पापा ने मुझे गोद में बिठाकर गहरा चोद दिया - पापा बेटी सेक्स
पापा ने मुझे अपनी गोद में बिठाकर गहरा चोदा… मम्मी के जाने के बाद 15 दिनों तक घर भर में रोज़ रात भर जंगली चुदाई। 21 साल की बेटी की टाइट चूत को पापा ने अपना बना लिया। शावर, किचन, बालकनी और बेडरूम में नॉन-स्टॉप सेक्स।
मेरा नाम सोनिया है। मैं 21 साल की एक बेहद आकर्षक और सेक्सी लड़की हूं। मेरी हाइट 5 फीट 6 इंच है, गोरी चमकदार त्वचा, लंबे काले घने बाल जो कमर तक लहराते हैं।
मेरी बॉडी किसी मॉडल जैसी है – 34D साइज की गोल, भरी-भरी और ऊपर उठी हुई चूचियां जो ब्रा के बिना भी खड़ी रहती हैं, पतली कसी हुई कमर, चौड़ी 36 इंच की मोटी गांड जो टाइट जींस में फटने को तैयार रहती है, और लंबी चिकनी टांगें।
मेरी चूत हमेशा साफ और गुलाबी है, छोटे-छोटे बालों के साथ। जब मैं चलती हूं तो मेरी गांड लहराती है और चूचियां हिलती हैं, जिससे हर मर्द का लंड खड़ा हो जाता है।
मेरे पापा राज 45 साल के हैं, लेकिन उनकी बॉडी 30 साल के जवान मर्द से भी बेहतर है। रोज सुबह जिम जाते हैं, चौड़ी छाती, मजबूत बाइसेप्स, सिक्स पैक एब्स और मोटी, मांसल टांगें। उनकी आंखें गहरी हैं, दाढ़ी हल्की और उनकी मर्दाना खुशबू पूरे घर में फैल जाती है। उनका लंड मैंने पहले कभी नहीं देखा था, लेकिन रातों को अकेले में उसकी कल्पना करके कई बार अपनी चूत में उंगलियां डालकर झड़ चुकी थी।
मम्मी अपने मायके गई हुई थीं – पूरे 15 दिन के लिए। घर में सिर्फ मैं और पापा। पहले 3-4 दिन तो बातें, खाना बनाना, टीवी देखना – सब नॉर्मल था। लेकिन अंदर ही अंदर मेरे मन में आग लग रही थी। पापा जब शर्ट उतारकर घूमते तो उनकी बॉडी देखकर मेरी चूत गीली हो जाती। मैं जानबूझकर छोटी-छोटी स्कर्ट और टाइट टॉप पहनकर उनके सामने आने लगी।
वो खास रात : रात के 10 बजे थे। हम दोनों लिविंग रूम के बड़े सोफे पर बैठे एक हॉट रोमांटिक मूवी देख रहे थे। मूवी में हीरो और हीरोइन के बीच जोरदार सेक्स सीन चल रहा था – किसिंग, चूसना, चोदाई। कमरे में सिर्फ टीवी की रोशनी थी। मेरी सांसें तेज हो गईं। मेरी चूत में गर्म चिपचिपा पानी बहने लगा, पैंटी पूरी भीग गई।
मैंने पापा की तरफ देखा। उनकी पैंट में बड़ा सा टेंट बन गया था। उनका मोटा लंड खड़ा होकर कपड़े को फाड़ने को तैयार था।
मेरे होंठ सूख गए। मैंने अपने होंठों को दांतों से काटा। पापा ने मेरी तरफ देखा। मेरी आंखों में साफ वासना तैर रही थी। उन्होंने धीरे से मेरा हाथ पकड़ा, अपनी हथेली में लिया और उंगलियों को सहलाने लगे। उनके स्पर्श से मेरे शरीर में बिजली दौड़ गई।
“बेटी सोनिया… तुम्हें ये सीन अच्छा लग रहा है क्या?” पापा की आवाज भारी और कामुक हो गई थी।
मैं शर्म से लाल हो गई लेकिन सिर हिला दिया। अगले पल पापा ने मेरा चेहरा अपनी तरफ घुमाया और मेरे गुलाबी होंठों पर अपना मुंह रख दिया। उनका किस जंगली था – जीभ मेरे मुंह में घुसकर मेरी जीभ को चूसने लगी। हम दोनों 15 मिनट तक एक-दूसरे को चूमते रहे। मेरी चूचियां उनके सीने से रगड़ खा रही थीं।
पापा ने मेरी एक चूची पर हाथ रखकर दबाना शुरू कर दिया। “आह पापा…” मैं सिसकारी भर उठी।
पापा ने मुझे गोद में उठा लिया। उनकी मजबूत बाहों में मैं जैसे पिघल गई। उन्होंने मुझे बेडरूम में ले जाकर बेड पर लिटा दिया। धीरे-धीरे मेरे कपड़े उतारने लगे। टी-शर्ट निकाली, ब्रा खोली। मेरी बड़ी चूचियां उछलकर बाहर आ गईं। पापा की आंखें भूख से चमक उठीं।
“मेरी रानी… तुम्हारी चूचियां तो स्वर्ग से भी सुंदर हैं,” कहकर उन्होंने दोनों चूचियों को हाथों में भर लिया। एक को जोर से मसलते हुए दूसरे को मुंह में लेकर चूसने लगे। जीभ से निप्पल को घुमाते, हल्के से काटते। मैं कराह रही थी – “आह पापा… और जोर से चूसो… काटो उन्हें… आहहह… बहुत मज़ा आ रहा है…”
पापा ने मेरी जींस और भीगी पैंटी भी उतार दी। अब मैं पूरी नंगी उनके सामने थी। उन्होंने मेरी चूत को देखा – गीली, सूजी हुई, रस टपकता हुआ।
“वाह… ये तो गुलाब का फूल है मेरी जान,” कहकर पापा ने घुटनों पर बैठकर अपनी जीभ मेरी चूत पर फेर दी। वे मेरी क्लिट को चूस रहे थे, जीभ अंदर बाहर कर रहे थे, दो उंगलियां डालकर अंदर-बाहर कर रहे थे। मैं पागल हो गई। अपने पैर फैलाकर उनकी सिर को चूत पर दबा रही थी।
“पापा… और गहरी… चाटो मेरी चूत को… मैं तुम्हारी रानी हूं… आह… मैं झड़ने वाली हूं…” मैं जोर-जोर से चिल्ला रही थी।
पापा ने मेरा पूरा रस पी लिया। फिर वे ऊपर आए। अपनी शर्ट और पैंट उतारी। उनका 8 इंच लंबा, मोटा, नसों भरा लंड लोहे की तरह खड़ा था। “पापा… ये तो बहुत बड़ा है… मेरी चूत फट जाएगी…” मैं डरते-डरते बोली।
“डरो मत बेटी। पापा बहुत धीरे-धीरे चोदेगा। तुम्हें बहुत मज़ा आएगा,” उन्होंने प्यार से कहा।
पापा ने लंड मेरी चूत के मुंह पर रगड़ा और धीरे से अंदर डालना शुरू किया। पहले तो दर्द हुआ, लेकिन फिर मज़ा छा गया। पूरा लंड अंदर चला गया। वे कुछ देर रुके रहे, फिर धीरे-धीरे धक्के मारने लगे। मैं भी अपनी गांड उठाकर जवाब दे रही थी।
“आह पापा… जोर से… फाड़ दो मेरी चूत को… तुम आज से मेरे पति हो… मैं तुम्हारी बीवी हूं…” मैं चीख रही थी।
पापा तेज हो गए। मेरी चूचियों को दबाते, चूसते हुए कह रहे थे, “हां मेरी जान… तू अब मेरी बीवी है… तेरी ये टाइट चूत सिर्फ मेरी है… मैं रोज तुझे चोदूंगा… आह… कितनी गरम है तेरी चूत…”
हम 25-30 मिनट तक मिशनरी पोजीशन में चुदाई करते रहे। फिर पापा ने मुझे घोड़ी बनाया। पीछे से लंड डाला और जोरदार ठेलने लगे। मेरी गांड पर थप्पड़ पड़ रहे थे – “चटाक… चटाक…”। मैं सिसकार रही थी।
आखिरकार मैंने कहा, “पापा… मुंह में दो… अपना सारा माल मुझे पिला दो…” पापा ने लंड निकाला और मेरे मुंह में ठूंस दिया। कुछ ही देर में उन्होंने गरम-गरम मोटी धारें मेरे गले में छोड़ दीं। मैंने आंखें बंद करके सारा पी लिया और लंड चाट-चाट कर साफ कर दिया।
चॉकलेट और हनी वाली रात : थोड़ी देर आराम करने के बाद मैं उठी। किचन से चॉकलेट सिरप, हनी और कुछ फ्रूट्स लेकर आई। पापा को बेड पर लिटाया। उनके पूरे शरीर पर चॉकलेट सिरप डाला – छाती पर, पेट पर, लंड पर। फिर मैं चाटने लगी।
उनका लंड फिर से लोहे जैसा खड़ा हो गया। मैंने लंड को मुंह में लेकर गहरी थ्रोट दी। पापा कराह रहे थे – “आह सोनिया… तुम तो असली कामुक देवी हो… चूसो मेरी जान…”
फिर मैंने अपनी चूत में हनी लगाई। पापा ने मुझे 69 पोजीशन में किया। वे मेरी चूत चाट रहे थे, मैं उनका लंड चूस रही थी। हम दोनों एक-दूसरे का रस पी रहे थे।
इसके बाद उन्होंने मुझे फिर घोड़ी बनाया और जोरदार चोदाई की। कमरे में सिर्फ चट-चट की आवाज और हमारी सिसकारियां गूंज रही थीं।
शावर के नीचे जंगली चुदाई : हम नहाने गए। गर्म पानी शावर से गिर रहा था। पापा ने मुझे दीवार से सटाया, एक टांग कंधे पर रखी और खड़े-खड़े अपना मोटा लंड मेरी चूत में उतार दिया। पानी हमारे शरीरों पर बह रहा था। वे तेज-तेज धक्के मार रहे थे। मेरी चूचियां उनके हाथों में थीं। मैं उनकी पीठ पर नाखून गड़ा रही थी।
“आह पापा… और जोर से… फाड़ दो… गर्म पानी में चुदाई का मज़ा ही अलग है…” मैं चिल्ला रही थी।
पापा ने मेरी दूसरी टांग भी उठा ली और पूरी ताकत से चोदने लगे। “तेरी चूत अब हमेशा मेरी रहेगी… मैं तुझे कभी नहीं छोडूंगा…” हम दोनों एक साथ झड़ गए।
किचन और बालकनी में मजे : अगले दिन किचन में मैं खाना बना रही थी। पापा पीछे से आए, मेरी स्कर्ट ऊपर की और पैंटी खींचकर सीधे लंड डाल दिया। स्लैब पर झुकाकर उन्होंने मुझे चोदा। बर्तन हिल रहे थे।
शाम को बालकनी में भी हमने रिस्की सेक्स किया। अंधेरे में, बाहर हल्की रोशनी में पापा ने मुझे रेलिंग पकड़वाकर पीछे से चोदा।
पूरे 15 दिन हमने घर के हर कोने में प्यार और चुदाई का आनंद लिया। हर रात नई पोजीशन, नया खेल। कभी तेल मालिश के साथ, कभी आइस क्यूब्स के साथ।
आखिरी रात पापा ने मुझे बहुत प्यार से चोदा। हम दोनों थककर एक-दूसरे की बाहों में लेटे थे।
“सोनिया, तुमने मेरी जिंदगी में नई रोशनी भर दी। ये रिश्ता हमारा गुप्त खजाना रहेगा,” पापा ने मेरे बालों में हाथ फेरते हुए कहा।
“हां पापा… मैं हमेशा तुम्हारी रानी और बीवी बनकर रहूंगी। जब भी मौका मिले, हम ऐसे ही जंगली प्यार करेंगे,” मैंने उनके सीने पर सिर रखते हुए कहा।
इस तरह हमारा बेहद गहरा, कामुक और अनोखा पापा-बेटी का रिश्ता शुरू हुआ जो आज भी जारी है।
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