कुँवारी बहन की टाइट गांड़ में लंड डालके छेद फैलाया - हार्डकोर सेक्स

बहन की कुंवारी टाइट गांड में भाई ने अपना मोटा लंड ठेल दिया और पूरा छेद फैला दिया! पूरी रात हार्डकोर चुदाई में कुंवारी बहन रोते-रोते झड़ गई।

लेखक: Rohit Das7 मिनट पढ़ने में
कुँवारी बहन की टाइट गांड़ में लंड डालके छेद फैलाया - हार्डकोर सेक्स

राज और उसकी छोटी बहन प्रिया का परिवार एक छोटे से शहर में रहता था। राज 25 साल का था और प्रिया 22 साल की खूबसूरत, कुंवारी लड़की थी। प्रिया की शादी अभी तक नहीं हुई थी।

उसकी गोरी चमकदार त्वचा, बड़े-बड़े गोल-गोल स्तन, पतली कमर और सबसे आकर्षक उसकी मोटी, नुकीली और उभरी हुई गांड थी जो हर बार साड़ी या नाइट ड्रेस में भी साफ नजर आती थी।

राज पिछले कई सालों से अपनी बहन को चुपके-चुपके देखता रहता था। जब प्रिया सुबह उठकर स्ट्रेच करती, तो उसकी नाइट ड्रेस ऊपर चढ़ जाती और उसकी मोटी गांड बाहर झांकने लगती। राज का लंड उस वक्त तुरंत खड़ा हो जाता।

रात को वह प्रिया के कमरे के बाहर खड़ा होकर उसके सोने का इंतजार करता और कल्पना करता कि कैसे वह अपनी बहन की कुंवारी चूत में अपना मोटा लंड घुसाएगा।

हर दिन प्रिया जब नहाकर निकलती, तो उसका टाइट ब्लाउज उसकी बड़ी-बड़ी चूचियों को दबाकर रखता। राज सोचता, “काश एक दिन यह मेरी हो जाए।” उसकी यह इच्छा दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही थी। वह अक्सर प्रिया की पुरानी पैंटी चुराकर उस पर अपना लंड रगड़ता और झड़ जाता।

एक दिन माता-पिता किसी रिश्तेदार की शादी के फंक्शन में बाहर गए। वे सुबह गए और रात को लौटने वाले थे। घर में सिर्फ राज और प्रिया अकेले रह गए। शाम को प्रिया थकी हुई थी। उसने एक हल्का गुलाबी नाइट ड्रेस पहना हुआ था जो उसकी जांघों के ऊपर तक था।

ड्रेस का कपड़ा बहुत पतला था, जिससे उसकी बड़ी चूचियां और उनकी काली निप्पल्स की हल्की आउटलाइन साफ दिख रही थी। गांड पर ड्रेस इतना टाइट था कि दोनों गांड के फंदे अलग-अलग नजर आ रहे थे।

प्रिया ने कहा, “भैया, आज मेरा AC खराब है। मैं तेरे कमरे में ही सो जाऊंगी। बेड तो बड़ा है ना?”

राज का दिल जोर से धड़कने लगा। उसने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “हां प्रिया, आ जा। कोई प्रॉब्लम नहीं।”

रात के करीब 11 बजे दोनों कमरे में थे। राज बेड के एक तरफ लेटा था। प्रिया थोड़ी देर बाद उसके बेड पर आकर लेट गई। वह पेट के बल सो गई। उसका नाइट ड्रेस ऊपर चढ़ गया था। उसकी मोटी, गोल, चिकनी गांड पूरी तरह बाहर निकली हुई थी। सिर्फ एक पतली सफेद पैंटी उसकी गांड की दरार को ढक रही थी।

राज बत्ती बंद करके लेटा था, लेकिन उसकी आंखें सोई नहीं थीं। वह अपनी बहन की उस उभरी हुई गांड को घूर रहा था।

उसका लंड पत्थर की तरह खड़ा हो चुका था। उसने कई मिनट तक सिर्फ देखा। फिर धीरे-धीरे उसका हाथ बढ़ा। पहले उसने हल्के से प्रिया की गांड पर हाथ फेरा। नरम, गरम और मुलायम। राज का सांस तेज हो गया। वह धीरे-धीरे अपनी बहन की गांड को सहलाने लगा। प्रिया गहरी नींद में थी और हल्की-हल्की सांस ले रही थी।

राज ने सोचा, “आज मौका है। मम्मी-पापा नहीं हैं। पूरी रात मेरी है।”

राज अपनी बहन प्रिया की मोटी गांड को हल्के-हल्के सहलाता रहा। उसकी हथेलियां प्रिया की नरम गांड के दोनों फंदों पर फैल गईं। वह धीरे-धीरे दबाने लगा। प्रिया की गांड इतनी मुलायम और गर्म थी कि राज का लंड पैंट में तड़पने लगा। उसने अपनी पैंट का नाड़ा खोल दिया और अपना 7 इंच लंबा, मोटा, लाल लंड बाहर निकाल लिया। लंड पूरी तरह खड़ा था और उसकी नोक से पहले ही पानी टपक रहा था।

उसने अपना लंड प्रिया की गांड पर सटाकर हल्का-हल्का रगड़ना शुरू कर दिया। पतली पैंटी के ऊपर से ही उसका गर्म लंड प्रिया की गांड की दरार में फंस रहा था। राज ने दोनों हाथों से प्रिया की कमर पकड़ ली और अपना लंड और जोर से गांड पर दबाने लगा। “उफ्फ… कितनी नरम गांड है मेरी बहन की…” वह मन ही मन बड़बड़ा रहा था।

कुछ देर बाद प्रिया की नींद खुल गई। वह अचानक चौंककर हिली और पीछे मुड़ने लगी।

“भैया…! ये क्या कर रहे हो? छोड़ो मुझे! मैं तुम्हारी बहन हूँ… ये गलत है!” प्रिया घबराकर बोली। उसकी आवाज में डर और शर्म दोनों थे। लेकिन राज अब रुकने वाला नहीं था। उसने तुरंत एक हाथ से प्रिया का मुंह जोर से दबा दिया। दूसरा हाथ उसकी पैंटी के अंदर घुसा दिया।

प्रिया की चूत पहले से ही थोड़ी गीली हो चुकी थी। राज ने अपनी मोटी उंगली सीधे उसकी कुंवारी चूत की दरार पर रखी और हल्का दबाते हुए अंदर सरकाने लगा।

“चुप रह प्रिया… बहुत दिनों से तुझे देखकर मेरा लंड तड़प रहा था। आज तू मेरी है,” राज ने उसके कान में फुसफुसाते हुए कहा।

प्रिया जोर-जोर से सिर हिला रही थी और मुंह से निकलने वाली आवाज को राज का हाथ दबाए हुए था। राज ने अपनी उंगली और अंदर डाल दी। प्रिया की चूत बहुत टाइट थी। उंगली अंदर-बाहर करने लगा। धीरे-धीरे प्रिया के शरीर में कंपकंपी आने लगी। उसकी चूत से गर्म पानी निकलने लगा। राज ने दूसरी उंगली भी डाल दी और तेजी से उंगली चोदने लगा।

उसने प्रिया का मुंह थोड़ा ढीला किया तो प्रिया हांफते हुए बोली, “भैया… प्लीज… ना करो… हम भाई-बहन हैं… आह्ह…” लेकिन उसकी आवाज में अब विरोध कम और कराह ज्यादा थी।

राज ने प्रिया को जोर से पलटा और उसका नाइट ड्रेस ऊपर की तरफ खींच दिया। प्रिया की दोनों बड़ी-बड़ी गोल चूचियां बाहर आ गईं। राज ने एक चूची मुंह में ले ली और जोर-जोर से चूसने लगा। दूसरी चूची को हाथ से मसल रहा था। प्रिया के मुंह से अनायास ही “आह… उफ्फ…” निकल रहा था।

राज अब पूरी तरह से उत्तेजित हो चुका था। उसने प्रिया का नाइट ड्रेस पूरी तरह उतार दिया। अब प्रिया सिर्फ अपनी पतली सफेद पैंटी में लेटी थी। राज ने पैंटी को भी दोनों तरफ से पकड़कर खींच दिया। पैंटी फटते हुए उतर गई। प्रिया अब पूरी तरह नंगी थी। उसकी गोरी चमकदार चूत पर हल्के-हल्के बाल थे और ऊपर की दोनों चूचियां लाल हो चुकी थीं।

राज ने प्रिया की जांघों को फैलाया और अपना मुंह उसकी चूत पर रख दिया। उसने जीभ से प्रिया की चूत की दरार चाटनी शुरू कर दी। प्रिया ने जोर से कराहते हुए कमर उठा ली।

“भैया… ना… वहाँ मत… आह्हह… क्या कर रहे हो…” लेकिन राज नहीं रुका। उसने प्रिया की चूत को चाटते हुए अपनी जीभ अंदर डालने की कोशिश की। साथ ही अपनी उंगलियों से उसकी गांड के छेद को भी सहलाने लगा।

प्रिया का पूरा शरीर गर्म हो रहा था। उसकी चूत से लगातार गाढ़ा पानी निकल रहा था। राज ने प्रिया को उठाकर बैठाया और अपना खड़ा लंड उसके मुंह के पास ले गया।

“ले बहन… अपना मुंह खोल और चूस।”

प्रिया ने शर्म से मुंह बंद कर लिया। राज ने उसके बाल पकड़े और अपना मोटा लंड जबरदस्ती उसके मुंह में ठेल दिया। प्रिया का मुंह पूरी तरह भर गया। राज ने उसके सिर को पकड़कर आगे-पीछे करना शुरू कर दिया। उसका लंड प्रिया के गले तक जा रहा था। प्रिया की आंखों से आंसू निकल आए लेकिन कुछ ही देर बाद वह खुद थोड़ा-थोड़ा चूसने लगी।

राज ने प्रिया को फिर से लिटा दिया। अब वह उसकी चूचियों को दोनों हाथों से जोर-जोर से दबा रहा था और निप्पल्स को काट रहा था। प्रिया की कराह अब चीख में बदलने लगी थी। राज ने अपनी तीन उंगलियां प्रिया की चूत में डाल दीं और तेजी से अंदर-बाहर करने लगा। प्रिया की चूत पूरी तरह गीली और तैयार हो चुकी थी।

“अब तेरी कुंवारी चूत फाड़ने का समय आ गया है प्रिया…” राज ने कहा और अपना मोटा लंड प्रिया की चूत पर रख दिया। उसने लंड की नोक को चूत की दरार पर रगड़ना शुरू कर दिया।

राज ने अपना मोटा, खड़ा लंड प्रिया की कुंवारी चूत की दरार पर रखा और धीरे-धीरे दबाने लगा। प्रिया घबराकर बोली, “भैया… ना… बहुत बड़ा है… दर्द होगा… प्लीज मत करो…” लेकिन राज ने एक जोरदार धक्का मारा।

“आआआह्ह्ह्ह!!!” प्रिया की तेज चीख निकल गई। राज का मोटा लंड प्रिया की टाइट कुंवारी चूत को फाड़ता हुआ आधा अंदर चला गया। खून और चूत का पानी साथ-साथ निकला। प्रिया जोर-जोर से कांप रही थी और रो रही थी। राज ने रुके बिना और जोर से धक्का दिया और पूरा 7 इंच का लंड अपनी बहन की चूत में उतार दिया।

“ले मेरी प्यारी बहन… अब तू पूरी तरह से मेरी हो गई। तेरी कुंवारी चूत फट गई मेरे लंड से,” राज ने कहते हुए तेज-तेज धक्के मारने शुरू कर दिए।

प्रिया की चूत बहुत टाइट थी। हर धक्के पर वह चीख रही थी – “आह्ह… भैया… धीरे… उफ्फ… फट रही है…” लेकिन कुछ देर बाद उसके दर्द में मज़ा मिलने लगा। राज ने प्रिया की दोनों टांगें अपने कंधों पर रख लीं और मिशनरी पोजीशन में जोर-जोर से चोदने लगा। उसकी गेंदें प्रिया की गांड पर जोर-जोर से टकरा रही थीं।

कुछ मिनट बाद राज ने प्रिया को पलट दिया। अब वह डॉगी स्टाइल में थी। प्रिया की मोटी गांड ऊपर थी। राज ने गांड के दोनों फंदों को फैलाया, थूक लगाया और फिर से अपना लंड चूत में घुसा दिया। इस बार और गहराई तक। वह प्रिया की कमर पकड़कर पागलों की तरह धक्के मार रहा था। प्रिया की चूचियां नीचे लटककर जोर-जोर से हिल रही थीं। राज ने आगे बढ़कर उन चूचियों को पकड़ लिया और दबाते हुए चोदता रहा।

“ले… ले बहन… तेरी मोटी गांड देखकर कितना दिन से तड़प रहा था…” कहते हुए राज ने प्रिया की गांड पर जोर-जोर से थप्पड़ मारे। प्रिया अब दर्द भूलकर मज़ा ले रही थी। वह खुद अपनी गांड पीछे करके धक्के लेने लगी थी। “भैया… और जोर से… आह्ह… मुझे चोदो…” राज ने पूरी रात प्रिया को अलग-अलग तरीकों से चोदा।

पहले मिशनरी में चोदा, फिर डॉगी में। फिर उसे ऊपर बिठाकर काउगर्ल पोजीशन में चोदा। प्रिया खुद ऊपर-नीचे हो रही थी। उसकी चूचियां उछल-उछलकर राज के मुंह में आ रही थीं।

राज ने प्रिया की गांड भी मारी। पहले उंगली से तैयार किया, फिर अपना लंड गांड में घुसाया। प्रिया पहले रोई लेकिन बाद में उसे भी मज़ा आने लगा। रात भर कुल 5 बार चोदा। हर बार राज ने प्रिया की चूत और गांड में अपना गाढ़ा वीर्य भर दिया।

आखिरी राउंड में राज प्रिया के ऊपर लेटा हुआ था। दोनों पसीने से तर थे। राज तेजी से धक्के मार रहा था। प्रिया चीख रही थी, “भैया… मैं आ गई… आह्ह्ह…” प्रिया का शरीर कांप उठा और वह पहली बार झड़ गई। राज भी चीखा, “ले बहन… ले मेरा सारा माल…” और प्रिया की चूत के अंदर गर्म-गर्म वीर्य का फव्वारा छोड़ दिया।

सुबह होने तक दोनों थककर एक-दूसरे से लिपटकर सो गए। प्रिया की चूत और गांड लाल हो चुकी थीं और वीर्य बाहर निकल रहा था। राज ने प्रिया के कान में फुसफुसाया, “अब से हर मौके पर तुझे चोदूंगा मेरी कुंवारी रानी।”

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Rohit Das
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