गर्लफ्रेंड को रंडी जैसे चोदा खाली घर में - हिंदी सेक्स स्टोरी
जब उसकी मम्मी-पापा घर पर नहीं थे, मेरी गर्लफ्रेंड रंडी बन गई। मैंने उसकी टाइट चूत और गांड को भर रात इतना चोदा जैसे कोई प्रोफेशनल रंडी हो! सबसे गंदी और जोरदार गर्लफ्रेंड वाली चुदाई।
आरव 22 साल का था, और उसकी गर्लफ्रेंड निया 20 साल की। दोनों पिछले डेढ़ साल से साथ थे। निया दिल्ली के साउथ में एक अच्छे सोसाइटी में रहती थी, और आरव उससे सिर्फ 20 मिनट की दूरी पर। दोनों की केमिस्ट्री कमाल की थी—निया थोड़ी शर्मीली लेकिन बिस्तर पर एकदम जंगली हो जाती थी, और आरव उसे पागलों की तरह चाहता था।
उस दिन दोपहर 2 बजे निया का मैसेज आया:
“बेबी… आज मम्मी-पापा दोनों घर पर नहीं हैं। पापा ऑफिस गए हैं और मम्मी अपनी सहेली के यहाँ रात भर के लिए गई हैं। घर पूरा खाली है। आ जाओ ना… बहुत मन कर रहा है तुम्हारा ”
आरव का लंड मैसेज पढ़ते ही तुरंत तन गया। उसने तुरंत जवाब दिया:
“मैं 30 मिनट में पहुँच रहा हूँ। कंडोम ले रहा हूँ… आज तुझे छोड़ूँगा नहीं।”
घर पर माँ ने पूछा, “कहाँ जा रहा है बेटा?” आरव ने कैजुअली जवाब दिया, “दोस्त के घर जा रहा हूँ माँ, प्रोजेक्ट पर काम है। रात को लेट हो सकता है।” माँ ने हाँ कर दी। आरव ने जल्दी से नहाया, अच्छे कपड़े पहने, वॉलेट में 3 कंडोम रखे और निकला।
निया के घर पहुँचते ही उसने गेट पर कॉल किया। निया खुद दरवाजा खोलने आई।
आरव का मुँह खुला रह गया।
निया ने सिर्फ एक छोटी सी काली सिफ़ॉन नाइटी पहनी थी, जो उसके जांघों के ठीक ऊपर तक थी। अंदर कोई ब्रा नहीं, कोई पैंटी नहीं। उसके बड़े-बड़े गोल स्तन नाइटी के पारदर्शी कपड़े से साफ दिख रहे थे, निप्पल्स पहले से ही सख्त। बाल खुले थे, होठों पर हल्की लिपस्टिक, और आँखों में भूख।
“इतनी जल्दी आ गया?” निया ने शरमाते हुए मुस्कुराया। आरव ने बिना कुछ कहे उसे कमर से पकड़ा, अंदर धकेला और दरवाजा बंद करके कुंडी लगा दी।
अगले ही सेकंड उसने निया को दीवार से सटा दिया और उसके होठों को अपने होठों से दबा लिया। गहरा, गीला, भूखा किस। निया की जीभ उसके मुँह में घुस आई। दोनों के मुँह से हल्की सिसकारी निकल रही थी। आरव का हाथ नाइटी के अंदर घुस गया और उसने निया की नंगी गाँड को जोर से मसला।
“उफ्फ्… कितनी नरम है तेरी गाँड… दिनभर से तड़प रहा था,” आरव ने उसके कान में कहा। निया ने हाँफते हुए जवाब दिया, “मैं भी… सुबह से चूत गीली है तेरे लिए। आज जितना मारना है मार… कोई नहीं है घर में।”
आरव ने नाइटी को एक झटके में उसके सिर के ऊपर से उतार फेंका। निया अब पूरी नंगी थी। गोरी चमकदार त्वचा, कमर पतली, स्तन भारी और गोल, निप्पल्स गुलाबी और तने हुए, और नीचे हल्के बालों वाली चिकनी चूत पहले से ही चमक रही थी।
आरव ने उसे उठाया और बेडरूम में ले गया। बिस्तर पर लिटाते ही उसने निया की टाँगें फैला दीं और उसके स्तनों पर टूट पड़ा। एक-एक करके दोनों स्तन मुँह में भर-भर कर चूसने लगा, दाँतों से हल्के काटने लगा। निया की कमर उठ-उठ रही थी।
“आआआह्ह… आरव… जोर से चूस… हाये…” आरव ने निप्पल को दाँतों में दबाया और दूसरी तरफ से तीन उंगलियाँ उसकी चूत में धकेल दीं। चूत इतनी गीली थी कि आवाज आने लगी—चप-चप-चप।
“देख… कितनी गीली हो चुकी है तू… अभी तो मैंने शुरू भी नहीं किया,” आरव ने कहा और उंगलियाँ अंदर निकालकर निया के मुँह में ठूंस दीं। निया ने आँखें बंद करके अपनी ही चूत का पानी चाट लिया।
फिर आरव ने खुद को नंगा किया। उसका लंड पूरा खड़ा, मोटा, नसें फूली हुई, ऊपर से पहले से पानी टपक रहा था। निया की आँखें लंड पर टिक गईं।
“आज तो बहुत बड़ा लग रहा है…” निया ने निगलते हुए कहा। आरव ने मुस्कुराते हुए कंडोम निकाला, पैकेट फाड़ा और लंड पर चढ़ा लिया। फिर निया की दोनों टाँगें अपने कंधों पर रखीं, लंड को उसकी चूत के मुँह पर टिकाया और एक ही जोरदार धक्के में पूरा अंदर तक घुसा दिया।
“आआआआह्ह्ह्ह… मर गई… इतना गहरा… आआह्ह!” निया की चीख निकल गई। आरव रुका नहीं। उसने दोनों हाथों से निया की कमर पकड़ी और जोर-जोर से धक्के मारने लगा। हर धक्के पर निया के स्तन ऊपर-नीचे हो रहे थे, बिस्तर चरमरा रहा था।
“लें ले… आज तेरी चूत को याद दिलाऊँगा कि मालिक कौन है,” आरव गरज रहा था। “हाँ… मार… और जोर से… मेरी चूत तेरी है… आआआह्ह… बस ऐसे!” निया पागलों की तरह कराह रही थी।
आरव ने पोजिशन बदली। उसने निया को पेट के बल लिटाया, गाँड ऊपर की, और पीछे से फिर से लंड घुसा दिया। अब धक्के और भी गहरे और तेज हो गए। एक हाथ से वह निया के बाल पकड़कर उसका सिर पीछे खींच रहा था, दूसरे हाथ से उसके स्तन मसल रहा था।
“उफ्फ् निया… तेरी गाँड कितनी हिल रही है… आज तो गाँड भी मारूँगा,” आरव ने कहा। निया ने मुँह तकिए में दबाए हुए जवाब दिया, “जो करना है कर ले… आज पूरी तरह से मेरी हो जा… आआआह्ह… दर्द हो रहा है मगर मजा भी आ रहा है…”
आरव ने लगभग 20 मिनट तक पीछे से ऐसा पेला कि निया दो बार झड़ चुकी थी। उसकी चूत से पानी लंड के साथ-साथ बह रहा था, कंडोम चमक रहा था। फिर आरव ने लंड बाहर निकाला, निया को उल्टा किया और खुद उसके ऊपर चढ़ गया।
अब मिशनरी में उसने निया की आँखों में आँखें डालकर चोदना शुरू किया। धीरे-धीरे, गहरे, प्यार और हवस के मिश्रण के साथ। निया के नाखून उसकी पीठ पर लग रहे थे।
“आई लव यू आरव… आज मत छोड़ना अंदर से… कंडोम में ही झड़ना,” निया ने आँसू भरी आँखों से कहा। आरव ने जवाब में और जोर से धक्का मारा, “आज कंडोम भी फाड़ दूँगा तेरी चूत में… इतना पेलूँगा।”
उसने निया की दोनों टाँगें फैलाकर practically एक सीधी रेखा बना दी और फिर से पागलों की तरह पेलने लगा। कमरा सिर्फ दो आवाजों से गूँज रहा था—निया की सिसकारियाँ और शरीरों के भिड़ने की थप-थप।
अंत में आरव ने एक लंबी कराह निकाली और कंडोम के अंदर ही जोर से झड़ गया। इतना कि कंडोम थोड़ा फूल गया। वह निया के ऊपर ही गिरा रहा, दोनों हाँफ रहे थे।
थोड़ी देर बाद निया ने हँसते हुए कहा, “सिर्फ एक राउंड? मैंने सोचा था आज तू मुझे चलने लायक नहीं छोड़ेगा…”
आरव ने सिर उठाया, आँखों में शैतानी चमक थी। उसने कंडोम उतारा, नया कंडोम निकाला और लंड फिर से खड़ा होते दिखाया।
“अभी तो वार्म-अप हुआ है बेबी… रात अभी बाकी है। आज मैं तुझे कम से कम 4-5 बार पेलूँगा। तैयार रह।”
निया की आँखें चौड़ी हो गईं, मगर मुस्कान और गहरी हो गई। उसने अपने दोनों पैर आरव की कमर पर लपेट लिए और धीरे से बोली…
“तो फिर देर किस बात की… दूसरा कंडोम चढ़ा और फिर से अंदर आ जा… मेरी चूत अभी भी धड़क रही है।”
आरव ने दूसरा कंडोम पहना और निया की जाँघों के बीच घुस गया। उसने निया की कमर के नीचे तकिया रख दिया, जिससे उसकी गाँड और चूत ऊपर उठ गई। फिर उसने अपना मोटा लंड निया की चूत के मुँह पर रगड़ा और एक जोरदार धक्का मारकर पूरा अंदर घुसा दिया।
“आआआह्ह्ह… आरव… इतना गहरा… हाये!” निया की चीख निकल गई।
आरव ने इस बार धीरे-धीरे लेकिन बहुत गहरे धक्के मारने शुरू किए। हर धक्के के साथ निया का पूरा शरीर हिल रहा था। उसके बड़े स्तन लहरा रहे थे। आरव ने झुककर एक स्तन मुँह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा।
“तेरी चूत आज बहुत टाइट लग रही है… जैसे पहली बार चोद रहा हूँ,” आरव हाँफते हुए बोला। निया ने आँखें बंद करके जवाब दिया, “क्योंकि आज मैं पूरी तरह तेरी हूँ… जितना मन करे पेलो… आआह्ह… और तेज…”
आरव ने गति बढ़ा दी। अब कमरे में सिर्फ “थप-थप-थप” और निया की सिसकारियों की आवाज़ गूँज रही थी। 10 मिनट तक मिशनरी में चोदने के बाद उसने निया को उठाकर डॉगी स्टाइल में कर दिया।
निया घुटनों के बल थी, गाँड ऊपर। आरव ने पीछे से लंड घुसाया और अब पूरी ताकत से पेलने लगा। उसकी कमर निया की गाँड से टकरा रही थी, आवाज़ पूरे घर में गूँज रही थी।
“हाँ… ऐसे… मेरी गाँड पर जोर से थप्पड़ मारो,” निया ने माँग की। आरव ने मुस्कुराते हुए निया की गाँड पर दो-तीन जोरदार थप्पड़ मारे। गाँड लाल हो गई। फिर उसने निया के बाल पकड़कर खींचे और और तेज धक्के मारे।
निया पहली बार झड़ गई। उसकी चूत सिकुड़-सिकुड़ कर आरव के लंड को दबा रही थी। लेकिन आरव रुका नहीं। उसने निया को बेड पर लिटाया, उसकी दोनों टाँगें अपने कंधों पर रखीं और फिर से घुस गया।
“आज तुझे थकाऊँगा… चलने लायक नहीं छोडूँगा,” आरव ने कहा। निया ने हाँफते हुए मुस्कुराकर जवाब दिया, “तो थका दो… मैं तैयार हूँ।”
तीसरे राउंड में आरव ने निया को बेड के किनारे पर लिटाया, टाँगें लटकाईं और खड़े-खड़े चोदा। इस पोजिशन में लंड बहुत गहरा जा रहा था। निया की आँखें पलट रही थीं।
“आरव… बहुत गहरा जा रहा है… पेट में महसूस हो रहा है… आआआह्ह!”
आरव ने 15 मिनट तक इस पोजिशन में पेला। निया दूसरी बार झड़ चुकी थी। अब उसकी चूत लाल और सूजी हुई थी, लेकिन वह अभी भी आरव को अंदर खींच रही थी।
आरव ने लंड बाहर निकाला। कंडोम पूरी तरह से निया के चूत के पानी से भीगा हुआ था। उसने निया को प्यार से देखा और बोला,
“अब गाँड मारूँगा… तैयार है?”
निया थोड़ा शरमाई, लेकिन आँखों में हवस थी। उसने धीरे से सिर हिलाया, “पहली बार है… धीरे करना… लेकिन आज मैं सब कुछ दूँगी तुम्हें।”
आरव ने नया कंडोम निकाला, लंड पर चढ़ाया और बहुत सारा थूक लगाकर निया की गाँड के छेद पर लगाया। फिर धीरे-धीरे लंड दबाने लगा।
“आआआह्ह्ह… धीरे… फट रही है… आह्ह!” निया ने तकिए को कसकर पकड़ लिया।
आरव ने बहुत धीरे से पूरा लंड गाँड में डाला। फिर कुछ देर रुककर निया को सँभलने दिया। जब निया की साँसें सामान्य हुईं तो उसने हल्के धक्के शुरू किए।
धीरे-धीरे गति बढ़ती गई। निया की गाँड अब आरव के लंड को अंदर लेने लगी थी।
“अब तेज… हाँ… चोदो मेरी गाँड को… आआह्ह… मजा आ रहा है,” निया रो-रोकर बोली।
आरव ने अब पूरी तेजी से गाँड चोदनी शुरू कर दी। निया की गाँड लाल हो चुकी थी, लेकिन वह आरव की कमर पकड़कर और गहरा ले रही थी।
चौथे राउंड में आरव ने निया को गोद में उठा लिया (स्टैंडिंग फकिंग)। निया की टाँगें उसकी कमर पर लिपटी हुई थीं। आरव खड़े-खड़े उसकी चूत में लंड घुसाए जा रहा था। निया उसके गले से लिपटी हुई चीख रही थी।
“आरव… मैं फिर झड़ने वाली हूँ… साथ में झड़ो ना…”
आरव की गति और तेज हो गई। आखिरकार दोनों एक साथ झड़ गए। आरव ने कंडोम के अंदर ही निया की चूत में अपना माल भर दिया।
दोनों थककर बिस्तर पर गिर गए। निया आरव की छाती पर सिर रखे लेटी थी। उसके पूरे शरीर पर पसीना था, चूत और गाँड दोनों सूजी हुई थीं।
लेकिन आरव अभी भी नहीं माना।
“अभी तो सिर्फ चार राउंड हुए हैं… रात अभी बाकी है,” उसने शैतानी मुस्कान के साथ कहा।
निया ने हँसते हुए उसका लंड पकड़ लिया और बोली, “तो फिर तैयार हो जाओ… अब मैं ऊपर आऊँगी।”
निया ने आरव को लिटाया, खुद उसके ऊपर चढ़ी और अपना गीला चूत आरव के लंड पर बैठा दिया। अब वह खुद हिल रही थी। उसके स्तन ऊपर-नीचे उछल रहे थे। आरव नीचे से धक्के मार रहा था।
रात के 11 बजे तक दोनों ने कुल 6 राउंड किए। हर पोजिशन में — डॉगी, मिशनरी, काउगर्ल, रिवर्स काउगर्ल, स्टैंडिंग और आखिर में फिर से गाँड।
आखिरी राउंड में निया थककर चूर हो चुकी थी। वह बस लेटी हुई थी और आरव उसे आखिरी बार धीरे-धीरे चोद रहा था।
“आरव… आज तुमने मुझे पूरी तरह तोड़ दिया… मैं कल उठ भी नहीं पाऊँगी,” निया ने मुस्कुराते हुए कहा। आरव ने उसके माथे पर किस किया और बोला, “ये तो बस शुरुआत है बेबी… जब भी मौका मिलेगा, मैं तुझे ऐसे ही पेलता रहूँगा।”
दोनों नंगे ही एक-दूसरे से लिपटकर सो गए। निया की चूत और गाँड अभी भी आरव के वीर्य (कंडोम में) से भरी हुई थीं।
रात 3 बजे आरव उठा। उसने निया को प्यार से चूमकर कहा, “मुझे अब जाना होगा। घर पर कोई शक न हो।”
निया ने नींद में आँखें खोलकर उसका लंड पकड़ा और आखिरी बार चूम लिया।
“जल्दी आना… अगली बार और भी खाली घर रखूँगी।”
आरव मुस्कुराता हुआ घर लौट गया। उसके चेहरे पर संतोष और आँखों में नई भूख थी।
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