अकेले घर में मेड आंटी को पूरा चोदा

अकेले घर में मेड आंटी सविता को नंगा करके दोनों छेद चोद दिए! इतनी जोर की चुदाई कि आंटी चीखते-चीखते थक गई…

लेखक: Sujit Rajgor6 मिनट पढ़ने में
अकेले घर में मेड आंटी को पूरा चोदा

रोहन अकेला घर में बैठा था। माँ-बाप दोनों दिन भर के लिए बाहर गए थे। घर में सन्नाटा पसरा हुआ था और गर्मी इतनी तेज थी कि पसीना बह रहा था। तभी दरवाजे पर हल्की दस्तक हुई।

“रोहन बेटा, मैं आ गई…” आवाज सुनते ही रोहन के दिल की धड़कन तेज हो गई।

सविता आंटी। घर की मेड। उम्र करीब छत्तीस-सैंतीस साल, लेकिन शरीर देखकर कोई यकीन नहीं करता। पतली कमर, भारी-भरकम चूचियाँ जो ब्लाउज में मुश्किल से समा पाती थीं, गोल-मटोल गाँड और मोटी-मोटी जाँघें जो साड़ी पहनने पर भी साफ नजर आती थीं। चेहरा भी खूबसूरत था – बड़ी-बड़ी कातिल आँखें, मोटे होंठ और हमेशा एक हल्की मुस्कान।

आज सविता ने हल्की गुलाबी साड़ी पहनी थी। ब्लाउज इतना टाइट था कि चूचियों का पूरा आकार साफ झलक रहा था। साड़ी की पल्लू बार-बार खिसक रही थी।

रोहन ने दरवाजा खोला। सविता अंदर आई और मुस्कुराई, “अकेले हो आज? अच्छा है, काम जल्दी खत्म कर लूँगी।”

वह झुककर जूते उतारने लगी। झुकते ही उसकी भारी चूचियाँ ब्लाउज से लगभग बाहर आने को हो गईं। रोहन की नजरें वहीं चिपक गईं। सविता ने नजर उठाकर देखा तो मुस्कुरा दी, लेकिन कुछ नहीं बोली।

वह झाड़ू-पोछा करने लगी। रोहन सोफे पर बैठा उसे घूर रहा था। जब सविता झुककर फर्श साफ करने लगी तो साड़ी पीछे से खिंच गई और उसकी गोल गाँड साफ उभर आई। ब्लाउज की डोरी भी ढीली पड़ गई थी। रोहन का लंड तन चुका था।

थोड़ी देर बाद सविता रसोई में गई पानी पीने। रोहन भी पीछे-पीछे चला गया। सविता गिलास में पानी भर रही थी कि रोहन ने पीछे से जाकर उसकी कमर में हाथ रख दिया।

सविता चौंक गई, “रोहन… ये क्या कर रहे हो?”

रोहन ने धीरे से उसकी कमर दबाने शुरू कर दिए और अपनी सख्त लंड उसकी गाँड से सटा दिया। “आंटी… आज घर में कोई नहीं है। मैं बहुत दिनों से आपको देख रहा हूँ।”

सविता ने विरोध करने की कोशिश की लेकिन रोहन ने दोनों हाथ बढ़ाकर उसकी भारी चूचियाँ पकड़ लीं और जोर से दबाने लगा। ब्लाउज के ऊपर से ही गूंदने लगा। सविता की साँसें तेज हो गईं।

“नहीं… छोड़ो… गलत बात है…” वह कमजोर आवाज में बोली, लेकिन उसका शरीर रोहन की तरफ धकेल रहा था।

रोहन ने ब्लाउज की डोरी खोल दी। सविता की बड़ी-बड़ी गोल चूचियाँ बाहर झलक आईं। गुलाबी निप्पल तने हुए थे। रोहन ने दोनों हाथों से चूचियाँ पकड़कर जोर-जोर से दबाने और मसलने शुरू कर दिए। कभी निप्पल को उंगलियों से दबाता, कभी मुँह में लेकर चूसने लगता।

सविता कराह उठी, “आह्ह… धीरे… बहुत जोर से दबा रहे हो…”

रोहन ने साड़ी का पल्लू हटाया और उसकी गाँड पर जोर से थप्पड़ मारा। फिर दोनों हाथों से गाँड के दोनो हिस्सों को फैलाकर दबाने लगा। उंगली से उसकी चूत के ऊपर से सहलाने लगा। सविता गीली हो चुकी थी।

रोहन ने उसे रसोई के स्लैब पर लिटा दिया। साड़ी ऊपर कर दी और पैंटी खींचकर उतार दी। सविता की चिकनी चूत पूरी तरह खुल गई। रोहन ने घुटनों के बल बैठकर उसकी चूत चाटना शुरू कर दिया। जीभ अंदर-बाहर करने लगा, चूत के दोनों होंठों को चूसने लगा। सविता की टाँगें काँप रही थीं।

“आह्ह… रोहन… मत करो… मैं… मैं गंदी हो जाऊँगी…” लेकिन उसके हाथ रोहन के बाल पकड़कर और पास खींच रहे थे।

रोहन ने उठकर अपना लंड बाहर निकाला। सख्त, मोटा और नसों वाला। उसने सविता की दोनों टाँगें फैला दीं और लंड को उसकी गीली चूत पर रगड़ने लगा। फिर एक जोर का धक्का दिया और पूरा लंड अंदर घुसा दिया।

सविता जोर से चीख पड़ी, “आह्ह्ह… इतना मोटा… धीरे…”

रोहन ने उसकी दोनों चूचियाँ पकड़ रखी थीं और जोर-जोर से धक्के लगाने लगा। कभी धीरे, कभी तेज। सविता की चूचियाँ उसके हाथों में दबकर फैल रही थीं। रोहन कभी झुककर निप्पल चूस लेता, कभी उसकी गर्दन चाटता।

थोड़ी देर बाद उसने सविता को पलट दिया। अब सविता स्लैब पर झुकी हुई थी और रोहन पीछे से उसकी गाँड में धक्के लगा रहा था। एक हाथ से उसकी चूची दबा रहा था और दूसरे हाथ से उसकी चोटी पकड़कर खींच रहा था।

“आंटी की चूत कितनी गरम और टाइट है… आज पूरा मजा लूँगा…” रोहन गंदी बातें बोलते हुए और तेज धक्के लगाने लगा।

सविता कराह रही थी, उसकी आवाजें घर में गूंज रही थीं। रोहन ने उसकी गाँड के दोनों हिस्सों को फैला रखा था और गहराई तक लंड धकेल रहा था। पसीने से दोनों के शरीर चमक रहे थे।

इतनी देर तक चुदाई के बाद रोहन ने सविता को सोफे पर लिटाया। उसने सविता की दोनों टाँगें अपने कंधों पर रखीं और और गहरे धक्के लगाने लगा। सविता की चूचियाँ ऊपर-नीचे हो रही थीं। रोहन ने मुँह से एक चूची पकड़ ली और जोर से चूसने लगा।

सविता का शरीर काँप उठा। वह चरम सुख के करीब पहुँच गई थी। रोहन ने और तेज गति पकड़ ली। कुछ ही देर में सविता जोर से काँपते हुए झड़ गई। उसकी चूत रोहन के लंड को और कसकर पकड़ रही थी।

रोहन अभी नहीं रुका। उसने सविता को गोद में उठाया और दीवार से लगाकर खड़े-खड़े चोदने लगा। सविता के दोनों पैर उसकी कमर में लिपटे हुए थे। रोहन एक हाथ से उसकी गाँड संभाले हुए था और दूसरे हाथ से चूची दबा रहा था।

घर में सिर्फ दोनों की कराहें और शरीर की टकराहट की आवाजें गूंज रही थीं।

रोहन अभी भी अंदर तक धँसा हुआ था। सविता की साँसें तेज चल रही थीं और उसका शरीर अभी भी काँप रहा था। रोहन ने धीरे से लंड बाहर निकाला। सविता की चूत से उसके रस की धार बह निकली।

रोहन ने सविता को सोफे से उठाया और अपने कमरे में ले गया। बिस्तर पर लिटाते ही उसने सविता की साड़ी और ब्लाउज पूरी तरह उतार दिए। अब सविता बिल्कुल नंगी लेटी थी। बड़ी-बड़ी गोल चूचियाँ दोनों तरफ फैली हुई थीं, निप्पल तने हुए और गाँड गोल-मटोल चमक रही थी।

रोहन ने अपने कपड़े भी उतारे और सविता के ऊपर चढ़ गया। उसने दोनों चूचियों को जोर से दबाया और मसलने लगा। कभी बाईं चूची को मुँह में लेकर जोर से चूसता, कभी दाईं को दाँतों से हल्का काटता। सविता कराह उठी—

“आह्ह… बहुत जोर से… रोहन… धीरे करो…”

लेकिन रोहन ने नहीं सुना। उसने सविता की दोनों टाँगें फैला दीं और फिर से अपना मोटा लंड उसकी गीली चूत में धँसा दिया। इस बार और गहराई तक। सविता की आँखें बंद हो गईं और मुँह से जोर की आवाज निकली।

रोहन ने तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए। हर धक्के के साथ सविता की चूचियाँ ऊपर-नीचे हो रही थीं। रोहन एक हाथ से उसकी गर्दन दबाए हुए था और दूसरे हाथ से चूची मसल रहा था। थोड़ी देर बाद उसने सविता को पलट दिया।

अब सविता घुटनों और हाथों के बल झुकी हुई थी। रोहन ने पीछे से उसकी गाँड के दोनों हिस्सों को फैलाया और लंड को फिर से चूत में घुसा दिया। एक हाथ से उसकी चोटी पकड़कर खींच रहा था और दूसरे हाथ से उसकी चूची दबा रहा था। धक्के इतने जोर के थे कि सविता का शरीर आगे-पीछे झूल रहा था।

“आंटी की गाँड कितनी मुलायम है… और चूत तो जैसे आग की तरह गरम…” रोहन गंदी बातें बोलते हुए और तेज गति पकड़ रहा था।

कुछ देर बाद रोहन ने लंड बाहर निकाला और सविता की गाँड के छेद पर रगड़ने लगा। सविता सहम गई—

“नहीं… वहाँ मत डालो… पहली बार है…”

रोहन ने थूक लगाकर गाँड के छेद को गीला किया और धीरे-धीरे लंड का सिरा अंदर धकेलने लगा। सविता जोर से चीखी, लेकिन रोहन ने उसकी कमर पकड़ रखी थी। धीरे-धीरे पूरा लंड गाँड में समा गया। रोहन ने रुक-रुक कर धक्के लगाने शुरू किए। एक हाथ से सविता की चूत में उंगली डालकर सहला रहा था और दूसरे हाथ से चूची दबा रहा था।

सविता की आवाजें बदल गई थीं। दर्द और मजे का मिश्रण था। रोहन ने गति तेज कर दी। गाँड की चुदाई करते हुए वह सविता की चोटी खींच रहा था और कभी-कभी उसके गाल पर थप्पड़ भी मार रहा था।

थोड़ी देर बाद रोहन ने फिर से लंड चूत में डाल लिया। अब वह सविता को अपनी गोद में बिठाकर ऊपर-नीचे कर रहा था। सविता की चूचियाँ उसके चेहरे से रगड़ खा रही थीं। रोहन दोनों चूचियों को मुँह में भर-भर कर चूस रहा था और नीचे से जोर-जोर से धक्के लगा रहा था।

सविता खुद भी कमर हिलाने लगी थी। उसकी चूत रोहन के लंड को कसकर पकड़ रही थी। दोनों के शरीर पसीने से तर थे। कमरे में सिर्फ मांस की टकराहट और कराहों की आवाज गूंज रही थी।

रोहन ने सविता को बिस्तर पर लिटाया और उसकी दोनों टाँगें अपने कंधों पर रख लीं। अब वह पूरा वजन डालकर गहराई तक धकेल रहा था। सविता की चूचियाँ उसके हाथों में दब-दब कर लाल हो गई थीं। रोहन ने जोर से कुछ धक्के और लगाए और फिर सविता की चूत के अंदर ही अपना पानी छोड़ दिया। गर्म धारा सविता के अंदर फैल गई।

सविता भी उसी समय काँपते हुए झड़ गई। उसकी टाँगें रोहन की कमर में जोर से लिपट गईं।

रोहन लंड अंदर रखे हुए ही सविता के ऊपर गिर पड़ा। दोनों की साँसें तेज चल रही थीं। थोड़ी देर बाद रोहन ने लंड बाहर निकाला। सविता की चूत से उसका और रोहन का मिला-जुला रस बह रहा था।

रोहन ने सविता को अपनी बाँहों में ले लिया और उसकी चूचियों को हल्के हाथों से सहलाने लगा। सविता थकी हुई आँखें खोलकर मुस्कुराई—

“रोहन… आज तुमने मुझे पूरा तोड़ दिया…”

रोहन ने उसकी होंठों को चूमा और धीरे से बोला, “आंटी, जब भी घर में अकेला रहूँगा… तुम्हें ऐसे ही चोदूँगा। अलग-अलग तरीके से… जब तक तुम्हारी दोनों छेद पूरी तरह फैल न जाएँ।”

सविता ने कुछ नहीं कहा, बस रोहन के सीने से चिपक गई। बाहर दोपहर की धूप चमक रही थी और घर के अंदर दोनों नंगे शरीर एक-दूसरे से लिपटे हुए आराम कर रहे थे।

कहानी
57 देखा गया
0.0 रेटिंग
0 पसंद
0 पसंदीदा
0 कमेंट
लेखक
Sujit Rajgor
इस कहानी को रेट करें:

कमेंट0

अपनी राय साझा करें

SexStories HQ

भाभी की गांड चुदाई, माँ-बेटे की चुदाई, ससुर-बहू का राज, कुंवारी लड़की की पहली चुदाई, ऑफिस, कॉलेज और हर तरह की हॉट सेक्स स्टोरीज़।

श्रेणियां

    कोई नया चैप्टर मिस न करें!

    जब भी नए सीक्रेट चैप्टर या कहानियां अपलोड होंगी, आपको तुरंत ईमेल अपडेट मिल जाएगा।

    © 2026 SexStoriesHQ. All rights reserved.

    Join TelegramFor latest updates 🚀
    Telegram Icon