नयी बहू की टाइट योनि को चोदकर ससुर ने फैलाया
नयी बहू घर में अकेली थी जब ससुर ने उसकी टाइट योनि को जोर से चोदा और फैला दिया। रात भर चूत और गांड दोनों में लंड ठूसकर बहू को अपनी रंडी बना लिया।

सुबह 9 बजे का समय था। बेटा रोहित ऑफिस के काम से 3 दिन के लिए बाहर गया हुआ था। घर में सिर्फ सास-ससुर और बहु रिया रह गए थे। लेकिन सास भी आज सुबह अपने मायके चली गई थी किसी जरूरी काम से। घर में सिर्फ सासुर जी और रिया अकेले रह गए थे।
रिया 28 साल की थी। गोरी, स्लिम कमर, भारी बूब्स और गोल गांड वाली। हमेशा टाइट कपड़े पहनती थी। आज उसने हल्की गुलाबी नाइटी पहनी हुई थी जिसमें उसके बूब्स की गहरी लकीर साफ दिख रही थी।
सासुर जी, जिनका नाम सुरेश था, 48 साल के थे। मजबूत बदन, हल्की सफेद दाढ़ी और अभी भी फिट। वो बालकनी में चाय पी रहे थे। रिया किचन से चाय लेकर आई और उनके पास खड़ी हो गई।
“सासुर जी… चाय,” उसने मुस्कुराते हुए कहा।
सुरेश ने चाय ली लेकिन उनकी नजर रिया की नाइटी पर थी। नाइटी इतनी पतली थी कि उसके निप्पल की शेप साफ दिख रही थी।
रिया ने उनकी नजर पकड़ ली। वो थोड़ा और करीब आ गई।
“सासुर जी, आप मुझे ऐसे क्यों देख रहे हो?” उसने हल्के से पूछा।
सुरेश मुस्कुराए, “क्योंकि तू आज बहुत हॉट लग रही है बहू। रोहित गया है तो तू और भी खुल के घूम रही है।”
रिया हंसी। “सासुर जी… आप भी ना। मैं तो घर में आराम से हूँ।”
थोड़ी देर चुप्पी रही। फिर रिया बोली, “सासुर जी, मेरी कमर में बहुत दर्द हो रहा है। रोहित जाता है तो कोई दबाता भी नहीं। क्या आप थोड़ा दबा दोगे?”
सुरेश की आँखों में चमक आ गई। “आ जा बहू, सोफे पर लेट जा।”
रिया सोफे पर पेट के बल लेट गई। नाइटी ऊपर सरक गई और उसकी आधी गांड बाहर आ गई। सुरेश ने हाथ लगाया। पहले धीरे-धीरे कमर दबाई, फिर हाथ नीचे सरकते गए।
रिया की साँसें तेज हो गईं।
“सासुर जी… और नीचे,” उसने धीमे से कहा।
सुरेश के हाथ उसकी गांड पर आ गए। उन्होंने दोनों हाथों से उसकी गोल गांड को मसलना शुरू कर दिया। रिया हल्के से कराह उठी।
“बहू… तेरी गांड तो बहुत सॉफ्ट है,” सुरेश ने कहा।
रिया ने मुड़कर देखा। “सासुर जी… आप चाहो तो और भी दबा सकते हो। कोई नहीं है घर में।”
सुरेश ने नाइटी पूरी ऊपर कर दी। रिया की नंगी गांड और टाइट चूत अब साफ दिख रही थी। उन्होंने झुककर उसकी गांड पर एक जोर का थप्पड़ मारा।
“आह्ह… सासुर जी!” रिया चिल्लाई लेकिन मना नहीं किया।
सुरेश ने दोनों हाथों से उसकी गांड फैलाई और बीच की हल्की गुलाबी लकीर को अंगूठे से सहलाने लगे। रिया की चूत गीली होने लगी।
“बहू, तू तो भीग रही है,” सुरेश ने कहा।
रिया ने शर्मिंदगी के साथ कहा, “सासुर जी… आपकी छूने से… कंट्रोल नहीं हो रहा।”
सुरेश ने अपनी पजामा नीचे की। उनका मोटा, लंबा लंड बाहर निकल आया। रिया ने पीछे मुड़कर देखा और आँखें बड़ी कर लीं।
“इतना मोटा… सासुर जी…”
सुरेश ने लंड उसके गाल पर रगड़ा। “चूस इसे बहू। आज तेरे सासुर का लंड चख।”
रिया घूमकर बैठ गई और लंड को हाथ में ले लिया। पहले चाटा, फिर मुँह में भर लिया। सुरेश के हाथ उसके बालों में थे। रिया गहराई तक ले रही थी, आँखों में पानी आ रहा था लेकिन रुक नहीं रही थी।
“और गहरा… हां रंडी बहू,” सुरेश ने कहा।
रिया ने और जोर से चूसा। 10-12 मिनट तक वो उनका लंड चूसती रही। लार बह रही थी।
फिर सुरेश ने उसे फिर से पेट के बल लिटा दिया। लंड उसकी गीली चूत पर रखा और एक झटके में आधा अंदर घुसा दिया।
“आाह्ह सासुर जी… इतना मोटा!” रिया चिल्लाई।
सुरेश ने और धक्का दिया। पूरा लंड उसकी टाइट चूत में समा गया। फिर जोर-जोर से धक्के शुरू हो गए। सोफा हिल रहा था। रिया की कराहें निकल रही थीं।
“चोदो सासुर जी… और जोर से चोदो अपनी बहू को!” रिया खुद बोल रही थी।
सुरेश ने उसकी कमर पकड़ ली और फुल स्पीड में ठोकने लगे। हर धक्के के साथ रिया की गांड कांप रही थी।
“तेरी चूत कितनी टाइट है रंडी… रोहित तुझे इतना नहीं चोदता होगा,” सुरेश बोले।
“नहीं सासुर जी… आपका लंड बहुत बड़ा है… और अंदर तक जा रहा है,” रिया कराहते हुए बोली।
20 मिनट तक लगातार पीछे से चोदने के बाद सुरेश ने उसे घुमाया। अब रिया के पैर उनके कंधों पर थे। आँखों में आँखें मिलाकर जोर-जोर से ठोक रहे थे। रिया के बूब्स जोर से हिल रहे थे। सुरेश उन्हें मसल रहे थे, निप्पल काट रहे थे।
रिया का पहला ऑर्गैज्म आ गया। उसकी चूत जोर से सिमट गई। सुरेश रुके नहीं।
“एक और बार झेल बहू,” कहकर और तेज धक्के देने लगे।
रिया का दूसरा ऑर्गैज्म भी आ गया। उसकी आँखों में आँसू आ गए मजे से।
आखिर में सुरेश जोर से बोले, “अंदर छोड़ूँ अपनी रंडी बहू के अंदर?”
“हाँ सासुर जी… अंदर ही छोड़ दो… भर दो मुझे,” रिया ने कहा।
सुरेश ने लास्ट के जोरदार धक्के मारे और रिया की चूत में गाढ़ा वीर्य उड़ेल दिया। इतना कि थोड़ा बाहर भी निकल आया।
दोनों हांफते हुए पड़े रहे। सुरेश का लंड अभी भी अंदर था।
रिया ने मुस्कुराते हुए कहा, “सासुर जी… ये तो सिर्फ शुरुआत है। रोहित 3 दिन बाद आएगा… तब तक आप मुझे जितना चाहो चोद सकते हो।”
सुरेश ने उसके होंठों को काटते हुए कहा, “आज रात को और मजे लेंगे बहू। तेरी गांड भी आज खोलनी है।”
रिया की आँखों में जलन थी। “जी सासुर जी… मैं तैयार हूँ। आपकी रंडी बहू हूँ मैं।”
दोपहर के 2 बज रहे थे। दोनों ने नहा लिया था लेकिन कपड़े फिर से नहीं पहने थे। रिया सिर्फ एक पतली तौलिया लपेटे किचन में खाना बना रही थी। सुरेश पीछे से आए और तौलिया खींच लिया। रिया नंगी हो गई।
“सासुर जी!” रिया मुस्कुराई।
सुरेश ने उसे काउंटर पर लिटा दिया। पैर फैलाए और झुककर उसकी चूत चाटने लगे। जीभ अंदर तक डाल-डाल कर चाट रहे थे। रिया की कमर उठ रही थी।
“आह्ह… सासुर जी… जीभ और अंदर,” रिया कराह रही थी।
10 मिनट चाटने के बाद सुरेश खड़े हो गए और अपना लंड उसकी चूत में धकेल दिया। किचन में खड़े-खड़े जोर-जोर से चोदने लगे। बर्तन गिरने की आवाज आ रही थी लेकिन किसी को फर्क नहीं पड़ता था।
“चोदो सासुर जी… अपनी बहू को किचन में ही चोद दो,” रिया बोल रही थी।
25 मिनट तक किचन में सेक्स चला। सुरेश ने इस बार बाहर निकालकर रिया के पेट और बूब्स पर वीर्य छोड़ दिया। रिया ने उंगली से उठा-उठा कर चाट लिया।
शाम के 6 बजे। दोनों लिविंग रूम में थे। रिया सुरेश की गोद में बैठी हुई थी। दोनों नंगे। रिया उनका लंड हाथ से हिला रही थी।
“सासुर जी, अब मेरी गांड ले लो… सुबह वादा किया था,” रिया ने कहा।
सुरेश मुस्कुराए। “आ जा रंडी बहू, तैयार हो जा।”
रिया सोफे पर पेट के बल लेट गई। सुरेश ने तेल निकाला और उसकी गांड के छेद पर लगाने लगे। उंगली धीरे-धीरे अंदर डाली। रिया सिसक रही थी।
“आह्ह… दर्द हो रहा है सासुर जी…”
“सहन कर बहू, अभी मजा आएगा,” सुरेश बोले।
उंगली के बाद उन्होंने लंड का सिर छेद पर रखा और धीरे-धीरे दबाव दिया। रिया ने तकिया दबा लिया। आधा लंड अंदर जाने में समय लगा। फिर एक जोर के धक्के के साथ पूरा लंड उसकी गांड में समा गया।
“आआह्ह्ह सासुर जी!!” रिया जोर से चिल्लाई।
सुरेश कुछ देर रुके। फिर धीमे-धीमे धक्के शुरू किए।
“कैसा लग रहा है बहू? तेरे सासुर का लंड गांड में?”
“बहुत… बड़ा… और अंदर तक… लेकिन अच्छा लग रहा है,” रिया हांफते हुए बोली।
स्पीड धीरे-धीरे बढ़ने लगी। अब जोर के धक्के लग रहे थे। रिया की गांड लाल हो रही थी। सुरेश थप्पड़ भी मार रहे थे।
“बोल… मैं कौन हूँ?” सुरेश ने पूछा।
“आप… मेरे सासुर जी हो… जो अपनी बहू की गांड चोद रहे हो,” रिया चिल्ला रही थी।
30 मिनट तक गांड सेक्स चला। बीच में रिया का ऑर्गैज्म भी आ गया। आखिर में सुरेश ने उसकी गांड में ही वीर्य छोड़ दिया। निकालने पर सफेद वीर्य छेद से बाहर आने लगा।
रात का 10 बजा। अब दोनों बेडरूम में थे। ये लास्ट और सबसे लंबा सेशन था।
सुरेश ने रिया को बिस्तर पर लिटाया और बोले, “आज रात तेरी चूत और गांड दोनों बारी-बारी से लूंगा। थकने तक।”
पहले उन्होंने मिशनरी में 20 मिनट जोरदार चोदा। रिया के पैर उनके कंधों पर थे। हर धक्का गहरा था। रिया लगातार कराह रही थी।
फिर डॉगीस्टाइल में डाल दिया। इस बार एक हाथ से उसकी चूत सहलाते हुए गांड चोद रहे थे। रिया पागल हो रही थी।
“सासुर जी… और जोर से… मैं आपकी रंडी हूँ… जितना चाहो करो,” रिया बोल रही थी।
उसके बाद रिया को ऊपर बैठाया। रिया खुद उछल-उछल कर लंड ले रही थी। बूब्स जोर से हिल रहे थे। सुरेश उन्हें मुँह में लेकर चूस रहे थे।
फिर साइड से, फिर फोल्ड करके… हर पोजीशन में 15-20 मिनट।
रिया के कई ऑर्गैज्म आ चुके थे। उसका बदन पसीने से तर था। आवाज बैठने लगी थी।
आखिरी में सुरेश ने उसे फिर से डॉगी में किया और एक हाथ से बाल पकड़कर जोर-जोर से ठोकने लगे।
“अंदर छोड़ूँ या मुँह में?” सुरेश ने पूछा।
“दोनों में… पहले चूत में, फिर मुँह में,” रिया ने कहा।
सुरेश ने पहले उसकी चूत में गाढ़ा वीर्य छोड़ा। फिर लंड निकालकर रिया के मुँह में ठूस दिया। बाकी वीर्य उसके मुँह में उतार दिया। रिया ने सब निगल लिया और लंड साफ कर दिया।
दोनों थककर बिस्तर पर गिर गए। सुरेश का हाथ रिया की गीली चूत पर था।
रिया ने धीमे से कहा, “सासुर जी… रोहित जब तक नहीं आता, आप मुझे हर दिन ऐसे ही चोदना। मैं आपकी रंडी बहू बनी रहूंगी।”
सुरेश ने उसकी गांड पर थप्पड़ मारते हुए कहा, “फिकर मत कर बहू। अगले दो दिन तेरी चूत और गांड दोनों को और ज्यादा फैला दूंगा। सोने से पहले एक बार और लूंगा।”
रिया मुस्कुराई और उनके लंड को फिर से हाथ में ले लिया जो धीरे-धीरे फिर से सख्त हो रहा था।
“जी सासुर जी… मैं तैयार हूँ।”
बाहर रात गहरी थी। घर खाली था। सासुर और बहु का ये गन्दा, हॉट और लंबा सेक्स अभी रुकने वाला नहीं था।

