगलियाँ डालकर उन्हें चुप करा देता। कुछ ही दिनों में रेखा की चूत गीली होने लगी थी।
एक दिन दोपहर में पापा ऑफिस गए हुए थे। राहुल ने माँ को किचन में पकड़ा। रेखा साड़ी पहने खाना बना रही थीं। राहुल ने पीछे से उन्हें जकड़ लिया और उनकी साड़ी ऊपर कर दी।
“राहुल… क्या कर रहा है… कोई देख लेगा…” रेखा काँपते हुए बोलीं।
राहुल ने उनकी पैंटी खींचकर नीचे की और अपनी जींस का बटन खोल दिया। उसका 7 इंच लंबा, मोटा लंड पहले से ही खड़ा था। उसने माँ को किचन की स्लैब पर झुका दिया और पीछे से एक ही झटके में पूरा लंड उनकी चूत में घुसा दिया।
“आआह्ह्ह्ह… राहुल… धीरे… बहुत मोटा है तेरा…” रेखा कराह उठीं।
राहुल ने उनकी कमर पकड़कर जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। किचन में “पच-पच-पच” की आवाज गूंज रही थी। उसने माँ की साड़ी का ब्लाउज खोलकर उनकी बड़ी चूचियों को बाहर निकाला और पीछे से जोर से दबाने लगा।
“माँ… तुम्हारी चूत तो बहुत टाइट है… पड़ोसी अंकल से ज्यादा मजा आ रहा है…” राहुल ने हाँफते हुए कहा।
रेखा शर्म से लाल हो गईं, लेकिन उनकी चूत राहुल के लंड को अंदर खींच रही थी। कुछ ही मिनट में रेखा का पहला ऑर्गेज्म आ गया। उनकी टाँगें काँपने लगीं और चूत से रस निकलने लगा।
राहुल ने उन्हें घुमाया, किचन फ्लोर पर लिटाया और उनकी टाँगें फैलाकर फिर से चोदने लगा। इस बार वो उनकी चूचियों को चूसता हुआ तेज-तेज धक्के मार रहा था। आखिर में उसने माँ की चूत के अंदर ही अपना पूरा गरम माल भर दिया।
इसके बाद राहुल रोज माँ को नया-नया तरीके से चोदने लगा। कभी वो उन्हें बाथरूम में नहाते वक्त पकड़ लेता, कभी सोते वक्त, कभी टीवी देखते वक्त। रेखा अब विरोध करना छोड़ चुकी थीं। धीरे-धीरे उन्हें भी अपने बेटे के लंड का आदी होना शुरू हो गया था।
एक शाम राहुल ने माँ को ब्लैकमेल करते हुए कहा, “कल पापा ऑफिस के काम से दो दिन के लिए बाहर जा रहे हैं। उस दिन मैं तुम्हें पूरा दिन अपना सेक्स टॉय बना के रखूँगा। तैयार रहना।” रेखा ने डरते हुए सर हिला दिया।
पापा के ऑफिस जाने के बाद पूरा घर राहुल और रेखा के लिए खेल का मैदान बन गया था। राहुल ने माँ को बेडरूम में ले जाकर पहले तो पूरी तरह नंगा कर दिया। रेखा की गोरी, भरी-भरी बॉडी सामने थी – बड़ी-बड़ी चूचियाँ, गुलाबी निप्पल, पतली कमर और मोटी, गोल गाँड।
राहुल ने माँ को बेड पर लिटाया और बोला, “आज तू मेरी पूरी रंडी है माँ। मैं तेरी हर चीज का मजा लूँगा।”
उसने सबसे पहले रेखा की टाँगें फैलाकर उनकी चूत को जोर-जोर से चाटना शुरू किया। जीभ अंदर डालकर चूत का रस पीने लगा। रेखा पागल हो रही थीं – “आह्ह्ह… राहुल… बेटा… मत कर… उफ्फ्फ… आह्ह्ह…” उनकी कमर खुद-ब-खुद ऊपर उठ रही थी। कुछ ही मिनट में रेखा का पहला झड़ना हो गया।
राहुल ने उठकर अपना मोटा लंड रेखा के मुँह में ठूंस दिया। “चूस माँ… अच्छे से चूस…” रेखा आँखें बंद करके अपने बेटे का लंड चूसने लगीं। राहुल उनके बाल पकड़कर मुंह में जोर-जोर से धक्के मार रहा था।
फिर उसने माँ को घुटनों के बल बैठाया, पीछे से उनकी चूत में एक झटके में पूरा लंड घुसा दिया। “आआआह्ह्ह…” रेखा चीख पड़ीं। राहुल ने उनकी कमर पकड़कर जानवर की तरह चोदना शुरू कर दिया। हर धक्के के साथ रेखा की चूचियाँ जोर से हिल रही थीं। उसने आगे हाथ बढ़ाकर उनकी चूचियों को खूब जोर से दबाया और निप्पल खींचे।
“माँ… तेरी चूत तो स्वर्ग है… आज मैं इसे फाड़ दूँगा…” राहुल हाँफ रहा था। करीब 20 मिनट तक चूत चोदने के बाद राहुल ने लंड निकाला और रेखा की गाँड पर थूक लगाया। रेखा समझ गईं क्या होने वाला है। “राहुल… वहाँ मत… पहली बार है… दर्द होगा…”
लेकिन राहुल ने उनकी गाँड के दोनों फंदे फैलाए और अपना मोटा लंड उनके टाइट गाँड के छेद पर रख दिया। धीरे-धीरे जोर लगाकर पूरा लंड गाँड में उतार दिया। रेखा दर्द से चीख उठीं, लेकिन राहुल ने उनका मुँह दबा दिया और जोर-जोर से गाँड चोदने लगा।
धीरे-धीरे दर्द के बाद रेखा को भी मजा आने लगा। “आह्ह्ह… राहुल… अब तेज… चोद अपनी माँ की गाँड…”
राहुल ने माँ को पूरे घर में घुमाया। सोफे पर, टेबल पर, बाथरूम में – हर जगह चोदा। शाम तक रेखा थक चुकी थीं, लेकिन राहुल रुका नहीं। रात को उसने माँ को पूरा सेक्स टॉय बना दिया। उन्हें बेड पर उल्टा करके दोनों छेद में बारी-बारी लंड डालने लगा। पहले चूत, फिर गाँड, फिर चूत। रेखा अब पूरी तरह बेहोश जैसी हो चुकी थीं – सिर्फ कराह रही थीं।
आखिरी राउंड में राहुल ने माँ को मिशनरी स्टाइल में लिटाया, उनकी टाँगें अपने कंधों पर रखीं और पूरी ताकत से चोदने लगा। “माँ… आज मैं तेरे दोनों छेद में अपना माल भर दूँगा…”
राहुल ने पहले उनकी चूत में जोर-जोर से माल भर दिया। फिर लंड निकालकर उनके मुँह में डाला और गला भर दिया। आखिर में रेखा की गाँड में भी अपना तीसरा राउंड माल छोड़ दिया।
रेखा पूरी तरह थककर बेहोश जैसी हो गई थीं। उनका पूरा शरीर पसीने, थूक और वीर्य से लथपथ था। चूत और गाँड दोनों से राहुल का माल निकल रहा था।
राहुल ने अपनी माँ को चूम लिया और कान में फुसफुसाया, “अब से तू हर रोज मेरी रंडी रहेगी माँ।” रेखा आँखें बंद करके बस हल्का सिर हिला सकीं।
पहली रात की भयंकर चुदाई के बाद भी राहुल की लंड की प्यास अभी भी नहीं बुझी थी। वह अपनी माँ रेखा की टाइट चूत और गाँड का पूरा मजा अभी भी लेना चाहता था। कल पापा वापस आ रहे थे, इसलिए आज दूसरी और आखिरी रात थी। राहुल इस सुनहरे मौके को बिल्कुल भी खोना नहीं चाहता था।
दोपहर में ही वह बाजार चला गया। कुछ अच्छे पैसे लेकर उसने खास नेट वाली सेक्सी ड्रेस, ओपन क्रॉच वाली पैंटी और ब्रा खरीदी। ये कपड़े ऐसे थे कि चूचियाँ बाहर रहती थीं, चूत और गाँड के छेद पर पहले से ही बड़ा छेद बना हुआ था, जिससे सीधे लंड डाला जा सकता था। टाइट नेट ड्रेस बॉडी पर चिपक जाती थी और गाँड को और भी उभाड़ देती थी।
शाम को घर लौटते ही उसकी नजर माँ पर पड़ी। रेखा टाइट ब्लाउज और साड़ी में थीं। उनकी बड़ी चूचियाँ उभरी हुई थीं और गाँड लटक रही थी। राहुल सीधे बेडरूम गया, कपड़ों का पैकेट बेड पर रखा और बाहर आकर माँ के बहुत पास खड़ा हो गया।
“बहुत काम कर रही हो मेरी राँड माँ? थक गई होगी ना? मेरी बड़ी चूची वाली सेक्सी माँ?” उसने मुस्कुराते हुए कहा। रेखा डर गईं। “नहीं… सब ठीक है… हटो मुझे काम करने दो।”
राहुल ने तुरंत उनका गाल पकड़ लिया और दबाते हुए बोला, “नहीं माँ, तुम थक गई हो। लेकिन आज रात मैं तुम्हारी सारी थकान दूर कर दूँगा।” रेखा का गला सूख गया। “नहीं राहुल… आज नहीं… मैं नहीं चुदवाऊँगी। तुम तो मेरी मजबूरी का फायदा उठा रहे हो। तुम्हारे पापा मुझे इतना चोदते हैं और अब तुम भी… मैं इतना नहीं सह सकती। कल रात तुमने बहुत चोदा, मेरी चूत और गाँड अभी भी जल रही है। ऐसे मत कर, नहीं तो मैं प्रेग्नेंट हो जाऊँगी।”
राहुल ने उनका चेहरा ऊपर उठाया और सख्ती से बोला, “क्यों? पड़ोसी से चुदवाते समय दर्द नहीं होता था? ध्यान से सुन लो – आज खाने के बाद बेडरूम में आ जाना। अच्छे से सज-धज के आना। आज लास्ट नाइट है, पूरा मजा लेना है। वरना वो वीडियो सबको भेज दूँगा।”
रेखा कुछ बोलने लगीं लेकिन राहुल अंदर चला गया। रात करीब 8:30 बजे दोनों ने खाना खाया। खाने के बाद राहुल बोला, “मैं बेडरूम में जा रहा हूँ। तुम्हारा इंतजार कर रहा हूँ। जल्दी आना।” और वह अंदर चला गया।
रेखा थोड़ी देर सोचती रहीं, लेकिन अंदर से राहुल की आवाज आई – “आ रही हो या नहीं?” मजबूर होकर रेखा अंदर चली गईं। उन्होंने एक पतली टाइट नाइटी पहन रखी थी, अंदर कुछ नहीं था।
जैसे ही वे अंदर गईं, उन्होंने देखा कि राहुल बेड पर नंगा बैठा अपना मोटा लंड सहला रहा था और उस पर ऑयल लगा रहा था। राहुल उठा और बोला, “आओ बैठो बेड पर मेरी सेक्सी माँ। आज मैं तुम्हारे लिए गिफ्ट लाया हूँ। ये लो, पहन लो। आज इसी में तुम्हारी चुदाई करूँगा।”
रेखा हिचकिचाईं, लेकिन मजबूर थीं। उन्होंने अपनी नाइटी उतारी और वो नेट वाली ड्रेस पहन ली। ड्रेस उनके भारी शरीर पर एकदम टाइट फिट हो गई। उनकी चूचियाँ पूरी बाहर निकल आई थीं, निप्पल सख्त हो रहे थे। चूत और गाँड के छेद खुल्ले थे, सिर्फ नेट का कपड़ा बॉडी पर चिपका हुआ था।
राहुल ने उन्हें देखा और बोला, “बाप रे! कितनी जूसी और सेक्सी लग रही हो माँ। अभी चाट जाऊँ तुम्हें।”
उसने माँ का हाथ पकड़कर अपनी गोद में बिठा लिया। अपना लंड उनकी गाँड की दरार में रखा और बोला, “अपनी चूत हिला।” साथ ही उनकी लटकती चूचियों को जोर से दबाने लगा।
रेखा कराह रही थीं – “आह्ह्ह… तू मेरी मजबूरी का बहुत फायदा उठा रहा है… मादरचोद… कितना चोदेगा मुझे?”
राहुल बोला, “आज पूरी रात चोदूँगा क्योंकि कल पापा आ जाएंगे। आज अपना सारा माल मुझे दे दे माँ।” कहते हुए उसने माँ की चूत में उँगलियाँ डाल दीं और जोर से हिलाने लगा। रेखा गोद में बैठकर कमर हिला रही थीं और चीख रही थीं – “आह्ह्ह… उummm… हायyy…”
राहुल ने उन्हें उठाया, पीछे से चिपक गया, चूचियों को जोर से दबाया और लंड गाँड पर रगड़ने लगा। फिर उसे डोगी स्टाइल में खड़ा किया। तेल लगाकर अपना लंड बहुत फिसलने वाला बना लिया और माँ की चूत पर जोर से रगड़ने लगा।
रेखा चीखीं, “कल ही पूरी रात चोदा था… अभी भी दर्द हो रहा है… चूत सूज गई है… मत चोद…”
लेकिन राहुल ने कहा, “अभी भी कसावट है तेरी चूत में। आज मारने दे तेरी चूत राँड।” और उसने लंड को छेद में धीरे-धीरे घुसाना शुरू किया। पूरा लंड अंदर घुसाते ही रेखा चीख पड़ीं – “मर गई… मेरी चूत फाड़ देगा ये…”
राहुल ने जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। आधे घंटे तक खूब चोदा। फिर उन्हें घुटनों के बल बैठाकर मुंह में लंड ठूंस दिया। २० मिनट तक मुंह चोदा।
इसके बाद उन्हें उल्टा लिटाया, गाँड चाटी और गाँड में भी पूरा लंड घुसा दिया। २० मिनट तक गाँड चोदने के बाद उन्हें काउगर्ल पोजीशन में बिठाया। राहुल ने उनकी चूचियों को जोर से दबाते हुए तेज-तेज ऊपर से धक्के दिए।
रेखा पागल हो गई थीं – “चोद… चोद मादरचोद… पूरी राँड बना के चोद मुझे…” आखिर में राहुल ने तेज स्पीड से चोदा और माँ की चूत की सबसे गहराई में पूरा माल भर दिया। रेखा भी झड़ गईं और राहुल के सीने पर ढेर हो गईं।
जब राहुल ने लंड निकाला तो चूत से माल बह रहा था। रेखा ने खुद झुककर उसे चाट लिया और थके हुए स्वर में बोलीं, “बहुत राँड बना के चोदा बेटा… बहुत दुख रहा है सब…”
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